(2005 का अधिनियम संख्यांक 22)
[1 फरवरी, 2011 को यथाविद्यमान]
Right to Information Act 2005
(Act No. 22 of 2005)
[As modified up to 1st February, 2011]
2011 महाप्रबंधक, भारत सरकार मुद्रणालय, मिन्टो रोड, नई दिल्ली-110 002 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशन-नियंत्रक, भारत सरकार, सिविल लाईन्स, दिल्ली-110 054 द्वारा प्रकाशित।
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- MPSET EXAM 01 MARCH 2026 BY MPPSC (SOLVED)MPSET EXAM 01 MARCH 2026 BY MPPSC (SOLVED) Paper I – General Paper Subject: General PaperLanguage Mode: Bilingual (Hindi & English) EduGen Interactive Assessment Questions 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 … Read more
- 11 – भाद्रपद मासकी ‘अजा’ और ‘पद्मा’ एकादशीका माहात्य लोमशजी बोले- प्रजाजनो ! श्रावण मासके शुक्लपक्षमें जो एकादशी होती है, वह ‘पुत्रदा’ के नामसे विख्यात है। वह मनोवाञ्छित फल प्रदान करनेवाली है। तुमलोग उसीका व्रत करो। यह सुनकर प्रजाओंने मुनिको नमस्कार किया और नगरमें आकर विधिपूर्वक पुत्रदा एकादशीके व्रतका अनुष्ठान किया। उन्होंने विधिपूर्वक जागरण भी किया और उसका निर्मल पुण्य राजाको दे दिया । … Read more
- 14 – पुरुषोत्तम मासकी ‘कमला’ और ‘कामदा’एकादशीका माहात्म्य युधिष्ठिरने पूछा – भगवन् ! अब मैं श्रीविष्णुके व्रतोंमें उत्तम व्रतका, जो सब पापोंको हर लेनेवाला तथा व्रती मनुष्योंको मनोवाञ्छित फल देनेवाला हो, श्रवण करना चाहता हूँ। जनार्दन ! पुरुषोत्तम मासकी एकादशीकी कथा कहिये, उसका क्या फल है ? और उसमें किस देवताका पूजन किया जाता है ? प्रभो ! किस दानका क्या … Read more
- 13 – कार्तिक मासकी ‘रमा’ और ‘प्रबोधिनी’एकादशीका माहात्म्ययुधिष्ठिरने पूछा- जनार्दन ! मुझपर आपका स्नेह है; अतः कृपा करके बताइये। कार्तिकके कृष्णपक्षमें कौन-सी एकादशी होती है ? भगवान् श्रीकृष्ण बोले- राजन् ! कार्तिकके कृष्णपक्षमें जो परम कल्याणमयी एकादशी होती है, वह ‘रमा’ के नामसे विख्यात है। ‘रमा’ परम उत्तम है और बड़े-बड़े पापोंको हरनेवाली है। पूर्वकालमें मुचुकुन्द नामसे विख्यात एक राजा हो चुके … Read more
- 12 – आश्विन मासकी ‘इन्दिरा’ और ‘पापाङ्कुशा’ एकादशीका माहात्य युधिष्ठिरने पूछा- मधुसूदन ! अब कृपा करके यह बताइये कि आश्विनके शुक्लपक्षमें किस नामकी एकादशी होती है ? भगवान् श्रीकृष्ण बोले- राजन् ! आश्विनके शुक्लपक्षमें जो एकादशी होती है, वह ‘पापाङ्कुशा’ के नामसे विख्यात है। वह सब पापोंको हरनेवाली: तथा उत्तम है। उस दिन सम्पूर्ण मनोरथकी प्राप्तिके लिये मनुष्योंको स्वर्ग और मोक्ष प्रदान करनेवाले पद्मनाभसंज्ञक … Read more