# COMPETITIVE EXAMS & MORE > Learn Simple, Learn Better. ## Posts - [Que&Ans-Unit-04-part-02](https://namastesir.co.in/queans-unit-04-part-02/): यू.जी.सी. NTA नेट / जेआरएफ परीक्षा, जून 2020 शिक्षण एवं शोध अभियोग्यता प्रथम प्रश्न-पत्र : Shift-I ( व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र )  (परीक्षा तिथि 25 सितम्बर, 2020 ) Q16. The concept ‘fraction of selection’ in classroom communication is determined by the निर्धारण निम्न से संबंधित प्रतिफल की अपेक्षा द्वारा किया जाता है: expectation of reward related to कक्षीय संप्रेषण में चयन के भाग” की अवधारणा का 44 (a) Efforts needed / आवश्यक प्रयास (b) Reviews needed / आवश्यक समीक्षाएं (c) Pre pressure needed / आवश्यक समकक्षी दबाव (d) Time lag needed / आवश्यक समयांतर Ans.(a) सन् 1954 में विल्बर शैमन ने ... Read more - [Que&Ans  Unit-04-part-01](https://namastesir.co.in/queans-unit-04-part-01/): यू.जी.सी. NTA नेट / जेआरएफ परीक्षा, जून- 2020 शिक्षण एवं शोध अभियोग्यता प्रथम प्रश्न-पत्र :  (व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र ) (परीक्षा तिथि 24 सितम्बर, 2020 Shift – I   ) : Q16. In communication process, when the sender  and the receiver interchange their roles in respect of sending and receiving the message, it is called सम्प्रेषण की प्रक्रिया में, जब प्रदाता और अदाता संदेश भेजने और प्राप्त करने के संदर्भ में अपनी भूमिकाओं की अदला-बदली करते हैं, तो यह कहलाता है: (a) Universal model / सार्वभौम प्रतिरूप  (b) Transactional model /संव्यवहारात्मक प्रतिरूप (c) Singular flow model/ एकल-प्रवाह प्रतिरूप  (d) Pluralistic model/ ... Read more - [The Art of Classroom Communication/ कक्षा संचार की कला](https://namastesir.co.in/the-art-of-classroom-communication-%e0%a4%95%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a4%be/): परिचय प्रभावी कक्षा संचार एक सफल शैक्षिक अनुभव की आधारशिला है। आधुनिक कक्षा में, संचार पारंपरिक शिक्षक-छात्र बातचीत से कहीं आगे तक फैला हुआ है और इसमें छात्रों और शिक्षकों के बीच आदान-प्रदान का एक जटिल वेब शामिल है। यह लेख कक्षा संचार के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालता है, इसके महत्व पर प्रकाश डालता है और यह अंतर्दृष्टि प्रदान करता है कि सीखने के परिणामों को बढ़ाने और छात्रों और शिक्षकों के बीच संबंध की भावना को बढ़ावा देने के लिए इसे कैसे अनुकूलित किया जा सकता है। कक्षा संचार का महत्व (The Significance of Classroom Communication) कक्षा संचार एक ... Read more - [Vocabulary of Communication/सम्प्रेषण शब्दावली ](https://namastesir.co.in/vocabulary-of-communication-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%b6%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80/): (Acknowledgement : Based On ignou university study material on the topic) सम्प्रेषण : इसका अभिप्राय सूचनाओं के प्रसारण से हैं जो वाचिक (मौखिक अथवा लिखित) अथवा अवाचिक (मुद्रा, चिन्ह और प्रतीक) के माध्यम से हो सकती है। वाचिक सम्प्रेषण : कोई सम्प्रेषण जिसमें शब्दों का प्रयोग सम्मिलित होता है उसे वाचिक सम्प्रेषण कहते हैं। अवाचिक सम्प्रेषण : कोई सम्प्रेषण जो शब्दों के बिना घटित होती है उसे अवाचिक सम्प्रेषण कहते हैं। स्रोत / प्रेषक : इसका अभिप्राय उस माध्यम से है जहाँ से सम्प्रेषण की शुरुआत अथवा प्रारंभ होता है ट्रांसमीटर : इसका उपयोग एक तंत्र जैसे रेडियो अथवा टेलीविज़न संकेतों ... Read more - [सम्प्रेषण में अवरोध (Barriers To Communication)](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%85%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a7-barriers-to-communication/): सम्प्रेषण की प्रक्रिया में ऐसा कोई भी कारण जो सम्प्रेषण के रूप को बिगाड़ दे अथवा उसको पंहुचने से रोक दे, अवरोध कहलाता है। इसके कारण विचारों, सूचना और सुझावों के प्रभावी आदान-प्रदान में बाधा उत्पन्न होती है। अवरोधों को ठीक प्रकार से समझने के लिए उनकों मुख्य रूप से तीन वर्गों में वैयक्तिक अवरोध, पर्यावरणीय अवरोध और यांत्रिक अवरोध में वर्गीकृत किया जा सकता है। इनमें से प्रत्येक को उपवर्गो में वर्गीकृत किया जा सकता है जैसा कि चित्र  में दर्शाया गया है। वैयक्तिक अवरोध वैयक्तिक अवरोध दो प्रकार के हैं : अन्तः वैयक्तिक अवरोध और अन्तर वैयक्तिक अवरोध । ... Read more - [सम्प्रेषण के प्रकार और संजाल /Types and networks of communication](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%82/): (Acknowledgement : Based On ignou university study material on the topic) हम सम्प्रेषण के विभिन्न तरीकों अथवा प्रकारों की विवेचना करेंगे जो हम दूसरों के साथ सम्प्रेषण के लिए प्रयुक्त करते हैं। इसके पश्चात् हम विभिन्न प्रकार के सम्प्रेषण संजाल के बारे में चर्चा करेंगे।  सम्प्रेषण के प्रकार सामान्यतया, सम्प्रेषण के दो प्रकार होते है ( चित्र  ) चलिए एक-एक कर उनकी चर्चा करें: वाचिक सम्प्रेषण वे सभी प्रकार के सम्प्रेषण जिसमें शब्दों का उपयोग होता है, उन्हें वाचिक सम्प्रेषण कहा जाता है । शब्दों का उपयोग बोलचाल अथवा लिखने के दौरान किया जाता है और इसीलिए बोलचाल अथवा लेखन के ... Read more - [संप्रेषण की प्रक्रिया / Process of Communication](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-process-of-communication/): (Acknowledgement : Based On ignou university study material on the topic) Steps Of Communication / संप्रेषण प्रक्रिया संप्रेषण एक प्रक्रिया है। वस्तुतः प्रेषक से प्राप्तकर्ता तक संदेश पहुँचने की प्रक्रिया को ही संप्रेषण कहते हैं। इस प्रकार संप्रेषण के तीन हिस्से होते हैं- प्रेषक, संदेश, प्राप्तकर्ता । पत्र इसका सबसे उत्तम उदाहरण है। आप अपने भाई को पत्र लिखते हैं। आप प्रेषक हुए आप पत्र में कुछ लिखते हैं। यह संदेश हुआ। यह पत्र आपके भाई तक पहुँचता है। भाई उस पत्र को पढ़ता है। आपका भाई प्राप्तकर्ता है। इस प्रकार संप्रेषण पूरा होता है। आइए, देखें संप्रेषण कैसे पूरा होता ... Read more - [संप्रेषण के मूल तत्व/Fundamentals of Communication](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%82%e0%a4%b2-%e0%a4%a4%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5-fundamentals-of-communication/): (Acknowledgement : Based On ignou university study material on the topic) संप्रेषण का अर्थ जन्म लेने के बाद बच्चा जब पहली बार रोता है तो यह समाज के साथ उसका पहला संप्रेषण होता है उसके बाद हरेक क्षण और आजीवन संप्रेषण की यह प्रक्रिया जारी रहती है। हम पहले ध्वनि से, फिर शब्दों के जरिए संवेदनाओं आदि के माध्यम से परस्पर संप्रेषण करते चलते हैं। इसके लिए हम अपनी समस्त ज्ञानेन्द्रियों अर्थात कान और अपने शरीर के समस्त अंगों का उपयोग करते हैं भाषा की इसमें प्रमुख bhumika hoti hai. संप्रेषण एक संवाद है, संपर्क है, एक-दूसरे तक अपनी बात पहुँचाने ... Read more - [What is Comprehension?](https://namastesir.co.in/what-is-comprehension/): (कॉम्प्रिहेंशन क्या है?) परीक्षा और शिक्षा के संदर्भ में, “बोधगम्यता ” आमतौर पर लिखित या मौखिक जानकारी को बोधने और व्याख्या करने की क्षमता को संदर्भित करती है। बोध परीक्षण या अभ्यास किसी दिए गए पाठ, अनुच्छेद या जानकारी के सेट के बारे में किसी व्यक्ति की बोध का आकलन करते हैं। ये आकलन विभिन्न रूपों में आम हैं, जैसे पढ़ने की बोध के परीक्षण, सुनने की बोध के परीक्षण और बहुत कुछ। बोध अभ्यास का उद्देश्य किसी व्यक्ति की प्रदान की गई सामग्री में प्रस्तुत अर्थ, विचारों और विवरणों को बोधने की क्षमता का मूल्यांकन करना है। यहां बताया गया ... Read more - [Q&A-Unit-03-Part-06-Comprehension-3092020-Shift-02](https://namastesir.co.in/qa-unit-03-part-06-comprehension-3092020-shift-02/): यू.जी.सी. NTA नेट / जेआरएफ परीक्षा, जून- 2020   शिक्षण एवं शोध अभियोग्यता    प्रथम प्रश्न-पत्र :  Shift-II  (व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र )  (परीक्षा तिथि 29 सितम्बर, 2020 ) Question Numbers (46-50): Comprehension.  Read the given passage carefully and answer the questions that follow- At the turn of the century, a dominant conception of the child as learner was that he was cognitively an “empty organism” responding more or less randomly to stimulation and characteristically learning when specific responses were connected with specific stimuli through the meditation of pleasure or pain. The organism itself, it was believed, would do nothing to ... Read more - [Q&A-Unit-03-Part-05-Comprehension-29092020-Shift-01](https://namastesir.co.in/qa-unit-03-part-05-comprehension-29092020-shift-01/): यू.जी.सी. NTA नेट / जेआरएफ परीक्षा, जून- 2020 शिक्षण एवं शोध अभियोग्यता प्रथम प्रश्न-पत्र : Shift-I ( व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र )  (परीक्षा तिथि : 29 सितम्बर, 2020 ) (Q no 11 to 16 Based on this Passage ) Read the given passage carefully and answer the questions that follow  Much is still unknown about human behaviour, Un-answered questions remain and further is necessary. Knowledge about research is motivation, leader behaviour, and change will continue to be of great concern to practitioners of management for several reasons: It can help to improve the effective leadership of human resources; it can help ... Read more - [Q&A-Unit-03-Part-04-Comprehension-25092020-shift-2nd](https://namastesir.co.in/qa-unit-03-part-04-comprehension-25092020-shift-2nd/): यू.जी.सी. NTA नेट / जेआरएफ परीक्षा, जून- 2020 शिक्षण एवं शोध अभियोग्यता प्रथम प्रश्न-पत्र : Shift-II  (व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र )  (परीक्षा तिथि : 25 सितम्बर, 2020 ) || Passege || Read the given passage carefully and answer the  questions follow: According to Richard Beckhard, a transformation represents vital organization а change. Transformation is characterized by certain features that clearly differentiate it from other types of changes. First, according to Beckhard, it involves substantial and discontinuous change in the shape, structure, and nature of the organization, rather than incremental adjustments and fine tuning of the current situation. One example of a ... Read more - [Q&A-Unit-03-Part-03-Comprehension](https://namastesir.co.in/qa-unit-03-part-03-comprehension/): यू.जी.सी. NTA नेट / जेआरएफ परीक्षा, जून 2020 शिक्षण एवं शोध अभियोग्यता प्रथम प्रश्न-पत्र :  Shift-I ( व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र ) (परीक्षा तिथि 25 सितम्बर, 2020 ) Q11-15 Read the passage carefully and answer the question that follow: Marketers are reexamining their relationships with social values and responsibilities and with the very Earth that sustain us. As the worldwide consumerism and environmentalism movement mature, today’s marketers are being called on to develop sustainable marketing practices. Corporate ethics and social responsibility have become hot topics for almost every business. And few companies can ignore the renewed and very demanding environmental movement. ... Read more - [Q&A-Unit-03-Part-02-Comprehension](https://namastesir.co.in/qa-unit-03-part-02-comprehension/): यू.जी.सी. NTA नेट / जेआरएफ परीक्षा, जून- 2020 शिक्षण एवं शोध अभियोग्यता प्रथम प्रश्न-पत्र :  (व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र )  (परीक्षा तिथि 24 सितम्बर, 2020 Shift – I   ) : Question Nos. (11-15) Comprehension: Read the passage carefully and answer the questions that follows- More generally, today’s business-to-business marketers are using a wide range of digital and social marketing approaches from websites, blogs and smartphone apps to mainstream social network such as Facebook, LinkedIn, Youtube and Twitter to reach business customers and manage customer relationships anywhere, anytime. Digital and social marketing has rapidly become the new space for engaging business ... Read more - [Q&A-Unit-03-Part-01-Comprehension-24092020](https://namastesir.co.in/qa-unit-03-part-01-comprehension-24092020/): यू. जी. सी. NTA नेट / जेआरएफ परीक्षा, जून- 2020  शिक्षण एवं शोध अभियोग्यता प्रथम प्रश्न-पत्र : Shift-II  ( व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र ) (परीक्षा तिथि 24 सितम्बर, 2020 ) Question (11 to 15) Read the passage carefully and answer the questions  In the narrowest sense, price is the amount of money charged for a product or a service. More broadly,that follow : price is the sum of all the values that customers give up to gain the benefits of having or using a product or service. Historically, price has been major factor affecting buyer choice. In recent decades, however, nonprice ... Read more - [Q&A-Unit-03-Part-07-Comprehension-30092020-Shift-01](https://namastesir.co.in/qa-unit-03-part-07-comprehension-30092020-shift-01/): यू.जी.सी. NTA नेट / जेआरएफ परीक्षा, जून-2020  शिक्षण एवं शोध अभियोग्यता  प्रथम प्रश्न-पत्र : Shift-I (व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र ) (परीक्षा तिथि 30 सितम्बर, 2020 ) Question Label: Comprehension. Read the Given passage carefully and answer the question that follow. If the vision of the learner in the initial period was predominantly as an empty organism and in the next as an active organism, in the period the followed it was as a social organism. The belief regarding the nature of the learner in the first period drew heavily from the associationist view of the human being, in the second from ... Read more - [Sampling Techniques In Research(In Hindi)](https://namastesir.co.in/sampling-techniques-in-researchin-hindi/): अनुसंधान में नमूनाकरण तकनीकें आवश्यक हैं क्योंकि संपूर्ण जनसंख्या से डेटा एकत्र करना अक्सर अव्यावहारिक या असंभव होता है। इसके बजाय, शोधकर्ता पूरे समूह के बारे में अनुमान लगाने के लिए नमूनों का उपयोग करते हैं, जो जनसंख्या के सबसेट होते हैं। विभिन्न नमूनाकरण तकनीकें हैं, जिनमें से प्रत्येक के अपने फायदे और सीमाएं हैं। यहां अनुसंधान में कुछ सामान्य नमूनाकरण तकनीकें दी गई हैं: 1. सरल यादृच्छिक नमूनाकरण (Simple Random Sampling):     – इस पद्धति में, जनसंख्या के प्रत्येक सदस्य को नमूने के लिए चुने जाने की समान संभावना होती है।     – यह सुनिश्चित करता है कि नमूना जनसंख्या का प्रतिनिधि ... Read more - [Behaviourial Psychology-Vygotsky-Kohler](https://namastesir.co.in/behaviourial-psychology-vygotsky-kohler/): Constructivist Theory of Vygotsky/वाईगोत्स्की का रचनावादी सिद्धांत प्रसिद्ध सोवियत मनोवैज्ञानिक लेव वायगोत्स्की ने रचनावादी सिद्धांत विकसित किया, जिसका सीखने के व्यवहार के क्षेत्र पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है। वायगोत्स्की के सिद्धांत को अक्सर “सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत” या “सामाजिक विकास सिद्धांत” के रूप में जाना जाता है क्योंकि यह संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं और सीखने के व्यवहार के विकास में सामाजिक संपर्क और सांस्कृतिक संदर्भ की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देता है। सीखने के व्यवहार के संदर्भ में वायगोत्स्की के रचनावादी सिद्धांत के बारे में मुख्य बिंदु यहां दिए गए हैं: 1. समीपस्थ विकास क्षेत्र  (ZPD) (Zone of Proximal Development ):     – वायगोत्स्की की सबसे ... Read more - [Behavioral Psychology-Watson-Skinner](https://namastesir.co.in/behavioral-psychology-watson-skinner/): S-R Theory of Watson / वाट्सन का S-R सिद्धांत “एस-आर सिद्धांत” आम तौर पर “उत्तेजना-प्रतिक्रिया सिद्धांत” को संदर्भित करता है, जो व्यवहारवाद से जुड़े मनोविज्ञान में एक मौलिक अवधारणा है, विशेष रूप से बी.एफ. स्किनर का काम। हालाँकि, व्यवहारवाद में वॉटसन और स्किनर दोनों के योगदान का अवलोकन। 1. जॉन बी. वाटसन:     – जॉन बी. वॉटसन को अक्सर व्यवहारवाद के संस्थापक व्यक्तियों में से एक माना जाता है। उन्होंने प्रस्तावित किया कि मनोविज्ञान को अदृश्य मानसिक प्रक्रियाओं के बजाय अवलोकन योग्य व्यवहारों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जो वैज्ञानिक अध्ययन के लिए सुलभ नहीं थे।     – वॉटसन के “एसआर” सिद्धांत, या ... Read more - [Unit-02-Question Answer Part-03](https://namastesir.co.in/unit-02-question-answer-part-03/): यू.जी.सी. NTA नेट / जेआरएफ परीक्षा, जून- 2020 शिक्षण एवं शोध अभियोग्यता प्रथम प्रश्न-पत्र : Shift-II  (व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र )   (परीक्षा तिथि 29 सितम्बर, 2020 ) Q13. Identify the features of scientific method from the following list निम्नलिखित सूची में से वैज्ञानिक विधि विशेषताओं की पहचान कीजिए: (i) Clearly defined variables and procedures /  स्पष्ट रूप से परिभाषित चर और पद्धतियां की (ii) Empirically verifiable hypothesis / इन्द्रियानुभाविक रूप से सत्यापनीय परिकल्पनाएं (iii) Little or no scope for self correction / स्व-संशोधनार्थ बिल्कुल नहीं या स्वाल्प गुंजाइश (iv) Linguistic justification of conclusions / निष्कर्षों का भाषायी औचित्य (v) Ability ... Read more - [Unit-02-Question Answer Part-02](https://namastesir.co.in/unit-02-question-answer-part-02/): यू.जी.सी. NTA नेट / जेआरएफ परीक्षा, जून- 2020 शिक्षण एवं शोध अभियोग्यता प्रथम प्रश्न-पत्र : Shift-II  (व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र )  (परीक्षा तिथि : 25 सितम्बर, 2020 ) Q6. Which of the following methods of acquiring knowledge saves time and effort on the part of the researcher?  शोधकर्त्ता के लिए ज्ञान प्राप्ति की विधियों में से निम्नांकित में कौन ऐसी है जो समय एवं प्रयास की दृष्टि स मितव्ययी है?  (a) Method of experience / अनुभव की विधि (b) Inductive method / आगमनात्मक विधि (c) Deductive method / निगमनात्मक विधि (d) Method of consulting an authority /किसी  प्राधिकारी से परामर्श की ... Read more - [Unit-02-Question & Answer Part-01](https://namastesir.co.in/unit-02-question-answer-part-01-2/): यू. जी. सी. NTA नेट / जेआरएफ परीक्षा, जून- 2020 शिक्षण एवं शोध अभियोग्यता प्रथम प्रश्न-पत्र : Shift-II ( व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र )   (परीक्षा तिथि 24 सितम्बर, 2020 ) Q6. A teacher proposes to find out the effect of praise and encouragement during a teaching learning session based on Skinner’s theory of reinforcement. What type of research will it belong to? कोई शिक्षक स्किनर के प्रबलन सिद्धांत पर आधारित शिक्षण – अधिगम सत्र अवधि में प्रशंसा और प्रोत्साहन का प्रभाव ज्ञात करने का प्रस्ताव करता है। यह किस प्रकार के अनुसंधान से संबंधित होगा ? (a) Fundamental research / ... Read more - [Unit - 04 Communication (संप्रेषण)](https://namastesir.co.in/unit-04-communication-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b7%e0%a4%a3/): सम्प्रेषण – प्रकृति, प्रकार, विशेषताएँ अवरोध तथा प्रभावशाली कक्षा सम्प्रेषण संचार यानी सम्प्रेषण दो शब्दों – सम् + प्रेषण अर्थात्, जो समान रूप से प्रेषित किया गया हो, से बना है। ‘कम्यूनिकेशन’ की उत्पत्ति लैटिन भाषा के कम्यूनिस शब्द से मानी जाती है, जिसका अर्थ किसी जानकारी या तथ्य को सामान्य बनाने से होता है। संकीर्ण अर्थ में, संचार दो या अधिक व्यक्तियों के मध्य विचारों, सन्देशों तथा सूचनाओं का आदान-प्रदान करता है। यह आदान – प्रदान लिखित, मौखिक या सांकेतिक हो सकता है। एफ. जी. मेयर के अनुसार, “मानवीय विचारों और सोचों को शब्दों, पत्रों एवं सन्देशों के माध्यम से ... Read more - [2.4-Thesis and Article writing](https://namastesir.co.in/2-4-thesis-and-article-writing/): 2.4 पेपर, लेख, कार्यशाला, संगोष्ठी, सम्मेलन और प्रारूप / विचार समिति। शोध प्रपत्र (Research paper) एक उत्तम प्रकार का शोध प्रपत्र आलोचनात्मक, सृजनात्मक तथा चिन्तन स्तर का कार्य है। इसमें एक विशिष्ट प्रक्रिया को अपनाकर समुचित क्रम में कार्य किया जाता है ताकि अनुसन्धानकर्ता की शक्ति तथा समय का न्यूनतम अपव्यय हो। शोध प्रपत्र के अन्त में सन्दर्भ सूची अवश्य होनी चाहिए, जिससे शोधकार्य की वैधता बढ़ती है। लेख (Essay). एक अच्छा लेख संक्षिप्त, सारगर्भित और चिन्तन स्तर का होता है। इसमें किसी विषय विशेष के सम्बन्ध में क्रमिक रूप से लेखन किया जाता है। कार्यशाला (Workshop) शिक्षा-प्रक्रिया के दो पक्ष ... Read more - [RESEARCH ETHICS IN HINDI](https://namastesir.co.in/research-ethics-in-hindi/): ( अनुसंधान में नैतिकता) www.niehs.nih.gov What is Ethics in Research & (US Govt. Site) why is it Important ? by David Bo Resnik, J.D., Ph.D. ( इस निबंध से साभार अंशतः अनुवादित ) अनुसंधान में नैतिकता के विषय में कुछ संक्षिप्त एवं सारभूत सिद्धांत और उनके मूल्य निम्नानुसार हैं- 1. Honesty (सत्यनिष्ठा) सभी प्रकार के वैज्ञानिक संवादों में ईमानदारी का प्रयास होना चाहिये। आंकड़ों का संकलन, परिणाम, विधियाँ और प्रविधियाँ  एवं प्रकाशन की स्थिति में इमानदारी रखनी चाहिये। जालसाजी (fabrication), झूठ, और आंकड़ों का मिथ्या प्रयोग नहीं करना चाहिये। अपने सहपाठियों-सहयोगियों, शोध को प्रायोजित करने वालों और जन सामान्य को धोखा ... Read more - [शिक्षण के उद्देश्य पर ब्लूम का सिद्धांत: शैक्षिक उद्देश्यों के वर्गीकरण को उजागर करना](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%b2/): (Bloom’s Theory on the Purpose of Teaching: Unpacking the Taxonomy of Educational Objectives) डॉ. बेंजामिन ब्लूम, एक अमेरिकी शैक्षिक मनोवैज्ञानिक, शैक्षिक उद्देश्यों को वर्गीकृत करने में अपने काम के लिए प्रसिद्ध हैं, जिसे “ब्लूम की वर्गीकरण” के रूप में जाना जाता है। यह ढाँचा आवश्यक रूप से शिक्षण के “उद्देश्य” पर एक प्रत्यक्ष सिद्धांत नहीं है, बल्कि अनुभूति और समझ के विभिन्न स्तरों पर अधिक है कि शिक्षण का उद्देश्य शिक्षार्थियों को सुविधा प्रदान करना होना चाहिए। बहरहाल, ब्लूम की वर्गीकरण की जांच से शिक्षण के गहरे उद्देश्यों में अंतर्दृष्टि मिलती है। ब्लूम के वर्गीकरण की उत्पत्ति ( Origins of Bloom’s ... Read more - [Edgar Dale's Cone of Experience](https://namastesir.co.in/edgar-dales-cone-of-experience/): एडगर डेल का अनुभव का शंकु: एक गहरा गोता (Edgar Dale’s Cone of Experience: A Deep Dive) शैक्षिक सिद्धांत के क्षेत्र में, एडगर डेल का कोन ऑफ एक्सपीरियंस एक अग्रणी मॉडल के रूप में सामने आता है जो विभिन्न प्रकार के सीखने के अनुभवों को उनकी अमूर्तता की डिग्री के आधार पर वर्गीकृत करने का प्रयास करता है। जबकि शिक्षकों ने इसकी सटीक व्याख्याओं पर बहस की है, मॉडल का सार निर्देशात्मक डिजाइन और शिक्षाशास्त्र में एक मूलभूत संदर्भ बना हुआ है। पृष्ठभूमि (Background) एक अमेरिकी शिक्षाविद् और प्रोफेसर एडगर डेल ने अपनी 1969 की पुस्तक “ऑडियो-विज़ुअल मेथड्स इन टीचिंग” में ... Read more - [कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीई) को समझना ](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%9f%e0%a4%b0-%e0%a4%86%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be/): (Understanding Computer-Based Examination (CBE)) आज के डिजिटल युग में, पारंपरिक कलम-और-कागज परीक्षाएं धीरे-धीरे मूल्यांकन की अधिक आधुनिक, कुशल और विश्वसनीय पद्धति का स्थान ले रही हैं: कंप्यूटर-आधारित परीक्षा (सीबीई)। यहां सीबीई की दुनिया में एक शैक्षिक गहन जानकारी दी गई है। कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीई) क्या है? कंप्यूटर-आधारित परीक्षा एक ऐसी पद्धति है जहां उम्मीदवार कागज और पेंसिल के बजाय कंप्यूटर या डिजिटल डिवाइस का उपयोग करके इलेक्ट्रॉनिक रूप से अपनी परीक्षा देते हैं। प्रश्न या तो पूर्व-निर्धारित होते हैं या पूल से यादृच्छिक रूप से उत्पन्न होते हैं, और उत्तर रिकॉर्ड किए जाते हैं और अक्सर कंप्यूटर सिस्टम द्वारा वर्गीकृत ... Read more - [विकल्प आधारित क्रेडिट प्रणाली (CBCS)](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%aa-%e0%a4%86%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%9f-%e0%a4%aa%e0%a5%8d/): (Choice Based Credit System (CBCS)) च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) उच्च शिक्षा के लिए एक अभिनव दृष्टिकोण है जो पाठ्यक्रम डिजाइन करने में लचीलापन प्रदान करता है और छात्रों को उनकी सीखने की जरूरतों, रुचियों के अनुसार अंतर-अनुशासनात्मक, अंतर-अनुशासनात्मक पाठ्यक्रम, कौशल-उन्मुख पेपर और बहुत कुछ चुनने की अनुमति देता है। 1 क्रेडिट व्याख्यान अवधि के 15 घंटे के बराबर है और इसकी गणना इसके अनुसार की जाती है इत्यादि। 2 क्रेडिट का मतलब है 2*15=30, 4 क्रेडिट *15 = सीखने के 60 घंटे इत्यादि।  यहां एक संक्षिप्त अवलोकन दिया गया है: – लचीलापन (Flexibility):  सीबीसीएस छात्रों को उन पाठ्यक्रमों के संदर्भ ... Read more - [स्वयंप्रभा शैक्षिक चैनल (SWAYAMPRABHA Educational Channels)](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%af%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ad%e0%a4%be-%e0%a4%b6%e0%a5%88%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%9a%e0%a5%88%e0%a4%a8%e0%a4%b2-swayamp/): image Source : Swayam Prabha स्वयंप्रभा भारत सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य टेलीविजन के माध्यम से देश भर के छात्रों और शिक्षार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली शैक्षिक सामग्री प्रदान करना है। यहां एक संक्षिप्त अवलोकन दिया गया है: – चैनल संख्या:  स्वयंप्रभा में 32 डायरेक्ट-टू-होम (डीटीएच) चैनल शामिल हैं जो चौबीसों घंटे शैक्षिक सामग्री प्रसारित करते हैं। – सामग्री की उत्पत्ति:  इन चैनलों पर प्रसारित सामग्री मुख्य रूप से स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) और स्नातकोत्तर शिक्षा के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से आती है। इसके अतिरिक्त, आईआईटी, एनसीईआरटी और अन्य राष्ट्रीय संस्थानों ... Read more - [Offline vs. Online Methods of Teaching In Hindi](https://namastesir.co.in/offline-vs-online-methods-of-teaching/): image source : SWAYAM Portal ऑफ़लाइन बनाम ऑनलाइन शिक्षण के तरीके: एक तुलनात्मक विश्लेषण (Offline vs. Online Methods of Teaching: A Comparative Analysis) हाल के वर्षों में, शिक्षा की दुनिया में स्वयं, स्वयंप्रभा और विभिन्न एमओओसी जैसे ऑनलाइन प्लेटफार्मों के आगमन के साथ शिक्षण पद्धतियों में एक आदर्श बदलाव देखा गया है। जबकि पारंपरिक ऑफ़लाइन शिक्षण विधियाँ प्रचलित हैं, ऑनलाइन शिक्षण प्लेटफ़ॉर्म सीखने के लिए एक अभिनव दृष्टिकोण प्रदान करते हैं। इस लेख का उद्देश्य शिक्षण के ऑफ़लाइन और ऑनलाइन दोनों तरीकों की तुलना और अंतर करना है ताकि उनके अद्वितीय फायदे और सीमाओं को समझा जा सके। शिक्षण के ऑफ़लाइन ... Read more - [DIKSHA - IN HINDI](https://namastesir.co.in/diksha-in-hindi/): https://diksha.gov.in DIKSHA DIGITAL INFRASTRUCTURE FOR KNOWLEDGE SHARING An initiative of the National Council of Educational Research and Training (Ministry of Education, Govt of India) DIKSHA डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर नॉलेज शेयरिंग राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की एक पहल (शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार ) DIKSHA (डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर नॉलेज शेयरिंग) शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वाधान के अंतर्गत राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् की एक पहल दीक्षा (ज्ञान साँझा करने हेतु डिजिटल अवसंरचना) स्कूली शिक्षा के लिए एक राष्ट्रीय मंच है| इसका प्रारंभ 2017 में भारत के तत्कालीन माननीय उपराष्ट्रपति- श्री एम. वेंकैया नायडु द्वारा किया गया था, दीक्षा केन्द्रीय ... Read more - [DIKSHA](https://namastesir.co.in/diksha/): https://diksha.gov.in DIKSHA DIGITAL INFRASTRUCTURE FOR KNOWLEDGE SHARING An initiative of the National Council of Educational Research and Training (Ministry of Education, Govt of India) DIKSHA (Digital Infrastructure for Knowledge Sharing) is a national platform for school education, an initiative of National Council for Educational Research and Training (NCERT), under the aegis of the Ministry of Education (MoE), GoI. Launched in 2017 by Honourable Vice President of India – Shri M. Venkaiah Naidu, DIKSHA has been adopted by almost all the States, Union Territories, central autonomous bodies/boards including CBSE. DIKSHA was developed on the basis of the Strategy and Approach Paper for ... Read more - [Offline vs. Online Methods of Teaching: A Comparative Analysis](https://namastesir.co.in/offline-vs-online-methods-of-teaching-a-comparative-analysis/): image source : SWAYAM Portal In recent years, the world of education has witnessed a paradigm shift in teaching methodologies with the advent of online platforms such as SWAYAM, SWAYAMPRABHA, and various MOOCs. While traditional offline teaching methods remain prevalent, online teaching platforms offer an innovative approach to learning. This article aims to compare and contrast both offline and online methods of teaching to understand their unique advantages and limitations.  Offline Methods of Teaching Advantages: 1. Personal Interaction: One of the primary benefits of offline teaching is the direct interaction between teachers and students. This allows for real-time feedback and fosters ... Read more - [Application of ICT in Research](https://namastesir.co.in/application-of-ict-in-research/): अनुसंधान में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) का अनुप्रयोग (Application of Information and Communication Technology (ICT) in Research) सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) ने पिछले कुछ दशकों में कई क्षेत्रों में क्रांति ला दी है और अनुसंधान भी इसका अपवाद नहीं है। अनुसंधान प्रक्रियाओं में आईसीटी उपकरणों और तकनीकों के एकीकरण ने शोधकर्ताओं के दृष्टिकोण, आचरण और अपने निष्कर्षों को प्रसारित करने के तरीके को बदल दिया है। यह लेख अनुसंधान में आईसीटी के बहुमुखी अनुप्रयोगों पर प्रकाश डालता है। image credit source : TECHTARGET.  1. डेटा संग्रहण(Data Collection) आईसीटी के उदय से पहले, डेटा संग्रह अक्सर एक मैन्युअल और श्रम-गहन ... Read more - [2.4 Research ethics](https://namastesir.co.in/2-4-research-ethics/): 2.4 अनुसंधान नैतिकता (Research ethics) किसी भी अनुसंधान परियोजना में अनुसंधान नैतिकता एक आवश्यक विचार है। यह सुनिश्चित करता है कि प्रतिभागियों के अधिकारों, गरिमा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है और अनुसंधान ईमानदारी के साथ किया जाता है। यहां अनुसंधान नैतिकता का विवरण दिया गया है: 1. अनुसंधान नीतिशास्त्र का महत्व ( Importance of Research Ethics ) : – अनुसंधान की सत्यनिष्ठा (Integrity of Research) : अनुसंधान के सभी चरणों में ईमानदारी बनाए रखना। – प्रतिभागियों की सुरक्षा (Protection of Participants) : प्रतिभागियों की भलाई सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। – जवाबदेही (Accountability) : शोधकर्ताओं को अपने कार्यों के लिए ... Read more - [2.3 Steps of Research](https://namastesir.co.in/2-3-steps-of-research/): 2.3 अनुसंधान के चरण: थीसिस और लेख लेखन: संदर्भ का प्रारूप और शैलियाँ। अनुसंधान में आईसीटी का अनुप्रयोग. (Thesis and Article writing: Format and styles of referencing. Application of ICT in research.) ठीक है! आइए प्रत्येक विषय पर चरण-दर-चरण विस्तार से विचार करें। 