11 – भाद्रपद मासकी ‘अजा’ और ‘पद्मा’ एकादशीका माहात्य 

लोमशजी बोले- प्रजाजनो ! श्रावण मासके शुक्लपक्षमें जो एकादशी होती है, वह ‘पुत्रदा’ के नामसे विख्यात है। वह मनोवाञ्छित फल प्रदान करनेवाली है। तुमलोग उसीका व्रत करो। यह सुनकर प्रजाओंने मुनिको नमस्कार किया और नगरमें आकर विधिपूर्वक पुत्रदा एकादशीके व्रतका अनुष्ठान किया। उन्होंने विधिपूर्वक जागरण भी किया और उसका निर्मल पुण्य राजाको दे दिया । … Read more

14 – पुरुषोत्तम मासकी ‘कमला’ और ‘कामदा’

एकादशीका माहात्म्य युधिष्ठिरने पूछा – भगवन् ! अब मैं श्रीविष्णुके व्रतोंमें उत्तम व्रतका, जो सब पापोंको हर लेनेवाला तथा व्रती मनुष्योंको मनोवाञ्छित फल देनेवाला हो, श्रवण करना चाहता हूँ। जनार्दन ! पुरुषोत्तम मासकी एकादशीकी कथा कहिये, उसका क्या फल है ? और उसमें किस देवताका पूजन किया जाता है ? प्रभो ! किस दानका क्या … Read more

13 – कार्तिक मासकी ‘रमा’ और ‘प्रबोधिनी’एकादशीका माहात्म्य

युधिष्ठिरने पूछा- जनार्दन ! मुझपर आपका स्नेह है; अतः कृपा करके बताइये। कार्तिकके कृष्णपक्षमें कौन-सी एकादशी होती है ? भगवान् श्रीकृष्ण बोले- राजन् ! कार्तिकके कृष्णपक्षमें जो परम कल्याणमयी एकादशी होती है, वह ‘रमा’ के नामसे विख्यात है। ‘रमा’ परम उत्तम है और बड़े-बड़े पापोंको हरनेवाली है। पूर्वकालमें मुचुकुन्द नामसे विख्यात एक राजा हो चुके … Read more

12 – आश्विन मासकी ‘इन्दिरा’ और ‘पापाङ्कुशा’ एकादशीका माहात्य 

युधिष्ठिरने पूछा- मधुसूदन ! अब कृपा करके यह बताइये कि आश्विनके शुक्लपक्षमें किस नामकी एकादशी होती है ? भगवान् श्रीकृष्ण बोले- राजन् ! आश्विनके शुक्लपक्षमें जो एकादशी होती है, वह ‘पापाङ्कुशा’ के नामसे विख्यात है। वह सब पापोंको हरनेवाली: तथा उत्तम है। उस दिन सम्पूर्ण मनोरथकी प्राप्तिके लिये मनुष्योंको स्वर्ग और मोक्ष प्रदान करनेवाले पद्मनाभसंज्ञक … Read more

10 – श्रावण मासकी ‘कामिका’ और ‘पुत्रदा’ एकादशीका माहात्म्य 

युधिष्ठिरने पूछा- गोविन्द ! वासुदेव ! आपको नमस्कार है ! श्रावणके कृष्णपक्षमें कौन-सी एकादशी होती है ? उसका वर्णन कीजिये । भगवान् श्रीकृष्ण बोले- राजन् ! सुनो, मैं तुम्हें एक पापनाशक उपाख्यान सुनाता हूँ, जिसे पूर्वकालमें ब्रह्माजीने नारदजीके पूछनेपर कहा था। नारदजीने प्रश्न किया – भगवन् ! कमलासन ! मैं आपसे यह सुनना चाहता हूँ … Read more

09 – आषाढ़ मासकी ‘योगिनी’ और ‘शयनी एकादशीका माहात्म्य

युधिष्ठिरने पूछा- वासुदेव ! आषाढ़के कृष्णपक्षमें जो एकादशी होती है, उसका क्या नाम है ? कृपया उसका वर्णन कीजिये । भगवान् श्रीकृष्ण बोले- नृपश्रेष्ठ ! आषाढ़के कृष्णपक्षकी एकादशीका नाम ‘योगिनी’ है। यह बड़े-बड़े पातकोंका नाश करनेवाली है। संसारसागरमें डूबे हुए प्राणियोंके लिये यह सनातन नौकाके समान है। तीनों लोकोंमें यह सारभूत व्रत है। अलकापुरीमें राजाधिराज … Read more

08 – ज्येष्ठ मासकी ‘अपरा’ तथा ‘निर्जला’ एकादशीका माहात्म्य 

युधिष्ठिरने पूछा- जनार्दन ! ज्येष्ठके कृष्णपक्षमें किस नामकी एकादशी होती है ? मैं उसका माहात्म्य सुनना चाहता हूँ। उसे बतानेकी कृपा कीजिये । भगवान् श्रीकृष्ण बोले- राजन् ! तुमने सम्पूर्ण लोकोंके हितके लिये बहुत उत्तम बात पूछी है। राजेन्द्र ! इस एकादशीका नाम ‘अपरा’ है। यह बहुत पुण्य प्रदान करनेवाली और बड़े-बड़े पातकोंका नाश करनेवाली … Read more

07 – वैशाख मासकी ‘वरूथिनी’ और ‘मोहिनी’ एकादशीका माहात्म्य 

युधिष्ठिरने पूछा- वासुदेव ! आपको नमस्कार है। वैशाख मासके कृष्णपक्षमें किस नामकी एकादशी होती है ? उसकी महिमा बताइये। भगवान् श्रीकृष्ण बोले- राजन् ! वैशाख कृष्णपक्षकी एकादशी ‘वरूथिनी’ के नामसे प्रसिद्ध है। यह इस लोक और परलोकमें भी सौभाग्य प्रदान करनेवाली है। ‘वरूथिनी’ के व्रतसे ही सदा सौख्यका लाभ और पापकी हानि होती है। यह … Read more

06 – चैत्र मासकी ‘पापमोचनी’ तथा ‘कामदा’ एकादशीका माहात्म्य

युधिष्ठिरने पूछा – भगवन् ! फाल्गुन शुक्लपक्षकी आमलकी एकादशीका माहात्म्य मैंने सुना। अब चैत्र कृष्णपक्षकी एकादशीका क्या नाम है, यह बतानेकी कृपा कीजिये । भगवान् श्रीकृष्ण बोले- राजेन्द्र ! सुनो – मैं इस विषयमें एक पापनाशक उपाख्यान सुनाऊँगा, जिसे चक्रवर्ती नरेश मान्धाताके पूछनेपर महर्षि लोमशने कहा था। मान्धाता बोले- भगवन् ! मैं लोगोंके हितकी इच्छासे … Read more

05 – फाल्गुन मासकी ‘विजया’ तथा ‘आमलकी’ एकादशीका माहात्म्य

05 – फाल्गुन मासकी ‘विजया’ तथा ‘आमलकी’ एकादशीका माहात्म्य युधिष्ठिरने पूछा- वासुदेव ! फाल्गुनके कृष्णपक्षमें किस नामकी एकादशी होती है ? कृपा करके बताइये । भगवान् श्रीकृष्ण बोले- युधिष्ठिर ! एक बार नारदजीने कमलके आसनपर विराजमान होनेवाले ब्रह्माजीसे प्रश्न किया – ‘सुरश्रेष्ठ ! फाल्गुनके कृष्णपक्षमें जो ‘विजया’ नामकी एकादशी होती है, कृपया उसके पुण्यका वर्णन … Read more