|| राही || सुभद्रा कुमारी ||
– तेरा नाम क्या है? – राही। – तुझे किस अपराध में सज़ा हुई? – चोरी की थी, सरकार। – चोरी? क्या चुराया था – नाज की गठरी। – कितना अनाज था? – होगा पाँच-छः सेर। – और सज़ा कितने दिन की है? – साल भर की। – तो तूने चोरी क्यों की? मजदूरी करती … Read more