1. अनुसंधान के चरण ( Steps of Research) :  – अनुसंधान समस्या की पहचान (Identification of Research Problem): मौजूदा ज्ञान में किसी अंतर या समस्या को पहचानें। – साहित्य समीक्षा(Literature Review:): मौलिकता सुनिश्चित करने और मौजूदा परिप्रेक्ष्य को समझने के लिए समस्या से संबंधित मौजूदा साहित्य का सर्वेक्षण करें। – परिकल्पना का निर्माण (Formulation of Hypothesis): एक अस्थायी ... Read more - [2.2-Methods of Research ](https://namastesir.co.in/2-2-methods-of-research/): अनुसंधान के तरीके: प्रायोगिक, वर्णनात्मक, ऐतिहासिक, गुणात्मक और मात्रात्मक तरीके। (Experimental, Descriptive, Historical, Qualitative and Quantitative methods) यहां प्रत्येक शोध पद्धति का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. प्रायोगिक विधि ( Experimental Method): – परिभाषा: यह निर्धारित करने के लिए एक चर में हेरफेर करना शामिल है कि क्या एक चर में परिवर्तन के कारण दूसरे में परिवर्तन होता है। यह चरों को अलग करने के लिए नियंत्रित स्थितियों को नियोजित करता है। – विशेषताएँ :     चरों पर नियंत्रण.     यादृच्छिकीकरण नियोजित करता है।     कारणता निर्धारित कर सकते हैं. – उदाहरण: वास्तविक दवा बनाम प्लेसीबो प्रदान करके रोगियों पर दवा के प्रभाव ... Read more - [Research](https://namastesir.co.in/research/): Meaning, Types, and Characteristics, Positivism and Post- positivistic approach to research.  अनुसंधान: अर्थ, प्रकार और विशेषताएँ, अनुसंधान के लिए सकारात्मकता और उत्तर-सकारात्मक दृष्टिकोण। 1. अनुसंधान (Meaning): – अर्थ: अनुसंधान किसी विशेष विषय या मुद्दे के बारे में हमारी समझ का विस्तार करने के लिए डेटा एकत्र करने, विश्लेषण करने और व्याख्या करने की एक व्यवस्थित प्रक्रिया को संदर्भित करता है। यह ज्ञान प्राप्त करने और उसे लागू करने का एक पद्धतिगत दृष्टिकोण है। – प्रकार: (Types)     बुनियादी (शुद्ध) अनुसंधान: ज्ञान प्राप्त करने के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए, परमाणुओं के व्यवहार को समझना।     अनुप्रयुक्त अनुसंधान: विशिष्ट समस्याओं को हल ... Read more - [Unit -01 Question Answer - Part - 02](https://namastesir.co.in/unit-01-online-test-part-02/): यू.जी.सी. NTA नेट / जेआरएफ परीक्षा, जून- 2020 शिक्षण एवं शोध अभियोग्यता  प्रथम प्रश्न-पत्र : Shift-I (व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र ).  (परीक्षा तिथि 25 सितम्बर, 2020 ) Q1. Teaching differs from training conditioning is so far as it promotes and निम्नलिखित में से किसके संवर्धन से शिक्षण कार्य प्रशिक्षण और अनुबंधन से भिन्न है ? (a) Disciplined drill/ अनुशासित अभ्यास (b) Critical thinking/ आलोचनात्मक चिंतन (c) Steady association / स्थिर साहचर्य (d) Mastery of facts / तथ्यों में प्रवीणता Ans. (b) : आलोचनात्मक चिन्तन के फलीभूत शिक्षण कार्य प्रायः प्रशिक्षण एवं अनुबंधन से भिन्न होता है। शिक्षण कार्य किसी सम्प्रत्यय निर्माण ... Read more - [अपनी परीक्षा की तैयारी का आकलन करने के लिए ऑनलाइन टेस्ट का उपयोग करना](https://namastesir.co.in/%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a4%e0%a5%88%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be/): प्रौद्योगिकी की प्रगति ने हमारे जीवन के कई पहलुओं में क्रांति ला दी है, जिसमें परीक्षाओं की तैयारी का तरीका भी शामिल है। छात्रों के लिए आज उपलब्ध सबसे लाभप्रद उपकरणों में से एक उनकी तैयारी के स्तर को मापने के लिए ऑनलाइन परीक्षण लेने की क्षमता है। आइए देखें कि क्यों और कैसे ऑनलाइन टेस्ट यह सुनिश्चित करने के लिए एक अमूल्य संपत्ति हो सकते हैं कि आप अपनी आगामी परीक्षाओं के लिए सही रास्ते पर हैं।   1. त्वरित प्रतिक्रिया ऑनलाइन परीक्षणों का एक प्राथमिक लाभ परिणामों की तात्कालिकता है। जिस क्षण आप अपना परीक्षण जमा करते हैं, कुछ ही ... Read more - [Unit-1-UGCNET-FIRST-PAPER-QUESTION-ANSWERS-IN HINDI AND ENGLISH AS IT IS.](https://namastesir.co.in/unit-1-ugcnet-first-paper-question-answers-in-hindi-and-english-as-it-is/): All Questions are from NET EXAM question Papers.   5 Questions From Each Question Paper Is Max. Possible. (परीक्षा तिथि 24 सितम्बर, 2020 Shift – I   ) : Q1. In which level of teaching, the learner gets an opportunity to discriminate at length between positive and negative examples of concepts? निम्नलिखित में से किस शिक्षण स्तर में अधिगमकर्ता को अवधारणाओं के सकारात्मक दृष्टांतों के बीच विभेद करने का अवसर प्राप्त होता है? (a) Memory level/स्मृति स्तर (b) Understanding level / अवबोध स्तर  (c) Reflective level / विमर्शी चिन्तन स्तर (d) Autonomous development level / स्वायत्त विकास स्तर Ans. (b): अवबोध स्तर, ... Read more - [शिक्षक केंद्रित व अधिगमकर्ता केंद्रित विधियों की तुलना--](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b6%e0%a4%95%e0%a4%b7%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%97%e0%a4%ae/): Teacher centered vs.Learner centered methods शिक्षक-केन्द्रित दृष्टिकोण(Teacher centered methods): 1. शिक्षक की भूमिका(Role of the Teacher): शिक्षक-केंद्रित दृष्टिकोण में, शिक्षक केंद्रीय व्यक्ति होता है और एक आधिकारिक भूमिका निभाता है। वे जानकारी देने, कक्षा की गतिविधियों को नियंत्रित करने और सीखने की प्रक्रिया को निर्देशित करने के लिए जिम्मेदार हैं। 2. ज्ञान संचरण( Knowledge Transmission): शिक्षक को ज्ञान और सूचना के प्राथमिक स्रोत के रूप में देखा जाता है। वे व्याख्यान देते हैं, तथ्य प्रस्तुत करते हैं और छात्रों को स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं। शिक्षक से छात्रों तक जानकारी प्रसारित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। 3. निष्क्रिय शिक्षण(Passive Learning): ... Read more - [1.4.2 शिक्षक केंद्रित शिक्षण विधियां](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%b5/): (Teacher Centric teaching Methods) शिक्षक केंद्रित शिक्षण विधियां ((Teacher Centric teaching Methods)) शिक्षक द्वारा शिक्षण कार्य करते समय कक्षा में पाठ्यवस्तु को सरल एवं बोतल में बनाने हेतु जिन प्रक्रियाओं का प्रयोग किया जाता है उन्हें शिक्षण विधियां कहते हैं शिक्षण विधियों का प्रयोग इस बात पर निर्भर करता है कि परिस्थिति कैसी है शिक्षण का मूल उद्देश्य अधिगमकर्ता को शिक्षा प्रदान करना है। यह उद्देश्य जिस भी विधि से पूर्ण हो जिसमें अधिक अनुकूलता मिले वही विधि अपनानी चाहिए। यह विधियां बोलता है दो प्रकार की होती हैं।  एक, शिक्षक केंद्रित विधियां (टीचर सेंट्रिक मेथड्स) मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि इस ... Read more - [अधिगमकर्ता-केंद्रित दृष्टिकोण](https://namastesir.co.in/%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a4%ae%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a4/): अधिगमकर्ता-केंद्रित दृष्टिकोण महत्वपूर्ण क्यों हैं और उनका अनुप्रयोग कैसे करें ?  एक अधिगमकर्ता-केंद्रित दृष्टिकोण(learner-centered approach) अनुदेशक(शिक्षक) से अधिगमकर्ता  पर ध्यान केंद्रित करने के विषय में है। - [1.3 शिक्षण को प्रभावित करने वाले कारक](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b5/): 1.3 शिक्षण को प्रभावित करने वाले कारक: शिक्षक, शिक्षार्थी, सहायक सामग्री, निर्देशात्मक सुविधाएं, अधिगम का वातावरण और संस्थान। (Factors affecting teaching related to: Teacher, Learner, Support material, Instructional facilities, Learning environment and Institution.) 1.1 परिचय – Introduction  अमूर्त(Abstract): सीखना मनुष्य का एक सहज स्वभाव है जो उसके वातावरण में मौजूद है या उसके अनुकूल परिस्थितियाँ हैं। अधिगम के लिए वातावरण के निर्माण को शिक्षण कहते हैं। शिक्षण का उद्देश्य शिक्षार्थी को सीखना है। जब तक सीखने वाला सीखने में सक्षम नहीं हो जाता तब तक इसका कोई अर्थ नहीं है। यद्यपि मनुष्य बिना सिखाए भी सीखता है, लेकिन उद्देश्यपूर्ण सीखने के ... Read more - [14-Syllabus-UGCNET-1stPaper](https://namastesir.co.in/syllabus-ugcnet-first-paper-english/): GENERAL PAPER ON TEACHING & RESEARCH APTITUDE     UNIVERSITY GRANTS COMMISSION NET BUREAU SYLLABUS Subject: GENERAL PAPER ON TEACHING & RESEARCH APTITUDE  Code No. : 00 PAPER-I The main objective is to assess the teaching and research  capabilities of the candidates. The test aims at assessing the teaching and research aptitude as well. Candidates are expected to possess and exhibit cognitive abilities, which include comprehension, analysis, evaluation, understanding the structure of arguments, deductive and inductive reasoning. The candidates are also  expected to have a general awareness about teaching and learning processes in higher education system. Further, they should be aware of interaction ... Read more - [1.2.2 व्यक्तिगत भिन्नता (Vyaktigat Bhinnata)](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a4%a4-%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%a4%e0%a4%be-vyaktigat-bhinnata/): व्यक्तिगत भिन्नता (Individual Difference)  सभी के संपूर्ण व्यक्तित्व के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण। परिचय – introduction  व्यक्तिगत भिन्नता (Individual Difference) से अभिप्राय है, प्रत्येक व्यक्ति में जैविक, मानसिक, सांस्कृतिक, संवेगात्मक अंतर पाया जाना। इसी अंतर के कारण एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से भिन्न माना जाता है। मनोविज्ञान के क्षेत्र में 19वीं सदी में फ्रांसिस गॉल्टन, पीयरसन, कैटल, टर्मन आदि ने  व्यक्तिगत भिन्नता (Individual Difference) का पता लगाया तथा उनके कारणों की खोज की। स्किनर के शब्दों में बालक की प्रत्येक संभावना के विकास का एक विशिष्ट काल होता है। यह काल व्यक्तिक विभिन्नता के कारण भिन्न-भिन्न अवधि का होता है। यदि उचित ... Read more - [1.2  Learners Characteristics](https://namastesir.co.in/learners-characteristics-adolescent-and-adult-learners/): शिक्षार्थी के विशेषताएँ: किशोर और वयस्क विद्यार्थी की अपेक्षाएं ( शैक्षिक, सामाजिक/भावनात्मक और संज्ञानात्मक, व्यक्तिगत भिन्नताएँ। अधिगमकर्ताओं के लक्षण: किशोर और वयस्क अधिगमकर्ताओं के लक्षण – Learners Characteristics: Characteristics of adolescent and adult learners. अधिगम की परिभाषा -Definition of Learning  विभिन्न मनोवैज्ञानिकों और शिक्षाविदों ने सीखने की अवधारणा को परिभाषित किया है। उनके द्वारा दी गई कुछ परिभाषाएँ निम्नलिखित हैं: प्रविधि के रूप में अधिगम-Learning as a Process सीखने के क्षेत्र में एक प्रतिपादक हिलगार्ड कहते हैं, “सीखना वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक गतिविधि की उत्पत्ति होती है या प्रशिक्षण प्रक्रियाओं के माध्यम से बदली जाती है।” बर्नार्ड सीखने को ... Read more - [1.1.4-Requirements of Teaching (A valuable discussion) in Hindi](https://namastesir.co.in/1-1-4-requirements-of-teachinga/): शिक्षण की मूलभूत आवश्यकताएँ ( BASIC REQUIREMENTS OF TEACHING) शिक्षण वह पेशा है जिसमें छात्रों को विशेष रूप से प्राथमिक विद्यालय, एक माध्यमिक विद्यालय या विश्वविद्यालय में छात्रों को सीखने के लिए एक सरल उद्देश्य के साथ निर्देश दिए जाते हैं। शिक्षक यह मानकर छात्रों के लिए सीखना संभव बनाते हैं कि शिष्य क्या और कैसे सीखेंगे। इसलिए, एक शिक्षक को छात्रों/विद्यार्थियों को अच्छी तरह से सिखाने के लिए शिक्षण कि मूलभूत आवश्यकताओं को जानना/समझना/अपनाना चाहिए। शिक्षक विभिन्न उद्देश्यों के लिए छात्रों को तैयार करने के लिए जिम्मेदारी और कर्तव्य के साथ पढ़ाते हैं। वे प्री-प्राइमरी स्तर से कोचिंग स्तर तक ... Read more - [1.1.3Nature of Teaching and Characteristics](https://namastesir.co.in/teaching-nature-and-character-namastesir-co-in/): अध्यापन की प्रकृति और विशेषताएँ शिक्षण की प्रकृति को संक्षेप में एक सामाजिक प्रक्रिया के रूप में कहा जा सकता है जो प्रकृति और मानवीय रूप से गतिशील है। शिक्षण की प्रकृति और इसकी विशेषताओं पर नीचे चर्चा की गई है: शिक्षण की प्रकृति (Nature of Teaching) शिक्षण में कुछ विशेषताएं होती हैं जिन्हें इसके किसी भी रूप में मौजूद माना जाता है, जिनमें से कुछ पर नीचे चर्चा की गई है अध्यापन की विशेषताएँ (Characteristics of Teaching) शिक्षण के कार्य (Functions of Teaching) जैसा कि शिक्षण की मूल प्रकृति उद्देश्यपूर्ण है, इस प्रकार कुछ ऐसे कार्य हैं जिन्हें शिक्षण द्वारा ... Read more - [Let's Know 10 Important Benefits of UGC NET exam](https://namastesir.co.in/lets-know-10-important-benefits-of-ugc-net-exam-hindi/): Let’s Know About 10 Important Benefits of UGC NET exam आइए! यूजीसी नेट परीक्षा के 10 महत्वपूर्ण  लाभों  के विषय में  जानें। यूजीसी नेट परीक्षा क्या है? एनटीए या राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग(UGC) की ओर से यूजीसी नेट (राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा) आयोजित करती है। यह परीक्षा उन उम्मीदवारों के लिए है जो विभिन्न भारतीय विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जूनियर रिसर्च फेलोशिप और/या सहायक प्रोफेसर(Assistant Professor) बनना चाहते हैं। NET exam का आयोजन साल में दो बार किया जाता है,  जून के महीने में और दिसंबर के महीने में। यूजीसी नेट सर्टिफाइड होने के महत्वपूर्ण अनेक लाभ हैं उनमें से ... Read more - [These are 3 Levels of Teaching – Memory, Understanding and Reflective Level](https://namastesir.co.in/levels-of-teaching-memory-under-reflec/): Levels of Teaching – Memory, Understanding and Reflective Level शिक्षण का स्तर – स्मरण शक्ति, समझ और विचारात्मक, आइए समझें शिक्षण के तीन स्तर (Levels of Teaching) क्या हैं? शिक्षण एक उद्देश्यपूर्ण गतिविधि है; उद्देश्य, सीखने के माध्यम से शिक्षार्थी में वांछनीय परिवर्तन लाना है। शिक्षण के 3 स्तर हैं- 1.स्मृति स्तर – विचारहीन (Memory Level – Thoughtless) शिक्षण के स्मृति स्तर का अर्थ   इस स्तर पर शिक्षण का उद्देश्य सिर्फ छात्रों को जानकारी प्रदान करना है। शिक्षार्थी को विषय वस्तु को याद करने और दीर्घकालिक स्मृति में संग्रहीत जानकारी प्राप्त करने की आवश्यकता होती है।   हर्बर्ट को शिक्षण ... Read more - [1.1-Teaching: Concepts and Objectives](https://namastesir.co.in/07-1-1-1-teaching-concepts-objectives/): 1.1-Teaching: Concepts and Objectives शिक्षण: अवधारणाएं ,उद्देश्य-  शिक्षण को इस प्रकार परिभाषित किया जा सकता है- शिक्षण अधिगमकर्ता के साथ समझपूर्वक जुड़कर, उसे उसकी समझ को विकसित करने और उसके ज्ञान, अवधारणाओं और प्रक्रियाओं को  व्यवहारिक कुशलता के रूप में उपयोग करने में सक्षम बनाने की प्रक्रिया है। इसमें रचनात्मकता, विषयों का चुनाव, प्रस्तुति, मूल्यांकन एवं प्रतिबिंबन (व्यक्तित्व में प्रत्यक्ष होना)  शामिल है ।  पढ़ाने (Teaching)का अर्थ छात्रों को सीखने(Learning or अधिगम ) में संलग्न करना है; इस प्रकार शिक्षण में छात्रों को ज्ञान की सक्रिय रचना में शामिल करना शामिल है। एक शिक्षक को न केवल विषय वस्तु के ज्ञान ... Read more - [01-Syllabus-UGC-NET-FIRST-PAPER-IN-HINDI](https://namastesir.co.in/syllabus-ugc-net-first-paper-in-hindi/): अतः इस परीक्षा का उद्देश्य शिक्षण और शोध अभिवृत्ति का मूल्यांकन करना है। यह  अपेक्षित है कि परीक्षार्थी के पास संज्ञानात्मक क्षमता हो और वे इसको प्रदर्शित कर सकें। संज्ञानात्मक क्षमता में विस्तृत बोध, विश्लेषण, मूल्यांकन, तर्क संरचना की समझ, निगमनात्मक तथा आगमनात्मक तर्क शामिल हैं। परीक्षार्थियों से यह भी अपेक्षा की जाती है कि उन्हें उच्च शिक्षा में शिक्षण और अधिगम का सामान्य ज्ञान हो। सूचना के स्रोतों की सामान्य जानकारी और ज्ञान हो। उन्हें इसके साथ-साथ, लोगों, पर्यावरण, प्राकृतिक संसाधनों के बीच संव्यवहार और जीवन की गुणवत्ता पर उनके प्रभाव की जानकारी होनी चाहिए। - [14-डिजिटल इंडिया (Digital India)](https://namastesir.co.in/14-%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a4%b2-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-digital-india/): डिजिटल इंडिया कार्यक्रम भारत सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य भारत को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान अर्थव्यवस्था में बदलना है। यह बड़ी संख्या में विचारों और सोच को एक एकल, व्यापक दृष्टि में पिरोता है ताकि उनमें से प्रत्येक को एक बड़े लक्ष्य के हिस्से के रूप में देखा जा सके। 1. प्रत्येक व्यक्तिगत तत्व अपने आप में खड़ा है। लेकिन यह बड़ी तस्वीर का भी हिस्सा है। 2. इसका समन्वयन देवता द्वारा होता है, क्रियान्वयन संपूर्ण सरकार द्वारा होता है। 3. एक साथ बुनाई मिशन को समग्रता में परिवर्तनकारी बनाती है कार्यक्रम: 1. कई मौजूदा ... Read more - [13-ICT and Governance](https://namastesir.co.in/13-ict-and-governance/): आईसीटी और शासन (ICT and Governance.) परिचय ई-गवर्नेंस में “ई” का मतलब ‘इलेक्ट्रॉनिक’ है। इस प्रकार, ई-गवर्नेंस मूल रूप से आईसीटी (सूचना और संचार प्रौद्योगिकी) के उपयोग के माध्यम से कार्यों को पूरा करने और शासन के परिणाम प्राप्त करने से जुड़ा है। इस सदी में जहां लगभग हर चीज को इलेक्ट्रॉनिक बना दिया गया है जैसे ई-कॉमर्स, ई-सर्विस, ई-लर्निंग आदि, भारत सरकार भी इस लहर के साथ चलने की कोशिश कर रही है और आईसीटी के माध्यम से शासन करना चाहती है। ई-गवर्नेंस को किसी भी समय और कहीं भी अपने उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए आईसीटी सेवाओं की ... Read more - [12-Digital initiatives in higher education-Part-05](https://namastesir.co.in/12-digital-initiatives-in-higher-education-part-05/): ई-आचार्य के बारे में (About e-Acharya) ई-आचार्य एक अंतर्राष्ट्रीय आंदोलन और पहल है जो शिक्षा को सर्वोत्तम संभव तरीके से सभी के लिए सुलभ बनाने में सक्षम बनाता है। हमारा लक्ष्य भारत के हर हिस्से में शिक्षा में क्रांति लाना है। प्राचीन भाषा संस्कृत में आचार्य का अनुवाद शिक्षक होता है। उन आदर्शों पर काम करते हुए हमने विद्वान भारतीय शिक्षकों द्वारा दी गई शिक्षा को समृद्ध बनाने का मानक तय किया है। हमारा लक्ष्य सिमुलेशन और वर्चुअल लैब जैसे एप्लिकेशन-आधारित तरीकों का उपयोग करके ग्रेड 6-11 तक स्थानीय पाठ्यक्रम में विभिन्न विषयों की अवधारणाओं को पढ़ाना है। हमें उम्मीद है ... Read more - [11-Digital initiatives in higher education-Part-04](https://namastesir.co.in/11-digital-initiatives-in-higher-education-part-04/): शोध गंगोत्री के बारे में (About Shodhgangotri) प्रगतिरत अनुसंधान का भंडार/सारांश एमआरपी / पीडीएफ / एमेरिटस फैलोशिप “शोध” शब्द की उत्पत्ति संस्कृत से हुई है और इसका अर्थ “अनुसंधान और खोज” है। “गंगोत्री” हिमालय के सबसे बड़े ग्लेशियरों में से एक है और भारत की सबसे पवित्र, सबसे लंबी और सबसे बड़ी नदी गंगा के उद्गम का स्रोत है। गंगा युगों-युगों से चली आ रही संस्कृति, सभ्यता, सदैव वृद्ध, सदैव प्रवाहमान, सदैव प्रेममय और अपने लोगों द्वारा प्यार किये जाने का प्रतीक है। “शोधगंगोत्री” नामक पहल के तहत, विश्वविद्यालयों में अनुसंधान विद्वानों/अनुसंधान पर्यवेक्षकों से अनुरोध किया जाता है कि वे पीएचडी ... Read more - [10-Digital initiatives in higher education-Part-03](https://namastesir.co.in/10-digital-initiatives-in-higher-education-part-03/): INFLIBNET   के कार्यक्रम एवं गतिविधियाँ IndCat IndCat भारत के प्रमुख विश्वविद्यालय/संस्थान पुस्तकालयों की पुस्तकों, थीसिस और धारावाहिकों की एक निःशुल्क ऑनलाइन यूनियन कैटलॉग है। IndCat में पुस्तकों, थीसिस और धारावाहिकों की ग्रंथ सूची संबंधी जानकारी, स्थान और होल्डिंग्स शामिल हैं। यह मानक ग्रंथ सूची प्रारूपों यानी MARC, MARCXML में रिकॉर्ड प्रदान करता है। इसमें सभी प्रमुख विषयों को शामिल किया गया है, यानी मनोविज्ञान, सांख्यिकी, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, कानून, लोक प्रशासन, शिक्षा, वाणिज्य, भाषाविज्ञान, गणित, खगोल विज्ञान, भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान, जीवन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, प्राणीशास्त्र, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, कृषि, प्रबंधन, वास्तुकला, खेल, साहित्य, इतिहास, कंप्यूटर विज्ञान आदि। एक वेब-आधारित इंटरफ़ेस ... Read more - [09-Digital initiatives in higher education-Part-02](https://namastesir.co.in/09-digital-initiatives-in-higher-education-part-02/): ई-शोधसिंधु  (e-ShodhSindhu) एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिश के आधार पर, मानव संसाधन विकास मंत्रालय (जिसे अब शिक्षा मंत्रालय का नाम दिया गया है) ने तीन कंसोर्टिया पहलों, अर्थात् यूजीसी-इन्फोनेट डिजिटल लाइब्रेरी कंसोर्टियम, एनएलआईएसटी और आईएनडीईएसटी-एआईसीटीई कंसोर्टियम को मिलाकर ई-शोधसिंधु का गठन किया है। ई-शोधसिंधु केंद्र-वित्त पोषित तकनीकी सहित अपने सदस्य संस्थानों को बड़ी संख्या में प्रकाशकों और एग्रीगेटरों से विभिन्न विषयों में 10,000 से अधिक कोर और सहकर्मी-समीक्षित पत्रिकाओं और कई ग्रंथसूची, उद्धरण और तथ्यात्मक डेटाबेस तक वर्तमान और साथ ही अभिलेखीय पहुंच प्रदान करना जारी रखेगा। संस्थान, विश्वविद्यालय और कॉलेज जो यूजीसी अधिनियम की धारा 12(बी) और 2(एफ) के अंतर्गत ... Read more - [08-Digital initiatives in higher education-Part-01](https://namastesir.co.in/08-digital-initiatives-in-higher-education-part-01/): उच्च शिक्षा में डिजिटल पहल। (Digital initiatives in higher education) आईसीटीटी का उपयोग करके शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना और आईटी की शक्ति को सीखने के अवसरों में शामिल करना, आईसीटीआई (NMAITIC ) के माध्यम से शिक्षा पर राष्ट्रीय मिशन शुरू किया गया था। पिछले 5 वर्षों में, एनएआईसीआईटीआई ने आईटी हस्तक्षेप विकसित करके महत्वपूर्ण लाभ कमाया है जिसमें उच्च शिक्षा परिदृश्य को बदलने की क्षमता है। समय के साथ, एनआईसीटी ने आईटी हस्तक्षेप विकसित करके महत्वपूर्ण लाभ कमाया है जिसमें उच्च शिक्षा परिदृश्य को बदलने की क्षमता है। उच्च शिक्षा क्षेत्र में राष्ट्र को समर्पित और आरंभ किया गया ... Read more - [07-Intranet and Email-Audio and Video Conferencing](https://namastesir.co.in/07-intranet-and-email-audio-and-video-conferencing/): इंट्रानेट (Intranet) की मूल बातें (Intranet) • इंट्रानेट (Intranet) एक निजी नेटवर्क है जो एक उद्यम के भीतर समाहित होता है। इसमें कई आपस में जुड़े स्थानीय क्षेत्र नेटवर्क शामिल हो सकते हैं और विस्तृत क्षेत्र नेटवर्क में लीज्ड लाइनों का भी उपयोग किया जा सकता है। इंट्रानेट (Intranet) का मुख्य उद्देश्य कंपनी की जानकारी और कंप्यूटिंग संसाधनों को कर्मचारियों के बीच साझा करना है। आज के कामकाजी माहौल का मतलब अक्सर यह होता है कि सहकर्मी अब एक ही समय में एक ही कमरे में मौजूद नहीं होते हैं, बल्कि बड़ी दूरी के कारण अलग-अलग होते हैं। यह टीम वर्क ... Read more - [06-Basics of Internet, Intranet, E-mail, Audio and Video-Conferencing.](https://namastesir.co.in/06-basics-of-internet-intranet-e-mail-audio-and-video-conferencing/): इंटरनेट, इंट्रानेट, ई-मेल, ऑडियो और वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग की मूल बातें। इंटरनेट, इंट्रानेट, ई-मेल, ऑडियो और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की मूल बातें (Basics of Internet, Intranet, E-mail, Audio and Video-Conferencing.) इंटरनेट का मूल (Basics of Internet) • इंटरनेट एक विश्वव्यापी दूरसंचार प्रणाली है जो लाखों अन्य छोटे नेटवर्कों के लिए कनेक्टिविटी प्रदान करती है; इसलिए, इंटरनेट को अक्सर नेटवर्कों के नेटवर्क के रूप में जाना जाता है।  यह कंप्यूटर उपयोगकर्ताओं को दूरी और कंप्यूटर प्लेटफ़ॉर्म पर एक-दूसरे के साथ संवाद करने की अनुमति देता है (मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे अन्य आईसीटी आधारित उपकरणों सहित).  इंटरनेट की शुरुआत 1969 में युद्ध संचार के ... Read more - [05-ICT: General abbreviations and terminology.](https://namastesir.co.in/05-ict-general-abbreviations-and-terminology/): आईसीटी: सामान्य संक्षिप्ताक्षर और शब्दावली। (ICT: General abbreviations and terminology.) Common Computer Abbreviations AGP → Accelerated Graphic Port ALU →  Arithmetic and Logic Unit ASCII →  American Standard Code for Information Interchange ATX  →  Advanced Technology Extended BASIC →  Beginner All-Purpose Symbolic Instruction Code BIOS →   Basic Input and Output System CAN →  Campus Area Network CCNA →  Cisco Certified Network Associate CCNP →  Cisco Certified Network Professionals CD →  Compact Disk CEH →  Certified Ethical Hacking CISCO →  Computer Information System Company CMD →  Command CMOS →  Complimentary Metaoxide Semi-Conductor COBOL →  Common Basic Oriented Language CPU →  Central ... Read more - [04-Computer Networking and Internet Basics](https://namastesir.co.in/04-computer-networking-and-internet-basics/): कंप्यूटर नेटवर्किंग (Computer Networking Basics) कंप्यूटर नेटवर्किंग : कंप्यूटर नेटवर्क कनेक्टेड कंप्यूटरों का एक समूह है। नेटवर्क पर कंप्यूटर को नोड कहा जाता है। कंप्यूटरों के बीच कनेक्शन केबलिंग के माध्यम से किया जा सकता है, आमतौर पर ईथरनेट केबल, या रेडियो तरंगों के माध्यम से वायरलेस तरीके से। कनेक्टेड कंप्यूटर संसाधन साझा कर सकते हैं, जैसे इंटरनेट तक पहुंच, प्रिंटर, फ़ाइल सर्वर और अन्य। अवयव: 1.सर्वर – एक कंप्यूटर जो अनुरोधों को संसाधित करने और स्थानीय नेटवर्क या इंटरनेट पर अन्य (क्लाइंट) कंप्यूटरों को डेटा वितरित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। 2.रिसीवर – एक हार्डवेयर मॉड्यूल या डिवाइस ... Read more - [03- Computer generations and its Classification](https://namastesir.co.in/03-computer-generations-and-its-classification/): कंप्यूटर का विकास (Development of computer) अबेकस – अबेकस को पहला यांत्रिक गणना उपकरण माना जाता है। जिसका उपयोग आसानी से और तेजी से जोड़ और घटाव करने के लिए किया जाता था। अबेकस लकड़ी के फ्रेम से बना होता है जिसमें रॉड को रॉड पर फिसलने वाले गोल मोतियों के साथ फिट किया जाता है। पास्कल कैलकुलेटर – वर्ष 1642 में, एक फ्रांसीसी वैज्ञानिक ब्लेज़ पास्कल ने पास्कल कैलकुलेटर नामक एक जोड़ने वाली मशीन का आविष्कार किया, जो इसमें गियर की मदद से अंकों की स्थिति का प्रतिनिधित्व करता है। एनालिटिकल इंजन – इंग्लैंड के एक वैज्ञानिक चार्ल्स बैबेज ने ... Read more - [02-Computer Memory](https://namastesir.co.in/02-computer-memory/): प्राथमिक मेमोरी या मुख्य मेमोरी Register  Memory रजिस्टर डेटा रखने वाले स्थानों के एक छोटे समूह में से एक है जो कंप्यूटर प्रोसेसर का हिस्सा है। एक रजिस्टर में एक निर्देश, एक भंडारण पता, या किसी भी प्रकार का डेटा (जैसे कि बिट अनुक्रम या व्यक्तिगत वर्ण) हो सकता है। कुछ निर्देश निर्देश के भाग के रूप में रजिस्टर निर्दिष्ट करते हैं। रैंडम एक्सेस मेमोरी दो प्रकार की होती है वर्चुअल मेमोरी एक ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) की एक विशेषता है जो कंप्यूटर को रैंडम एक्सेस मेमोरी (रैम) से डिस्क स्टोरेज में अस्थायी रूप से डेटा के पेजों को स्थानांतरित करके भौतिक ... Read more - [01-Computer and Its Components](https://namastesir.co.in/01-computer-and-its-components/): कंप्यूटर और उसके मुख्य घटक image source : Google कंप्यूटर एक सामान्य प्रयोजन मशीन है, जिसमें आमतौर पर डिजिटल सर्किटरी शामिल होती है, जो निर्देशों के अनुसार डेटा को संख्या, पाठ, ग्राफिक्स, आवाज, वीडियो फ़ाइलों या विद्युत संकेतों के रूप में स्वीकार (इनपुट), स्टोर, मैनिपुलेट और जेनरेट (आउटपुट) करती है। एक प्रोग्राम कहा जाता है कंप्यूटर के मुख्य भाग (Mains Parts of computer) हार्डवेयर – कंप्यूटर हार्डवेयर वह है जिसे आप भौतिक रूप से छू सकते हैं जिसमें कंप्यूटर केस, मॉनिटर, कीबोर्ड और माउस शामिल हैं। इसमें कंप्यूटर केस के अंदर के सभी हिस्से भी शामिल हैं, जैसे हार्ड डिस्क ड्राइव, ... Read more - [Q&A-Unit-07-Data Interpretation-Part-07](https://namastesir.co.in/qa-unit-07-data-interpretation-part-07-2/): Loading… - [Q&A-Unit-07-Data Interpretation-Part-06](https://namastesir.co.in/qa-unit-07-data-interpretation-part-06-2/): Loading… - [Q&A-Unit-07-Data Interpretation-Part-05](https://namastesir.co.in/qa-unit-07-data-interpretation-part-05-2/): Loading… - [Q&A-Unit-07-Data Interpretation-Part-04](https://namastesir.co.in/qa-unit-07-data-interpretation-part-04-2/): Loading… - [Q&A-Unit-07-Data Interpretation-Part-03](https://namastesir.co.in/qa-unit-07-data-interpretation-part-03-2/): Loading… - [Q&A-Unit-07-Data Interpretation-Part-02](https://namastesir.co.in/qa-unit-07-data-interpretation-part-02-2/): Loading… - [Q&A-Unit-07-Data Interpretation-Part-01](https://namastesir.co.in/qa-unit-07-data-interpretation-part-01-2/): Loading… - [Q&A-Unit-07-Data Interpretation-Part-07](https://namastesir.co.in/qa-unit-07-data-interpretation-part-07/): यू.जी.सी. NTA नेट / जेआरएफ परीक्षा, जून- 2020 शिक्षण एवं शोध अभियोग्यता प्रथम प्रश्न-पत्र : (व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र )   (परीक्षा तिथि 30 सितम्बर, 2020 ) Shift-I  Q1. If the average monthly salary of employees in the Department A was ₹24000 in 2018, then what was the approximate total salary expenses of the department – A in 2018? यदि वर्ष 2018 में विभाग – A में कर्मचारियों का औसत मासिक वेतन ₹24000 था तो वर्ष 2018 में विभाग – A का अनुमानित वेतन व्यय कितना था ? (a) ₹ 1.2 crores /₹ 1.2 करोड़ (b) ₹ 4.7 crores /₹ 4.7 करोड़  ... Read more - [Q&A-Unit-07-Data Interpretation-Part-06](https://namastesir.co.in/qa-unit-07-data-interpretation-part-06/): यू.जी.सी. NTA नेट / जेआरएफ परीक्षा, जून- 2020 शिक्षण एवं शोध अभियोग्यता प्रथम प्रश्न-पत्र : ( व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र )   (परीक्षा तिथि : 29 सितम्बर, 2020 ) Shift-II 1. In case all the girls in the department ‘A’ donated blood, then the number of boys in the department ‘A’ who did not participate in the blood donation camp is यदि विभाग A की सभी लड़कियों ने रक्तदान किया है तो रक्तदान में भाग न लेने वाले विभाग A के विद्यार्थियों की संख्या है: (a) 32 (b) 48 (c) 60 (d) 56 Ans. (b) विभाग A के लिए- -माना, रक्तदान करने ... Read more - [Q&A-Unit-07-Data Interpretation-Part-05](https://namastesir.co.in/qa-unit-07-data-interpretation-part-05/): यू.जी.सी. NTA नेट / जेआरएफ परीक्षा, जून- 2020 शिक्षण एवं शोध अभियोग्यता प्रथम प्रश्न-पत्र : Shift-I ( व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र )   (परीक्षा तिथि : 29 सितम्बर, 2020 ) 31. तीनों अस्पतालों में कुल रोगियों की तुलना में रक्त शर्करा के लिए रिपोर्ट करने वाले रोगियों की संख्या का प्रतिशत क्या है?  (ए) 25.90% (सी) 39.42% (बी) 38.24% (डी) 35.12% Ans. (b) : सभी तीनों अस्पतालों में मधुमेह से पीड़ित रोगियों की संख्या 650+1350+1950 सभी तीनों अस्पतालों में कुल रोगियों की संख्या = अस्पताल (क) में रोगियों की कुल सुख्या + अस्पताल (ख) में रोगियों की कुल संख्या + अस्पताल (ग) ... Read more - [Q&A-Unit-07-Data Interpretation-Part-04](https://namastesir.co.in/qa-unit-07-data-interpretation-part-04/): यू.जी.सी. NTA नेट / जेआरएफ परीक्षा, जून- 2020 शिक्षण एवं शोध अभियोग्यता प्रथम प्रश्न-पत्र : Shift-II  (व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र )  (परीक्षा तिथि : 25 सितम्बर, 2020 ) 31. What are the average percentage of marks (%) obtained by all the seven students in Physics? सभी सात विद्यार्थियों द्वारा भौतिकी में प्राप्त किए गए औसत अंक (%) क्या हैं?  (a) -82.42 (b) -74.28 (c) ~ 86.24 (d) ~95.14 Ans. (b) सभी सात विद्यार्थियों द्वारा भौतिक विषय में प्राप्त प्रतिशतों का योग = 90 + 80 +70 + 80+85+65+50 = 520 520/7 अतः अभीष्ट औसत= 74.28 Q32. The number of students who ... Read more - [Q&A-Unit-07-Data Interpretation-Part-03](https://namastesir.co.in/qa-unit-07-data-interpretation-part-03/): UGCNET Exam Question – 25/09/2020-shift-01 31. What is the average amount of interest per year that the institution had to pay?  संस्था को औसत कितना ब्याज चुकाना पड़ता  है? (a) 30.50 (b) 36.66  (c) 39.66 (d) 41.02 Ans. (b) : संस्था द्वारा सभी वर्षों में देय ब्याज की राशि = 23.4+32.5+41.6+36.4+49.4 = 183.3 वर्षों की कुल संख्या = 5 32.  The total amount of bonus paid by the institution during the given period is approximately what percent of the total amount of salary paid during this period?  उल्लेखित अवधि में संस्था ने बोनस की जो कुल राशि प्रदान की है वह ... Read more - [Q&A-Unit-07-Data Interpretation-Part-02](https://namastesir.co.in/qa-unit-07-data-interpretation-part-02/): यू.जी.सी. NTA नेट / जेआरएफ परीक्षा, जून- 2020 शिक्षण एवं शोध अभियोग्यता प्रथम प्रश्न-पत्र : Shift-I ( व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र )  (परीक्षा तिथि : 24 सितम्बर, 2020 ) 31. Between 2016 to 2017, which country registered maximum growth (%) in installed capacity of renewable energy?  वर्षों 2016-17 के किस देश ने नवीकरणीय ऊर्जा की स्थापित क्षमता में अधिकतम वृद्धि (%) दर्ज की है? Options :  Ans. (b) : देश / वर्ष अतः वर्ष 2016-17 के बीच देश Z ने नवकरणीय ऊर्जा की स्थापित क्षमता में अधिकतम वृद्धि की है । 32. Which country registered maximum growth (%) by 2019 with ... Read more - [Q&A-Unit-07-Data Interpretation-Part-01](https://namastesir.co.in/qa-unit-07-data-interpretation-part-01/): 24-09-2020-Shift-01 31. In which year(s) the production of potato is less than that of average production? किस वर्ष किन वर्षों में आलू का उत्पादन उसके औसत उत्पादन से कम रहा? 1. 2016 2. 2014 3. 2015 4. 2017 Choose the correct answer from the options given below: सही विकल्प चुनिएः (a) 1 and 2 only / केवल 1 और 2  (b) 1, 2 and 4 only / केवल 1, 2 और 4 (c) 3 only / केवल 3 (d) 3 and 4 only / केवल 3 और 4 Ans. (b) : आलू का कुल उत्पादन 200 + 500 + 300 + ... Read more - [Q&A-Unit-02-Research-Aptitude-Part-06](https://namastesir.co.in/qa-unit-02-research-aptitude-part-06-2/): यूनिट 02 के लिए ऑनलाइन टेस्ट श्रृंखला जो अनुसंधान योग्यता है। प्रश्न पूरी तरह से उत्तर सहित वास्तविक परीक्षा प्रश्नपत्रों से हैं। Loading… - [Q&A-Unit-02-Research-Aptitude-Part-05](https://namastesir.co.in/qa-unit-02-research-aptitude-part-05-2/): यूनिट 02 के लिए ऑनलाइन टेस्ट श्रृंखला जो अनुसंधान योग्यता है। प्रश्न पूरी तरह से उत्तर सहित वास्तविक परीक्षा प्रश्नपत्रों से हैं। Loading… - [Q&A-Unit-02-Research-Aptitude-Part-04](https://namastesir.co.in/qa-unit-02-research-aptitude-part-04-2/): यूनिट 02 के लिए ऑनलाइन टेस्ट श्रृंखला जो अनुसंधान योग्यता है। प्रश्न पूरी तरह से उत्तर सहित वास्तविक परीक्षा प्रश्नपत्रों से हैं। Loading… - [Q&A-Unit-02-Research-Aptitude-Part-03](https://namastesir.co.in/qa-unit-02-research-aptitude-part-03-2/): यूनिट 02 के लिए ऑनलाइन टेस्ट श्रृंखला जो अनुसंधान योग्यता है। प्रश्न पूरी तरह से उत्तर सहित वास्तविक परीक्षा प्रश्नपत्रों से हैं। Loading… - [Q&A-Unit-02-Research-Aptitude-Part-02](https://namastesir.co.in/qa-unit-02-research-aptitude-part-02-2/): यूनिट 02 के लिए ऑनलाइन टेस्ट श्रृंखला जो अनुसंधान योग्यता है। प्रश्न पूरी तरह से उत्तर सहित वास्तविक परीक्षा प्रश्नपत्रों से हैं। Loading… - [Q&A-Unit-02-Research-Aptitude-Part-01](https://namastesir.co.in/qa-unit-02-research-aptitude-part-01-2/): यूनिट 02 के लिए ऑनलाइन टेस्ट श्रृंखला जो अनुसंधान योग्यता है। प्रश्न पूरी तरह से उत्तर सहित वास्तविक परीक्षा प्रश्नपत्रों से हैं। Online test series for unit 02 that is reasearch aptitude. Questions are fully from real exam question papers with answers. Loading… - [Q&A-Unit-02-Research-Aptitude-Part-06](https://namastesir.co.in/qa-unit-02-research-aptitude-part-06/): प्रश्न-42. उन विशेषताओं की पहचान कीजिये, जो मात्रात्मक या परिमाणात्मक अनुसंधान से संबंधित हैं- 1. इसमें वास्तविक स्थानगत परिस्थितियाँ ही प्रदत्त के प्रत्यक्ष स्रोत होते हैं। 2. यह अनुसंधान सर्वेक्षण, संरचित साक्षात्कार, अवलोकन, रिकॉर्ड्स तथा रिपोर्ट्स की समीक्षा पर आधारित होता है। 3. इस अनुसंधान में शोधकर्ता प्रघटना से संबंधित स्थिति, वर्तमान या भूतकाल में निमग्न अथवा तल्लीन हो जाता है। 4. यह अनुसंधान किसी प्रकार के पक्षपात या भेदभाव से रहित होता है। 5. यह अनुसंधान आगमनात्मक पद्धति पर आधारित होता है।  नीचे दिये गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिये- (a) 1 तथा 3 (c) 4 तथा ... Read more - [Q&A-Unit-02-Research-Aptitude-Part-05](https://namastesir.co.in/qa-unit-02-research-aptitude-part-05/): प्रश्न-33. निम्नलिखित में से किस क्रम में मात्रात्मक प्रतिमान (Paradigm) का उपयोग करते हुए शोध के चरणों को सही ढंग से दर्शाया गया है?(NTA/UGC-NET Nov., 2020) (a) परिकल्पना का निर्माण, परिकल्पना परीक्षण, निष्कर्ष और प्रतिवेदन लेखन (b) शोध समस्या का निर्धारण, परिकल्पना का निर्माण, परिकल्पना परीक्षण, सामान्यीकरण एवं निष्कर्ष तथा परिणामों के निहितार्थ (c) समस्या की पहचान, प्रतिदर्श का चयन, शोध अभिकल्प को विकसित करना और फील्डवर्क (d) समस्या को परिभाषित करना, संबंधित अध्ययनों का सर्वेक्षण, प्रतिदर्श, प्रतिचयन, प्रदत्तों का संग्रहण और प्रदत्तों का विश्लेषण  उत्तर –  (b) शोध समस्या का निर्धारण, परिकल्पना का निर्माण, परिकल्पना परीक्षण, सामान्यीकरण एवं निष्कर्ष तथा ... Read more - [Q&A-Unit-02-Research-Aptitude-Part-04](https://namastesir.co.in/qa-unit-02-research-aptitude-part-04/): प्रश्न-25.  सूची-1 के साथ सूची-11 का मिलान कीजिये : सूची-1 (संकल्पना ) सूची-II (विवरण) A. समाकृतिकता 1. गुणात्मक और परिणामात्मक दोनों पद्धतियों का प्रयोग B. त्रिभुजन 2. आधार वाक्य कि ‘सरलतम पद्धति सर्वाधिक वरीय है’ C. कृपणता का सिद्धांत 3. जनसंख्या का गुण D. प्राचल 4. संरचना की समानता नीचे दिये गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिये: A B C D a 1 2 3 4 b 2 3 4 1 c 3 4 1 2 d 4 1 2 3 उत्तर –  d प्रश्न-26. आश्रित चर में सहवर्ती परिवर्तनों के आशय से, किस अनुसंधान प्रणाली में स्वतंत्र ... Read more - [Q&A-Unit-02-Research-Aptitude-Part-03](https://namastesir.co.in/qa-unit-02-research-aptitude-part-03/): प्रश्न-17. ‘सहभागी प्रेक्षण’ में शोधकर्ता को निम्नलिखित में से किस रूप में कार्य करना चाहिये? (NTAUGC-NET Oct, 2022) (a) पेशागत आयोजक (c) पेशागत लोकप्रियतावादी (b) पेशागत अजनबी (d) सांस्कृतिक अभिकर्ता  उत्तर – (b) पेशागत अजनबी प्रश्न-18. निम्नलिखित में से कौन-कौन ‘वैज्ञानिक शोध’ में शामिल नहीं हैं?  (NTAUGC-NET Oct, 2022) 1. अनुभववाद 2. त्रुटियों को दूर करना 3. व्यक्तिनिष्ठता 4. अनैतिक व्यवहार 5. गैर-भविष्यसूचक अनुमितियाँ (Inferences) नीचे दिये गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिये: (a) केवल 1, 2, 3 (b) केवल 2, 3, 4 (c) केवल 3,4,5 (d) केवल 1,3,5 उत्तर – (c) केवल 3,4,5  प्रश्न-19. नीचे दो कथन ... Read more - [Q&A-Unit-02-Research-Aptitude-Part-02](https://namastesir.co.in/qa-unit-02-research-aptitude-part-02/): प्रश्न-9. शोध के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-कौन अनैतिक हैं? (NTA/UGC-NET Oct., 2022) 1. उत्तरदाताओं की संसूचित सहमति प्राप्त करना 2. उत्तरदाताओं को प्रोत्साहन (Incentives) का प्रस्ताव रखना 3. उत्तरदाताओं पर संवेदनशील वैयक्तिक सूचना के लिये दबाव  डालना 4. उत्तरदाताओं से शोध प्रयोजन छिपाना 5. गोपनीयता बनाकर रखना नीचे दिये गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिये- (a) केवल 1, 2, 3 (b) केवल 2, 3, 4 (c) केवल 3, 4, 5 (d) केवल 1,2,4  उत्तर – (b) केवल 2, 3, 4 प्रश्न-10. नीचे दो कथन दिये गए हैं: कथन I: संरचित अवलोकन विधि का प्रयोग वर्णनात्मक अनुसंधान ... Read more - [Q&A-Unit-02-Research-Aptitude-Part-01](https://namastesir.co.in/qa-unit-02-research-aptitude-part-01/): Question-1. नीचे दो कथन दिये गए हैं- (NTA/UGC-NET June, 2023) कथन 1: शून्य परिकल्पना की पुष्टि किये जाने के बजाय उसे अस्वीकार करने का जोखिम 0.01 p-स्तर की तुलना में 0.05 p-स्तर पर अधिक होता है। कथन II : टाइप-1 त्रुटि करने का जोखिम 0.01 p-स्तर की तुलना में 0.05 p-स्तर पर कम होता है। उपर्युक्त कथनों के आलोक में नीचे दिये गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिये: (a) कथन I और II दोनों सत्य हैं। (b) कथन I और II दोनों असत्य हैं। (c) कथन I सत्य है लेकिन कथन II असत्य है। (d) कथन I असत्य ... Read more - [Vyapti-व्याप्ति ](https://namastesir.co.in/vyapti-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf/): व्याप्ति (अनिवार्य संबंध) क्या है?  व्याप्ति को हम कैसे जानते हैं?  ‘व्याप्ति’ शब्द का शाब्दिक अर्थ है ‘व्यापकता की स्थिति।’ इसका तात्पर्य दो तथ्यों के बीच संबंध से है, जिनमें से एक व्याप्त (व्याप्य) है, और दूसरा व्याप्त (व्यापक) है।  एक तथ्य को दूसरे में व्याप्त तब कहा जाता है जब वह हमेशा दूसरे के साथ रहता है।  एक तथ्य दूसरे से व्याप्त तब कहा जाता है जब वह दूसरे के साथ होता है।  ऊपर दिए गए उदाहरण में, धुआं आग से व्याप्त है, क्योंकि उसके साथ हमेशा आग होती है।  लेकिन जबकि सभी धुएँ वाली वस्तुएँ उग्र होती हैं, सभी ... Read more - [Unit-06 -Online Exam Test](https://namastesir.co.in/unit-06-online-exam-test/): Loading… - [Q&A-UNIT-06-29-sep-2020-Part-05](https://namastesir.co.in/qa-unit-06-29sep2020-part-05/): यू.जी.सी. NTA नेट / जेआरएफ परीक्षा, जून- 2020 शिक्षण एवं शोध अभियोग्यता प्रथम प्रश्न-पत्र : Shift-II  (व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र )  (परीक्षा तिथि 29 सितम्बर, 2020 ) Question-26. All flowers are toys. Some toys are trees. Some  butterflies are trees, then  सभी पुष्प खिलौने हैं। कुछ खिलौने वृक्ष हैं। कुछ तितलियां वृक्ष हैं तो : (i) No butterfly is flower / कोई भी तितली पुष्प नहीं है। (ii) Some butterflies are toys / कुछ तितलियां खिलौने हैं।  (iii) Some toys are flowers / कुछ खिलौने हैं।  पुष्प  (iv) Some trees are flowers / कुछ वृक्ष पुष्प हैं। (v) Some trees are ... Read more - [Q&A-UNIT-06-25sep2020-Part-03](https://namastesir.co.in/qa-unit-06-25sep2020-part-03/): यू.जी.सी. NTA नेट / जेआरएफ परीक्षा, जून 2020 शिक्षण एवं शोध अभियोग्यता प्रथम प्रश्न-पत्र : Shift-I ( व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र )  (परीक्षा तिथि 25 सितम्बर, 2020 ) Question-26.  The sequential order of syllogism in Nyaya philosophy is न्याय दर्शनशास्त्र में न्याय वाक्य की क्रमबद्धता है- A. Nigman/निगमन B. Udaharana / उदाहरण C. Hetu/हेतु D. Upanaya/उपनय E. Pratigya /प्रतिज्ञा Choose the correct answer form the options given below: निम्न विकल्पों में से सही उत्तर का चयन करेंः (a) A, E, C, D, B (c) E, B, C, D, A (b) E, C, B, A, D (d) D, A, B, C, E ... Read more - [Q&A-UNIT-06-24sep2020-Part-02](https://namastesir.co.in/qa-unit-06-24sep2020-part-02/): यू. जी. सी. NTA नेट / जेआरएफ परीक्षा, जून- 2020  शिक्षण एवं शोध अभियोग्यता  प्रथम प्रश्न-पत्र : Shift-II ( व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र ) (परीक्षा तिथि 24 सितम्बर, 2020 ) Question-26.Given below are two statements, one is labelled as Assertion (A) and the other is labelled as Reason (R) नीचे दो कथन दिए गए हैं: पहला अभिकथन (A) और दूसरा तर्क (R) है; Assertion/अभिकथन (A) : Substance is self- caused, self-conceived and self-existent द्रव्य स्व-कारित, स्व-धारित और स्व-अस्तित्त्व वाला होता है। Reason/तर्क (R): Substance is not caused by other causal sources but is conceived by something else and is also existent ... Read more - [Q&A-UNIT-06-24-sep-2020-Part-01](https://namastesir.co.in/qa-unit-06-24sep2020-part-01/): यू.जी.सी. NTA नेट / जेआरएफ परीक्षा, जून- 2020 शिक्षण एवं शोध अभियोग्यता प्रथम प्रश्न-पत्र :  (व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र ) (परीक्षा तिथि 24 सितम्बर, 2020 Shift – I   ) : Question-26. Given below are propositions: philosophers are fallible Socrates is not fallible  In the classical section of opposition, which one of the following is the correct answer?  नीचे दो तर्क वाक्य दिए गए हैं सभी दार्शनिक भ्रमशील होते हैं।  सुकरात भ्रमशील नहीं है। विरोध के क्लासिकी वर्ग में निम्नलिखित में से कौन-  सा सही उत्तर है: (a) Contrary/विरोधी (b) Contradictory/विरोधाभासी (c) Subalteration / उपाश्रित (d) Subcontrary / उप-विरोधी Ans. (b) ... Read more - [Pratyaksha Praman - प्रत्यक्ष  प्रमाण-Part-05-सारांश](https://namastesir.co.in/pratyaksha-praman-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a3-part-05-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b0/): तत्त्वचिन्तन की प्रक्रिया में प्रमाणमीमांसा का अत्यन्त महत्त्वपूर्ण स्थान है क्योंकि प्रमाणों की सहायता से ही प्रमेयो (तत्त्वों) का ज्ञान सम्भव होता है। दर्शनसरणियो में यह प्रसिद्ध उक्ति भी है – मानाधीना मेयसिद्धि अर्थात् मेय (प्रमेय) की सिद्धि मान (प्रमाण) के अधीन होती है। प्रमा या यथार्थज्ञान की उपलब्धि किसी साधन की सहायता से ही होती है इसलिए सामान्य रूप से प्रमा की उपलब्धि के साधन ही प्रमाण कहलाते हैं। न्याय-वैशेषिक दर्शन में बुद्धि को गुण माना गया है। तर्कसंग्रहकार आचार्य अन्नम्भट्ट बुद्धि का लक्षण करते है- सर्वव्यवहारहेतुर्बुद्धिः ज्ञानम् अर्थात् समस्त व्यवहार के असाधारण कारणरूप गुण को ज्ञान अर्थात् बुद्धि कहते ... Read more - [Pratyaksha Praman-प्रत्यक्ष  प्रमाण-Part-04](https://namastesir.co.in/pratyaksha-praman-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a3-part-04/): प्रत्यक्ष ज्ञान प्रत्यक्ष ज्ञान के भेदों का निरूपण करते हुए आचार्य कहते है कि प्रत्यक्ष दो प्रकार का होता है (1) निर्विकल्पक प्रत्यक्ष, (2) सविकल्पक प्रत्यक्ष । निर्विकल्पक प्रत्यक्ष का स्वरूप है निष्प्रकारकं ज्ञानं निर्विकल्पकम्’ अर्थात् निष्प्रकारक ज्ञान को निर्विकल्पक प्रत्यक्ष कहते है। न्याय-वैशेषिक मत में प्रकार का अर्थ विशेषण होता है, अतः प्रकारता का अर्थ ‘विशेषणता’ है। जो ज्ञान विशेषणता से रहित होता है वह निर्विकल्पक कहलाता है। निर्विकल्पक शब्द की व्युत्पत्ति है ‘निर्गत. विकल्पो यस्मात् स निर्विकल्पकः’ अर्थात् जिससे समस्त विकल्प निकल गए हों वह निर्विकल्पक कहलाता है। निर्विकल्पक पद में प्रयुक्त विकल्प का अर्थ है – ‘नामजात्याद्ययोजना’ । ... Read more - [Pratyaksha Praman-प्रत्यक्ष  प्रमाण-Part-03](https://namastesir.co.in/pratyaksha-praman-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a3-part-03/): कारण  कारणं त्रिविधम्-रामवाय्यमवायिनिमित्तभेदात् । यत्समवेत कार्यमुत्पद्यते तत्समवायिकारणम्। यथा तन्तव पटस्य, पटश्च स्वगतरूपादे। कार्येण कारणेन वा सहैकस्मिन्नर्थे समवेत सत् कारणम् असमवायिकारणम्। यथा तन्तु संयोग पटस्य, तन्तुरूपं पटगतरूपस्य च। तदुभयभिन्न कारणं निगितकारणम्, यथा-तुरीवेमादिक पटस्य । तदेत्त्रिविधकारणमध्ये यदसाधारण कारणम् तदेव करणम्। व्याख्या: आचार्य अन्नम्मभट्ट कारण का लक्षण करते है कारणम्’। जो कार्य का नियत पूर्ववर्ती हो उसे कारण कहते हैं। समवायिकारण, असमवायिकारण और निमित्तकारण। कार्यनियतपूर्ववृत्ति कारण के तीन भेद हैं इन त्रिविध कारणों में रामवायिकारण का लक्षण है ‘यत्समवेत कार्यमुत्पद्यते तत्समवायिकारणम्’। जिसमें समवायसम्बन्ध से रहकर कार्य उत्पन्न होता है, उसे समवायिकारण कहते है। जिस कारण में जो कार्य समवायसम्बन्ध से रहता है, वह कारण ... Read more - [Pratyaksha Praman-प्रत्यक्ष प्रमाण-Part-02](https://namastesir.co.in/pratyaksha-praman-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a3-part-02/): अनुभव प्रमाण  अनुभव दो प्रकार का होता है – (1) यथार्थ अनुभव, (2) अयथार्थ अनुभव यथार्थ अनुभव का लक्षण करते हुए आचार्य कहते हैं ‘तद्वति तत्प्रकारको ऽनुभव यथार्थः जिसमें जो है, वहाँ उसी प्रकार का जो अनुभव होता है, उसे यथार्थानुभव कहते है। आशय यह है कि कोई भी पदार्थ जिस स्वरूप या स्वभाव का होता है उसको उसी स्वरूप या स्वभाव के रूप से जानना ही यथार्थ अनुभव कहलाता है। जैसे- रजत में यह रजत है’ इस प्रकार का ज्ञान यथार्थानुभव है। इसी यथार्थज्ञान को ‘प्रमा’ कहा जाता है। न्याय-वैशेषिक दर्शन की ज्ञानमीमांसा के अनुसार जब भी हमे कोई विशिष्ट ... Read more - [Pratyaksha Praman-प्रत्यक्ष प्रमाण-Part-01](https://namastesir.co.in/pratyaksha-praman-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a3-part-01/): (Source : IGNOU) तर्कसंग्रह (अन्नम्भट्ट) आचार्य अन्नम्भट्टकृत् तर्कसंग्रह’ यद्यपि वैशेषिक दर्शन का प्रकरण ग्रन्थ है तथापि इसमें न्यायदर्शनसम्मत चतुर्विध प्रमाणव्यवस्था का विवेचन किया गया है। इन्द्रिय तथा अर्थ (विषय) के सन्निकर्ष से उत्पन्न ज्ञान को प्रत्यक्ष प्रमाण कहते है। अनुमान प्रमाण लिगपरामर्श से जन्य होता है। सज्ञासझिसम्बन्ध का ज्ञान कराने वाला प्रमाण उपमान कहलाता है। आप्तवाक्य से जन्य प्रमाण को शब्द प्रमाण कहते हैं। प्रत्यक्ष प्रमाण ‘सर्वव्यवहारोहेतुर्गुणो बुद्धिर्ज्ञानम्। सा द्विविधा स्मृतिरनुभवश्च । व्याख्या: न्याय-वैशेषिक दर्शन में बुद्धि को गुण माना गया है। तर्कसग्रहकार आचार्य अन्नम्भट्ट बुद्धि का लक्षण करते हैं ‘सर्वव्यवहारहेतुर्बुद्धिः ज्ञानम्’ अर्थात् समस्त व्यवहार के असाधारण कारणरूप गुण को ज्ञान ... Read more - [Q&A-Indian-Logic](https://namastesir.co.in/qa-indian-logic/): Q1.अनुमान के बारे में न्याय मत के अनुसार निम्नलिखित में से कौन। से अनुमान कार्य-कारण भाव पर आधारित हैं? 1. काले बादलों से भावी वर्षा का अनुमान करना। 2. नदी में द्रुतगामी कीचड़ भरे जल से विगत की वर्षा का अनुमान करना। 3. किसी पशु के सींगों से विदीर्ण खुरों का अनुमान करना। 4. जब हम किसी व्यक्ति के घर के बाहर उसका अस्तित्व होने का अनुमान करते हैं क्योंकि यह व्यक्ति अपने घर में सहवर्ती रूप से उपस्थित नहीं है। नीचे दिये गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें: (NTA/UGC-NET Oct., 2022)  (a) केवल 1 और 3 (c) केवल 1 ... Read more - [Indian Logic](https://namastesir.co.in/indian-logic/): 1.Indian Logic: Means of knowledge. Indian philosophy has a rich tradition of logical reasoning, and the Indian philosophical systems, particularly those of the Nyaya and Vaisheshika schools, provide comprehensive discussions on the means of knowledge. These systems have their roots in ancient texts such as the Nyaya Sutras and Vaisheshika Sutras, which outline the principles of logic, epistemology, and metaphysics. Here are the primary means of knowledge (Pramanas) according to Indian logic: भारतीय दर्शन में तार्किक reasoning की एक समृद्ध परंपरा है, और भारतीय दार्शनिक प्रणालियाँ, विशेष रूप से न्याय और वैशेषिक विद्यालय, ज्ञान के साधनों पर व्यापक चर्चा प्रदान करते ... Read more - [Analogies ](https://namastesir.co.in/analogies/): Analogies (उपमाएँ) सादृश्य एक अलंकार है जो दो अवधारणाओं या विचारों के बीच समानता के आधार पर संबंध स्थापित करता है। इसमें साझा विशेषताओं को उजागर करने और एक समानांतर रेखा खींचने के लिए एक चीज़ की दूसरे से तुलना करना शामिल है। सादृश्यों का उपयोग आमतौर पर संचार, साहित्य और रोजमर्रा की भाषा में समझाने, स्पष्ट करने या मनाने के लिए किया जाता है। यहां सादृश्यों के कुछ प्रमुख पहलू दिए गए हैं: 1. उपमाओं की संरचना:     – उपमाओं में आम तौर पर शब्दों के दो जोड़े होते हैं: पहला जोड़ा, जिसे “आधार” या “स्रोत” के रूप में जाना जाता ... Read more - [Argument forms](https://namastesir.co.in/argument-forms/): तर्क रूप (Argument forms) तर्क प्रपत्र विशिष्ट संरचनाएं या पैटर्न हैं जो तर्कों में परिसर और निष्कर्ष के बीच तार्किक संबंधों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ये फॉर्म यह समझने के लिए एक रूपरेखा प्रदान करते हैं कि किसी विशेष दावे का समर्थन या औचित्य साबित करने के लिए विभिन्न प्रकार के तर्कों का उपयोग कैसे किया जाता है। यहां कुछ सामान्य तर्क प्रपत्र दिए गए हैं: 1. मोडस पोनेन्स:     – यदि ए, तो बी.     – एक।     – इसलिए, बी.     यह तर्क प्रपत्र दावा करता है कि यदि एक निश्चित स्थिति (ए) सत्य है और यह एक विशिष्ट परिणाम (बी) की ओर ... Read more - [Connotations and Denotations of terms](https://namastesir.co.in/connotations-and-denotations-of-terms/): शब्दों के भावार्थ और लक्षण (Connotations and Denotations of terms) पदों के भावार्थ और अर्थ :  प्रभावी संचार के लिए संकेत और भावार्थ के बीच परस्पर क्रिया को समझना महत्वपूर्ण है।  जबकि संकेत स्पष्टता और सटीकता प्रदान करते हैं, अर्थ भाषा में गहराई, भावना और सांस्कृतिक संदर्भ जोड़ते हैं।  दोनों पहलू मानव संचार की समृद्धि और बहुमुखी प्रतिभा में योगदान करते हैं, जिससे व्यक्तियों को सटीकता और भावनात्मक बारीकियों दोनों के साथ विचार व्यक्त करने की अनुमति मिलती है।  अर्थ और संकेतन शब्दों या शब्दों के अर्थ के दो पहलू हैं, और वे भाषा का उपयोग और व्याख्या करने में महत्वपूर्ण ... Read more - [Deductive and Inductive Reasoning](https://namastesir.co.in/deductive-and-inductive-reasoning/): निगमनात्मक और आगमनात्मक तर्क का मूल्यांकन और अंतर करना (Evaluating and Distinguishing deductive and inductive reasoning) विपक्ष का शास्त्रीय वर्ग विभिन्न प्रकार के स्पष्ट प्रस्तावों के बीच तार्किक संबंधों को समझने के लिए एक संरचित ढांचा प्रदान करता है। यह पारंपरिक श्रेणीबद्ध तर्क के अध्ययन में एक मूलभूत अवधारणा बनी हुई है। निगमनात्मक तर्क और आगमनात्मक तर्क तार्किक सोच के दो अलग-अलग तरीके हैं, प्रत्येक की अपनी विशेषताएं, ताकत और कमजोरियां हैं। प्रभावी आलोचनात्मक सोच और निर्णय लेने के लिए इन दो प्रकार के तर्कों का मूल्यांकन और अंतर करना समझना आवश्यक है।  निगमनात्मक तर्क (Deductive Reasoning): 1. परिभाषा:     – निगमनात्मक ... Read more - [Formal and Informal fallacies-औपचारिक और अनौपचारिक भ्रांतियाँ](https://namastesir.co.in/formal-and-informal-fallacies-%e0%a4%94%e0%a4%aa%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%8c%e0%a4%aa%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95/): भ्रांति तर्क में त्रुटियां हैं जो तर्कों में हो सकती हैं, जिससे तर्क की वैधता और सुदृढ़ता कम हो जाती है। भ्रांतियों को दो मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है: औपचारिक भ्रांतियां और अनौपचारिक भ्रांतियां। 1. औपचारिक भ्रांतियाँ:     – परिभाषा: औपचारिक भ्रांतियां किसी तर्क की संरचना या रूप में त्रुटियां हैं जो इसे तार्किक रूप से अमान्य बना देती हैं। ये भ्रांतियां आम तौर पर निगमनात्मक तर्क के नियमों का उल्लंघन करती हैं, जहां निष्कर्ष परिसर से तार्किक रूप से अनुसरण नहीं करता है।     – उदाहरण:       – परिणाम की पुष्टि:         “`         यदि P, तो Q.         क्यू।         इसलिए, पी.         “`         यह ... Read more - [Mood and Figures-मूड और आंकड़े :](https://namastesir.co.in/mood-and-figures-%e0%a4%ae%e0%a5%82%e0%a4%a1-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%86%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%87/): पारंपरिक श्रेणीबद्ध तर्क में, मनोदशा और आकृति ऐसे शब्द हैं जिनका उपयोग सिलोगिज़्म की संरचना का वर्णन करने के लिए किया जाता है, जो तीन श्रेणीबद्ध प्रस्तावों से जुड़े तार्किक तर्क हैं। विभिन्न प्रकार के सिलोगिज़्म का विश्लेषण और वर्गीकरण करने के लिए मनोदशा और आकृति को समझना आवश्यक है। 1. मूड:     – मूड से तात्पर्य सिलोगिज़्म में प्रयुक्त श्रेणीबद्ध प्रस्तावों के प्रकार से है। श्रेणीबद्ध प्रस्तावों के चार मानक रूप हैं: ए, ई, आई और ओ।       – एक प्रस्ताव (सार्वभौमिक सकारात्मक): सभी S, P हैं       – E प्रस्ताव (सार्वभौमिक नकारात्मक): कोई S, P नहीं है       – I प्रस्ताव (विशेष सकारात्मक): ... Read more - [Structure Of Categorical Propositions-श्रेणीबद्ध प्रस्तावों की संरचना ](https://namastesir.co.in/structure-of-categorical-propositions-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%a3%e0%a5%80%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be/): श्रेणीबद्ध प्रस्तावों की संरचना. श्रेणीबद्ध प्रस्ताव ऐसे कथन हैं जो किसी विशेष वर्ग या श्रेणी के बारे में किसी बात की पुष्टि या खंडन करते हैं। वे श्रेणीबद्ध तर्क में एक मौलिक अवधारणा हैं, जिसे अरस्तू ने अपनी तार्किक प्रणाली के हिस्से के रूप में विकसित किया था। श्रेणीबद्ध प्रस्तावों की एक विशिष्ट संरचना होती है जो कथनों को वर्गीकृत करने और उनका विश्लेषण करने में मदद करती है। संरचना में निम्नलिखित घटक शामिल हैं: 1. विषय:     – एक स्पष्ट प्रस्ताव का विषय वह वर्ग या समूह है जिसके बारे में कथन दिया गया है। यह आमतौर पर वह शब्द है ... Read more - [Understanding the Structure of Arguments-दो तर्कों की संरचना को समझना](https://namastesir.co.in/understanding-the-structure-of-arguments-%e0%a4%a6%e0%a5%8b-%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b0%e0%a4%9a%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95/): परिचय (Introduction) : तर्क मानव संचार और आलोचनात्मक सोच का एक मूलभूत पहलू हैं। चाहे अनौपचारिक बातचीत हो या औपचारिक बहस, प्रभावी संचार और ठोस तर्क के विकास के लिए तर्कों की संरचना को समझना महत्वपूर्ण है। इस लेख में, हम तर्क-वितर्क के प्रमुख घटकों पर गहराई से चर्चा करेंगे, यह खोजेंगे कि तर्क कैसे बनाए जाते हैं और उनका आलोचनात्मक विश्लेषण कैसे किया जाए। एक तर्क के घटक (Components of an Argument): 1. परिसर (Premises):     – आधारवाक्य मूलभूत कथन या साक्ष्य के टुकड़े हैं जिन पर एक तर्क बनाया जाता है। वे निष्कर्ष के लिए समर्थन के रूप में कार्य ... Read more - [Venn diagram](https://namastesir.co.in/venn-diagram/): वेन आरेख: तर्कों की वैधता स्थापित करने के लिए सरल और बहुउपयोगी (Venn diagram: Simple and multiple use for establishing validity of arguments ) वेन आरेख सेटों और उनके बीच संबंधों का ग्राफिकल प्रतिनिधित्व हैं। उनमें ओवरलैपिंग सर्कल शामिल हैं जो विभिन्न सेटों का प्रतिनिधित्व करते हैं, और ओवरलैप उन तत्वों को दर्शाता है जो उन सेटों के लिए सामान्य हैं। वेन आरेख जानकारी को दृश्य रूप से व्यवस्थित करने के लिए उपयोगी उपकरण हैं और तर्कों की वैधता स्थापित करने के लिए विभिन्न तरीकों से इसका उपयोग किया जा सकता है। Image Source: Canva Symbolic Representation of Venn Diagram   वैधता ... Read more - [Uses of language-भाषा का प्रयोग](https://namastesir.co.in/uses-of-language-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97/): संक्षेप में : तार्किक तर्क की प्रक्रिया में भाषा एक अनिवार्य उपकरण है। इसकी सटीक और संरचित प्रकृति व्यक्तियों को तार्किक तर्कों का प्रभावी ढंग से निर्माण, विश्लेषण और संचार करने में सक्षम बनाती है, जटिल मुद्दों की गहरी समझ को बढ़ावा देती है और ठोस निर्णय लेने को बढ़ावा देती है। अर्थ और संकेतन शब्दों या शब्दों के अर्थ के दो पहलू हैं, और वे भाषा का उपयोग और व्याख्या करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 1. संकेत:     – परिभाषा: संकेतन किसी शब्द के शाब्दिक या प्राथमिक अर्थ को संदर्भित करता है – शब्दकोश में पाई जाने वाली विशिष्ट, उद्देश्यपूर्ण ... Read more - [Classical  Square of Opposition -विरोध का शास्त्रीय वर्ग :](https://namastesir.co.in/classical-square-of-opposition-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a7-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b5/): Image Source : researchgate 1. विरोधाभास (ए और ओ):     – ए और ओ प्रस्ताव विरोधाभासी हैं। यदि ए प्रस्ताव “सभी एस पी है” सच है, तो ओ प्रस्ताव “कुछ एस पी नहीं है” गलत होना चाहिए, और इसके विपरीत। वे दोनों सत्य नहीं हो सकते, लेकिन वे दोनों असत्य हो सकते हैं। 2. विपरीत (ए और ई):     – ए और ई प्रस्ताव विपरीत हैं। दोनों एक ही समय में सत्य नहीं हो सकते, लेकिन वे दोनों झूठे हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, “सभी मनुष्य नश्वर हैं” (ए) और “कोई भी मनुष्य नश्वर नहीं है” (ई) दोनों सत्य नहीं हो सकते, ... Read more - [Praman Nirupan Anuman Upman Shabda](https://namastesir.co.in/praman-nirupan-anuman-upman-shabda/): Source : egyankosh ignou Repository - [Pratyaksha Pramana Indian logic in Hindi-प्रत्यक्ष प्रमाण](https://namastesir.co.in/pratyaksha-pramana-indian-logic-in-hindi-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a3/): Source : IGNOU - [Q&A-Part13-Unit-05-Time -Distance - Work](https://namastesir.co.in/qa-part13-unit-05-time-distance-work-2/) - [Q&A-Part12-Unit-05-Average](https://namastesir.co.in/qa-part12-unit-05-average/): Q1. 1 और 20 बीच अभाज्य संख्याओं का औसत क्या होगा ? (a) 9.525 (c) 9.625 (b) 8.625 (d) 8.525 (NTA/UGC-NET Oct., 2022) उत्तर: (c) 9.625  1 और 20 के बीच अभाज्य संख्याएँ और 19 2, 3, 5, 7, 11, 13, 17 औसत = (2+3+5+7+11+13+17+19)/8 = 77/8=9.625 Q2. 30 व्यक्तियों के औसत वज़न में 2 किग्रा. की वृद्धि होती है, जब उनमें से एक जिसका वज़न 40 किग्रा. है उसे किसी अन्य व्यक्ति से प्रतिस्थापित कर दिया जाता है। नए व्यक्ति का वज़न क्या है ? (a) 98 किलोग्राम (b) 100 किलोग्राम (c) 102 किलोग्राम (d) 95 किलोग्राम (NTA/UGC-NET Oct., 2022) ... Read more - [Q&A-Part11-Unit-05- Interest - Simple and Compound](https://namastesir.co.in/qa-part11-unit-05-interest-simple-and-compound/): साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज़ (Simple & Compound Interest) Q1. एक निश्चित धनराशि एक निश्चित वार्षिक ब्याज दर पर 2 वर्ष में ₹1008 और 3 12   वर्ष में ₹1164 हो जाती है। मूल राशि और वार्षिक ब्याज दर बताइये? (NTA/UGC-NET Oct., 2022) (a) 800, 12% (b) ₹875, 12.5% (c) 850, 12% (d) 800, 13% उत्तर: (d) 800, 13% Do Varsh ka Byaaj ke baad dhanrashi  = 1008 7/2 = 3.5 varsh me  1164  to fir    1.5 varsh me byaaj mila hai = 1164-1008 = 156 to ek varsh ka byaaj = (156/3) x 2 = 104 to mooldhan  hoga 1008 – ... Read more - [Q&A-Part10-Unit-05-Profit and Loss ](https://namastesir.co.in/qa-part10-unit-05-profit-and-loss/): Profit and Loss – लाभ और हानि Q4. एक खुदरा विक्रेता अपनी सभी वस्तुओं पर लागत मूल्य से 40% अधिक मूल्य अंकित करता है और इस प्रकार 20% लाभ की उम्मीद रखता है। इसके पश्चात् वह अंकित मूल्य पर 20% की छूट देता है। बिक्री पर उसे वास्तविक कितना प्रतिशत लाभ होगा?  (NTA/UGC-NET June, 2019) उत्तर: 4. 12% माना लागत = 100 है तो एमआरपी = 140 रुपये है एमआरपी पर 20% छूट = 140X20/100 =140/5=28 मतलब छूट के बाद कीमत = 140-28 रुपये = 112 रुपये तो, उत्पाद पर लाभ 12% है क्योंकि प्रारंभिक लागत 100 रुपये है। (let cost ... Read more - [Q&A-Part08-Unit-05-decimal-fraction-ratio-and-proportion](https://namastesir.co.in/qa-part08-unit-05-decimal-fraction-ratio-and-proportion/): Q2. Y और X के बीच का संबंध  Y = X2  के रूप में है। अगर X में 6% का परिवर्तन हो, तो Y में प्रतिशत (%) परिवर्तन क्या होगा? (a) -36% (b) ~12% (c) -8% (d) ~6% (UGC NET Nov., 2021) उत्तर:  (b) ~12% माना X=100 तब Y = 100×100=10000 जब X में 6% परिवर्तन होता है X=106 Y= 106×106=11236 तो यह प्रतिशत में कितना बदलता है तो 11236, 10000  का कितना (X)प्रतिशत है? =11236=10000x(X/100) =11236=100X X=112.36 इसका मतलब है कि इसमें 12.36% की वृद्धि हुई है Q3. यदि (a+b) का 20% (ab) के 50% के बराबर है और (a-b) ... Read more - [Q&A-Part07-Unit-05-Coding & Decoding](https://namastesir.co.in/qa-part07-unit-05-coding-decoding/): Q18. किसी कोड में MATHURA को JXQEROX निरूपित करता है, तो HOTELS किसके द्वारा निरूपित होता है? (UGC NET Jun., 2015) (a) LEQIBP (c) LEBIOP (b) ELQBIP (d) ELIPQB उत्तर :  M A T H U R A  J X Q E R O X  Pattern is →  -3 -3 -3 -3 -3 -3 -3 Same Way :  HOTELS → H O T E L S   →E L Q B I P Helpline is Below: 1A26 2B25 3C24 4D23 5E22 6F21  7G20 8H19 9I18 10J17 11K16 12L15  13M14 14N13 15O12 16P11 17Q10 18R9  19S8 20T7 21U6 22V5 23W4 24X3 25Y2 26Z1 ... Read more - [Q&A-Part06-Unit-05-Coding & Decoding](https://namastesir.co.in/qa-part06-unit-05-coding-decoding/): Q9. यदि DRIVER = 12, GOVERNMENT – 20, BELIEVED = 16, है तो BAT = क्या होगा? (UGC NET Dec., 2019) (a) 6 (c) 10 (b) 8 (d) उत्तर :  (a) 6 DRIVER  → D R I V E R   6 digits 6×2=12 G O V E R N M E N T  = 10 Digits =10×2=20 BELIEVED =8 Digits 8×2=16 So, BAT  3 Digits 3×2=6  answer. Q11.किसी कतिपय कूट PLEADING FMHCOMFB लिखा जाता है। उस कूट में SHOULDER को कैसे लिखा जाएगा? (NTA-NET Dec, 2018) (a) KCDQTIPV (b) QDCKVPIT (c) QDCKTIPV (d) TIPVQDCK  उत्तर :  (c) QDCKTIPV PLEADING    ... Read more - [Q&A-Part01-Unit-05-Time and Distance](https://namastesir.co.in/qa-part01-unit-05-time-and-distance/): Q1. A person crosses a 600 m long street in 5 minutes. What is his speed in km per hour? Q1. एक व्यक्ति 600 मीटर लंबी सड़क को 5 मिनट में पार करता है। उसकी गति किमी प्रति घंटा में क्या है? Answer: Option b Explanation: Speed = 600 m/sec. 5 x 60   = 2 m/sec. Converting m/sec to km/hr (see important formulas section)    =2 x18 km/hr x5    = 7.2 km/hr. Q2.  An aeroplane covers a certain distance at a speed of 240 kmph in 5 hours. To cover the same distance in  123 hours, it must travel at a ... Read more - [Q&A-Part09-Unit-05-Time and Distance-2](https://namastesir.co.in/qa-part09-unit-05-time-and-distance-2/): Q7. एक आदमी एक यात्रा 10 घंटे में पूरी करता है। वह यात्रा का पहला भाग 21 किमी/घंटा की गति से और दूसरा भाग 24 किमी/घंटा की गति से तय करता है। किमी में कुल यात्रा ज्ञात कीजिए। Q7. A man complete a journey in 10 hours. He travels first half of the journey at the rate of 21 km/hr and second half at the rate of 24 km/hr. Find the total journey in km. Answer: Option B 10 घंटे पहले आधा बराबर 21 किलोमीटर प्रति घंटा दूसरा आधा बराबर 24 किलोमीटर प्रति घंटा मानक कुल दूरी एक है तो गति ... Read more - [Q&A-part05-Unit-05-Coding & Decoding-Number Series](https://namastesir.co.in/qa-part05-unit-05-coding-decoding-number-series/): Q1. किसी कूटलेखन योजना में, ‘WOMEN’ को ’65’ के रूप में कूटरचित किया गया है। ‘CHILDREN’ को इस योजना में कैसे कूटरचित किया जाएगा? (UGC/NET June, 2023) (a) 178 (b) 143 (c) 116 (d) 78 Ans :  (b) 143 Z to A Series में सभी अंग्रेजी वर्णों के क्रमांकों को जोड़ दिया गया है जैसे स का एक है उसके बाद बाई का दो है एक का तीन है इस तरह से। 4+12+14+22+13=65 Women तो CHILDREN 24+19+18+15+23+9+22+13=143 1A26 2B25 3C24 4D23 5E22 6F21  7G20 8H19 9I18 10J17 11K16 12L15  13M14 14N13 15O12 16P11 17Q10 18R9  19S8 20T7 21U6 22V5 23W4 24X3 ... Read more - [Number System-Q&A-Part02-Unit-05](https://namastesir.co.in/qa-part02-unit-05-number-system/): Unit-05-Number System Q2. 1671 को 64 से विभाजित करने पर कितना शेष बचेगा? (a) 4 (c) 6 (b) 5 (d) 7 (UGC NET Nov, 2020) उत्तर : (d)7 64×26=1664 1664+7=1671 Q3. सभी पूर्ण संख्याओं के y > 1 लिये, (y) = 2y + (2y – 1) + (2y -2)+…+1. (3) x (2) का मान क्या है? जहाँ गुणन संकारक है: (a) 116 (b) 210 (c) 263 (d) 478 (NTA-NET June, 2019) हल : 3. (y)=2y+ (2y-1)+(2y-2)+……+1 (3)=(2×3)+(2×3-1)+(2×3-2)+(2×3-3) +(2×3-4)+(2×3-5) =6+5+4+3+2+1 =21 [Formula to add n terms =n(n+1)/2] =6(6+1)/2 =21 2 के लिये, इसी प्रकार, n=2, (2) =n(n + 1)/2 (जहाँ  n=2×2=4) =4(4+1)/2 ... Read more - [Q&A-Part03-Unit-05-decimal-fraction-ratio-and-proportion](https://namastesir.co.in/qa-part03-unit-05-decimal-fraction-ratio-and-proportion/): Decimal And Fractions Q1. यदि x और y दो धनात्मक संख्या है और x. y से 25% अधिक है, तो y/x का अनुपात है:  (a) 0.75 (c) 1.20 (b) 0.80 (d) 1.25  (NTA-NET June, 2019) उत्तर:   d 1. माना y का मान 100 है।  तथा x=y+y/4=125 अब बाय एवं एक का अनुपात होगा Y/X=125/100 =1.25 अतः विकल्प (d) सही है। Ratio and Proportion Q1. दो संख्याएं 3:7 के अनुपात में हैं। यदि इन दोनों संख्याओं में 8 जोड़ दिया जाता है, तो उनका अनुपात 5:9 हो जाता है। ये संख्याएँ हैं- (a) 12, 28 (c) 15,35 (b) 6, 14 (d) 24, ... Read more - [Unit-05-Part-04-Number And letter Series 2021-22-23](https://namastesir.co.in/unit-05-part-04-number-and-letter-series-2021-22-23/): श्रेणियों पर आधारित प्रश्नों में पद ज्ञात करना: वर्तमान समय में होने वाली विभिन्न परीक्षाओं के बदलते पैटर्न को देखते हुए श्रेणियों पर आधारित प्रश्नों के पूछे जाने की संभावना है, जो सामान्यतः दो प्रकार के होते हैं- 1. समांतर श्रेणी (Arithmetic Progression) वह श्रेणी, जिसमें लगातार दो पदों का अंतर समान होता है, ‘समांतर श्रेणी’ कहलाती है। किसी भी समांतर श्रेणी में किसी पद में से उसके पूर्व पद को घटा देने पर प्राप्त संख्या ‘पदांतर’ कहलाती है। यदि किसी समांतर श्रेणी का प्रथम पद ‘a’ हो एवं पदांतर ‘त’ हो, तो समांतर श्रेणी निम्न प्रकार से होगी: a, (a ... Read more - [Understanding Profit and Loss in Mathematics](https://namastesir.co.in/understanding-profit-and-loss-in-mathematics/): गणित में लाभ और हानि को समझना लाभ और हानि गणित की मूलभूत अवधारणाएँ हैं, जो वित्त और व्यवसाय की दुनिया से निकटता से संबंधित हैं। इन अवधारणाओं का उपयोग किसी व्यवसाय या निवेश के वित्तीय प्रदर्शन का आकलन करने के लिए किया जाता है और सूचित निर्णय लेने के लिए आवश्यक हैं। इस लेख में, हम लाभ और हानि की मूल बातें, उनकी गणना कैसे करें और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। लाभ: लाभ वह वित्तीय लाभ है जो तब प्राप्त होता है जब किसी व्यवसाय या निवेश से प्राप्त राजस्व उसके खर्चों या लागत से अधिक ... Read more - [Time and Distance in Basic Mathematics: Understanding Speed and Motion](https://namastesir.co.in/time-and-distance-in-basic-mathematics-understanding-speed-and-motion/): बुनियादी गणित में समय और दूरी: गति और गति को समझना  समय और दूरी गणित की मूलभूत अवधारणाएँ हैं, जो गति और वेग के अध्ययन से निकटता से संबंधित हैं।  चाहे आप यात्रा के समय की गणना कर रहे हों, स्थिति में परिवर्तन की दर को समझ रहे हों, या किसी वस्तु की गति निर्धारित कर रहे हों, इन अवधारणाओं की ठोस समझ आवश्यक है।  इस लेख में, हम बुनियादी गणित में उनके महत्व को समझाने के लिए कुछ व्यावहारिक उदाहरणों के साथ-साथ समय और दूरी का पता लगाएंगे।   समय और दूरी को समझना   समय:  समय घटनाओं की एक सतत प्रगति ... Read more - [Unit-05-Ratio Proportion and Percentage](https://namastesir.co.in/unit-05-ratio-proportion-and-percentage/): बुनियादी गणित में अनुपात, अनुपात और प्रतिशत की खोज अनुपात, समानुपात और प्रतिशत बुनियादी गणित की मूलभूत अवधारणाएँ हैं जिनका व्यापक रूप से विभिन्न वास्तविक जीवन स्थितियों में उपयोग किया जाता है। वे हमें मात्राओं की तुलना करने, समस्याओं को हल करने और डेटा को समझने में मदद करते हैं। इस लेख में, हम इन तीन गणितीय अवधारणाओं पर गहराई से विचार करेंगे और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों को स्पष्ट करने के लिए उदाहरण प्रदान करेंगे। समझ का अनुपात अनुपात दो या दो से अधिक मात्राओं की तुलना करने का एक तरीका है, जिसे अक्सर भिन्न के रूप में व्यक्त किया जाता ... Read more - [Unit-05-Fractions in Mathematics](https://namastesir.co.in/unit-05-fractions-in-mathematics/): गणित में भिन्नों को समझना परिचय भिन्न गणित में एक मौलिक अवधारणा है, जो गणितीय कार्यों और वास्तविक जीवन के अनुप्रयोगों की एक विस्तृत श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।  चाहे आप दोस्तों के बीच पिज़्ज़ा बाँट रहे हों, प्रतिशत की गणना कर रहे हों, या जटिल बीजगणितीय समीकरणों को हल कर रहे हों, भिन्नों को समझना आवश्यक है।  इस लेख में, हम जानेंगे कि भिन्न क्या हैं, वे कैसे काम करते हैं, और उनका व्यावहारिक महत्व क्या है। भिन्न क्या है? एक भिन्न पूर्णांक के एक भाग या दो मात्राओं के अनुपात का प्रतिनिधित्व करता है।  इसमें दो मुख्य घटक ... Read more - [LCM-HCF](https://namastesir.co.in/lcm-hcf/): Unit-06-LCM-HCF LCM-HCF Unit-06 - [Decimals/दशमलव](https://namastesir.co.in/decimals-%e0%a4%a6%e0%a4%b6%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a4%b5/): Unit-06-Decimals/दशमलव Decimals/दशमलव Unit-06 - [01-Cubic-Roots-and-Square-Roots in Hindi](https://namastesir.co.in/cubic-roots-and-square-roots-in-hindi/): आप गणित में वर्गमूल (square root) और घनमूल (cube root) निकालने से परेशान हैं? यह वेबपृष्ठ आपको हिंदी में एक बहुत ही आसान तरीके से इन मूलों को समझने में मदद करेगा! और सीखें कि किसी भी संख्या का वर्गमूल और घनमूल कैसे खोजें, वह भी कुछ ही सरल चरणों में! 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(NTA-NET Dec, 2021) (a) अपने चचेरे भाई/बहन (कजन) (b) अपने पुत्र (c) अपने चाचा (d) अपने भतीजा  Ans : 1. (b) Father+ | X-  +  +Y   R+ | P+ Q2. किसी कन्या के फोटो की ओर इंगित करते हुए सुकन्या ने कहा, ” वह मेरी माँ की इकलौती बेटी की बेटी है।”  सुकन्या और फोटो में दर्शाई गई कन्या के बीच क्या संबंध है?  ( ... Read more - [Blood Relations/रक्त संबंध](https://namastesir.co.in/blood-relations-%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a7/) - [Letter Series / अक्षर श्रंखला](https://namastesir.co.in/letter-series-%e0%a4%85%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%96%e0%a4%b2%e0%a4%be/) - [Q&A-Part-02-Number Series](https://namastesir.co.in/qa-part-02-number-series/): Q20. इस श्रृंखला का अगला पद क्या होगा? B2E, D5H, F12K, H27N, ? (a) 162Q (b) Q62J (c) J58Q (d) J561 (UGC NET Dec, 2015) Ans : c 1A26, 2B25, 3C24, 4D23, 5E22,  6F21, 7G20, 8H19, 9I18, 10J17,  11K16, 12L15, 13M14, 14N13, 15O12, 16P11, 17Q10, 18R9, 19S8, 20T7, 21U6, 22V5, 23W4, 24X3, 25Y2,  26Z1.  Q21. इस श्रृंखला की अगली संख्या क्या होगी ?  2, 5, 10, 17, 26, 37, … (a) 57 (b) 62 (c) 72 (d) 50 (UGC NET Dec, 2015) Ans : d =37+13=50 Q22. इस श्रृंखला में अगला पद है: AB, ED, IH, NM, (a) TS (b) ST ... Read more - [Q&A-Part-01-Number Series](https://namastesir.co.in/qa-part-01-number-series/): Q1. B, H, R,F, ?,  के क्रम में अगला अक्षर कौन-सा होगा? (a) L (b) Z (c) P (d) X (UGC NET Nov, 2021) Ans : 1. (d) 4 increasing regulary starting from 6.  +6+10+14+18 1A26, 2B25, 3C24, 4D23, 5E22,  6F21, 7G20, 8H19, 9I18, 10J17,  11K16, 12L15, 13M14, 14N13, 15O12,  16P11, 17Q10, 18R9, 19S8, 20T7, 21U6, 22V5, 23W4, 24X3, 25Y2,  26Z1.  Q2. 1,3,6,10,के क्रम में अगला अंक होगा- (a) 12 (b) 15 (c) 18 (d) 20 (UGC NET Nov, 2021) Ans : b +2+3+4+5+6 Q3. निम्नलिखित संख्या -क्रम में से गलत संख्या का पता लगाइये। 7,8, 18, 57, 228, 1165, 6996 ... Read more - [Number Series](https://namastesir.co.in/number-series/): संख्या श्रृंखला में महारत हासिल करना: प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता की कुंजी (Mastering Number Series: A Key to Success in Competitive Exams) 5-1 Number Series (अंक श्रेणियाँ) अंक श्रेणी में प्रत्येक पद एक विशेष नियम के अनुसार व्यवस्थित रहते हैं। अंक श्रेणियों के पद मुख्यतः जोड़ (addition), गुणा, अथवा विभाजन या इन संक्रियाओं के संयोजन पर आधारित होते हैं। कुछ उपयोगी नियम इस प्रकार हैं- (i) समान्तर श्रेणी 2,4,6,8, 10, 18, सभी पदों में 2 का अंतर है। (ii) अभाज्य (prime) संख्याओं पर आधारित 2, 3, 5, 7, 11, 13, …. (iii) श्रेणी के पद किसी अंक के गुणांक हो सकते ... Read more - [Types of Reasoning/ गणितीय तर्क के विभिन्न प्रकार](https://namastesir.co.in/types-of-reasoning-%e0%a4%97%e0%a4%a3%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a8/): 5.1  Types of reasoning / तर्क के प्रकार  गणित एक जटिल और विविध क्षेत्र है जो केवल समीकरणों को हल करने या गणना करने से परे है।  इसके मूल में, गणितीय तर्क वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा हम अपने आस-पास की दुनिया को रेखांकित करने वाली गणितीय अवधारणाओं का विश्लेषण, निष्कर्ष निकालते हैं और समझते हैं।  यह तर्क विभिन्न रूपों में होता है, जिनमें से प्रत्येक की अपनी विशिष्ट विशेषताएं और अनुप्रयोग होते हैं।  इस लेख में, हम गणितज्ञों और वैज्ञानिकों द्वारा अपनाए जाने वाले कुछ प्रमुख प्रकार के गणितीय तर्कों पर चर्चा करेंगे। 1. निगमनात्मक तर्क (Deductive Reasoning)  निगमनात्मक तर्क ... Read more - [Que&Ans-Unit-04-part-03](https://namastesir.co.in/queans-unit-04-part-03/): यू.जी.सी. NTA नेट / जेआरएफ परीक्षा, जून- 2020 शिक्षण एवं शोध अभियोग्यता प्रथम प्रश्न-पत्र : Shift-I ( व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र )  (परीक्षा तिथि : 29 सितम्बर, 2020 ) Q16. When communication meets the aims and objectives of classroom teaching, it becomes. जब संप्रेषण कक्षागत शिक्षण के उद्देश्यों को पूरा करता  है तो यह-  (a) Extra-ordinary / असाधारण हो जाता है। (b) Personal / वैयक्तिक हो जाता है। (c) Functional/कार्यात्मक हो जाता है। (d) Obligatory / बाध्यकर हो जाता है। Ans. (c) शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को और प्रभावी और उत्तरोत्तर : प्रगतिशील बनाने के लिए कक्षागत शिक्षण के उद्देश्यों को निर्धारित ... Read more - [Bharat mein ganje ka mahatva- Part-01-भारत में गांजे का महत्व-01](https://namastesir.co.in/bharat-mein-ganje-ka-mahatva-part-01-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%a4/): (Featured Image Source : TIMESNOWHINDI.COM) भारत में गांजा का महत्व | Cannabis in India | Priya Mishra | Medicinal Use Of Bhang In Ayurveda (Featured Image Source : TIMESNOWHINDI.COM) Yah hempatiya Priya Mishra ji ke is video ki transcript par adharit aalekh hai.  (Part 01) आरंभ : गांजा एक ऐसी चीज थी जो आयुर्वेद में बहुत ही ज्यादा मायने रखती थी। ट्यूबरक्लोसिस का इलाज, टीबी का इलाज है आयुर्वेद के अंदर, बहुत लिखा हुआ है कि कैसे करना चाहिए। उसका मेन component  गाँजा है। नोजिया या लेबर, सुरोयसिस, लेप्रोसी तक के बारे में आपके अथर्ववेद  में लिखा गया है और लेप्रोसी ... Read more - [इस्लाम: एक अवलोकन (Islam: An Overview)](https://namastesir.co.in/%e0%a4%87%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%85%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%95%e0%a4%a8-islam-an-overview/): (Note -This Information is based on ChatGPT answer. Please refer original text for further information.) परिचय (Introduction) इस्लाम दुनिया के प्रमुख  मजहबों में से एक है, जिसके एक अरब से अधिक अनुयायी विभिन्न संस्कृतियों और क्षेत्रों में फैले हुए हैं। यह एक एकेश्वरवादी अब्राहमिक आस्था है जिसकी स्थापना 7वीं शताब्दी ईस्वी में अरब प्रायद्वीप में हुई थी। इस्लाम, जिसका अर्थ अल्लाह या God(अरबी में अल्लाह) की इच्छा के प्रति “समर्पण” है, का एक समृद्ध इतिहास, एक गहरी आध्यात्मिक परंपरा और एक वैश्विक उपस्थिति है जो लाखों लोगों के जीवन को आकार देती रहती है। ऐतिहासिक संदर्भ (Historical Context ) इस्लाम की ... Read more - [पश्चिमी पैगम्बरवाद  कि वर्तमान स्थिति (The current state of Western religions.)](https://namastesir.co.in/%e0%a4%aa%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%88%e0%a4%97%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ac%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a4%bf-%e0%a4%b5%e0%a4%b0/): URL of Jaipur Dialogues. पंकज सक्सेना और संजय दीक्षित जी के वार्तालाप पर आधारित।(TJD PODCAST 11) ट्रेलर : मेरी दृष्टि से अगर एक दृष्टि होना चाहिए, एक आयाम जिसका हमें समझना बहुत आवश्यक है। रिलीजन, मजहब इतने ग्रंथ हमने हिंदुओं ने जो बनाए विश्व में और किसी रिलीजन और किसी सभ्यता ने  नहीं दिये।  पीपल ऑफ द बुक तो इनका जो यह दावा है पीपल ऑफ द बुक का वह कहां से आता है? लोगों को लगेगा कि यह ज्ञान का प्रेम है, ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। लोगों को लगेगा यह विद्या का प्रेम है ,ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। ... Read more - [विदेश में भारतीय सांस्कृतिक प्रतीक : इंडोनेशिया और कंबोडिया।(Indian Cultural  Symbols in Abroad : Indonesia and Kambodiya.)](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%83/): Indonesia : Namaste From Indonesia a muslim country with bharteya sanskriti.  URL : Garuda Indonesia is certified as a 5-Star Airline | Garuda Indonesia is certified as a 5-Star Airline |  ||  Ganesh JI || Kambodiya :  800 वर्षों से भी अधिक पुरातन विश्व का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर माना जाता है। यह शिव मंदिर कंबोडिया के अंग कोटवार में है। अंकोरवाट (खमेर भाषा : អង្គរវត្ត) कम्बोडिया में एक मन्दिर परिसर और दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक स्मारक है,[1] 162.6 हेक्टेयर (1,626,000 वर्ग मीटर; 402 एकड़) को मापने वाले एक साइट पर। यह एक हिन्दू मन्दिर है। यह कम्बोडिया के अंकोर ... Read more - [एवरीथिंग इस फेयर इन लव एंड वार](https://namastesir.co.in/%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%a5%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0-%e0%a4%87%e0%a4%a8-%e0%a4%b2%e0%a4%b5-%e0%a4%8f%e0%a4%82%e0%a4%a1/): (Everything is fair in love and war) (मनोज कुमार धुर्वे) एवरीथिंग इस फेयर इन लव एंड वार (Everything is fair in love and war)। यह संवाद, यह सूत्र आजकल जनसाधारण की भाषा में एक आम शब्द हो गया है किंतु इसका आधार क्या है ? इसका सांस्कृतिक आधार क्या है? यह कहां से उत्पन्न हुआ है इसके प्रभाव क्या हैं? यह कितना उचित है अथवा कितना अनुचित है। सामान्यतः फिल्मों में भी इस तरह के गाने आंख मूंद कर बना दिए जाते हैं कि  तू हां कर,  या न कर,  तू है मेरी किरण, तू है मेरी किरण।।  अर्थात तुझे अच्छा ... Read more - [ऋषि सुनक: एक संक्षिप्त जीवनी(rishi sunak biography in hindi)](https://namastesir.co.in/%e0%a4%8b%e0%a4%b7%e0%a4%bf-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%95-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5/): rishi sunak biography in hindi ऋषि सुनक: एक संक्षिप्त जीवनी Image Source : X प्रारंभिक जीवन और शिक्षा: ऋषि सुनक का जन्म 12 मई 1980 को साउथैम्पटन, हैम्पशायर, इंग्लैंड में हुआ था। उनकी शिक्षा प्रसिद्ध विनचेस्टर कॉलेज में हुई, जिसके बाद उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में दर्शनशास्त्र, राजनीति और अर्थशास्त्र (पीपीई) का अध्ययन किया। अपनी शैक्षणिक गतिविधियों को आगे बढ़ाते हुए, सुनक ने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से एमबीए की उपाधि प्राप्त की, जहाँ उन्हें फुलब्राइट स्कॉलर भी नामित किया गया। राजनीति से पहले पेशेवर करियर: राजनीतिक क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले, सुनक ने वित्त क्षेत्र में अपना करियर शुरू किया। उन्होंने गोल्डमैन ... Read more - [के. अन्नामलाई - K.Annamalai](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%88-k-annamalai/): अन्नामलाई कुप्पुसामी: आयु, जीवनी, शिक्षा, पत्नी, जाति, कुल संपत्ति अन्नामलाई कुप्पुसामी व्यक्तिगत जीवन पूरा नाम – अन्नामलाई कुप्पुसामी जन्म तिथि –  04 जून 1984 (आयु 39 वर्ष) जन्म स्थान –  करूर पार्टी का नाम – भारतीय जनता पार्टी शिक्षा – बी.ई., एम.बी.ए. व्यवसाय – पूर्व सिविल सेवक, राजनीतिज्ञ पिता का नाम – कुप्पुसामी जीवनसाथी का नाम – अकिला एस नाथन बच्चे – 1 पुत्र जाति –  पिछड़ी स्थायी पता – करूर, तमिलनाडु वर्तमान पता –  करूर, तमिलनाडु Annamalai Kuppusamy Net Worth Net Worth     – ₹2.66 CRORE ASSETS    – ₹2.91 CRORE Liabilities   – ₹25 LAKHS Disclaimer:The information relating ... Read more - [अशोक के फूल (निबंध)](https://namastesir.co.in/%e0%a4%85%e0%a4%b6%e0%a5%8b%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ab%e0%a5%82%e0%a4%b2-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a7/): हजारी प्रसाद द्विवेदी अशोक में फिर फूल आ गए है। इन छोटे-छोटे, लाल-लाल पुष्‍पों के मनोहर स्‍तबकों में कैसा मोहन भाव है। बहुत सोच समझकर कंदर्प देवता ने लाखों मनोहर पुष्‍पों को छोड़कर सिर्फ पाँच को ही अपने तूणीर में स्‍थान देने योग्‍य समझा था। एक यह अशोक ही है। लेकिन पुष्पित अशोक को देखकर मेरा मन उदास हो जाता है। इसलिए नहीं कि सुंदर वस्‍तुओं को हतभाग्‍य समझने में मुझे कोई विशेष रस मिलता है। कुछ लोगों को मिलता है। वे बहुत दूरदर्शी होते हैं। जो भी सामने पड़ गया, उसके जीवन के अंतिम मुहूर्त तक का हिसाब वे लगा ... Read more - [कुटज ](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%9f%e0%a4%9c/): हजारी प्रसाद द्विवेदी कहते हैं, पर्वत शोभा-निकेतन होते हैं। फिर हिमालय का तो कहना ही क्‍या। पूर्व और अपार समुद्र – महोदधि और रत्‍नाकर – दोनों को दोनों भुजाओं से थाहता हुआ हिमालय ‘पृथ्‍वी का मानदंड’ कहा जाय तो गलत क्‍यों है? कालिदास ने ऐसा ही कहा था। इसी के पाद-देश में यह जो श्रृंखला दूर तक लोटी हुई है, लोग इसे ‘शिवालिक’ श्रृंखला कहते हैं। ‘शिवालिक’ का क्‍या अर्थ है? ‘शिवालक’ या शिव के जटाजूट का निचला हिस्‍सा तो नहीं है? लगता तो ऐसा ही है। शिव की लटियायी जटा ही इतनी सूखी, नीरस और कठोर हो सकती है। शिव ... Read more - [                हरि सिंह नलवा( Hari Singh Nalwa)](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%bf-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9-%e0%a4%a8%e0%a4%b2%e0%a4%b5%e0%a4%be-h/): संक्षिप्त परिचय लगभग दो सौ वर्ष पूर्व पूरा अफगानिस्तान एक सिख कमांडर हरि सिंग नलवा से भयभीत रहता  था। उस समय खैबर दर्रा भारत में प्रवेश करने के लिए आक्रमणकारियों द्वारा उपयोग किया जाने वाला मुख्य मार्ग था। महाराजा रणजीत सिंह के पसंदीदा सेनापति हरि सिंह नलवा ने कई लड़ाइयाँ लड़ीं और अफगानों को पंजाब में प्रवेश करने से रोका और उनकी आखिरी लड़ाई में सिख सेना को अफगान सेना ने घेर लिया। नलवा के रास्ते में आने की खबर सुनकर अफगान तुरंत युद्ध के मैदान से भागने लगे। इसीलिए उन्हें सबसे खूंखार सिख योद्धा कहा जाता था। एक पुरानी अफगान ... Read more - [बप्पा रावल-Bappa Rawal](https://namastesir.co.in/bappa-rawal-%e0%a4%ac%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2/): संक्षिप्त परिचय: बप्पा रावल  एक ऐसा नाम है जिसने इस देश से अरबों का नामोनिशान मिटा दिया। और वो तीन विशेष कमियाँ क्या हैं?। सबसे पहले तो यह पूरा का पूरा जो इतिहास हमें पढ़ाया जाता है वो दिल्ली का इतिहास है। यानी दिल्ली और उसके आसपास जिसको मध्य युगीन इतिहास कहते हैं। इन लोगों का फिर तुगलक को पढ़ लेंगे फिर मुगल आ जाएंगे और बीच में छोटे मोटे जो है उनको भी पढ़ लेंगे। लेकिन जो उत्कर्ष है जिसको में मानता हूं। सात सौ बारह ईस्वी में मुहम्मद बिन कासिम यहां आया। इनका अंधानुकरण इस्लाम का और इनकी कट्टरता ... Read more - [|| चंद्रदेव से मेरी बातें || बंग महिला ||](https://namastesir.co.in/%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b5-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%82/): भगवान चंद्रदेव! आपके कमलवत् कोमल चरणों में इस दासी का अनेक बार प्रणाम। आज मैं आपसे दो चार बातें करने की इच्छा रखती हूँ। क्या मेरे प्रश्नों का उत्तर आप प्रदान करेंगे? कीजिए, बड़ी कृपा होगी। देखो, सुनी-अनसुनी-सी मत कर जाना। अपने बड़प्पन की ओर ध्यान देना। अच्छा, कहती हूँ, सुनो! मैं सुनती हूँ आप इस आकाश मंडल में चिरकाल से वास करते हैं। क्या यह बात सत्य है? यदि सत्य है तो मैं अनुमान करती हूँ कि इस सृष्टि के साथ ही साथ अवश्य आपकी भी सृष्टि हुई होगी। तब तो आप ढेर दिन के पुराने, बूढ़े कहे जा सकते ... Read more - [|| एक टोकरी-भर मिट्टी || माधवराव सप्रे ||](https://namastesir.co.in/%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%9f%e0%a5%8b%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%be/): किसी श्रीमान् जमींदार के महल के पास एक गरीब अनाथ विधवा की झोंपड़ी थी। जमींदार साहब को अपने महल का हाता उस झोंपड़ी तक बढ़ाने की इच्‍छा हुई, विधवा से बहुतेरा कहा कि अपनी झोंपड़ी हटा ले, पर वह तो कई जमाने से वहीं बसी थी। उसका प्रिय पति और इकलौता पुत्र भी उसी झोंपड़ी में मर गया था। पतोहू भी एक पाँच बरस की कन्‍या को छोड़कर चल बसी थी। अब यही उसकी पोती इस वृद्धाकाल में एकमात्र आधार थी। जब उसे अपनी पूर्वस्थिति की याद आ जाती तो मारे दु:ख के फूट-फूट रोने लगती थी। और जबसे उसने अपने ... Read more - [|| राजा राधिकारमण प्रसाद सिंह || कानों में कँगना ||](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%a3-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%b8%e0%a4%bf/): 1 “किरन! तुम्हारे कानों में क्या है?” उसके कानों से चंचल लट को हटाकर कहा – “कँगना।” “अरे! कानों में कँगना?” सचमुच दो कंगन कानों को घेरकर बैठे थे। “हाँ, तब कहाँ पहनूँ?” किरन अभी भोरी थी। दुनिया में जिसे भोरी कहते हैं, वैसी भोरी नहीं। उसे वन के फूलों का भोलापन समझो। नवीन चमन के फूलों की भंगी नहीं; विविध खाद या रस से जिनकी जीविका है, निरन्तर काट-छाँट से जिनका सौन्दर्य है, जो दो घड़ी चंचल चिकने बाल की भूषा है – दो घड़ी तुम्हारे फूलदान की शोभा। वन के फूल ऐसे नहीं। प्रकृति के हाथों से लगे हैं। ... Read more - [|| अपना-अपना भाग्य || जैनेंद्र कुमार ||](https://namastesir.co.in/%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%9c%e0%a5%88%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0/): बहुत कुछ निरुदेश्य घूम चुकने पर हम सड़क के किनारे की एक बेंच पर बैठ गए। नैनीताल की संध्या धीरे-धीरे उतर रही थी। रूई के रेशे-से भाप से बादल हमारे सिरों को छू-छूकर बेरोक-टोक घूम रहे थे। हल्के-हल्के प्रकाश और अंधियारी से रंगकर कभी वे नाले दीखते, कभी सफ़ेद और फिर देर में अरुण पड़ जाते। वे जैसे हमारे साथ खेलना चाह रहे थे। पीछे हमारे पोलो वाला मैदान फैला था। सामने अंग्रेज़ों का एक प्रमोदगृह था, जहां सुहावना, रसीला बाजा बज रहा था और पार्श्व में था वही सुरम्य अनुपम नैनीताल। ताल में किश्तियां अपने सफ़ेद पाल उड़ाती हुई एक-दो ... Read more - [|| गैंग्रीन || रोज || अज्ञेय ||](https://namastesir.co.in/%e0%a4%97%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%9c-%e0%a4%85%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a5%87%e0%a4%af/): ‘रोज़’ शीर्षक कहानी अज्ञेय के कहानी संकलन ‘विपथगा’ के पहले संस्करण में है। पर ‘विपथगा’ के पाँचवें संस्करण में, जो सन् 1990 ई. में नेशनल पब्लिशिंग हाउस, दिल्ली द्वारा प्रकाशित हुआ, यही कहानी ‘गैंग्रीन’ शीर्षक से प्रकाशित है। इस कहानी में अज्ञेय ने मध्यवर्गीय जीवन में नित्य की दिनचर्या के कारण व्याप्त एकरसता तथा उबाऊपन को चित्रित किया है. इस कहानी को ‘नई कहानी’ की पूर्व पीठिका के रूप में जाना जाता है. दोपहर में उस सूने आँगन में पैर रखते हुए मुझे ऐसा जान पड़ा, मानो उस पर किसी शाप की छाया मँडरा रही हो, उसके वातावरण में कुछ ऐसा ... Read more - [|| अमृतसर आ गया है || भीष्म साहनी ||](https://namastesir.co.in/%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a4%b8%e0%a4%b0-%e0%a4%86-%e0%a4%97%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%ad%e0%a5%80%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%a8/): विशेष “: प्रगतिशील लेखक संघ से गहरा लगाव और 1973 से 1986 तक प्रगतिशील लेखक संघ के राष्ट्रीय महासचिव। अफ्रो-एशियाई लेखक संघ से भी संबद्ध रहे। पत्रकारिता और जन नाट्य संघ से लगाव और सक्रियता। कुछ नाटकों और फिल्मों में अभिनय भी किया।” ————————————————————————————————————— गाड़ी के डिब्बे में बहुत मुसाफिर नहीं थे। मेरे सामनेवाली सीट पर बैठे सरदार जी देर से मुझे लाम के किस्से सुनाते रहे थे। वह लाम के दिनों में बर्मा की लड़ाई में भाग ले चुके थे और बात-बात पर खी-खी करके हँसते और गोरे फौजियों की खिल्ली उड़ाते रहे थे। डिब्बे में तीन पठान व्यापारी भी ... Read more - [|| चीफ की दावत || भीष्म साहनी ||](https://namastesir.co.in/%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%ab-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%a4-%e0%a4%ad%e0%a5%80%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%a8%e0%a5%80/): आज मिस्टर शामनाथ के घर चीफ की दावत थी। शामनाथ और उनकी धर्मपत्नी को पसीना पोंछने की फुर्सत न थी। पत्नी ड्रेसिंग गाउन पहने, उलझे हुए बालों का जूड़ा बनाए मुँह पर फैली हुई सुर्खी और पाउड़र को मले और मिस्टर शामनाथ सिगरेट पर सिगरेट फूँकते हुए चीजों की फेहरिस्त हाथ में थामे, एक कमरे से दूसरे कमरे में आ-जा रहे थे। आखिर पाँच बजते-बजते तैयारी मुकम्मल होने लगी। कुर्सियाँ, मेज, तिपाइयाँ, नैपकिन, फूल, सब बरामदे में पहुँच गए। ड्रिंक का इंतजाम बैठक में कर दिया गया। अब घर का फालतू सामान अलमारियों के पीछे और पलंगों के नीचे छिपाया जाने ... Read more - [|| कृष्णा सोबती || सिक्का बदल गया ||](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%8b%e0%a4%ac%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a4%b2-%e0%a4%97/): खद्दर की चादर ओढ़े, हाथ में माला लिए शाहनी जब दरिया के किनारे पहुंची तो पौ फट रही थी। दूर-दूर आसमान के परदे पर लालिमा फैलती जा रही थी। शाहनी ने कपड़े उतारकर एक ओर रक्खे और ‘श्रीराम, श्रीराम’ करती पानी में हो ली। अंजलि भरकर सूर्य देवता को नमस्कार किया, अपनी उनीदी आंखों पर छींटे दिये और पानी से लिपट गयी! चनाब का पानी आज भी पहले-सा ही सर्द था, लहरें लहरों को चूम रही थीं। वह दूर सामने काश्मीर की पहाड़ियों से बंर्फ पिघल रही थी। उछल-उछल आते पानी के भंवरों से टकराकर कगारे गिर रहे थे लेकिन दूर-दूर ... Read more - [|| इंस्पेक्टर मातादीन चाँद पर || हरिशंकर परसाई ||](https://namastesir.co.in/%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%81%e0%a4%a6/): वैज्ञानिक कहते हैं, चाँद पर जीवन नहीं है। सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर मातादीन (डिपार्टमेंट में एम. डी. साब) कहते हैं- वैज्ञानिक झूठ बोलते हैं, वहाँ हमारे जैसे ही मनुष्य की आबादी है। विज्ञान ने हमेशा इन्स्पेक्टर मातादीन से मात खाई है। फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ कहता रहता है- छुरे पर पाए गए निशान मुलज़िम की अँगुलियों के नहीं हैं। पर मातादीन उसे सज़ा दिला ही देते हैं। मातादीन कहते हैं, ये वैज्ञानिक केस का पूरा इन्वेस्टीगेशन नहीं करते। उन्होंने चाँद का उजला हिस्सा देखा और कह दिया, वहाँ जीवन नहीं है। मैं चाँद का अँधेरा हिस्सा देख कर आया हूँ। वहाँ मनुष्य जाति ... Read more - [|| ज्ञानरंजन || पिता || ](https://namastesir.co.in/%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%be/): उसने अपने बिस्तरे का अंदाज लेने के लिए मात्र आध पल को बिजली जलाई। बिस्तरे फर्श पर बिछे हुए थे। उसकी स्त्री ने सोते-सोते ही बड़बड़ाया, ‘आ गए’ और बच्चे की तरफ करवट लेकर चुप हो गई। लेट जाने पर उसे एक बड़ी डकार आती मालूम पड़ी, लेकिन उसने डकार ली नहीं। उसे लगा कि ऐसा करने से उस चुप्पी में खलल पड़ जाएगा, जो चारों तरफ भरी है, और काफी रात गए ऐसा होना उचित नहीं है। अभी घनश्यामनगर के मकानों के लंबे सिलसिलों के किनारे-किनारे सवारी गाड़ी धड़धड़ाती हुई गुजरी। थोड़ी देर तक एक बहुत साफ भागता हुआ शोर ... Read more - [|| कमलेश्वर || राजा निरबंसिया ||](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b0-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be/): ”एक राजा निरबंसिया थे,” मां कहानी सुनाया करती थीं। उनके आसपास ही चार-पांच बच्चे अपनी मुठ्ठियों में फूल दबाए कहानी समाप्त होने पर गौरों पर चढाने के लिए उत्सुक-से बैठ जाते थे। आटे का सुन्दर-सा चौक पुरा होता, उसी चौक पर मिट्टी की छः गौरें रखी जातीं, जिनमें से ऊपरवाली के बिन्दिया और सिन्दूर लगता, बाकी पांचों नीचे दबी पूजा ग्रहण करती रहतीं। एक ओर दीपक की बाती स्थिर-सी जलती रहती और मंगल-घट रखा रहता, जिस पर रोली से सथिया बनाया जाता। सभी बैठे बच्चों के मुख पर फूल चढाने की उतावली की जगह कहानी सुनने की सहज स्थिरता उभर आती। ... Read more - [|| दुनिया का सबसे अनमोल रत्न ||](https://namastesir.co.in/%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%b2-%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a8/): (UGCNET HINDI KAHANI) दिलफ़िगार एक कँटीले पेड़ के नीचे दामन चाक किये बैठा हुआ खून के आँसू बहा रहा था। वह सौन्दर्य की देवी यानी मलका दिलफ़रेब का सच्चा और जान देने वाला प्रेमी था। उन प्रेमियों में नहीं, जो इत्र-फुलेल में बसकर और शानदार कपड़ों से सजकर आशिक के वेश में माशूक़ियत का दम भरते हैं। बल्कि उन सीधे-सादे भोले-भाले फ़िदाइयों में जो जंगल और पहाड़ों से सर टकराते हैं और फ़रियाद मचाते फिरते हैं। दिलफ़रेब ने उससे कहा था कि अगर तू मेरा सच्चा प्रेमी है, तो जा और दुनिया की सबसे अनमोल चीज़ लेकर मेरे दरबार में आ ... Read more - [  || निर्मल वर्मा || परिन्दे ||](https://namastesir.co.in/%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%b2-%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%87/): अँधेरे गलियारे में चलते हुए लतिका ठिठक गयी। दीवार का सहारा लेकर उसने लैम्प की बत्ती बढ़ा दी। सीढ़ियों पर उसकी छाया एक बैडौल कटी-फटी आकृति खींचने लगी। सात नम्बर कमरे में लड़कियों की बातचीत और हँसी-ठहाकों का स्वर अभी तक आ रहा था। लतिका ने दरवाजा खटखटाया। शोर अचानक बंद हो गया। “कौन है?” लतिका चुप खड़ी रही। कमरे में कुछ देर तक घुसर-पुसर होती रही, फिर दरवाजे की चिटखनी के खुलने का स्वर आया। लतिका कमरे की देहरी से कुछ आगे बढ़ी, लैम्प की झपकती लौ में लड़कियों के चेहरे सिनेमा के परदे पर ठहरे हुए क्लोजअप की भाँति ... Read more - [HINDI UGC  NET HINDI Syllabus](https://namastesir.co.in/hindi-ugc-net-hindi-syllabus/): विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नेट-ब्यूरो Code No. 20           विषय-हिन्दी    पाठ्यक्रम (Syllabus) इकाई – I (हिन्दी भाषा और उसका विकास।) 1.हिन्दी की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि:  2.हिन्दी का भौगोलिक विस्तार :  3.हिन्दी के विविध रूप : हिन्दी, उर्दू, दक्खिनी, हिन्दुस्तानी हिन्दी का भाषिक स्वरूप। 4.हिन्दी की स्वनिम व्यवस्था –  इकाई – II (हिन्दी साहित्य का इतिहास) भक्तिकाल रीतिकाल छायावाद :  हिन्दी साहित्य की गद्य विधाएँ हिन्दी की अन्य गद्य विधाएँ:  इकाई – III  (काव्य) इकाई – IV (वैचारिक पृष्ठभूमि) इकाई – V ( हिन्दी कविता ) इकाई – VI (हिन्दी उपन्यास) इकाई – VII (हिन्दी कहानी) इकाई – VIII (हिन्दी ... Read more - [1.भारतेन्दु – दिल्ली दरबार दर्पण, हिन्दी निबंध](https://namastesir.co.in/1-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%81-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0/): सब राजाओं की मुलाकातों का हाल अलग-अलग लिखना आवश्यक नहीं, क्योंकि सब के साथ वही मामूली बातें हुईं। सब बड़े-बड़े शासनाधिकारी राजाओं को एक-एक रेशमी झंडा और सोने का तगमा मिला। झंडे अत्यन्त सुंदर थे। पीतल के चमकीले मोटे-मोटे डंडों पर राजराजेश्वरी का एक-एक मुकुट बना था और एक-एक पटरी लगी थी जिस पर झंडा पाने वाले राजा का नाम लिखा था, और फरहरे पर जो डंडे से लटकता था स्पष्ट रीति पर उनके शस्त्र आदि के चिन्ह बने हुए थे। झंडा और तगमा देने के समय श्रीयुत बाइसराय ने हरएक राजा से ये वाक्य कहे… “मैं श्रीमती महारानी की तरफ ... Read more - [2.  भारतेन्दु - भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है](https://namastesir.co.in/2-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%81-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a5%8d/): आज बड़े आनंद का दिन है कि छोटे से नगर बलिया में हम इतने मनुष्यों को एक बड़े उत्साह से एक स्थान पर देखते हैं। इस अभागे आलसी देश में जो कुछ हो जाए वही बहुत है। बनारस ऐसे-ऐसे बड़े नगरों में जब कुछ नहीं होता तो हम यह न कहेंगे कि बलिया में जो कुछ हमने देखा वह बहुत ही प्रशंसा के योग्य है। इस उत्साह का मूल कारण जो हमने खोजा तो प्रगट हो गया कि इस देश के भाग्य से आजकल यहाँ सारा समाज ही एकत्र है। राबर्ट साहब बहादुर ऐसे कलेक्टर जहाँ हो वहाँ क्यों न ऐसा ... Read more - [प्रताप नारायण मिश्र – शिवमूर्ति](https://namastesir.co.in/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%aa-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%a3-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5/): शिवमूर्ति निबंध- प्रताप नारायण मिश्र | Shivmurti Nibandh  हमारे ग्रामदेव भगवान भूतनाथ सब प्रकार से अकथ्य अप्रतर्क्य एवं अचिन्त्य हैं। तौ भी उनके भक्त जन अपनी रुचि के अनुसार उनका रूप, गुण, स्वभाव कल्पित कर लेते हैं। उनकी सभी बातें सत्य हैं, अतः उनके विषय में जो कुछ कहा जाय सब सत्य है। मनुष्य की भांति वे नाड़ी आदि बंधन से बद्ध नहीं हैं। इससे हम उनको निराकार कह सकते हैं और प्रेम दृष्टि से अपने हृदय मन्दिर में उनका दर्शन करके साकार भी कह सकते हैं। यथा-तथ्य वर्णन उनका कोई नहीं कर सकता। तौ भी जितना जो कुछ अभी तक ... Read more - [4.बाल कृष्ण भट्ट-शिवशंभु के चिट्ठे](https://namastesir.co.in/4-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a3-%e0%a4%ad%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b6%e0%a4%82%e0%a4%ad%e0%a5%81-%e0%a4%95%e0%a5%87/): (शिवशंभु के चिट्ठे निबंध- बालमुकुंद गुप्त ) 1. बनाम लार्ड कर्जन माई लार्ड! लड़कपन में इस बूढ़े भंगड़ को बुलबुल का बड़ा चाव था। गाँव में कितने ही शौकीन बुलबुलबाज थे। वह बुलबुलें पकड़ते थे, पालते थे और लड़ाते थे, बालक शिवशम्भु शर्मा बुलबुलें लड़ाने का चाव नहीं रखता था। केवल एक बुलबुल को हाथ पर बिठाकर ही प्रसन्न होना चाहता था। पर ब्राह्मण कुमार को बुलबुल कैसे मिले? पिता को यह भय कि बालक को बुलबुल दी तो वह मार देगा, हत्या होगी। अथवा उसके हाथ से बिल्ली छीन लेगी तो पाप होगा। बहुत अनुरोध से यदि पिता ने किसी ... Read more - [अज्ञेय जी के निबंध](https://namastesir.co.in/%e0%a4%85%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a5%87%e0%a4%af-%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a7/): 1-त्रिशंकु (1945) पहला निबंध -संग्रह 2-सबरंग और कुछ राग (1956) 3-आत्मनेपद (1960) 4-आलबाल(1971) 5-लिखि कागद कोरे (1972) 6-अद्यतन (1977) 7-जोग लिखी (1977) 8-स्रोत और सेतु (1978) 9-युगसंधियों पर(1982) 10-धार और किनारे (1982) 11-कहाँ है द्वारका (1982) 12-छाया का जंगल (1984) 13-स्मृतिछंदा (1989)          हजारी प्रसाद द्विवेदी के संपूर्ण साहित्य की सूची (कालक्रमानुसार) 1.      सूर साहित्य (1936) 2.      हिन्दी साहित्य की भूमिका (1940) 3.      कबीर (1942) 4.      बाणभट्ट की आत्मकथा (1946) 5.      अशोक के फूल (1948) 6.      नाथ संप्रदाय (1950) 7.      कल्पलता (1951) 8.      प्राचीन भारत का ... Read more - [6. हजारी प्रसाद द्विवेदी – नाखून क्यों बढ़ते हैं](https://namastesir.co.in/6-%e0%a4%b9%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%a8/): Tag: ( हजारी प्रसाद द्विवेदी नाखून क्यों बढ़ते हैं? निबंध, निबंध – नाखून क्यों बढ़ते हैं?, हजारी प्रसाद द्विवेदी) बच्‍चे कभी-कभी चक्‍कर में डाल देनेवाले प्रश्‍न कर बैठते हैं। अल्‍पज्ञ पिता बड़ा दयनीय जीव होता है। मेरी छोटी लड़की ने जब उस दिन पूछ दिया कि आदमी के नाखून क्‍यों बढ़ते हैं, तो मैं कुछ सोच ही नहीं सका। हर तीसरे दिन नाखून बढ़ जाते हैं, बच्‍चे कुछ दिन तक अगर उन्‍हें बढ़ने दें, तो माँ-बाप अक्‍सर उन्‍हें डॉटा करते है। पर कोई नहीं जानता कि ये अभागे नाखून क्‍यों इस प्रकार बढ़ा करते है। काट दीजिए, वे चुपचाप दंड स्‍वीकार कर ... Read more - [7. विद्यानिवास मिश्र – मेरे राम का मुकुट भीग रहा है ](https://namastesir.co.in/7-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a5%87/): Tags: ( विद्यानिवास मिश्र मेरे राम का मुकुट भीग रहा है निबंध , निबंध मेरे राम का मुकुट भीग रहा है विद्यानिवास मिश्र) Tags: ( विद्यानिवास मिश्र मेरे राम का मुकुट भीग रहा है निबंध , निबंध मेरे राम का मुकुट भीग रहा है विद्यानिवास मिश्र,) महीनों से मन बेहद-बेहद उदास है। उदासी की कोई खास वजह नहीं, कुछ तबीयत ढीली, कुछ आसपास के तनाव और कुछ उनसे टूटने का डर, खुले आकाश के नीचे भी खुलकर साँस लेने की जगह की कमी, जिस काम में लगकर मुक्ति पाना चाहता हूँ, उस काम में हज़ार बाधाएँ; कुल ले-देकर उदासी के लिए ... Read more - [8.अध्यापक पूर्ण सिंह – मजदूरी और प्रेम ](https://namastesir.co.in/8-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a3-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9-%e0%a4%ae%e0%a4%9c%e0%a4%a6%e0%a5%82/): tag : ( सरदार पूर्ण सिंह मजदूरी और प्रेम निबंध,  सरदार पूर्ण सिंह,अध्यापक पूर्ण सिंह – मजदूरी और प्रेम,मजदूरी और प्रेम , majduri aur prem poorna singh,  ) tag : ( सरदार पूर्ण सिंह मजदूरी और प्रेम निबंध,  सरदार पूर्ण सिंह,अध्यापक पूर्ण सिंह – मजदूरी और प्रेम,मजदूरी और प्रेम , majduri aur prem poorna singh,  ) हल चलाने वाले का जीवन हल चलाने वाले और भेड़ चराने वाले प्रायः स्वभाव से ही साधु होते हैं। हल चलाने वाले अपने शरीर का हवन किया करते हैं। खेत उनकी हवनशाला है। उनके हवनकुंड की ज्वाला की किरणें चावल के लंबे और सुफेद दानों ... Read more - [9.कुबेरनाथ राय – उत्तराफाल्गुनी के आस-पास](https://namastesir.co.in/9-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%ac%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af-%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ab%e0%a4%be%e0%a4%b2/):  Tag: (कुबेरनाथ राय उत्तराफाल्गुनी के आसपास निबंध,निबंध उत्तराफाल्गुनी के आसपास कुबेरनाथ राय)    Tag: (कुबेरनाथ राय उत्तराफाल्गुनी के आसपास निबंध,निबंध उत्तराफाल्गुनी के आसपास कुबेरनाथ राय) वर्षा ऋतु की अंतिम नक्षत्र है उत्तराफाल्गुनी। हमारे जीवन में गदह-पचीसी सावन-मनभावन है, बड़ी मौज रहती है, परंतु सत्ताइसवें के आते-आते घनघोर भाद्रपद के अशनि-संकेत मिलने लगते हैं और तीसी के वर्षों में हम विद्युन्मय भाद्रपद के काम, क्रोध और मोह का तमिस्त्र सुख भोगते हैं। इसी काल में अपने-अपने स्वभाव के अनुसार हमारी सिसृक्षा कृतार्थ होती है। फिर चालीसवें लगते-लगते हम भाद्रपद की अंतिम नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी में प्रवेश कर जाते हैं और दो-चार वर्ष बाद अर्थात ... Read more - [10.विवेकी राय – उठ जाग मुसाफिर ](https://namastesir.co.in/10-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af-%e0%a4%89%e0%a4%a0-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%97-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ab%e0%a4%bf/): uth jaagmusafir nibandh-viveki rai      ‘उठ जाग मुसाफ़िर’ की भूमिका में विवेकी राय ने लिखा है- ‘‘कई बार चर्चाओं में यह बात आई कि ललित निबन्ध एक ठहरी हुई विधा है और इसमें अब ज्यादा कुछ लिखने-करने की सम्भावना नहीं है .’’(पृष्ठ ७) ठीक यही बात रामस्वरूप चतुर्वेदी ने अपनी पुस्तक ‘हिन्दी साहित्य संवेदना का विकास’ में लिखी है- ”पर इस माध्यम की कठिनाई यह है कि इसका स्वरुप और इसके आंतरिक तत्व कुछ ऐसे प्रतिमानीकृत हो चुके हैं कि उसमें किसी बड़े प्रयोग की  सम्भावना नहीं रह जाती। प्रताप नारायण लेकर अब तक ललित निबंध के ढांचे में कोई मौलिक परिवर्तन ... Read more - [नामवर सिंह : संस्कृति और सौंदर्य आलोचना](https://namastesir.co.in/tag-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%b5%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%8c/): ‘अशोक के फूल’ केवल एक फूल की कहानी नहीं, भारतीय संस्‍कृति का एक अध्‍याय है; और इस अध्‍याय का अनंगलेख पढ़नेवाले हिंदी में पहले व्‍यक्ति हैं हजारीप्रसाद द्विवेदी। पहली बार उन्‍हें ही यह अनुभव हुआ कि ‘एक-एक फूल, एक-एक पशु, एक-एक पक्षी न जाने कितनी स्‍मृतियों का भार लेकर हमारे सामने उपस्थित है। अशोक की भी अपनी स्‍मृति-परंपरा है। आम की भी है, बकुल की भी है, चंपे की भी है। सब क्‍या हमें मालूम है? जितना मालूम है उसी का अर्थ क्‍या स्‍पष्‍ट हो सका है?’ अब तो खैर हिंदी में फूलों पर ‘ललित’ लेख लिखनेवाले कई लेखक निकल आए ... Read more - [यूजीसी द्वारा च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस)-CHOICE BASED CREDIT SYSTEM -CBCS BY UGC](https://namastesir.co.in/%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%ac%e0%a5%87%e0%a4%b8/): सीबीसीएस प्रणाली के तहत, डिग्री या डिप्लोमा या प्रमाणपत्र प्रदान करने की आवश्यकता छात्रों द्वारा अर्जित किए जाने वाले क्रेडिट की संख्या के संदर्भ में निर्धारित की जाती है। यह रूपरेखा भारत के कई राज्यों के विश्वविद्यालयों में लागू की जा रही है। सीबीसीएस की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं: सीबीसीएस पाठ्यक्रम को डिजाइन करने और पाठ्यक्रम सामग्री और सीखने के घंटों के आधार पर क्रेडिट आवंटित करने में लचीलापन प्रदान करता है। सीबीसीएस एक ऐसी प्रणाली प्रदान करता है जिसमें छात्र अपनी पसंद के पाठ्यक्रम ले सकते हैं, अपनी गति से सीख सकते हैं, अतिरिक्त पाठ्यक्रम ले सकते हैं और ... Read more - [SWAYAM - MOOCs के बारे में कुछ परिभाषाएँ](https://namastesir.co.in/swayam-moocs-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%9b-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a4%be%e0%a4%8f/): SWAYAM (स्वयं) SWAYAM MHRD, Government of India  का स्वदेशी मंच है जो NME-ICT के तत्वावधान में विकसित व्यापक ओपन ऑनलाइन पाठ्यक्रम (MOOCs) की मेजबानी के लिए एक एकीकृत पोर्टल और मंच प्रदान करता है। भारत सरकार ने देश में हाई स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक औपचारिक शिक्षा प्रणाली को पूरक (Supplement or अनुपूरक ) करने के लिए MOOCs कीअवधारणा को अपनाया, जिसे उपयुक्त रूप से “युवा महत्वाकांक्षी मस्तिष्क के लिए सक्रिय-शिक्षण के अध्ययन वेब” (SWAYAM) “Study Webs of Active-Learning for Young Aspiring Minds” (SWAYAM). नाम दिया गया है। यह पाठ्यक्रम, सतत शिक्षा और कौशल पर आधारित विभिन्न पाठ्यक्रमों की मेजबानी  ... Read more - [Assistant Registrar Exam 2018 General Studies by MPPSC](https://namastesir.co.in/assistant-registrar-exam-2018-general-studies-by-mppsc/): Solver paper of Assistant Registrar Exam 2018 General Studies by MPPSC INDORE. - [Unit-10-Test-03-Higher Education](https://namastesir.co.in/unit-10-test-03-higher-education/): This is a mock test based on previous year question papers of unit-10 higher education. You may benefit from the tests . - [Unit-10-Test-02-Higher Education](https://namastesir.co.in/unit-10-test-02-higher-education/): Loading… - [Unit-10-Test-01-Higher Education](https://namastesir.co.in/unit-10-test-01-higher-education/): Loading… - [संघ कार्यकारिणी](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%98-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a3%e0%a5%80/): 10.6-Policies Governance and Administration part-03 अध्यक्ष संघ कार्यकारिणी के शीर्ष पर भारत का राष्ट्रपति होता है, जो अप्रत्यक्ष चुनाव यानी एक निर्वाचक मंडल द्वारा एकल संक्रमणीय वोट द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार चुना जाता है। इस निर्वाचक मंडल में शामिल हैं – पात्रता शर्तें: भारतीय राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने के लिए, एक व्यक्ति को यह करना होगा राष्ट्रपति का कार्यकाल पद ग्रहण करने की तारीख से 5 वर्ष है , लेकिन वह पुनः चुनाव के लिए पात्र होगा। कोई व्यक्ति कितनी बार भारत का राष्ट्रपति बन सकता है, इस पर कोई रोक नहीं है। हालाँकि, उसका कार्यालय 5 ... Read more - [नीतियाँ-शासन एवं प्रशासन](https://namastesir.co.in/%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%81-%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%a8-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%a8policies-gov-and/): 10.6-Policies Governance and Administration part-01 “नीतियाँ-शासन एवं प्रशासन” विषय उच्च शिक्षा प्रणाली का कोई नया विषय नहीं है। पेपर 1 के संशोधित यूजीसी नेट पाठ्यक्रम में शब्द “राजनीति” से “नीति” में एकमात्र परिवर्तन है। भारत की नीतियां, शासन और प्रशासन भारत के संविधान द्वारा चलाए जाते हैं। भारतीय संविधान की मूल बातें भारत का संविधान भारत का सर्वोच्च कानून है। यह मौलिक राजनीतिक सिद्धांतों को परिभाषित करने वाली रूपरेखा तैयार करता है, सरकारी संस्थानों की संरचना, प्रक्रियाओं, शक्तियों और कर्तव्यों को स्थापित करता है, और मौलिक अधिकारों, निर्देशक सिद्धांतों और नागरिकों के कर्तव्यों को निर्धारित करता है। भारत का संविधान दुनिया ... Read more - [10.5-समग्र विकास के लिए मूल्य शिक्षा और पर्यावरण शिक्षा का एकीकरण](https://namastesir.co.in/10-5-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%ae%e0%a5%82%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b6/): 10.5-Value Education And Environmental Education  अमूर्त: मूल्य शिक्षा और पर्यावरण शिक्षा दो आवश्यक घटक हैं जो व्यक्तियों और समाज के समग्र विकास में योगदान करते हैं। जहां मूल्य शिक्षा नैतिक और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देती है, वहीं पर्यावरण शिक्षा पर्यावरण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी को बढ़ावा देती है। यह लेख शैक्षिक पाठ्यक्रम में इन दो विषयों को एकीकृत करने के महत्व की पड़ताल करता है, मूल्यों और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच सहजीवी संबंध पर जोर देता है। विभिन्न स्रोतों से प्रेरणा लेते हुए, हम सैद्धांतिक नींव, व्यावहारिक कार्यान्वयन और शिक्षार्थियों और वैश्विक समुदाय पर इस एकीकरण के सकारात्मक प्रभाव ... Read more - [व्यावसायिक तकनीकी और कौशल आधारित शिक्षा ](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%8c%e0%a4%b6/): 10.4-(Professional Technical and Skill Based Education) भारतीय शिक्षा प्रणाली मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) के तहत (10+2+3) पैटर्न पर आधारित है। एमएचआरडी 26 सितंबर, 1985 को भारत सरकार (व्यवसाय का आवंटन) नियम, 1961 में 174वें संशोधन के माध्यम से बनाया गया था। मंत्रालय के मुख्य उद्देश्य होंगे: शिक्षा पर राष्ट्रीय नीति तैयार करना और यह सुनिश्चित करना कि इसे अक्षरश: लागू किया जाए नियोजित विकास, जिसमें पहुंच का विस्तार करना और पूरे देश में शैक्षणिक संस्थानों की गुणवत्ता में सुधार करना शामिल है, उन क्षेत्रों में भी जहां लोगों की शिक्षा तक आसान पहुंच नहीं है। गरीबों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों जैसे ... Read more - [भारत में ओरिएंटल पारंपरिक और गैर-पारंपरिक शिक्षण कार्यक्रम |](https://namastesir.co.in/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%93%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%8f%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf/): ओरिएंटल, पारंपरिक और गैर-पारंपरिक शिक्षा ओरिएंटल शिक्षा: “ओरिएंटल” शब्द “ओरिएंट” शब्द से लिया गया है। ऑक्सफ़ोर्ड डिक्शनरी के अनुसार, “ओरिएंट” का अर्थ “पूर्व के देश, विशेष रूप से पूर्वी एशिया” है। मरियम-वेबस्टर डिक्शनरी की परिभाषा “किसी निर्दिष्ट या निहित बिंदु के पूर्व में स्थित क्षेत्र या देश, दुनिया के पूर्वी क्षेत्र या देश।” ओरिएंट पूर्व के लिए एक ऐतिहासिक शब्द है, जिसमें परंपरागत रूप से पूर्वी दुनिया से संबंधित सभी चीजें शामिल हैं। ओरिएंटल शब्द का प्रयोग अक्सर ओरिएंट (पूर्वी एशिया) की किसी भी चीज़ का वर्णन करने के लिए किया जाता है। ओरिएंटल लर्निंग: “ओरिएंटल” शब्द “ओरिएंट” शब्द से लिया ... Read more - [स्वतंत्रता के बाद भारत में उच्च शिक्षा और अनुसंधान का विकास](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%a4%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87/): 10.2 Evolution of Higher Learning and Research in hindi यदि आप यूजीसी नेट परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो आपको उच्च शिक्षा प्रणाली क्षेत्र में हाल में हो रही घटनाओं पर नजर रखनी होगी। ऐसा देखा गया है कि अधिकांश समय प्रश्न कुछ तथ्यात्मक डेटा और नए अनुकूलन या नीति में बदलाव के आधार पर पूछे जाते थे। अगर हम (यूजीसी) नेट पेपर 1 के पाठ्यक्रम के बारे में बात करते हैं तो पेपर 1 के लिए उच्च शिक्षा प्रणाली अनुभाग निम्नलिखित क्षेत्रों में से एक में निहित था। इसलिए निम्नलिखित विषयों पर बुनियादी विचार रखना महत्वपूर्ण है:- उच्च शिक्षा ... Read more - [प्राचीन भारत में उच्च शिक्षा और शिक्षा संस्थान](https://namastesir.co.in/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%89%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9a-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95/): भारत में प्राचीन संस्थाएँ और शिक्षा: विभिन्न जलवायु और संस्कृतियों वाले विभिन्न क्षेत्रों के यात्रियों के लिए भारत शीर्ष गंतव्य था। उनके लिए भारत आश्चर्य की भूमि थी। भारतीय संस्कृति, धन, धर्म, दर्शन, कला, वास्तुकला, साथ ही इसकी शैक्षिक प्रथाओं की प्रसिद्धि दूर-दूर तक फैल गई थी। प्राचीन काल की शिक्षा प्रणाली को ज्ञान, परंपराओं और प्रथाओं का एक स्रोत माना जाता था जो मानवता का मार्गदर्शन और प्रोत्साहन करती थी। प्राचीन भारत में संस्थाएँ और शिक्षा शिक्षा की प्राचीन प्रणाली वेद, ब्राह्मण, उपनिषद और धर्मसूत्र की शिक्षा थी। आर्यभट्ट, पाणिनि, कात्यायन और पतंजलि के नाम से तो आप सभी परिचित ... Read more - [Q&A-Unit-09-Test-16](https://namastesir.co.in/qa-unit-09-test-16/): Loading… - [Q&A-Unit-09-Test-15-People Environment and Development](https://namastesir.co.in/qa-unit-09-test-15-people-environment-and-development/): People Environment and Development Loading… - [Q&A-Unit-09-Test-14-People Environment and Development](https://namastesir.co.in/qa-unit-09-test-14-people-environment-and-development/): People Environment and Development Loading… - [Q&A-Unit-09-Test-13-People Environment and Development](https://namastesir.co.in/qa-unit-09-test-13-people-environment-and-development/): People Environment and Development Loading… - [New Education Policy 2020](https://namastesir.co.in/new-education-policy-2020/) - [Higher Education System in Ancient India-In Hindi-IJCRT1133926-pdf download](https://namastesir.co.in/higher-education-system-in-ancient-india-in-hindi-ijcrt1133926-pdf-download/) - [Higher Education System in Ancient India-IJCRT1133926](https://namastesir.co.in/higher-education-system-in-ancient-india-ijcrt1133926/): Categories - [Ancient Universities of India in Hindi -AICTE](https://namastesir.co.in/ancient-universities-of-india-in-hindi-aicte/): This is a Machine Translated Version. - [Ancient Universities of India -AICTE](https://namastesir.co.in/ancient-universities-of-india-aicte/): By the All India Council for Technical Education. - [Institutions of higher learning and education in ancient India.-NCERT](https://namastesir.co.in/institutions-of-higher-learning-and-education-in-ancient-india-ncert/): Original Version In English. - [Ancient Education System of India -NCERT in hindi](https://namastesir.co.in/ancient-education-system-of-india-ncert-in-hindi/): NCERT document machine translated version. 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Read more - [9.10-International Environmental Agreements/efforts in hindi](https://namastesir.co.in/10-international-agreements-in-hindi/): मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल एक ऐतिहासिक अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण समझौता है जिसका उद्देश्य पृथ्वी की ओजोन परत की रक्षा करना है। 16 सितंबर, 1987 को मॉन्ट्रियल, कनाडा में अपनाई गई संधि ने मुख्य रूप से ओजोन-घटाने वाले पदार्थों (ओडीएस) के रूप में ज्ञात पदार्थों की रिहाई के कारण होने वाली ओजोन कमी को संबोधित करने के वैश्विक प्रयासों में एक महत्वपूर्ण क्षण को चिह्नित किया। प्रमुख उद्देश्य: 1. ओजोन-क्षयकारी पदार्थों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करना: – मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल का प्राथमिक लक्ष्य ओडीएस के उत्पादन और खपत को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करना है। क्लोरोफ्लोरोकार्बन (सीएफसी), हेलोन्स, कार्बन टेट्राक्लोराइड और मिथाइल क्लोरोफॉर्म ... Read more - [9.4-Climate Change: Unraveling Socio-Economic and Political Dimensions](https://namastesir.co.in/9-4-climate-change-unraveling-socio-economic-and-political-dimensions/): Introduction: Climate change, a complex and pressing global challenge, extends far beyond environmental concerns, permeating into the realms of socio-economic and political dimensions. This article explores the multifaceted impacts of climate change on societies and economies, delving into the intricate web of interconnected challenges it poses. Socio-Economic Impacts: 1. Displacement and Migration:    – Rising sea levels, extreme weather events, and changing climate patterns force communities to migrate, triggering a wave of climate refugees. This mass displacement amplifies social tensions and places immense strain on resources in receiving areas. 2. Food Security:    – Altered precipitation patterns and temperature extremes disrupt agricultural systems, ... Read more - [9.10-International Agreements Related To Environment](https://namastesir.co.in/9-10-international-agreements-related-to-environment/): Montreal Protocol The Montreal Protocol stands as a landmark international environmental agreement aimed at protecting the Earth’s ozone layer. Adopted on September 16, 1987, in Montreal, Canada, the treaty marked a pivotal moment in global efforts to address ozone depletion caused primarily by the release of substances known as ozone-depleting substances (ODS). Key Objectives: 1. Phasing Out Ozone-Depleting Substances:    – The primary goal of the Montreal Protocol is to phase out the production and consumption of ODS. Substances like chlorofluorocarbons (CFCs), halons, carbon tetrachloride, and methyl chloroform were identified as major contributors to ozone layer depletion. 2. Global Cooperation:    – The ... Read more - [9.10.6-International  Solar Alliance](https://namastesir.co.in/9-10-6-international-solar-alliance/): ISA-अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन - [9.10-पर्यावरणीय संबंधी संस्थाएं एवं संगठन](https://namastesir.co.in/9-10-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%a3%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5/): 9.10-Environment related institutions and organizations - [Aapdaen aur unka prabandhan](https://namastesir.co.in/aapdaen-aur-unka-prabandhan/): आपदाएं और उनका प्रबंधन पीडीऍफ़ 9.7-Natural hazards and disasters: Mitigation strategies.  - [Samaj me urja ka mahatwa](https://namastesir.co.in/samaj-me-urja-ka-mahatwa/): समाज में ऊर्जा का महत्व - [9.6-Natural and energy resources-Solar Wind Soil Hydro Geothermal Biomass Nuclear and Forests – 03 ](https://namastesir.co.in/9-6-natural-and-energy-resources-solar-wind-soil-hydro-geothermal-biomass-nuclear-and-forests-03/): ऊर्जा के नवीकरणीय संसाधन-02 - [9.6-Natural and energy resources-Solar Wind Soil Hydro Geothermal Biomass Nuclear and Forests – 02 ](https://namastesir.co.in/9-6-natural-and-energy-resources-solar-wind-soil-hydro-geothermal-biomass-nuclear-and-forests-02/): ऊर्जा के नवीकरणीय संसाधन-01 - [9.6-Natural and energy resources-Solar Wind Soil Hydro Geothermal Biomass Nuclear and Forests - 01  ](https://namastesir.co.in/9-6-natural-and-energy-resources-solar-wind-soil-hydro-geothermal-biomass-nuclear-and-forests-01/): ऊर्जा के गैर नवीकरणीय संसाधन - [NAPCC](https://namastesir.co.in/napcc/): National Action Plan on Climate Change (NAPCC)(Ministry of Environment, Forest and Climate Change) - [NAPCC IN HINDI](https://namastesir.co.in/napcc-in-hindi/): National Action Plan on Climate Change (NAPCC) Note : This pdf is a machine translated Version of the original English language PDF document. - [Environment (Protection) Act 1986 In English](https://namastesir.co.in/environment-protection-act-1986-in-english/): Download PDF from this link. In English Language This Environment (Protection) Act has been promulgated by Parliament of India in the year 1986. This Act also aims to provide for the protection and improvement of environment and for matters connected therewith. This statute has 4 Chapters and 26 Sections. The Chapter includes General Powers of the Central Government, Prevention, Control and Abatement of Environmental Pollution, this act also contains miscellaneous provisions like Protection of action taken in good faith, Members, officers and employees of the authority constituted under Section 3 to be public servants, Power to delegate, Effect of other laws, ... Read more - [Environmental Protection Act (1986) In Hindi](https://namastesir.co.in/environmental-protection-act-1986-in-hindi/): पर्यावरण संरक्षण अधिनियम (1986) pdf download - [What are the Sustainable  Development Goals?](https://namastesir.co.in/what-are-the-sustainable-development-goals/): (Source of Data : United Nations Website) Published 2 September 2019 The UN Sustainable Development Goals (SDGs) replaced the Millennium Development Goals (MDGs) in 2015 as a new set of international development goals. Governments have pledged to meet these new goals by 2030. The SDGs offer a new vision, and new challenges, for development actors around the world. The SDGs are wider in scale and in ambition than the MDGs. They consist of 17 goals, 169 targets and 231 unique indicators (established to monitor progress). The SDGs are also different from the MDGs in that they are universal – covering every ... Read more - [SDGs And MDGs - In Hindi](https://namastesir.co.in/sdgs-and-mdgs-in-hindi/): सतत विकास लक्ष्य क्या हैं? (डेटा का स्रोत: संयुक्त राष्ट्र वेबसाइट) 2 सितंबर 2019 को प्रकाशित संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) ने 2015 में अंतर्राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों के एक नए सेट के रूप में सहस्राब्दी विकास लक्ष्यों (एमडीजी) को प्रतिस्थापित कर दिया। सरकारों ने 2030 तक इन नए लक्ष्यों को पूरा करने का संकल्प लिया है। एसडीजी दुनिया भर के विकासकर्ताओं के लिए एक नई दृष्टि और नई चुनौतियाँ पेश करते हैं। एसडीजी एमडीजी की तुलना में पैमाने और महत्वाकांक्षा में व्यापक हैं। इनमें 17 लक्ष्य, 169 लक्ष्य और 231 अद्वितीय संकेतक (प्रगति की निगरानी के लिए स्थापित) शामिल हैं। ... Read more - [9.3 Manav Samaj Aur Paryavarana-NIOS](https://namastesir.co.in/9-3-manav-samaj-aur-paryavarana-nios/): 9.2-Human and environment interaction: Anthropogenic activities and their impacts on environment. मानव समाज और पर्यावरण-एनआईओएस - [9.3-Environmental issues: Global](https://namastesir.co.in/9-3-environmental-issues-global/) - [9.3-Environmental issues: Local, Regional and Global](https://namastesir.co.in/9-3-environmental-issues-local-regional-and-global/) - [9.5-Environment and health](https://namastesir.co.in/environment-and-health/): 9.5-Impacts of pollutants on human health.   पर्यावरण एवं स्वास्थ्य - [9.3-Environmental Issues](https://namastesir.co.in/9-3-environmental-issues/) - [Q&A-Unit-08-ICT-Part-06-Test-06](https://namastesir.co.in/qa-unit-08-ict-part-06-test-06/): Loading… - [Q&A-Unit-08-ICT-Part-05-Test-05](https://namastesir.co.in/qa-unit-08-ict-part-05-test-05/): Loading… - [Q&A-Unit-08-ICT-Part-04-Test-04  ](https://namastesir.co.in/qa-unit-08-ict-part-04-test-04/): Loading… - [Q&A-Unit-08-ICT-Part-03-Test-03](https://namastesir.co.in/qa-unit-08-ict-part-03-test-03/): Loading… - [Q&A-Unit-08-ICT-Part-02-Test-02   ](https://namastesir.co.in/qa-unit-08-ict-part-02-test-02/): Loading… - [Q&A-Unit-08-ICT-Part-01-Test-01](https://namastesir.co.in/qa-unit-08-ict-part-01-test-01/): Loading… - [अपनी भाषा अपने शब्द](https://namastesir.co.in/%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%a6/): Our Languages Our Words Please Aware about ourselves in india. यदि आप भारतीय होने पर गर्व की अनुभूति करते हैं और भारतीयता को उज्जवलता के साथ प्रतिष्ठित देखना चाहते हैं, तो अवश्य ही आपको भारतीय मूल की शब्दावली का प्रयोग करना चाहिए। क्योंकि भाषा और संस्कृति एक दूसरे में समाहित होती हैं, और एक के नष्ट हो जाने के कारण प्राणहीन हो जाने के कारण दूसरे का अपने आप अंत हो जाता है। इन दोनों का अस्तित्व शरीर और प्राणों की एकता जैसा है। यदि शरीर से प्राण निकल जाए तो शरीर नष्ट हो जाता है, और शरीर के नष्ट हो ... Read more - [Sengol](https://namastesir.co.in/sengol/): Image Source:civilsdaily.com Sengol In New Parliament Building. स्थापना दिवस: 24 मई 2023 Sengol – Wikipedia File:PM installs ‘Sengol’ at new Parliament building, in New Delhi on May 28, 2023.jpg सेंगोल संसद में (Sengol in Parliament) : आज का दिन महत्वपूर्ण है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने एक नया इतिहास रचा है। पूर्व की कई सरकारों ने नए संसद भवन की आवश्यकता पर चर्चा की थी। माननीय प्रधानमंत्री ने इस पर विचार किया और नए भारत के निर्माण की अपनी दूरदर्शिता के साथ, उन्होंने नए संसद भवन का निर्माण कराया जो हमारी विरासत और परंपराओं को आधुनिकता से जोड़ती है।  प्रधानमंत्री ... Read more - [Cyber Security Institutions In India](https://namastesir.co.in/cyber-security-institutions-in-india/): राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक (एनसीएससी) गृह मंत्रालय साइबर सुरक्षा पोस्ट किया गया: 18 दिसंबर 2018 4:59 अपराह्न पीआईबी दिल्ली द्वारा सरकार ने साइबर सुरक्षा से संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए कई विधायी, तकनीकी और संस्थागत उपाय किए हैं। इनमें राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा नीति (2013), सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम, 2000 का अधिनियमन और भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (सीईआरटी-इन) की स्थापना शामिल है। देश में साइबर सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए भारत सरकार द्वारा उठाए गए कुछ विशिष्ट उपाय इस प्रकार हैं: (iv) देश में महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना संरक्षण केंद्र (एनसीआईआईपीसी) ... Read more - [RTGS FAQs in HINDI by RBI](https://namastesir.co.in/rtgs-faqs-in-hindi-by-rbi/): Q2. परिवर्णी शब्द (Acronyms) RTGS का अर्थ है :  (A) रीयल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट  (B) रीयल टाइम ग्रॉस सब्स्टिट्यूशन  (C) रन टाइम ग्रॉस सेटलमेंट  (D) रन टाइम ग्रॉस सब्स्टिट्यूशन  (MPPSC ESTATE MANAGEMENT AND ADMINISTRATION EXAM -2021- GS-PAPER) Answer(A) रीयल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट What does RTGS stand for? Ans. The acronym ‘RTGS’ stands for Real Time Gross Settlement, which can be explained as a system where there is continuous and real-time settlement of fund-transfers, individually on a transaction-by-transaction basis (without netting). (आरटीजीएस का मतलब क्या है? उत्तर. संक्षिप्त नाम ‘आरटीजीएस’ का मतलब रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट है, जिसे एक ऐसी प्रणाली के ... 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Read more - [विक्रम साराभाई की जीवनी(Biography of Vikram Sarabhai)](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a5%80biography-of-vik/): विक्रम साराभाई  संक्षिप्त परिचय डॉ विक्रम ए साराभाई को भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक माना जाता है; वह एक महान संस्थान निर्माता थे और उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में संस्थानों की स्थापना की या उन्हें स्थापित करने में मदद की। उन्होंने अहमदाबाद में भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (पीआरएल) की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई: 1947 में कैंब्रिज से स्वतंत्र भारत में लौटने के बाद, उन्होंने अपने परिवार और दोस्तों द्वारा नियंत्रित धर्मार्थ ट्रस्टों को अहमदाबाद में घर के पास एक शोध संस्थान स्थापित करने के लिए सहमत कर  लिया। इस प्रकार, विक्रम साराभाई ने 11 नवंबर, 1947 को अहमदाबाद में ... Read more - [विलोम शब्द: हिंदी भाषा में विपरीतार्थक शब्द](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%ae-%e0%a4%b6%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%a6-%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82/): Antonyms in Hindi प्रस्तावना: हिंदी भाषा में शब्दों की समृद्धि के एक महत्वपूर्ण पहलू विलोम शब्द हैं। विलोम शब्द हिंदी भाषा के समृद्ध शब्दावली का अनुपम हिस्सा हैं, जो विपरीतार्थक अर्थ व्यक्त करते हैं। इन शब्दों का उपयोग भाषा उपयोगी, शिक्षा में उपयुक्त, और साहित्यिक रचनाओं में उपयोगिता से भरा होता है। इस लेख में, हम विलोम शब्दों के महत्व को जानेंगे और उनके विभिन्न उदाहरण प्रस्तुत करेंगे। विलोम शब्द का अर्थ और परिभाषा: विलोम शब्द हिंदी भाषा में उन शब्दों को कहते हैं जो विपरीत अर्थ व्यक्त करते हैं। ये शब्द विपरीतार्थक शब्द (Antonyms) के रूप में भी जाने जाते ... Read more - [रस](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b0%e0%a4%b8/): रस की अवधारणा रस   शब्द   की   व्युत्पत्ति : भारतीय   संस्कृत   में   रस   शब्द   की   व्युत्पत्ति   इस   प्रकार   दी   गई   है –  “ रस्यते   आस्वाद्यते   इति   रसः ”   अर्थात्   जिसका   आस्वादन   किया   जाए,  वही   रस   है – अथवा   “ सते   इति   रसः ”   अर्थात्   जो   बहे,  वह   रस   है।   इस   प्रकार   रस   की   दो   विशेषताएँ   लक्षित   होती   हैं –  आस्वाद्यत्व   ... Read more - [मीराबाईचानू 💕](https://namastesir.co.in/%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%88%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%82-%f0%9f%92%95/): Mirabai Chanu साभार:’वेद वृक्ष की छांव तले’ पुस्तक का एक अंश। *जब राष्ट्रपति ने खाया एक गरीब भारतीय लड़की का जूठा चावल* …………… मीराबाई चानू की कहानी है यह।  उस समय उसकी उम्र 10 साल थी। इम्फाल से 200 किमी दूर नोंगपोक काकचिंग गांव में गरीब परिवार में जन्मी और छह भाई बहनों में सबसे छोटी मीराबाई चानू अपने से चार साल बड़े भाई सैखोम सांतोम्बा मीतेई के साथ पास की पहाड़ी पर लकड़ी बीनने जाती थीं।  एक दिन उसका भाई लकड़ी का गठ्ठर नहीं उठा पाया, लेकिन मीरा ने उसे आसानी से उठा लिया और वह उसे लगभग 2 किमी ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) के पद संख्या -160](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-44/): Kabir Granthavali Sampadak hajari prasad dwivedi पद : 160 अर्थ सहित (Pad -160) लोका मति के भोरा रे। जो काशी तन तजै कबीरा, तौ रामहिं कहा निहोरा रे।। तब हम वैसे अब हम ऐसे, इहै जनमका लाहा रे।। राम-भगति-परि जाकौ हित चित, ताकौ अचिरज काहा रे।। गुर-प्रसाद साधकी संगति, जग जीते जाइ जुलाहा रे।। कहै कबीर सुनहु रे सन्तो, भ्रंमि परै जिनि कोई रे।। जस काशी तस मगहर ऊसर, हिरदै राम सति होई रे।। भावार्थ :- लोग मति के भोले हैं या भ्रमित हैं। कबीरदास जी कहते हैं कि यदि कबीर भी काशी में ही अपना अंतिम समय व्यतीत करना चाहते ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) पद संख्या -161-162 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-43/): kabir ke pad arth sahit. पद: 161 पूजा-सेवा-नेम-व्रत, गुड़ियनका-सा खेल जव लग पिउ परसै नहीं, तब लग संसय मेल।। भावार्थ :- पूजा करना, सेवा करना, तरह-तरह के नियमों का पालन करना, व्रत रखना यह सभी वस्तुएं या यह सभी क्रियाकलाप आध्यात्मिक क्षेत्र में गुड़ियों के खेल जैसा है अर्थात् जैसे छोटे बच्चे गुड्डी गुड़िया से खेलते हैं भक्ति के क्षेत्र में यह भी उसी तरह का बच्चों का खेल है। कबीरदास जी कहते हैं कि जब तक पिउ अर्थात् ईश्वर का या आत्म स्वरूप का अनुभव नहीं हो जाता अर्थात आत्मानुभूति नहीं हो जाती तब तक यह जो संसार है कि ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) के पद संख्या 163 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-42/): kabir ke pad arth sahit. पद: 163 मेरा-तेरा मनुआँ कैसे इक होई रे। मैं कहता हौ ऑखिन देखि, तू कहता कागद्की लेखी। मैं कहता सुरझावन हारी, तू राख्यौ उरझाई रे। मैं कहता तू जागत रहीयो, तू रहता है सोई रे। मैं कहता निर्मोही रहियो, तू जाता है मोहि रे। जुगन जुगन समुझावत हारा, कही न मानत कोई रे। तू तो रंडी फिरै बिहंडी, सब धन डारे खोई रे। सतगुरु धरा निर्मल बाहै, वामै काया धोई रे। कहत कबीर सुनो भाई साधो, तब ही वैसा होई रे।। भावार्थ :- कबीर दास जी कहते हैं की भाई तेरा और मेरा मन एक कैसे ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) के पद संख्या 164 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-41/): kabir ke pad arth sahit. पद: 164 दुलहिन अँगिया काहे न धोवाई। बालपने की मैली अँगिया बिषय-दाग परि जाई। बिन धोये पिय रीझत नाहीं, सेजसे देत गिराई। सुमिरन ध्यानकै साबुन करि ले सत्तनाम दरियाई। दुबिधाके भेद खोल बहुरिया मनकै मैल धोवाई। चेत करो तीनों पन बीते, अब तो गवन नागिचाई। पालनहार द्वार हैं ठाढ़े अब काहे पछिताई। कहत कबीर सुनो री बहुरिया चित अंजन दे आई।। भावार्थ :- इस पद में कबीर दास जी साधकों को या मुक्ति की इच्छा करने वालों को एक दुल्हन के रूप में देखते हैं यहां पर दुल्हन स्वरूप का रूपक प्रयोग किया गया वह कहते ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) पद संख्या 165 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-40/): kabir ke pad arth sahit. पद:165 मोरि चुनरी में परि गयो दाग पिया। पाँच तत्व की बनी चुनरिया, सारेहसै बंद लागे जिया। यह चुनारी मोरे मैके ते आई ससुरेमे मनुवाँ खोय दिया। मलि मलि धोई दाग न छूटे ज्ञानकी साबुन लाय पिया। कहै कबीर दाग कब छुटिहै जब साहब अपनाय लिया। भावार्थ :- कबीर दास जी ईश्वर  से निवेदन करते हुए कहते हैं कि हे प्रियतम मेरी चित्त रुपी चुनरी में दाग पड़ गये हैं। यह चुनरी अर्थात शरीर पांच तत्वों से बना हुआ है और इस चुनरी में दाग पड़ने के कारण मुझे अब चारों ओर से कोई रास्ता नहीं ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) के पद संख्या 166 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-39/): kabir ke pad arth sahit. पद:166 तेरा जन एक आध है कोई। काम-क्रोध अरु लोभ बिवर्जित, हरिपद चीन्हैं सोई॥ राजस-तामस-सातिग तीन्यु, ये सब तेरी माया। चौथै पद कौ जे जन चिन्हें, तिनहि परम पद पाया॥ असतुति-निंदा-आसा छांडै, तजै मांन-अभिमानां । लोहा-कंचन समि करि देखै, ते मूरति भगवाना॥ च्यंतै तो माधो च्यंतामणि, हरिपद रमै उदासा। त्रिस्ना अरु अभिमांन रहित है कहै कबीर सो दासा। भावार्थ :- इस पद में कबीरदास जी कहते हैं कि हे प्रभु तेरा जन अर्थात् तेरा सच्चा भक्त कोई एक आध ही है अर्थात् बिरला ही कोई है। और ऐसा जो भक्त है, वह भक्त जो काम क्रोध ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) पद संख्या 167 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-38/): kabir ke pad arth sahit. पद: 167 अबूझा लोग कहाँलौ बूझे बुझनहार बिचारो।। केते रामचंद्र तपसी से जिन जग यह भरमाया। केते कान्ह भये मुरलीधर तिन भी अन्त न पाया।। मच्छ-कच्छ बाराह स्वरूपी वामन नाम धराया। केते बौध भये निकलंकी तिन भी अन्त न पाया।। केतिक सिध-साधक-सन्यासी जिन बन बास बसाया। केते मुनिजन गोरख कहिये तिन भी अन्त न पाया।। जाकी गति ब्रह्मै नहिं पाये सिव-सनकादिक हारे। तोके गुण नर कैसे पैहो कहै कबीर पुकारे।। भावार्थ :- संत कबीर जी कहते हैं कि जो अबूझ अर्थात अनभिज्ञ लोग हैं वह उसे ईश्वर को नहीं जानते अपितु कोई बिरला ही बूझने अर्थात् ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) के पद संख्या 168 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-37/): kabir ke pad arth sahit. पद: 168 साधो, देखो जग बौराना ।साँची कहौ तौ मारन धावै, झूठे जग पतियाना ।हिन्दू कहत, राम हमारा, मुसलमान रहमाना ।आपस में दौऊ लड़ै मरत हैं, मरम कोई नहिं जाना ।बहुत मिले मोहि नेमी-धर्मी, प्रात करे असनाना ।आतम-छाँड़ि पषानै पूजै, तिनका थोथा ज्ञाना ।आसन मारि डिंभ धरि बैठे, मन में बहुत गुमाना । पीपर-पाथर पूजन लागे, तीरथ-बरत भुलाना ।माला पहिरे, टोपी पहिरे छाप-तिलक अनुमाना ।साखी सब्दै गावत भूले, आतम खबर न जाना ।घर-घर मंत्र जो देन फिरत हैं, माया के अभिमाना ।गुरुवा सहित सिष्य सब बूढ़े, अन्तकाल पछिताना । बहुतक देखे पीर-औलिया, पढ़ै किताब-कुराना ।करै मुरीद, ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) के पद संख्या 168अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-36/): kabir ke pad arth sahit. पद: 168 साधो, देखो जग बौराना ।साँची कहौ तौ मारन धावै, झूठे जग पतियाना ।हिन्दू कहत, राम हमारा, मुसलमान रहमाना ।आपस में दौऊ लड़ै मरत हैं, मरम कोई नहिं जाना ।बहुत मिले मोहि नेमी-धर्मी, प्रात करे असनाना ।आतम-छाँड़ि पषानै पूजै, तिनका थोथा ज्ञाना ।आसन मारि डिंभ धरि बैठे, मन में बहुत गुमाना । पीपर-पाथर पूजन लागे, तीरथ-बरत भुलाना ।माला पहिरे, टोपी पहिरे छाप-तिलक अनुमाना ।साखी सब्दै गावत भूले, आतम खबर न जाना ।घर-घर मंत्र जो देन फिरत हैं, माया के अभिमाना ।गुरुवा सहित सिष्य सब बूढ़े, अन्तकाल पछिताना । बहुतक देखे पीर-औलिया, पढ़ै किताब-कुराना ।करै मुरीद, ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) के पद संख्या 169 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-35/): kabir ke pad arth sahit. पद:169 मीयाँ तुम्हसौ बोल्याँ बणि नहीं आवै। हम मसकीन खुदाई बन्दे तुम्हरा जस मनि भावै।। अलह अवलि दीनका साहिब, जोर नहीं फुरमाया। मुरिसद-पीर तुम्हारै है को, कहौ कहाँथै आया।। रोजा करै निवाज गुजारै कलमै भिसत न होई। सतरि काबे इक दिल भीतरि जे करि जानै कोई।। खसम पिछांनि तरस करि जियमै, माल मनीं करि फीकी। आया जाँनि साँईकूं जाँनै, तब है भिस्त सरीकी।। माटी एक भेप धरि नाँनाँ, सबमे ब्रह्म समानाँ। कहै कबीर भिस्त छिटकाई दिजग ही मनमानाँ।। मसकीन का हिंदी अर्थ  गरीब । दीन । बेचारा भावार्थ :- कबीर दास जी मुस्लिमों को संबोधित करते ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) पद संख्या 170 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-34/): पद:170 वै क्यू कासी तजै मुरारी। तेरी सेवा-चोर भये बनवारी।। जोगी-जती-तपी संन्यासी। मठ-देवल बसि परसै कासी।। तीन बार जे नित् प्रति न्हावे। काया भीतरि खबरि न पावे।।देवल-देवल फेरी देही। नांव निरंजन कबहुँ न लेही।।चरन-विरद-कासी को न दैहूं। कहै कबीर भल नरकहि जैहूं।। शब्दार्थ :  –   देवल=देवालय । अरसं = स्पशॆ, उपयोग । विरद=यश । संदर्भ :- –कबीरदास जी केवल बाह्याचारी दंभियो की निंदा करते हैं। भावार्थ :- हे मुरारी, जिन लोगो ने भगवान की सेवा मे चोरी की है वे काशी को क्यो छोड़ने लगे ? तात्पयॆ यह है कि जिन्होंने भगवान का नाम नहीं लिया है, वे काशीवास द्वारा ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) पद संख्या 171 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-33/): पद: 171 बहुविध चित्र बनाय कै, हरि रच्यौ क्रीडा-रास। जेहि न इच्छा झुलिवे की, ऐसी बुधि केहि पास।। झुलत-झुलत बहु कलप बीते, मन न छोड़े आस। रचि हिंडोला अहो-निसि हो चारि जुग चौमास।। कबहुँ ऊँचसे नीच कबहूँ, सरग-भूमि ले जाय। अति भ्रमत भरम हिंड़ोलवा हो, नेकु नहिं ठहराया।। डरत हौं यह झूलबे को, राखु जादवराय। कहै कबीर गोपाल बिनती, सरन हरि तुअ पास।। भावार्थ :- कबीरदास जी कहते हैं कि ईश्वर जैसे किसी चित्रकार की तरह है जिसने अनेक प्रकार के चित्र बना दिए हैं और उसने इन चित्रों के माध्यम से क्रीडा रास का निर्माण किया है। किंतु ऐसे लुभावने ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) पद संख्या 172 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-32/): पद: 172 चली मैं खोजमे पियकी। मिटी नहीं सोच यह जियकी।। रहे नित पास ही मेरे। न पाऊँ यार को हेरे।। बिकल चहुँ ओरको धाऊँ। तबहुँ नहिं कंतको पाऊँ।। धरो केहि भाँतिसो धीरा। गयौ गिर हाथ से हीरा।। कटी जब नैन की झांई। लख्यौ तब गगनमें साईं।। कबीरा शब्द कहि त्रासा। नयन में यारको बासा।।    भावार्थ :- कबीरदास जी अपने को प्रियतमा की तरह देखते हुए कहते हैं कि मुझे अपने प्रियतम अर्थात ईश्वर से मिलने की बड़ी इच्छा है और मेरी यह आशा यह चिंता अभी मिटी नहीं है और मैं अपने पिया की खोज में जा रही हूं। ऐसा ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) पद संख्या 173 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-31/): पद: 173 तलफै बिन बालम मोर जिया। दिन नहिं चैन रात नहिं निंदिया, तलफ तलफके भोर किया। तन-मन मोर रहंट-अस डोलै, सून सेज पर जनम छिया। नैन चकित भए पंथ न सूझै, साईँ बेदरदी सुध न लिया। कहत कबीर सुनो भइ साधो, हरो पीर दुख जोर किया। भावार्थ :- कबीर दास जी अपनी विरह वेदना को व्यक्त करते हुए कहते हैं कि उसे ईश्वर रूपी प्रियतम के बिना मेरा मन अत्यधिक तड़प का अनुभव करता है ना तो दिन में आता है नहीं रात में नींद आती है और इसी तरह तड़प तड़प कर बेचैनी में सुबह हो जाती है। मेरा ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) पद संख्या 174 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-30/): पद: 174 अबिनासी दुलहा कब मिलिहौ, भक्तन के रछपाल॥टेक॥ जल उपजल जल ही से नेहा, रटत पियास पियास। मैं बिरहिनि ठाढ़ी मग जोऊँ, प्रीतम तुम्हरी आस॥1॥ छोड़्यो गेह नेह लगि तुमसे, भई चरन लौलीन। तालाबेलि होत घट भीतर, जैसे जल बिन मीन॥2॥ दिवस न भूख रैन नहिं निद्रा, घर अँगना न सुहाय। सेजरिया बैरिनि भइ हमको, जागत रैन बिहाय॥3॥ हम तो तुम्हरी दासी सजना, तुम हमरे भरतार। दीनदयाल दया करि आओ, समरथ सिरजनहार॥4॥ कै हम प्रान तजतु हैं प्यारे, कै अपनी करि लेव। दास कबीर बिरह अति बाढ़्यो, अब तो दरसन देव॥5॥ भावार्थ :- संत कबीर दास जी ईश्वर को संबोधित ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) पद संख्या 175 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-29/): पद: 175 नैना अंतरि आव तू, ज्यूं हौं नैन झंपेउ। ना हौं देखूं और कूं, नां तुझ देखन देऊँ। कबीर रेख सिन्दूर की काजल दिया न जाई। नैनूं रमैया रमि रहा,  दूजा कहाँ समाई । मन परतीति न प्रेम-रस, ना इस तन में ढंग। क्या जाणौ उस पीव सूं कैसी रहसि संग।।” भावार्थ :- कबीरदास जी कहते हैं कि हे मेरे प्रियतम! अर्थात हे ईश्वर तुम मेरे नैनो के भीतर चुपचाप आ जाओ और मैं अपनी पलकों के दरवाजे बंद कर लेती हूं। न तो मैं किसी और को देखूंगा और ना तुझे ही देखने दूंगा क्योंकि मैं तुझे भी अपने ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) पद संख्या 176 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-28/): पद: 176 नैंनो की करि कोठरी, पुतली पलंग बिछाय। पलकों की चिक डारि कै, पिय को लिया रिझाय।।1।। प्रियतम को पतिया लिखूं, कहीं जो होय बिदेस। तनमें, मनमें, नैनमें, ताकौ कहा संदेस।।2।। भावार्थ :-  कबीर दास जी कहते हैं कि अपने निर्गुण राम रूपी प्रियतम को रिझाने के लिए मैं क्या करूंगी तो कहते हैं कि नैनो की करि  कोठरी अर्थात नैनो को या अपने नेत्रों को मैं कोठरी अर्थात घर बना लूंगी और उनके अंदर जो पुतलियां है आंखों की पुतली पलंग बिछाए अर्थात उनको पलंग की तरह, पलंग बना लूंगी और पलकों के दरवाजे या पर्दों को बंद कर ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) पद संख्या 177-178 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-27/): पद: 177 अँखियाँ तो झांई परी, पंथ निहारि-निहारि। जीभड़ियाँ छाला पड्या, राम पुकारि-पुकारि। विरह कमंडल कर लिये वैरागी दो नैन । माँगै दरस मधूकरी छके रहैं दिन रैन ॥ सब रंग तात रबाब तान, विरह बजाबै नित्त और न कोई सुनि सकै, कै साईं कै चित्त।। भावार्थ :- संत कबीर जी कहते हैं कि ईश्वर रूपी प्रियतम के वियोग में उनकी राह देखते देखते उनका पथ देखते देखते मेरी आंखों में झुर्रियां बढ़ गई हैं और उनका नाम जो कि राम है राम नाम पुकार पुकार कर मेरी जिह्वा में भी छाले पड़ गए हैं। और उनकी याद में उनके विरह ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) पद संख्या 179 -180 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-26/): पद: 179 दुलहिनि तोहि पियके घर जाना। काहे रोवो काहे गावो काहे करत वहाना।। काहे पहिरयौ हरि हरि चुरियाँ पहिरयौ प्रेम कै बाना। कहै कबीर सुनो भाई साधो, बिन पिया नहिं ठिकाना।। भावार्थ:-  कबीरदास जी कहते हैं की हे मनुष्य अथवा तो है प्राणियों तुम तो उस दुल्हन की तरह है जिसे 1 दिन अपने प्रियतम के घर विवाह के उपरांत चले ही जाना है और यह सत्य ही है कि जाना है तो फिर तुम उस जाने को लेकर किस बात के लिए रोते गाते कहते हो और क्यों  तरह-तरह के बहाना बनाते हो?  वह कहते हैं कि यह जो ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) के पद संख्या 181-183 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-25/): kabir ke pad arth sahit. कबीर के पद पद: 181 अब तोहि जान न देहुँ राम पियारे ज्यूँ भावै त्यूँ होहु हमारे॥ बहुत दिननके बिछुरे हरि पाये,, भाग बड़े घर बैठे आये। चरननि लागि करौं बरियाई। प्रेम प्रीति राखौं उरझाई। इत मन-मंदिर रहौ नित चोपै, कहै कबीर करहु मति घोषैं॥ भावार्थ :- संत कबीर दास जी कहते हैं कि अंततः जब मैंने अपने राम रूपी प्रियतम को प्राप्त कर लिया है तो अब मैं हे प्रियतम! तुम्हें किसी भी तरह जाने नहीं दूंगी। आपको जिस भी तरह से ठीक लगता है आप उस तरह से हमारे होकर रहिए। बहुत काल से ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) पद संख्या 184 -185 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-24/): पद: 184 हमरी ननंद निगोडिन जागे। कुमति लकुटिया निसि-दिन ब्यापै, सुमति देखि नहिं भावै। निसि-दिन लेत नाम साहबको, रहत रहत रँग लागै। निसिदिन खेलत रही सखियन-सँग, मोहिं बड़ो डर लागै। मोरे साहबकी ऊँची अटरिया, चढ़तमे जियरा काँपै। जो सुख चहै तो लज्जा त्यागै, पियसे हिलि-मिलि लागै। घूँघट खोल अंग-भर भेंट, नैन-आरती साजै। कहै कबीर सुनो भाई साधो, चतुर होय सो जानै। निज प्रीतमकी आस नहीं है नाहक काजर पारै।      भावार्थ :-  संत कवि कबीर दास जी कहते हैं कि हमारी जो यह मोह रुपी निद्रा है यह बड़ी निगोड़ी है यह हमें जागने नहीं देती। हमारी कुमति रुपी लखोटिया अर्थात सहारे ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) पद संख्या 186 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-23/): पद: 186 कैसे जीवेगी विरहिनी पिया बिन, कीजै कौन उपाय। दिवस न भूख रैन नहिं सुख है, जैसे कलिजुग जाम। खेलत फाग छाँडि चलु सुंदर, तज चलु धन औ धाम। बन-खंड जाय नाम लौ लावो, मिलि पियसे सुख पाय। तलफत मीन बिना जल जैसे, दरसन लीजै धाय। बिना आकार रूप नहीं रेखा, कौन मिलेगी आय। आपन पुरुष समझिले सुंदरि, देखो तन निरताय। सब्द सरुपी जिव-पिव बूझो, छड़ो भ्रामरी टेक। कहैं कबीर और नहिं दूजा, जुग जुग हम-तुम एक। भावार्थ :- कैसे जीवेगी विरहिनी पिया बिन, कीजै कौन उपाय। दिवस न भूख रैन नहिं सुख है, जैसे कलिजुग जाम। संत कबीर दास ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) पद संख्या 187 -188 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-22/): पद: 187 भींजै चुनरिया प्रेम-रस बूंदन।आरत साज चली है सुहागिन पिय अपनेको ढूंढन।काहेकी तोरी बनी है चुनरिया काहेके लगे चारों फूंदन।पाँच तत्तकी बनी है चुनरिया नामके लागे फूंदन।चढ़िगे महल खुल गई रे किवरिया दास कबीर लागे झूलन।। भावार्थ :- कबीर दास जी अपने सिद्ध अवस्था का वर्णन करते हुए कहते हैं की यह चुनरिया प्रेम रस की बूंद से अब भीग रही है। और जो सुहागिन है जिसको अपना सुहाग प्राप्त हो गया है आरती की थाल सजाकर अपने प्रियतम को ढूंढने के लिए निकल पड़ी है। फिर कहते हैं कि यह चुनरिया यह जो तेरी चुनरिया है यह कौन से ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) पद संख्या 189 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-21/): पद: 189 गुरु मोहि घुँटिया अजर पिलाई। जबसे गुरु मोहि घुँटिया पियाई, भई सुचित मेटी दुचिताई। नाम-औषधि आधार-कटोरी, पियत अघाय कुमति गई मोरी। ब्रह्मा-विस्नु पिये नहिं पाये, खोजत संभू जन्म गँवाये। सुरत निरत करि पियै जो कोई, कहै कबीर अमर होय सोई।।     भावार्थ :- सुन संत कबीरदास जी कहते हैं कि मेरे गुरुदेव ने मेरी जन्म मरण की श्रंखला रूपी व्याधि को देखकर उस रोग को मिटाने के लिए मुझे ऐसी दवा या घुंटिया  पिलाई कि मैं अजर हो गया अर्थात मुझे अब कभी वृद्धावस्था नहीं आएगी अर्थात में ब्रह्म रूप हो गया शरीर तो नष्ट हो जाएगा शरीर को तो ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) पद संख्या 190 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-20/): पद: 190 कबीर भाटी कलालकी, बहुतक बैठे आइ।सिर सौंपे सोई पिवै, नहीं तो पिया न जाइ।।हरि-रस पीया जाणिए, जे कबहूं न जाइ खुमार।मैंमंता घुँमत रहै, नाहीं तनकी सार।।सबै रसायण मैं किया, हरि-सा और न कोई।तिल इक घटमैं संचरै, तो सब कंचन होइ।। शब्दार्थ :- मैमंता = मदमाता। भावार्थ :-  तो कबीरदास जी कहते हैं की कलाल अर्थात शराब मिलने का स्थान भट्टी कहलाता है वहां पर बहुत सारे लोग आकर बैठे किंतु जिसने अपना सिर सौंप दिया वही उसे पी पाया यहां पर सिर का अर्थ है अपने अहंकार को समर्पित करना नम्र होना उसके बिना उस शराब को कोई नहीं ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) पद संख्या 191 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-19/): पद: 191 पीछे लागा जाइ था, लोक वेद के साथि।आगैं थैं सतगुर मिल्या, दीपक दीया हाथि॥1।। दीपक दीया तेल भरि, बाती दई अघट्ट। पूरा किया विसाहूणा, बहुरिन आँवौं हट्ट॥2।। कबीर गुरु गरवा मिल्या, रलि गया आटे लूंण। जाति पाँति कुल सब मिटैं, नौव घरौगे कौण।।3।। सतगुरु हमसूँ रीझि करि, एक कहाय परसंग। बरस्या बादल प्रेम का, भीजि गया सब अंग॥4।। शब्दार्थ :- बिसाहुणांँ=खरीदना।  भावार्थ :- कबीर दास जी कहते हैं कि मैं जनसमुदाय और धार्मिक रीति से की जाने वाली  धार्मिक परंपराओं और ग्रंथों  में भ्रमित था और उसी में तन्मय था। इस प्रकार जब मैं थोड़ा आगे गया तो मुझे ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) पद संख्या 192 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-18/): पद: 192 व दिन कब आवैगे भाइ।  जा कारनि हम देह धरि है, मिलिबौ अंगि लगाइ।। हौ जाँनूं जे हिल-मिलि खेलूँ, तन मन प्रान समाइ।। या कांमनां करौ परपूरन, समरथ हौ रांम राइ।। मांहि उदासी माधौ चाहै, चितवन रैनि बिहाइ।। सेज हमारी स्वघं भई है, जब सोऊँ तब खाइ।। यहु अरदास दासकी सुनिये, तनकी तपनि बुझाइ।। कहै कबीर मिलै जे सांई, मिलि करि मंगल गाइ।। शब्दार्थ :- स्यंघ =सिंह। भावार्थ :- कबीरदास जी कहते हैं कि ऐसे मेरे दिन कब आएंगे हे भाई कि जिस कारण यह जिस उद्देश्य से हमने इस शरीर को धारण किया है वह पूरा हो जाएगा ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) पद संख्या 193 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-17/): पद: 193 मेरी अंखियाँ जांन सुजांन भई। देवर गरम सुसर संग तजि करि, हरि पीव तहाँ गई।। बालपनैके करम हमारे, काटे जानि दई। बाँह पकरि करि किरपा किन्हीं, आप समींप लई।। पानींकी बूँदेथे जिनि प्यंड साज्या, ता संगि अधिक करई। दास कबीर पल प्रेम न घटई, दिन दिन प्रीति नई।।    रई =रत हुई। भावार्थ :- कबीर दास जी कहते हैं कि मेरी आंखों में जो जान थी जो खूबसूरती थी वह यह जानकर और अधिक सुंदर और अधिक सुजान हो गई कि अब मैं अपने देवर ससुर आदि परिवार वालों का संग छोड़कर अपने प्रियतम हरि के पास रहने को ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) पद संख्या 193 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-16/): पद: 193 मेरी अंखियाँ जांन सुजांन भई। देवर गरम सुसर संग तजि करि, हरि पीव तहाँ गई।। बालपनैके करम हमारे, काटे जानि दई। बाँह पकरि करि किरपा किन्हीं, आप समींप लई।। पानींकी बूँदेथे जिनि प्यंड साज्या, ता संगि अधिक करई। दास कबीर पल प्रेम न घटई, दिन दिन प्रीति नई।।    रई =रत हुई। भावार्थ :- कबीर दास जी कहते हैं कि मेरी आंखों में जो जान थी जो खूबसूरती थी वह यह जानकर और अधिक सुंदर और अधिक सुजान हो गई कि अब मैं अपने देवर ससुर आदि परिवार वालों का संग छोड़कर अपने प्रियतम हरि के पास रहने को ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) पद संख्या 194 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-15/): पद: 194 इहि बिधि रामसूं ल्यौ लाइ।। चरन पाषै निरति करि, जिभ्या बिनाँ गुंण गाइ। जहाँ स्वाँति बूँद न सीप साइर, सहजि मोती होइ। उन मोतियन मै पोय, पवन अम्बर धोई जहाँ धरनि बरषै गगन भीजै, चन्द-सूरज मेल। दोई मिलि तहाँ जड़न लागे, करत हंसा केलि। एक बिरष भीतरि नदी चाली, कनक कलस समाइ। पंच सुवटा आइ बैठे, उदै  भई जनराइ। जहाँ बिछ्य्यौ तहाँ लाग्यौ, गगन बैठो जाइ। जन कबीर बटाऊवा, जिनि मारग लियौ चाइ। शब्दार्थ :-  चरण पाषैं निरति करि = चरणों के पंख पर नृत्य करो। जिभ्या बिना = जीभ से उच्चारण किए बिना, सहज भाव‌से। जहाँ … धोइ ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) पद संख्या 195-196 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-14/): पद: 195 करो जतन सखी साँई मिलनकी। गुड़िया गुड़वा सूप सुपलिया,तजि दें बुधि लरिकैयाँ खेलनकी। देवता पित्तर भुइयाँ भवानी,यह मारग चौरासी चलनकी। ऊँचा महल अजब रँग बँगला,साँईंकी सेज वहाँ लगी फूलनकी। तन मन धन सब अपनि कर वहाँ,सुरत सम्हार परु पइयाँ सजनकी। कहै कबीर निर्भय होय हंसा,कुंजी बता दयो ताला खुलनकी।  भावार्थ :-  कबीरदास जी कहते हैं की हे सखी अपने साइन से अपने प्रियतम से मिलन का प्रयत्न करो अब गुड्डे गुड़ियों से खेलने का समय पूरा हो गया है और अपने बालपन की बुद्धि का त्याग करो देवता, पितरों, देवियां आदि को पूजना तो जैसे 84 में चलने का ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) पद संख्या 197 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-13/): पद: 197 गुरु बड़े भृंगी हमारे गुरु बड़े भृंगी। कीटसों ले भृंग कीन्हा आपसो रंगी। पाँव औरै पंख औरै और रँग रंगी। जाति कूल ना लखै कोई सब भये भृंगी। नदी-नाले मिले गंगे कहलावै गंगी। दरियाव-दरिया जा सामने संग में संगी। चलत मनसा अचल कीन्ही मन हुआ पंगी। तत्त्मे निःतत्त दरसा संग में संगी। बंधतें निर्बंध कीन्हा तोड़ सब तंगी। कहै कबीर किया अगमगम नाम रँग रंगी।।     भावार्थ :- संदर्भ :- भारतीय अध्यात्म और संत परंपरा में एक कथा प्रचलित है की किसी कीड़े को जब कोई भंवरा डंक मारता है तो वह कीड़ा उस भंवरे का तीव्रता से चिंतन करता ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) पद संख्या 198 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-12/): पद:198 पिया मेरा जागे मैं कैसे सोई री। पाँच सखि मेरे सँगकी सहेली, उन रँग रँगी पिया रंग न मिली री। सास सयानी ननद-बोरानी, उन डर डरी पिय सार न जानी री। दादस ऊपर सेज बिछानी, चढ़ न सकौ मारी ला लजानी री। रात दिवस मोहिं कूका मारे, मैं न सुनी रचि रहि संग जार री। कहै कबीर सुनु सखी सयानी, बिन सतगुरु पिया मिले न मिलानी री।।  शब्दार्थ :- द्वादस ऊपर  = 10 इन्द्रिय, मन और बुद्धि  इन बारहों  से परे । रात दिवसा …… जानी री = रात-दिन मेरे हृदय में  विरह वेदना  उमड़ती रहती है, पर मैंने उसकी ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) पद संख्या 199 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-11/): पद: 199 बहुत दिनन की जोवती, बाट तुम्हारी राम।जिव तरसे तुझ मिलन कूँ, मनि नाहीं विश्राम।।1।। बिरहिन ऊठै भी पड़े, दरसन कारनि राम।मूवाँ पीछे देहुगे, सो दरसन किहिं काम॥2।। मूवां पीछे जिनि मिलै, कहै कबीरा राम। पाथर घाटा लौह सब, पारस कोणों काम॥3।। बासुरि सुख, नाँ रैणि सुख, ना सुख सुपिनै माहिं। कबीर बिछुट्‌या राम सूं, ना सुख धूप न छाँहि॥4।। भावार्थ :- बहुत दिनन की जोवती, बाट तुम्हारी राम। जिव तरसे तुझ मिलन कूँ, मनि नाहीं विश्राम।।1।। संत कबीर जी कहते हैं की हे प्रियतम मैं बहुत दिनों से तुम्हारी राह देख रही थी हे मेरे राम! मेरा मन तुमसे ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) पद संख्या 200 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-10/): पद: 200 परबति परबति मैं फिरता, नैन गँवाए रोई। सो बूटी पाऊँ नहीं, जातै जीवन होई।।1।। नैन हमारे जलि गए, छिन छिन लोड़े तुज्झ। नां तू मिलै न मैं सुखी, ऐसी बदन मुज्झ।।2।। सुखिया सब संसार है, खाये अरु सोवै। दुखिया दास कबीर है, जागै अरु रोवै।।3।। भावार्थ :- परबति परबति मैं फिरता, नैन गँवाए रोई। सो बूटी पाऊँ नहीं, जातै जीवन होई।।1।। कबीर दास जी अपनी साधना अवस्था की स्थिति का वर्णन करते हुए कहते हैं कि मैं उसे ईश्वर को निर्गुण राम को मेरे प्रियतम को खोजते हुए पर्वत पर्वत फिरता रहा और उसकी याद में रोता रहा और ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) के पद संख्या 201 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-9/): kabir ke pad arth sahit. पद: 201 आई न सकौ तुज्झपै, सकूँ न तुज्झ बुलाइ। जियरा यौही लेहुगे, विरह तपाइ तपाइ।।1।। यहु तन जालौ मसि करौ, लिखौ रामका नांऊँ। लेखणि करूँ करंककी, लिखि लिखि राम पठाऊँ।।2।। इस तनका दीवा करौ, बाती मेलूँ जीव। लोही सिचौ तेल ज्यूँ, कब मुख देखौ।।4।। कै बिरहिनकूँ मीच दे, कै आपा दिखलाइ। आठ पहरका दाझणा, मोपै सहा न जाइ।।5।। शब्दार्थ :- वह राम दया मत करें। मैं वह शरीर जलाऊँगी, जलाकर राख कर दूंगी ताकि धुआँ आकाश में जाय (और बादल बनकर वहीं) इस आग को वरसकर बुझा दे । विरह की आग से ही वह ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) पद संख्या 202 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-8/): पद: 202 कबीरा प्याला प्रेमका, अंतर दिया लगाय। रोम रोमसे रमि रह्या, और अमल क्या खाए।।1।।      कबीरा हम गुरु-रस पिया, बाकी रही न छाक। पाका कलस कुम्हार का, बहुरि न चढ़सी चाक।।2।।    राता-माता नामका, पीया प्रेम अघाय। मातवाला दीदार का, माँगें मुक्ति बलाय।।3।। भावार्थ :- कबीर दास जी कहते हैं कि मैं प्रेम का प्याला अपने अंतर में भीतर में लगा दिया है और जो मेरे रोम रोम में राम रहा है उस प्रियतम का मुझे व्यसन हो गया है। तो फिर मैं दूसरे व्यसन किस लिए करूं। कबीरदास जी कहते हैं कि हमने गुरु रस पिया है । गुरु ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) के पद संख्या 203 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-7/): kabir ke pad arth sahit. पद: 203 ऐ कबीर, तै उतरि रहु, संबल परो न साथ। संबल घटे न पगु थके, जीव बिराने हाथ।।1।। कबीरा का घर सिखरपर, जहाँ सिलहली मैल। पाँव न टिकै पिपीलिका, खलकन लादे बैल।।2।। शब्दार्थ :- सिलहली = पिच्छिल, फिसलने लायक। गैल = रास्ता । खलकन = दुनिया |  भावार्थ :- ऐ कबीर, तै उतरि रहु, संबल परो न साथ। संबल घटे न पगु थके, जीव बिराने हाथ।।1।। वे अपने आप से कहते हैं कि हे कबीर तू उधर क्यों नहीं जाता क्योंकि तेरे साथ संभल अर्थात किसी का सहारा नहीं है। फिर वह आगे कहते हैं ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) के पद संख्या 204-205 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-4/): kabir ke pad arth sahit. पद: 204 काल खड़ा सिर उपरे, जागु बिराने मीत जाका घर है गैलमे, सो कस सोय निचीत।।1।। भावार्थ  :  मोह की निद्रा में सोए हुए लोगों को वे कहते हैं कि हे मित्र! सर पर काल खड़ा है किसी भी समय मृत्यु आ सकती है इसलिए अब परमार्थ को प्राप्त करने के लिए जाग कर प्रयत्न कीजिए। वह कहते हैं कि जिसका घर रास्ते में हो वह निश्चित कैसे सो सकता है अर्थात उसके घर पर कभी भी कोई चोरी आदि  हो सकते हैं इसलिए उसे इस बात का ध्यान रखना चाहिए। पद: 205 छाकी परयों ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) के पद संख्या 206 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-3/): kabir ke pad arth sahit. पद: 206 सब दुनी सयानी मैं बौरा, हम बिगरे बिगरौ जनि औरा। मैं नहिं बौरा राम कियो बौरा, सतगुरु जार गयौ भ्रम मोरा। बिद्या न पढूँ वाद नहिं जाँनूं, हरि गुण कथत-सुनत बौ बौराँनुं।। काम-क्रोध दोऊ भये बिकारा, आपहि आप जरै संसारा।। मिठो कहा जाहि जो भावे, दास कबीर रांम गुण गावै।। भावार्थ :- सब दुनी सयानी मैं बौरा, हम बिगरे बिगरौ जनि औरा। कबीरदास जी कहते हैं कि सारी दुनिया के जो लोग हैं वह समझदार हैं किंतु मैं ही बिगड़ा हुआ हूं पागल हूं। और हमारे साथ जो लोग हैं वह भी बिगड़ गए ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) के पद संख्या 207 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-6/): कबीर पद: 207 नैहरमें दाग लगाय आई चुनरी। ऊ रँगगरेजवा कै मरम न जानै, नहिं मिलै धोबिया कौन करै उजरी। तनकै कूंडी ज्ञान का सौदन, साबुन महँगा बिचाय या नगरी। पहिरि-ओढ़ीके चली ससुरारिया, गौवाँ के लोग कहै बड़ी फुहरी। कहैं कबीर सुनो भाई साधो, बिन सतगुरु कबहूँ नहिं सुधरी।।  भावार्थ :- नैहरमें दाग लगाय आई चुनरी। ऊ रँगगरेजवा कै मरम न जानै, नहिं मिलै धोबिया कौन करै उजरी। नैहर का अर्थ होता है माता-पिता का घर, मायका, तो कबीरदास जी कहते हैं कि अपनी चुनरी अर्थात हमें जो यह शरीर मन बुद्धि मिली है इसे ही वे चुनरी कहते हैं कि ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) के पद संख्या 208 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-5/): पद: 208 सील-संतोखते सब्द जा मुखबसै, संतजन जौहरी साँच मानी। बदन बिकसित रहै ख्याल आनंदमे, अधरमें मधुर मुस्कात बानी। साँच गेलै नहीं झूठ बोलै नैन, सूरतमें सुमति सोई श्रेष्ठ ज्ञानी। कहत हौ ज्ञान पुक्कारि कै सबनसो, देत उपदेस दिल दर्द ज्ञानी। ज्ञान को पूर है रहनिको सूर है, दया की भक्ति दिलमाही ठानी। औरते छोर लौ एक रस रहत है, ऐस जन जगतमें बिरले प्रानी। ठग्ग बटपार संसारमें भरि रहे, हंसकी चाल कहाँ काग जानि।      चपल और चतुर है बने चीकने, बातमें ठीक पै कपट ठानी। कहा तिनसो कहो दया जिनके नहीं, घाट बहुतै करै बकुलध्यानी। दुर्मती जीवकी दुबिध छूटै नहीं, ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) के पद संख्या 209 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c-2/): पद: 209 अपनपौ आप ही बिसरो। जैसे सोनहा काँच मंदिरमें भरमत भूंकि मरो। जो केहरि वपु निरखि कूप-जल प्रतिमा देखी परो। ऐसे हि मदगज फाटिक शिलापर दसननि आनि अरो।  मरकर मुठी स्वाद ना बिसरै घर-घर नटत फिरो। कह कबीर नलनीकै सुनवा तोहि कौन पकरो।। शब्दार्थ :-  सोनहा = कुत्ता । काँच के मन्दिर में कुत्ता अपने ही प्रतिबिम्बों को देखकर भौंका करता है, वैसे ही जीव भी जगत में अपने ही अनेक प्रतिबिम्बों को अपने से भिन्न समझकर लड़ता फिरता है । केहरि वपु= सिंह कुएँ में अपनी परछाहीं देखकर कूद पड़ा था, ऐसी कहानी है। स्फटिक शिला में अपनी परछाही ... Read more - [कबीर ग्रंथावली (संपादक- हजारी प्रसाद  द्विवेदी) के पद संख्या 210 अर्थ सहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%9c/): पद संख्या 210 दरस दिवाना बावरा अलमस्त फकीरा । एक अकेला ह्वै रहा अस मत का धीरा || हिरदे में महबूब है हर दम का प्याला । पोयेगा कोई जौहरी गुरु मुख मतवाला || पियत पियाला प्रेम का सुधरे सब साथी साथी। आठ पहर झूमत रहै जस मैगल हाथी || बंधन काटे मोह के बैठा निश्संका | वाके नजर न आवता क्या राजा रंका। धरती का आसन किया तंबू असमाना । चोला पहिरा खाक का रह पाक समाना ॥ सेवक को सतगुरु मिले कछु रहि न बाबाही | कह कबीर निज चलौ जहुँ काल व जाही ॥ शब्दार्थ :- मैंगल = ... Read more - [धूमिल (DHUMIL)](https://namastesir.co.in/%e0%a4%a7%e0%a5%82%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2-dhumil/): (From IGNOU) प्रस्तावना धूमिल नयी कविता के बाद की हिंदी कविता के उस दौर के कवि हैं जब हिंदी कविता बिब, प्रतीकों के जाल में उलझकर अत्यधिक कलात्मक, मूर्त और व्यक्तिवादी होती जा रही थी और जीवन के ठोस, जीवंत यथार्थ से उसका सम्पर्क टूटता जा रहा था। दूसरी ओर देश आजादी के बाद एक ऐसे मोह भंग से गुजर रहा था जिसमें सामाजिक, नैतिक, राजनीतिक मूल्य टूट  यहाँ सब से पहले हम धूमिल के जीवन परिचय और कृतित्व की जानकारी हासिल करेंगे। उसके बाद उनके युग रहे थे, भ्रष्टाचार, बेईमानी, चोर बाज़ारी का बाजार गर्म था, यानि कि चारों ओर ... Read more - [केदारनाथ अग्रवाल (kedarnath agrawal)](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%85%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2-kedarnath-agrawal/): (Source : Ignou Study Material ) जन्म :1 अप्रैल 1911 | बाँदा, उत्तर प्रदेश मूल नाम : केदारनाथ अग्रवाल निधन :22 जून 2000 | बाँदा, उत्तर प्रदेश प्रस्तावना केदारजी का जीवन एक मध्यवर्गीय जीवन रहा है। पेशे से वे वकील रहे हैं किन्तु किसानों, मजदूरों से उनका संबंध बहुत करीबी रहा है। उनका सारा कृतित्व व्यापक अर्थों में आम आदमी के सुखः दुःख, उसकी तकलीफों, शोषण और शोषण को दूर करने की चिंताओं से सरोकार रखता है। केदारनाथ अग्रवाल लगभग पचास वर्षों से साहित्य सर्जना में रत हैं। पृष्ठभूमि में हम उनके युग के राजनीतिक-सामाजिक वातावरण का विश्लेषण करेंगे। केदारजी की ... Read more - [टोबा टेकसिंह](https://namastesir.co.in/%e0%a4%9f%e0%a5%8b%e0%a4%ac%e0%a4%be-%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9/): सआदत हसन मंटो    बंटवारे के दो-तीन साल बाद पाकिस्तान और हिंदुस्तान की हुकूमतों को ख्याल आया कि अख्लाकी कैदियों की तरह पागलों का भी तबादला होना चाहिए, यानी जो मुसलमान पागल हिन्दुस्तान के पागलखानों में हैं उन्हें पाकिस्तान पहुंचा दिया जाय और जो हिन्दू और सिख पाकिस्तान के पागलखानों में है उन्हें हिन्दुस्तान के हवाले कर दिया जाय। मालूम नहीं यह बात माकूल थी या गैर-माकूल थी। बहरहाल, दानिशमंदों के फैसले के मुताबिक इधर-उधर ऊँची सतह की कांफ्रेंसें हुई और िदन आखिर एक दिन पागलों के तबादले के लिए मुकर्रर हो गया। अच्छी तरह छान बीन की गयी। वो मुसलमान पागल ... Read more - [दोपहर का भोजन -अमरकांत Dopahar ka Bhojan-Amarkant](https://namastesir.co.in/%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a4%a8-%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4-dopahar-ka-bhojan-amarkant/): सिद्धेश्वरी ने खाना बनाने के बाद चूल्हे को बुझा दिया और दोनों घुटनों के बीच सिर रख कर शायद पैर की उँगलियाँ या जमीन पर चलते चीटें-चीटियों को देखने लगी। अचानक उसे मालूम हुआ कि बहुत देर से उसे प्यास नहीं लगी हैं। वह मतवाले की तरह उठी ओर गगरे से लोटा-भर पानी ले कर गट-गट चढ़ा गई। खाली पानी उसके कलेजे में लग गया और वह हाय राम कह कर वहीं जमीन पर लेट गई। आधे घंटे तक वहीं उसी तरह पड़ी रहने के बाद उसके जी में जी आया। वह बैठ गई, आँखों को मल-मल कर इधर-उधर देखा और ... Read more - [नमक का दारोगा - मुंशी प्रेमचंद](https://namastesir.co.in/%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%b6%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%ae/): जब नमक का नया विभाग बना और ईश्वरप्रदत्त वस्तु के व्यवहार करने का निषेध हो गया तो लोग चोरी-छिपे इसका व्यापार करने लगे। अनेक प्रकार के छल-प्रपंचों का सूत्रपात हुआ, कोई घूस से काम निकालता था, कोई चालाकी से। अधिकारियों के पौ-बारह थे। पटवारीगिरी का सर्वसम्मानित पद छोड-छोडकर लोग इस विभाग की बरकंदाजी करते थे। इसके दारोगा पद के लिए तो वकीलों का भी जी ललचाता था। यह वह समय था जब ऍंगरेजी शिक्षा और ईसाई मत को लोग एक ही वस्तु समझते थे। फारसी का प्राबल्य था। प्रेम की कथाएँ और शृंगार रस के काव्य पढकर फारसीदाँ लोग सर्वोच्च पदों ... Read more - [रानी केतकी की कहानी](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80/): -सैयद इंशा अल्ला खां यह वह कहानी है कि जिसमें हिंदी छुट।और न किसी बोली का मेल है न पुट॥सिर झुकाकर नाक रगडता हूं उस अपने बनानेवाले के सामने जिसने हम सब को बनाया और बात में वह कर दिखाया कि जिसका भेद किसी ने न पाया। आतियां जातियां जो साँ सें हैं, उसके बिन ध्यान यह सब फाँ से हैं। यह कल का पुतला जो अपने उस खिलाडी की सुध रक्खे तो खटाई में क्यों पडे और कडवा कसैला क्यों हो। उस फल की मिठाई चक्खे जो बडे से बडे अगलों ने चक्खी है। देखने को दो आँखें दीं ओर ... Read more - [मारे गये गुलफाम (तीसरी कसम)](https://namastesir.co.in/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%97%e0%a4%af%e0%a5%87-%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%ab%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%b8%e0%a4%ae/): कहानी : फणीश्‍वरनाथ रेणु हिरामन गाड़ीवान की पीठ में गुदगुदी लगती है… पिछले बीस साल से गाड़ी हाँकता है हिरामन। बैलगाड़ी। सीमा के उस पार, मोरंग राज नेपाल से धान और लकड़ी ढो चुका है। कंट्रोल के जमाने में चोरबाजारी का माल इस पार से उस पार पहुँचाया है। लेकिन कभी तो ऐसी गुदगुदी नहीं लगी पीठ में! कंट्रोल का जमाना! हिरामन कभी भूल सकता है उस जमाने को! एक बार चार खेप सीमेंट और कपड़े की गाँठों से भरी गाड़ी, जोगबानी में विराटनगर पहुँचने के बाद हिरामन का कलेजा पोख्ता हो गया था। फारबिसगंज का हर चोर-व्यापारी उसको पक्का गाड़ीवान ... Read more - [राजा निरबंसिया](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be/): कमलेश्वर   ”एक राजा निरबंसिया थे,” मां कहानी सुनाया करती थीं। उनके आसपास ही चार-पांच बच्चे अपनी मुठ्ठियों में फूल दबाए कहानी समाप्त होने पर गौरों पर चढाने के लिए उत्सुक-से बैठ जाते थे। आटे का सुन्दर-सा चौक पुरा होता, उसी चौक पर मिट्टी की छः गौरें रखी जातीं, जिनमें से ऊपरवाली के बिन्दिया और सिन्दूर लगता, बाकी पांचों नीचे दबी पूजा ग्रहण करती रहतीं। एक ओर दीपक की बाती स्थिर-सी जलती रहती और मंगल-घट रखा रहता, जिस पर रोली से सथिया बनाया जाता। सभी बैठे बच्चों के मुख पर फूल चढाने की उतावली की जगह कहानी सुनने की सहज स्थिरता उभर ... Read more - [कितने पाकिस्तान - कमलेश्वर](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5/): कितना लम्बा सफर है! और यह भी समझ नहीं आता कि यह पाकिस्तान बार-बार आड़े क्यों आता रहा है। सलीमा! मैंने कुछ बिगाड़ा तो नहीं तेरा…तब तूने क्यों अपने को बिगाड़ लिया? तू हंसती है…पर मैं जानता हूं, तेरी इस हंसी में जहर बुझे तीर हैं। यह मेहंदी के फूल नहीं हैं सलीमा, जो सिर्फ हवा के साथ महकते हैं।हवा ! हंसी आती है इस हवा को सोचकर। तूने ही तो कहा था कि मुझे हवा लग गयी है। याद है उन दिनों की?तुम्हें सब याद है। औरतें कुछ नहीं भूलतीं, सिर्फ जाहिर करती हैं कि भूल गयी हैं। वे ऐसा ... Read more - [जयशंकर प्रसाद : प्रतिध्वनि](https://namastesir.co.in/%e0%a4%9c%e0%a4%af%e0%a4%b6%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%a8/): आर्द्रा नक्षत्र; आकाश में काले-काले बादलों की घुमड़, जिसमें देव-दुन्दुभी का गम्भीर घोष। प्राची के एक निरभ्र कोने से स्वर्ण-पुरुष झाँकने लगा था।-देखने लगा महाराज की सवारी। शैलमाला के अञ्चल में समतल उर्वरा भूमि से सोंधी बास उठ रही थी। नगर-तोरण से जयघोष हुआ, भीड़ में गजराज का चामरधारी शुण्ड उन्नत दिखायी पड़ा। वह हर्ष और उत्साह का समुद्र हिलोर भरता हुआ आगे बढ़ने लगा। प्रभात की हेम-किरणों से अनुरञ्जित नन्ही-नन्ही बूँदों का एक झोंका स्वर्ण-मल्लिका के समान बरस पड़ा। मंगल सूचना से जनता ने हर्ष-ध्वनि की। रथों, हाथियों और अश्वारोहियों की पंक्ति जम गई। दर्शकों की भीड़ भी कम न ... Read more - [|| उषा प्रियंवदा || वापसी ||](https://namastesir.co.in/%e0%a4%89%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%82%e0%a4%b5%e0%a4%a6%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%b8%e0%a5%80/): गजाधर बाबू ने कमरे में जमा सामान पर एक नजर दौड़ाई – दो बक्‍स, डोलची, बालटी – ‘यह डिब्‍बा कैसा है, गनेशी?’ उन्‍होंने पूछा। गनेशी बिस्‍तर बाँधता हुआ, कुछ गर्व, कुछ दुख, कुछ लज्‍जा से बोला, ‘घरवाली ने साथ को कुछ बेसन के लड्डू रख दिए हैं। कहा, बाबूजी को पसंद थे। अब कहाँ हम गरीब लोग, आपकी कुछ खातिर कर पाएँगे।’ घर जाने की खुशी में भी गजाधर बाबू ने एक विषाद का अनुभव किया, जैसे एक परिचित, स्‍नेह, आदरमय, सहज संसार से उनका नाता टूट रहा हो। ‘कभी-कभी हम लोगों की भी खबर लेते रहिएगा।’ गनेशी बिस्‍तर में रस्‍सी ... Read more - [|| ईदगाह || प्रेमचंद ||](https://namastesir.co.in/%e0%a4%88%e0%a4%a6%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%b9-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%ae%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%a6-2/): रमजान के पूरे तीस रोजों के बाद ईद आयी है। कितना मनोहर, कितना सुहावना प्रभाव है। वृक्षों पर अजीब हरियाली है, खेतों में कुछ अजीब रौनक है, आसमान पर कुछ अजीब लालिमा है। आज का सूर्य देखो, कितना प्यारा, कितना शीतल है, यानी संसार को ईद की बधाई दे रहा है। गाँव में कितनी हलचल है। ईदगाह जाने की तैयारियाँ हो रही हैं। किसी के कुरते में बटन नहीं है, पड़ोस के घर में सुई-धागा लेने दौड़ा जा रहा है। किसी के जूते कड़े हो गए हैं, उनमें तेल डालने के लिए तेली के घर पर भागा जाता है। जल्दी-जल्दी बैलों ... Read more - [|| राही || सुभद्रा कुमारी ||](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%ad%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-2/): – तेरा नाम क्या है? – राही। – तुझे किस अपराध में सज़ा हुई? – चोरी की थी, सरकार। – चोरी? क्या चुराया था – नाज की गठरी। – कितना अनाज था? – होगा पाँच-छः सेर। – और सज़ा कितने दिन की है? – साल भर की। – तो तूने चोरी क्यों की? मजदूरी करती तब भी तो दिन भर में तीन-चार आने पैसे मिल जाते! – हमें मजदूरी नहीं मिलती सरकार। हमारी जाति माँगरोरी है। हम केवल माँगते-खाते हैं। – और भीख न मिले तो? – तो फिर चोरी करते हैं। उस दिन घर में खाने को नहीं था। बच्चे ... Read more - [|| बंगमहिला || दुलाईवाली ||](https://namastesir.co.in/%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%88%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80-2/): काशी जी के दशाश्‍वमेध घाट पर स्‍नान करके एक मनुष्‍य बड़ी व्‍यग्रता के साथ गोदौलिया की तरफ आ रहा था। एक हाथ में एक मैली-सी तौलिया में लपेटी हुई भीगी धोती और दूसरे में सुरती की गोलियों की कई डिबियाँ और सुँघनी की एक पुड़िया थी। उस समय दिन के ग्‍यारह बजे थे, गोदौलिया की बायीं तरफ जो गली है, उसके भीतर एक और गली में थोड़ी दूर पर, एक टूटे-से पुराने मकान में वह जा घुसा। मकान के पहले खण्‍ड में बहुत अँधेरा था; पर उपर की जगह मनुष्‍य के वासोपयोगी थी। नवागत मनुष्‍य धड़धड़ाता हुआ ऊपर चढ़ गया। वहाँ ... Read more - [|| चंद्रदेव से मेरी बातें || बंग महिला ||](https://namastesir.co.in/%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b5-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%82-2/): भगवान चंद्रदेव! आपके कमलवत् कोमल चरणों में इस दासी का अनेक बार प्रणाम। आज मैं आपसे दो चार बातें करने की इच्छा रखती हूँ। क्या मेरे प्रश्नों का उत्तर आप प्रदान करेंगे? कीजिए, बड़ी कृपा होगी। देखो, सुनी-अनसुनी-सी मत कर जाना। अपने बड़प्पन की ओर ध्यान देना। अच्छा, कहती हूँ, सुनो! मैं सुनती हूँ आप इस आकाश मंडल में चिरकाल से वास करते हैं। क्या यह बात सत्य है? यदि सत्य है तो मैं अनुमान करती हूँ कि इस सृष्टि के साथ ही साथ अवश्य आपकी भी सृष्टि हुई होगी। तब तो आप ढेर दिन के पुराने, बूढ़े कहे जा सकते ... Read more - [कोसी का घटवार](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%98%e0%a4%9f%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0/): शेखर जोशी अभी खप्पर में एक-चौथाई से भी अधिक गेहूं शेष था। खप्पर में हाथ डालकर उसने व्यर्थ ही उलटा-पलटा और चक्की के पाटों के वृत्त में फैले हुए आटे को झाडक़र एक ढेर बना दिया। बाहर आते-आते उसने फिर एक बार और खप्पर में झांककर देखा, जैसे यह जानने के लिए कि इतनी देर में कितनी पिसाई हो चुकी हैं, परंतु अंदर की मिकदार में कोई विशेष अंतर नहीं आया था। खस्स-खस्स की ध्वनि के साथ अत्यंत धीमी गति से ऊपर का पाट चल रहा था। घट का प्रवेशद्वार बहुत कम ऊंचा था, खूब नीचे तक झुककर वह बाहर निकला। ... Read more - [खोई हुई दिशाएं - कमलेश्वर](https://namastesir.co.in/%e0%a4%96%e0%a5%8b%e0%a4%88-%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%88-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b0/): khoi hui dishayen – kamleshwar सड़क के मोड़ पर लगी रेलिंग के सहारे चंदर खड़ा था। सामने, दाएँ-बाएँ आदमियों का सैलाब था। शाम हो ही थी और कनॉट प्लेस की बत्तियाँ जगमगाने लगी थीं। थकान से उसके पैर जवाब दे रहे थे। कहीं दूर आया गया भी तो नहीं, फिर भी थकान सारे शरीर में भरी हुई थी। दिल और दिमाग़ इतना थका हुआ था कि लगता था, वही थकान धीरे-धीरे उतरकर तन में फैलती जा रही है। पूरा दिन बरबाद हो गया। यही खड़ा सोच रहा था। घर लौटने को भी मन नहीं कर रहा था। आती-जाती एक-सी औरतों को ... Read more - [नशा-मुंशी प्रेमचंद](https://namastesir.co.in/%e0%a4%a8%e0%a4%b6%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%b6%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%ae%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%a6/): ईश्वरी एक बड़े जमींदार का लड़का था और मैं एक गरीब क्लर्क का, जिसके पास मेहनत-मजूरी के सिवा और कोई जायदाद न थी। हम दोनों में परस्पर बहसें होती रहती थीं। मैं जमींदारी की बुराई करता, उन्हें हिंसक पशु और खून चूसने वाली जोंक और वृक्षों की चोटी पर फूलने वाला बंझा कहता। वह जमींदारों का पक्ष लेता, पर स्वभावत: उसका पहलू कुछ कमजोर होता था, क्योंकि उसके पास जमींदारों के अनुकूल कोई दलील न थी। वह कहता कि सभी मनुष्य बराबर नहीं होते, छोटे-बड़े हमेशा होते रहते हैं और होते रहेंगे, लचर दलील थी। किसी मानुषीय या नैतिक नियम से ... Read more - [पुरस्कार -कहानी](https://namastesir.co.in/%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80/): जयशंकर प्रसाद आर्द्रा नक्षत्र; आकाश में काले-काले बादलों की घुमड़, जिसमें देव-दुन्दुभी का गम्भीर घोष। प्राची के एक निरभ्र कोने से स्वर्ण-पुरुष झाँकने लगा था।-देखने लगा महाराज की सवारी। शैलमाला के अञ्चल में समतल उर्वरा भूमि से सोंधी बास उठ रही थी। नगर-तोरण से जयघोष हुआ, भीड़ में गजराज का चामरधारी शुण्ड उन्नत दिखायी पड़ा। वह हर्ष और उत्साह का समुद्र हिलोर भरता हुआ आगे बढ़ने लगा। प्रभात की हेम-किरणों से अनुरञ्जित नन्ही-नन्ही बूँदों का एक झोंका स्वर्ण-मल्लिका के समान बरस पड़ा। मंगल सूचना से जनता ने हर्ष-ध्वनि की। रथों, हाथियों और अश्वारोहियों की पंक्ति जम गई। दर्शकों की भीड़ भी ... Read more - [उसने कहा था-चन्द्रधर शर्मा गुलेरी](https://namastesir.co.in/%e0%a4%89%e0%a4%b8%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be-%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a4%9a%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae/): बडे-बडे शहरों के इक्के-गाडिवालों की जवान के कोडाें से जिनकी पीठ छिल गई  है, और कान पक गये हैं, उनसे हमारी प्रार्थना है कि अमृतसर के बम्बूकार्ट वालों की बोली का मरहम लगायें।  जब बडे-बडे शहरों की चौडी सडक़ों पर घोडे क़ी पीठ चाबुक से धुनते हुए, इक्केवाले कभी घोडे क़ी नानी से अपना निकट-सम्बन्ध स्थिर करते हैं, कभी राह चलते पैदलों की आँखों के न होने पर तरस खाते हैं,कभी उनके पैरों की अंगुलियों के पोरे  को चींघकर अपने-ही को सताया हुआ बताते हैं, और संसार-भर की ग्लानि, निराशा और क्षोभ के अवतार बने, नाक की सीध चले जाते हैं, ... Read more - [एक टोकरी-भर मिट्टी-माधवराव सप्रे ](https://namastesir.co.in/%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%9f%e0%a5%8b%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%be-2/): किसी श्रीमान् जमींदार के महल के पास एक गरीब अनाथ विधवा की झोंपड़ी थी। जमींदार साहब को अपने महल का हाता उस झोंपड़ी तक बढ़ाने की इच्‍छा हुई, विधवा से बहुतेरा कहा कि अपनी झोंपड़ी हटा ले, पर वह तो कई जमाने से वहीं बसी थी। उसका प्रिय पति और इकलौता पुत्र भी उसी झोंपड़ी में मर गया था। पतोहू भी एक पाँच बरस की कन्‍या को छोड़कर चल बसी थी। अब यही उसकी पोती इस वृद्धाकाल में एकमात्र आधार थी। जब उसे अपनी पूर्वस्थिति की याद आ जाती तो मारे दु:ख के फूट-फूट रोने लगती थी। और जबसे उसने अपने ... Read more - [रांगेय राघव - गदल - कहानी](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%87%e0%a4%af-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%98%e0%a4%b5-%e0%a4%97%e0%a4%a6%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80/): बाहर शोरगुल मचा। डोडी ने पुकारा – ”कौन है?”कोई उत्तर नहीं मिला। आवाज आई – ”हत्यारिन! तुझे कतल कर दँूगा!”स्त्री का स्वर आया – ”करके तो देख! तेरे कुनबे को डायन बनके न खा गई, निपूते!”डोडी बैठा न रह सका। बाहर आया।”क्या करता है, क्या करता है, निहाल?” – डोडी बढक़र चिल्लाया – ”आखिर तेरी मैया है।””मैया है!” – कहकर निहाल हट गया।”और तू हाथ उठाके तो देख!” स्त्री ने फुफकारा – ”कढीख़ाए! तेरी सींक पर बिल्लियाँ चलवा दँू! समझ रखियो! मत जान रखियो! हाँ! तेरी आसरतू नहीं हँू।””भाभी!” – डोडी ने कहा – ”क्या बकती है? होश में आ!”वह आगे ... Read more - [मातृभूमि  - अर्थ साहित](https://namastesir.co.in/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%83%e0%a4%ad%e0%a5%82%e0%a4%ae%e0%a4%bf-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%a4/): मैथिलीशरण गुप्त एक नीलांबर परिधान हरित पट पर सुंदर है,सूर्य-चंद्र युग मुकुट मेखला रत्नाकर है।नदियाँ प्रेम-प्रवाह फूल तारे मंडन हैं,बंदी जन खग-वृंद शेष फन सिंहासन हैं!करते अभिषेक पयोद हैं बलिहारी इस वेष की,है मातृभूमि !  तू सत्य ही सगुण मूर्ति सर्वेश की॥ दो मृतक-समान अशक्त विविश आँखों को मीचे;गिरता हुआ विलोक गर्भ से हमको नीचे।करके जिसने कृपा हमें अवलंब दिया था,लेकर अपने अतुल अंक में त्राण किया था।जो जननी का भी सर्वदा थी पालन करती रही,तू क्यों न हमारी पूज्य हो? मातृभूमि ! , मातामही! तीन जिसकी रज में लोट-लोट कर बड़े हुए हैं,घुटनों के बल सरक-सरक कर खड़े हुए हैं।परमहंस-सम ... Read more - [शतरंज के खिलाड़ी](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b6%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%9c-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%96%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80/): प्रेमचंद वाजिदअली शाह का समय था। लखनऊ विलासिता के रंग में डूबा हुआ था। छोटे-बड़े, गरीब-अमीर सभी विलासिता में डूबे हुए थे। कोई नृत्य और गान की मजलिस सजाता था, तो कोई अफीम की पीनक ही में मजे लेता था। जीवन के प्रत्येक विभाग में आमोद-प्रमोद का प्राधान्य था। शासन-विभाग में, साहित्य-क्षेत्र में, सामाजिक अवस्था में, कला-कौशल में, उद्योग-धंधों में, आहार-व्यवहार में सर्वत्र विलासिता व्याप्त हो रही थी। राजकर्मचारी विषय-वासना में, कविगण प्रेम और विरह के वर्णन में, कारीगर कलाबत्तू और चिकन बनाने में, व्यवसायी सुरमे, इत्र , मिस्सी और उबटन का रोजगार करने में लिप्त थे। सभी की आँखों में ... Read more - [जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी का TV9 पर इंटरव्यू। उस पर आधारित कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर l ](https://namastesir.co.in/%e0%a4%9c%e0%a4%97%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%81-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%ad%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%be/): विषय – धर्म, हिंदू राष्ट्र, उग्रता, हिंसा व अहिंसा, क्षमा व कायरता का सही स्थान आदि। हिंदू शब्द की भारतीय उत्पत्ति, धर्म परिवर्तन आदि महत्वपूर्ण विषय। जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी       image source: GOOGLE.COM 1. पत्रकार -स्वामी जी धर्म क्या है? जगद्गुरु – जो करना चाहिए वह धर्म है जो नहीं करना चाहिए वह अधर्म है। अपने कर्तव्यों का निष्ठा पूर्वक पालन करना वही धर्म है। 2. पत्रकार – इतिहास के नाम पर आजकल बहुत कुछ सही बताया जाता है किंतु कुछ चीजें अप्रासांगिक होती हैं  कृपया संविधान सम्मत उत्तर दीजिए। जगद्गुरु – सबसे पहले संविधान क्या है? इस पर ... Read more - [मध्यप्रदेश की  भाषा और बोली (MP Ki Bhasha Aur Boli)](https://namastesir.co.in/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%b2/): मध्यप्रदेश की मुख्य भाषा हिन्दी है। प्रदेश में हिन्दी का व्यवहार व्यापक रूप से होता है। हिन्दी की लिपि देवनागरी है। हिन्दी का प्रयोग यहाँ गाँव से लगाकर शहर तक सरकारी काम-काज, शिक्षा, पठन-पाठन और सामान्य पत्र व्यवहार में किया जाता है। हिन्दी के साथ अन्य भाषा-भाषी लोग भी मध्यप्रदेश में रहते हैं। जो अपनी-अपनी भाषा बोलते हैं। इनमें उर्दू, मराठी, गुजराती, सिन्धी, पंजाबी, तमिल, तेलगू और मलयालम आदि हैं। मध्यप्रदेश में आदिवासियों की भी बहुलता है, ये भी अपनी-अपनी बोलियाँ बोलते हैं, जिनमें गोंडी, कोरकू, भीली, बोलियाँ प्रमुख हैं। ये आदिवासी- बोलियाँ कहलाती हैं। मध्यप्रदेश में लोक- बोलियों का एक ... Read more - [कबीर ग्रंथावली- डॉ. श्यामसुंदरदास-](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%a1%e0%a5%89-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%b8-3/): ख. रमैणी समग्र । (Ramaini Samagra) (3)रमैंणी तू सकल गेहगरा [ राग सूहौ ] तू सकल गेहगरा, सफ सफा दिलदार दीदार,  तेरी कुदरति किनहूँ न जानी, पीर मुरीद काजी मुसलमानी ।।  देवी देव सुर नर गण गंध्रप, ब्रह्मा देव महेसुर ।  तेरी कुदरत तिनहूँ न जाँनी । । टेक । । शब्दार्थ-  गहगरा = सर्वव्यापी, प्रकृति= शक्ति। गंध्रप = गन्धर्व । सफा=स्वच्छ, दीदार =दर्शन, कुदरति =प्रकृति। सफ़ा के हिंदी अर्थ · पवित्र; पाक; निर्मल; शुद्ध · साफ़; स्पष्ट; स्वच्छ · ख़ाली; रहित। सफ= १. पंक्ति । कतार । बाँधना । २. लंबी चटाई । सीतल पाटी । ३. बिछावन । फर्श ... Read more - [कबीर ग्रंथावली- डॉ. श्यामसुंदरदास-।। सतपदी रमैंणी।।](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%a1%e0%a5%89-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%b8-2/): ख. रमैणी समग्र । (Ramaini Samagra)  ।। सतपदी रमैंणी।। कहन सुनन को जिहिं जग कीन्हाँ,  कहन सुनन को जिहिं जग कीन्हाँ, जग भुलॉन सो किन्हुँ न चीन्हों ।।  सत, रज, तम थैं किन्हीं माया, आपण माँझै आप छिपाया ।। ते तौ आधि अनंद सरूपा, गुन पल्लव विस्तार अनूपा ।।  साखा तन चैं कुसुम गियाँनों, फल सो आछा राम का नामाँ ।।  सदा अचेत चेत जिव पंखी, हरि तरवर कर बास । । झूठ जगि जिनि भूलसी जियरे, कहन सुवन की आस  । । व्याख्या –  कहन सुनन को जिहिं जग कीन्हाँ, जग भुलॉन सो किन्हुँ न चीन्हों ।।  सत, रज, तम ... Read more - [करि बिसतार जग धंधै लाया(रमैणी)- कबीर ग्रंथावली- डॉ. श्यामसुंदरदास](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%bf-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a4%97-%e0%a4%a7%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%88-%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%ae/): ।।निरंतर।। करि बिसतार जग धंधै लाया, करि बिसतार जग धंधै लाया, अंध काया थैं पुरिष उपाया ।।  जिहि जैसी मनसा तिहि तैसा भावा, ताकूँ तैसा कीन्ह उपावा ।।  ते तौ माया मोह भुलानाँ, खसम राँम सो किनहूं न जानाँ ।।  जिनि जाण्याँ ते निरमल अंगा, नहीं जाँण्याँ ते भये भुअंगा ।।  ता मुखि विष आवै विष जाइ, ते विष ही विष में रहा समाइ ।।  माता जगत भूत सुधि नाँही, अंमि भूले नर आवैं जाहीं । ।  जानि बूझि चेते नहीं अन्धा, करम जठर करम के फंधा ।।  करम का बाध्या जीयरा, अहनिसि लागै जाइ ।। मनसा देही पाइ करि, हरि ... Read more - [अलख निरंजन लखै न कोई](https://namastesir.co.in/%e0%a4%85%e0%a4%b2%e0%a4%96-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%a8-%e0%a4%b2%e0%a4%96%e0%a5%88-%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%88/): कबीर ग्रंथावली- डॉ. श्यामसुंदरदास (रमैणी ) ।।निरंतर।। अलख निरंजन लखै न कोई, अलख निरंजन लखै न कोई, निरभै निराकार है सोई।।  सुनि असथूल रूप नहिं रेखा, दृष्टि अद्रिष्टि छिप्यौ नहीं देखा ।।  बरन अबरन कथ्यौ नहीं जाई, सकल अतीत घट रह्यौ समाई ।।  आदि अंत ताहि नहिं मधे, कथ्यौ न जाई आहि अकथे ।।  अपरंपार उपजै नहिं बिनसै, जुगति न जाँनियै कथिये कैसे ।।  जस कथिये तत होत नहीं, जस है तैसा सोइ ।।  कहत सुनत सुख उपजै, अरु परमारथ होइ ।। ३ ।। व्याख्या :-  अलख निरंजन लखै न कोई, निरभै निराकार है सोई।।  सुनि असथूल रूप नहिं रेखा, दृष्टि ... Read more - [|| बड़ी अष्टपदी रमैंणी || एक बिनाँनी रच्या बिनांन,](https://namastesir.co.in/%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%aa%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%a3%e0%a5%80-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%ac%e0%a4%bf/): कबीर ग्रंथावली- डॉ. श्यामसुंदरदास- ख. रमैणी समग्र । (Ramaini Samagra) || बड़ी अष्टपदी रमैंणी || एक बिनाँनी रच्या बिनांन, एक बिनाँनी रच्या बिनांन, सब अयाँन जो आपैं जांन ।।  सत रज तम थैं कीन्हीं माया, चारि खानि बिस्तार उपाया ।।  पंच तत ले कीन्ह बंधानं, पाप पुंनि माँन अभिमानं ।।  अहंकार कीन्हें माया मोहू, संपति बिपति दीन्हीं सब काहू।।  भले रे पोच अकुल कुलवंता, गुणी निरगुणीं धनं नीधनवंता।।  भूख पियास अनहित हित कीन्हाँ, हेत मोर तोर करि लीन्हाँ ।।  पंच स्वाद ले कीन्हाँ बंधू, बंधे करम जा आहि अबंधू ।।  अचर जीव जंत जे आहीं, संकट सोच बियापैं ताहीं । ।  ... Read more - [कबीर ग्रंथावली- डॉ. श्यामसुंदरदास-सोई उपाय करि यहु दुःख जाई (रमैणी )](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%a1%e0%a5%89-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%b8/): ।।निरंतर।। सोई उपाय करि यहु दुःख जाई,  सोई उपाय करि यहु दुःख जाई, ए सब परहरि बिसैं सगाई ।।  माया मोह जरैं जग आगी, ता संगि जरसि कवन रस लागी ।।  त्राहि-त्राहि करि हरी पुकारा, साधु संगति मिलिब करहुं बिचारा ।।  रे रे जीवन नहीं विश्रामाँ, सब दुःख खंडन रॉम को नाँमाँ ।।  राम नाम संसार मैं सारा, राम नाम भौ तारन हारा।। सुम्रित बेद सबै सुनै, नहीं आवै कृत काज ।। नहीं जैसे कुंडिल वनित मुख, मुख सोभित विन राज ।। व्याख्या- सोई उपाय करि यहु दुःख जाई, ए सब परहरि बिसैं सगाई ।।  माया मोह जरैं जग आगी, ता ... Read more - [रे रे मन बुधिवत भंडारा, ](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a5%81%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%a4-%e0%a4%ad%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be/): कबीर ग्रंथावली- डॉ. श्यामसुंदरदास (रमैणी ) ।।निरंतर।। रे रे मन बुधिवत भंडारा,  रे रे मन बुधिवत भंडारा, आप आप ही करहुं बिचारा ।। कवन सर्वांनों कौन बौराई, किहि दुःख पड़ये किहि दुःख जाई ।।  कवन सार को आहि असारा, को अनहित को आहि पियारा।।  कवन साँच कवन है झूठा, कवन करु को लागै मीठा ।। किहि जरिये किहि करिये अनंदा, कवन मुकति को गल के फंदा ।।  रे रे मन मोंहि ब्यौरि कहि, हौ तत पूछौ तोहि ।। संसै सूल सबै भई,समझाई कहि मोहि । । ६ ।। व्याख्या  :–  रे रे मन बुधिवत भंडारा, आप आप ही करहुं बिचारा ।। ... Read more - [भरा दयाल विषहर जरि जागा, ](https://namastesir.co.in/%e0%a4%ad%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b7%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a4%bf-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%be-2/): कबीर ग्रंथावली- डॉ. श्यामसुंदरदास (रमैणी ) ||  दुपदी रमैंणी  || भरा दयाल विषहर जरि जागा,  भरा दयाल विषहर जरि जागा, गहगहान प्रेम बहु लागा ।।  भया अनंद जीव भयै उल्हासा, मिले राम मनि पूगी आसा ।।  मास असाढ़ रवि धरनि जरावै, जरत-जरत जल आइ बुझावै ।।  रुति सुभाइ जिमीं सब जागी, अंमृत धार होइ झर लागी ।।  जिमीं माँहि उठी हरियाई, बिरहिन पीव मिले जन जाई ।।  मन कांमनि कै भयै उछाहा, कारनि कवन बिसारी नाहा ।।  खेल तुम्हारा मरन भया मोरा, चौरासी लख कीन्हाँ फेरा ।।  सेवग सुत जे होइ अनिआई, गुन औगुन सब तुम्हि समाई।।  अपने औगुन कहुँ न ... Read more - [रे रे जीव अपनां दुःख न सँभारा,](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%82-%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%83%e0%a4%96-%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%81%e0%a4%ad%e0%a4%be-2/): कबीर ग्रंथावली- डॉ. श्यामसुंदरदास (रमैणी ) ।।निरंतर।। रे रे जीव अपनां दुःख न सँभारा, रे रे जीव अपनां दुःख न सँभारा, जिहिं दुःख व्याप्या सब संसारा ।।  माया मोह भूले सब लोई, कयंचित लोभ माँनिक दीयौ खोई ।।  मैं मेरी करि बहुत बिगूता, जननीं उदर जनम का सूता ।।  बहुतैं रूप भेष बहु कीन्हाँ, जुरा मरन क्रोध तन खींनाँ ।।  उपजै बिनसै जोनि फिराई, सुख कर मूल न पावै चाही ।।  दुःख संताप कलेस बहु पावै, जो न मिलै सो जरत बुझावें ।।  हित जीव राखि है भाई, सो अनहित है जाइ बिलाई ।।  मोर तोर करि जरे अपारा, मृग तृष्णाँ ... Read more - [रे रे जीव अपनां दुःख न सँभारा](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%82-%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%83%e0%a4%96-%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%81%e0%a4%ad%e0%a4%be/): कबीर ग्रंथावली- डॉ. श्यामसुंदरदास (रमैणी ) ।।निरंतर।। रे रे जीव अपनां दुःख न सँभारा, रे रे जीव अपनां दुःख न सँभारा, जिहिं दुःख व्याप्या सब संसारा ।।  माया मोह भूले सब लोई, कयंचित लोभ माँनिक दीयौ खोई ।।  मैं मेरी करि बहुत बिगूता, जननीं उदर जनम का सूता ।।  बहुतैं रूप भेष बहु कीन्हाँ, जुरा मरन क्रोध तन खींनाँ ।।  उपजै बिनसै जोनि फिराई, सुख कर मूल न पावै चाही ।।  दुःख संताप कलेस बहु पावै, जो न मिलै सो जरत बुझावें ।।  हित जीव राखि है भाई, सो अनहित है जाइ बिलाई ।।  मोर तोर करि जरे अपारा, मृग तृष्णाँ ... Read more - [भरा दयाल विषहर जरि जागा ](https://namastesir.co.in/%e0%a4%ad%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b7%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a4%bf-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%be/): कबीर ग्रंथावली- डॉ. श्यामसुंदरदास (रमैणी ) ||  दुपदी रमैंणी  || भरा दयाल विषहर जरि जागा,  भरा दयाल विषहर जरि जागा, गहगहान प्रेम बहु लागा ।।  भया अनंद जीव भयै उल्हासा, मिले राम मनि पूगी आसा ।।  मास असाढ़ रवि धरनि जरावै, जरत-जरत जल आइ बुझावै ।।  रुति सुभाइ जिमीं सब जागी, अंमृत धार होइ झर लागी ।।  जिमीं माँहि उठी हरियाई, बिरहिन पीव मिले जन जाई ।।  मन कांमनि कै भयै उछाहा, कारनि कवन बिसारी नाहा ।।  खेल तुम्हारा मरन भया मोरा, चौरासी लख कीन्हाँ फेरा ।।  सेवग सुत जे होइ अनिआई, गुन औगुन सब तुम्हि समाई।।  अपने औगुन कहुँ न ... Read more - [जिहि दुरमति डोल्यौ संसारा ](https://namastesir.co.in/%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%bf-%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%a1%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8c-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b0/): कबीर ग्रंथावली- डॉ. श्यामसुंदरदास (रमैणी ) कबीर ग्रंथावली- डॉ. श्यामसुंदरदास (रमैणी ) ।।निरंतर।। जिहि दुरमति डोल्यौ संसारा,  जिहि दुरमति डोल्यौ संसारा, परे असूझि वार नहिं पारा ।।  बिख अमृत एक करि लीन्हों, जिनि चीन्हा सुख तिहकूँ हरि दीन्हा ।।  सुख दुख जिनि चीन्हा नही जानाँ, ग्रासे काल सोग रुति माँनाँ ।।  होइ पतंग दीपक मैं परई, झूठै स्वादि लागि जीव जरई ।।  कर गहि दीपक परहि जु कूपा, बहु अचिरज हम देखि अनूपा ।।  म्यानहीन ओछी मति बाधा, मुखाँ साध करतूति असाधा।।  दरसन समि कछू साध न होई, गुरु समान पूजिये सिध सोई ।।  भेष कहा जे बुधि बिंमूढ़ा, बिन परचे ... Read more - [इन दोऊ संसार भुलावा,](https://namastesir.co.in/%e0%a4%87%e0%a4%a8-%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%8a-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%be/): कबीर ग्रंथावली- डॉ. श्यामसुंदरदास (रमैणी ) ।।निरंतर।। इन दोऊ संसार भुलावा, इन दोऊ संसार भुलावा, लागें ग्याँन गँवावा ।।  इनकौ मरम पै सोई बिचारी, सदा अनंद लै लीन मुरारी ।।  ग्याँन दिष्टि निज पेखे जोई, इनका चरित जाँनै पै सोई ।।  ज्यूँ रजनी रज देखत अँधियारी, इसे भुवंगम बिन उजियारी ।।  तारे अगिनत गुनहि अपारा, तउ कछू नहीं होत अधारा ।।  झूठ देखि जीव अधिक डराई, बिना भुवंगम इसी दुनियाँई ।।  झूठै झूठ लागि रही आसा, जेठ मास जैसे कुरंग पियासा ।।  त्रिषावंत दह दिसि फिरि आवै, झूठे लागा नीर न पावै ।।  इक त्रिषावंत अरु जाइ जराई, झूठी आस लागि ... Read more - [Bharat Mein Ganje ka Mahatva-04-भारत में गांजे का महत्व Part - 04](https://namastesir.co.in/bharat-mein-ganje-ka-mahatva-04-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a5%8d/): भारत में गांजा का महत्व | Cannabis in India | Priya Mishra | Medicinal Use Of Bhang In Ayurveda Yah is video ki transcript par adharit aalekh hai.  नेपाल में कैनाबिस मिनिस्ट्री : मैं आपको बताना चाहूंगी नेपाल जो एक हिंदू राष्ट्र है जिसने अपनी इमेज को आज तक बनाकर रखा है।  मेरे दादा जी नेपाली थे। मैं आपको बताना चाहूंगी में बहुत प्राउड हूं इस बात के लिए कि नेपाल में मिनिस्ट्री तक बना दी और मिनिस्टर भी रख दिया।हेम्प मिनिस्ट्री तक बना ली, उन्होंने बोला इससे जब इतना पैसा चार महीने के अंदर, हम क्यों जाने दें, और हमारे ... Read more - [Bharat mein ganje ka mahatva-भारत में गांजे का महत्व Part -03](https://namastesir.co.in/bharat-mein-ganje-ka-mahatva-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a5%8d-3/): भारत में गांजा का महत्व | Cannabis in India | Priya Mishra | Medicinal Use Of Bhang In Ayurveda Yah is video ki transcript par adharit aalekh hai.  गांजा न होता तो मैं न होती :  अगर गांja na होता तो मेरे गले से baat bhi nahi  कर पाती मेरे डॉ. Ne  बोल दिया था मैडम आपके पास stage 3 tuberculosis detect hua tha. ट्यूबरक्लोसिस डिटेक्ट हुआ था. या तो आपके पास है छः से नौ महीने कुछ या फिर आप जाइए सर्जरी करवा लीजिए। जिसमें आपकी पचास पर्सेंट आवाज चली जाएंगी। आपको लगता है मेरे जैसा इंसान पचास पर्सेंट आवाज  ... Read more - [Bharat mein ganje ka mahatva-भारत में गांजे का महत्व part-02](https://namastesir.co.in/bharat-mein-ganje-ka-mahatva-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a5%8d/): भारत में गांजा का महत्व | Cannabis in India | Priya Mishra | Medicinal Use Of Bhang In Ayurveda Part -02 Yah is video ki transcript par adharit aalekh hai.  NAMES FOR CANNABIS IN SANSKRIT AND HINDI ajaya – the unconquered, invincible ananda – the joyful, joyous, laughter moving, bliss bahuvadini – causing excessive garrulousness bhang, bhanga – hemp, mature cannabis leaves bhangini – breaks three kinds of misery bharita – the green one capala – agile, capricious, mischievous, scatter- brained capta – light-hearted chapala – the light-hearted, causer of reeling gait, causer of vacillation charas – cannabis resin (hashish), either ... Read more - [Chhindwara University ki anokhi samasyaen?](https://namastesir.co.in/chhindwara-university-ki-anokhi-samasyaen/): छिंदवाड़ा यूनिवर्सिटी की अनोखी समस्याएं? छिंदवाड़ा यूनिवर्सिटी  की अनोखी समस्याएँ। राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय छिंदवाड़ा।  www.cuc.ac.in  chhindwara university About Us of the University –  छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय की स्थापना मध्य प्रदेश के राजपत्र (असाधारण) भोपाल दिनांक 17 जून 2019 के अनुसार मध्य प्रदेश और देश के सबसे प्रमुख और मांग वाले विश्वविद्यालयों में से एक बनने के इरादे से की गई है। विश्वविद्यालय विभिन्न नवीन और एकीकृत शैक्षिक कार्यक्रम शुरू करेगा जो देश भर से छात्रों और शिक्षकों को आकर्षित करेगा chhindwara news मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा छिंदवाड़ा यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई है यह यूनिवर्सिटी छिंदवाड़ा जिले के मुख्यालय पर ... Read more - [About Padma Awards In India](https://namastesir.co.in/faqs-about-padma-awards-in-india/): Bharat Ratna and Other Padma Awards Authentic Website. ABOUT PADMA AWARDS Bharat Ratan Awards सरकारी वेबसाइट पर देखें। सभी सम्मानित व्यक्तियों के नाम वर्ष चयन के साथ देखें। आज भारत रत्न पुरस्कार विजेताओं की कुल संख्या 53 है। Bharat Ratna पद्म पुरस्कार पद्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक है जिसकी घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर की जाती है। पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिए जाते हैं: पद्म विभूषण (असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए), पद्म भूषण (उच्च क्रम की विशिष्ट सेवा) और पद्म श्री (प्रतिष्ठित सेवा)। यह पुरस्कार गतिविधियों या विषयों के उन सभी ... Read more - [सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b8%e0%a5%82%e0%a4%9a%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%ae-2005/): (2005 का अधिनियम संख्यांक 22) [1 फरवरी, 2011 को यथाविद्यमान] Right to Information Act 2005 (Act No. 22 of 2005) [As modified up to 1st February, 2011] 2011 महाप्रबंधक, भारत सरकार मुद्रणालय, मिन्टो रोड, नई दिल्ली-110 002 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशन-नियंत्रक, भारत सरकार, सिविल लाईन्स, दिल्ली-110 054 द्वारा प्रकाशित। Download the pdf of the act by the government originally.  - [श्रीराम : भारतीय संस्कृति के निर्विवाद नायक](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a4%bf/): Image Source Google  आर्य द्रविड़ सिद्धांत विदेशियों की आर्य और द्रविड़ थ्योरी हो या भारतीय राजनीति में वामपंथियों के द्वारा चलाए गए कुचक्र जिसमें भारतीय संस्कृति को धर्म के नाम पर भिन्न-भिन्न भागों में विभक्त कर दिया गया। जैसे जैन बौद्ध सिक्ख। इसकी अनेक विचारधाराओं को यह कहकर अपमानित किया गया कि यह मूर्ति पूजक है।  जैसे मूर्ति पूजा कोई जघन्य अपराध है।  जैसे मूर्ति पूजकों ने जैसे, उन्होंने सारे संसार का नाश कर दिया है।  संसार के सारे निर्दोष लोगों की हत्या कर दी है।   भारतीय संस्कृति के सिद्धांत किंतु नहीं, यह उनका कल्पित कुचक्र था जो उस सिद्धांत के ... Read more - [मध्य प्रदेश जनगणना 2011 मध्य प्रदेश हिन्दी में](https://namastesir.co.in/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%97%e0%a4%a3%e0%a4%a8%e0%a4%be-2011-%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa/): CENSUS 2011 MADHYA PRADESH in hindi 1 प्रशासनिक इकाइयाँ: (i) मध्य प्रदेश राज्य में 2011 की जनगणना में 50 जिले, 342 उप-जिले, 476 कस्बे (वैधानिक कस्बे 364, जनगणना कस्बे 112) और 54,903 गांव शामिल थे। (ii) 2001 की जनगणना में, संबंधित आंकड़े 45 जिले, 259 उप-जिले, 394 कस्बे (339 वैधानिक कस्बे और 55 जनगणना कस्बे) और 55,393 गांव थे। (iii) 2001 की जनगणना की तुलना में 2011 की जनगणना में 5 जिलों, 83 उप-जिलों, 83 कस्बों (26 वैधानिक और 57 जनगणना कस्बों) की वृद्धि हुई है और दिलचस्प बात यह है कि 490 गांवों की कमी हुई है। 2 जनसंख्या: (i) ... Read more - [Create ABC ID - Step by Step User Guide](https://namastesir.co.in/create-abc-id-step-by-step-user-guide/): Using Multiple Channels to Create ABC IDfor Students - [प्रधानमंत्री जी का प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए 11 दिन का कठोर व्रत](https://namastesir.co.in/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a3/): चूँकि मोदी जी इस समय भारत के प्रधानमंत्री हैं ही वे उस विचारधारा से आते हैं जिसे पारंपरिक विचारधारा कहा जा सकता है। उसे भारत की मूलभूत विचारधारा भी कहा जा सकता है। हम आजकल हमारी संस्कृति का  वर्णन करते हुये विदेशी शब्दों का प्रयोग करते हैं । यह हमारी मानसिक परतंत्रता ही है । कितु मोदी जी जैसे राजनीतिक स्वतंत्रता . के साथ ही सांस्कृतिक ऐतिहासिक वैज्ञानिक एवं सनातन मूल्यों को अपने व्यक्तित्व में प्रतिबिंबित भी करते हैं । प्रधानमंत्री मोदी जी ऐतिहासिक राम मंदिर जिसका आज अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के माध्यम से उद्घाटन अथवा तो श्री राम की ... Read more - [डॉ. अवध किशोर जड़िया](https://namastesir.co.in/%e0%a4%a1%e0%a5%89-%e0%a4%85%e0%a4%b5%e0%a4%a7-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8b%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be/): डॉ. अवध किशोर जड़िया एक सरकारी आयुर्वेदिक चिकित्सक हैं। वा एक प्रसिद्ध विद्वान, लेखक और कवि है। उन्हें बुंदेलखंडी बोली का प्रतिनिधि कवि माना जाता है और ‘मुंदेली गौरव कहा जाता है। राजभाषा बज और सुंदेली बोली मैं अब तक उनकी पाँच पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है।2 07 सितंबर, 1949 को मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के हरपालपुर नामक एक छोटे से करने में एक राजध परिवार में जन्में करें, जड़िया ने 1970 में जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर से स्वर्ण पदक साथ बीएएमएस किया। बाद में, उन्हें मध्य प्रदेश में विकित्सा अधिकारी नियुक्त किया गया। इस दौरान उन्हें साहित्य और लेखन के ... Read more - [Major Dhyana Chanda](https://namastesir.co.in/major-dhyana-chanda/) - [राम क्या हैं?सुनिये](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%87/): मोदी जी प्राण प्रतिष्ठा समारोह में। वीडियो आकाशवाणी से साभार प्राप्त हुआ। अन्न जल से ही ऊर्जा मिलती है तो फिर मोदीजी आज 11 दिनों के कठोर तप के उपरांत इतने ऊर्जावान व प्रसन्न कैसे हैं? उत्तर है संकल्प भक्ति भावना और समर्पण। क्योंकि यह केवल मोदी जी का उदाहरण नहीं है। यह भारतवर्ष में नवरात्रि आदि उत्सवों के समय भी देखा जाता है जब अनेक भक्तजन 9 दिनों तक कुछ भी खाए पिए बिना स्वस्थ प्रसन्न और आध्यात्मिक रूप से ऊर्जावान रहते तो है ही भौतिक रूप से भी वह ऊर्जावान रहते हैं। यह विज्ञान का विषय नहीं है बल्कि ... Read more - [श्री श्‍यामचरण शुक्‍ल](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%9a%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b2/): (भूतपूर्व मुख्‍यमंत्री, मध्‍यप्रदेश शासन) श्री श्‍यामचरण शुक्‍लचतुर्थ विधान सभा (1967-1972) एवं पंचम् विधान सभा (1972-1977) एवं अष्‍टम् विधान सभा (1985-1990) (दिनांक 26.03.1969 से 28.01.1972, 23.12.1975 से 30.04.1977 एवं 09.12.1989 से 01.03.1990 तक)        पिता — स्‍व. पं. रविशंकर शुक्‍ल      जन्‍मतिथि — 27.फरवरी, 1925      जन्‍म स्‍थान — रायपुर      वैवाहिक स्थिति — विवाहित      शैक्षणिक योग्‍यता — बी.एस.सी.(टेक्‍नॉलाजी), एल.एल.बी.      सार्वजनिक एवं राजनैतिक जीवन का संक्षिप्त विकास क्रम :                    किशोरावस्‍था से राजनीतिक गतिविधियों में संलग्‍न तथा विद्यार्थी कांग्रेस के विभिन्‍न पदों पर कार्य. 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में पढ़ाई ... Read more - [बुरहानपुर बना शत-प्रतिशत नल-जल युक्त वाला प्रदेश का पहला जिला](https://namastesir.co.in/%e0%a4%ac%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b6%e0%a4%a4-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a4%a4/): बुरहानपुर बना शत-प्रतिशत नल-जल युक्त वाला प्रदेश का पहला जिला मध्यप्रदेश का बुरहानपुर ऐसा पहला जिला है जहाँ मिशन के माध्यम से शत-प्रतिशत ग्रामीण आबादी को उनके घर में नल कनेक्शन के जरिए जल उपलब्ध करवा दिया गया है। जिले के दोनों विकासखण्ड में 167 ग्राम पंचायतें और 254 ग्राम हैं। इन सभी गाँवों के प्रत्येक परिवार तक नल कनेक्शन से जल उपलब्धता की व्यवस्था सुनिश्चित की जा चुकी है। सभी ग्रामीण परिवार मिशन से लाभान्वित होकर घर पर ही पेयजल की सुविधा का लाभ ले रहे हैं। मिशन में प्रावधान के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में संचालित सभी आँगनवाड़ी केन्द्र और शालाओं में भी प्लेटफार्म ... Read more - [Padma Awardees 2022](https://namastesir.co.in/padma-awardees-2022/) - [Padma Awardees 2023](https://namastesir.co.in/padma-awardees-2023/) - [4 YEAR UNDER GRADUATE PROGRAMME (FYUP)CURRICULUM FRAMEWORK AS PER NEP -2020](https://namastesir.co.in/4-year-under-graduate-programme-fyupcurriculum-framework-as-per-nep-2020/) - [What is ‘ism’ in English?](https://namastesir.co.in/what-is-ism-in-english/): अंग्रेजी में इज्म(ism) क्या है ? Hinduism, Buddhism, Jainism, Sikhism पर Islamism या Christianism क्यूं नहीं है? आईए देखते हैं अंग्रेजों की डिक्शनरी में इसका क्या अर्थ दिया हुआ है सबसे पहले हम आते हैं कैंब्रिज की डिक्शनरी पर क्योंकि सभी लोग उस पर भरोसा करते हैं। Ism in Cambridge Dictionary : https://dictionary.cambridge.org/dictionary/english/ism#google_vignette ism noun [ C ]   informal mainly humorous UK  /ˈɪz.əm/ US  /ˈɪz.əm/ Add to word list  a set of beliefs, especially ones that you disapprove of: Thatcher is unique among her predecessors in having given the English language a brand new ism, created from her own name. ... Read more - [अयोध्या : एक ऐतिहासिक विहंगम दृष्टिकोण](https://namastesir.co.in/%e0%a4%85%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%90%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%82/): अयोध्या : एक ऐतिहासिक विहंगम दृष्टिकोण ।। मनोज कुमार धुर्वे ।। हृदय का गहरा घाव घट गया,  दुख का कुछ तो भार हट गया। कुछ बड़े मीडिया घराने के कट्टरपंथी वामपंथी लोग जोर-जोर से चिल्ला रहे हैं कि यह मंदिर चूंकि एक मस्जिद को तोड़कर बनाया गया है अतः यह अन्याय है। यह असहनशीलता है। यह बहुसंख्यकों के द्वारा अल्पसंख्यकों पर अत्याचार है। और ऐसी ही अनेक अनर्गल बातें हो रही हैं किंतु क्या यही बात सत्य है। जी नहीं! बिल्कुल भी नहीं।  इतिहास में अपने दृष्टिकोण से हम झाँकें : यदि आप ऐतिहासिक दृष्टिकोण से देखते हैं तो आपको आपका ... Read more - [       पं. रविशंकर शुक्‍ल](https://namastesir.co.in/%e0%a4%aa%e0%a4%82-%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b2/):       Pt. Ravishankar Shukla                           भूतपूर्व मुख्‍यमंत्री, मध्यप्रदेश                                   पं. रविशंकर शुक्‍ल प्रथम विधान सभा (1956-57) के सदन के नेता एवं मुख्‍यमंत्री (दिनांक 01.11.1956 से 31.12.1956 तक)     जन्म तिथि — सन् 02. अगस्‍त, 1877 को सागर नगर में हुआ.     शैक्षणिक योग्यता — बी.ए., एल.एल.बी., रायपुर, जबलपुर और नागपुर में शिक्षा प्राप्‍त की.     सार्वजनिक एवं राजनैतिक जीवन का संक्षिप्त विकास क्रम :         ... Read more - [श्री भगवंतराव मण्‍डलोई](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a4%97%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b5-%e0%a4%ae%e0%a4%a3%e0%a5%8d%e0%a4%a1%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%88/): भूतपूर्व मुख्‍यमंत्री, मध्यप्रदेश श्री भगवंतराव मण्‍डलोई प्रथम विधान सभा (1956-57) एवं तृतीय विधान सभा (1962-67) (दिनांक 09.01.1957 से 30.01.1957 एवं दि. 12.3.1962 से 29.09.1963 तक)     जन्म तिथि — 15. दिसम्‍बर, 1892     जन्म स्थान — खण्‍डवा.     शैक्षणिक योग्यता — बी.ए., एल.एल.बी.     सार्वजनिक एवं राजनैतिक जीवन का संक्षिप्त विकास क्रम :                       सन् 1919 से 1922 तक खण्‍डवा नगरपालिका के सदस्‍य, सन् 1922 से उसके उप-सभापति तथा उसकी लगातार तीन कार्यावधि तक सभापति. सन् 1943 में नागपुर जेल में बन्‍दी रहते हुए तीसरी बार सभापति ... Read more - [श्री कैलाशनाथ काटजू](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b6%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a4%9c%e0%a5%82/): भूतपूर्व मुख्‍यमंत्री, मध्यप्रदेश श्री कैलाशनाथ काटजू प्रथम विधान सभा (1956-57) एवं द्वितीय विधान सभा (1957-62) (दिनांक 31.01.1957 से 14.04.1957 एवं दिनांक 15.04.1957 से 11.03.1962 तक)     जन्म तिथि — 17. जून, 1887     जन्म स्थान — जावरा     वैवाहिक स्थिति — विवाहित     पत्नी का नाम — स्‍व. पं. निरंजन नाथ कौल की सुपुत्री श्रीमती रूपकिशोरी     शैक्षणिक योग्यता — एम.ए., एल.एल.बी., डि.लिट.     सार्वजनिक एवं राजनैतिक जीवन का संक्षिप्त विकास क्रम :                       साढ़े तेरह वर्ष की उम्र में मैट्रिक होकर 1907 में एम.ए., ... Read more - [श्री गोविन्‍द नारायण सिंह](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%a3-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82/): भूतपूर्व मुख्‍यमंत्री, मध्यप्रदेश श्री गोविन्‍द नारायण सिंह चतुर्थ विधान सभा (1967-1972) (दिनांक 30.07.1967 से 12.03.1969 तक)     जन्म तिथि — 25. जुलाई, 1920     जन्म स्थान — रामपुर बघेलान     वैवाहिक स्थिति — विवाहित (मई-1945)     पत्नी का नाम — श्रीमती पद्यावती देवी     संतान — 5 पुत्र, 1 पुत्री.     शैक्षणिक योग्यता — एम.ए., एल.एल.बी.     सार्वजनिक एवं राजनैतिक जीवन का संक्षिप्त विकास क्रम :             1941 में आतंककारी कार्य के लिये नजरबन्‍द, 1942 के अगस्‍त आन्‍दोलन से 1944 तक कारावास. 1946 से 1947 के अन्‍त तक बनारस ... Read more - [श्री द्वारिका प्रसाद मिश्र](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b6/): Sri Dwarika Prasad Mishra Dwarika Prasad Mishra भूतपूर्व मुख्‍यमंत्री, मध्यप्रदेश श्री द्वारिका प्रसाद मिश्र तृतीय विधान सभा (1962-67) एवं चतुर्थ विधान सभा (1967-72) (दिनांक 30.09.1963 से 08.03.1967 एवं दिनांक 08.03.1967 से 29.07.1967 तक)     जन्म तिथि — 05. अगस्‍त, 1901     शैक्षणिक योग्यता — बी.ए., एल.एल.बी., डी.लिट्. रायपुर, जबलपुर और इलाहाबाद में शिक्षा प्राप्‍त की.     सार्वजनिक एवं राजनैतिक जीवन का संक्षिप्त विकास क्रम :                   1920 में गांधी जी द्वारा विद्यार्थियों को दिये गये आह्वान पर महाविद्यालय छोड़ा और अमृतबाजार पत्रिका, कलकत्‍ता में कार्य. 1921 में प्रथम असहयोग आंदोलन ... Read more - [Bharat Ratna Karpuri Thakur ](https://namastesir.co.in/bharat-ratna-karpuri-thakur/): प्रधानमंत्री ने भारत रत्न पुरस्कार की घोषणा की: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सामाजिक न्याय के प्रणेता श्री कर्पूरी ठाकुर को मरणोपरांत भारत रत्न दिये जाने के निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त की है। श्री मोदी ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर की जन्मशती के अवसर पर यह निर्णय देशवासियों को गौरवान्वित करेगा. पिछड़ों और वंचितों के उत्थान के लिए उनकी अटूट प्रतिबद्धता और दूरदर्शी नेतृत्व ने भारत के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य पर एक अमिट छाप छोड़ी है। प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया; “मुझे इस बात की बहुत प्रसन्नता हो रही है कि भारत सरकार ने समाजिक न्याय के पुरोधा महान जननायक कर्पूरी ... Read more - [LIST OF 48 RECIPIENTS OF BHARAT RATNA](https://namastesir.co.in/list-of-48-recipients-of-bharat-ratna/): भारत रत्न प्राप्त करने वाले 48 लोगों की सूची LIST OF RECIPIENTS OF BHARAT RATNA - [The Fascinating World of Numbers](https://namastesir.co.in/the-fascinating-world-of-numbers/): Introduction: Numbers are an integral part of our everyday lives. From counting objects to solving complex mathematical problems, numbers play a crucial role in understanding the world around us. In this chapter, we will delve into the fascinating world of numbers, exploring their origins, properties, and significance across various fields of study. 1. The Origins of Numbers: Numbers have a rich history that dates back thousands of years. The earliest evidence of human counting systems can be traced back to ancient civilizations such as the Sumerians and Egyptians. These early systems typically used symbols or marks to represent quantities. The Hindu-Arabic ... Read more - [9th Dec17 Shift 1-Patwari](https://namastesir.co.in/9th-dec17-shift-1-patwari/): Question Number: 1 Question Id: 3354725031 Correct: 1 Wrong: 0 The first State in India to pass the GST legislation in the Assembly was?  विधानसभा में जीएसटी कानून पारित करने वाला भारत का पहला राज्य था। Options: 1.Tamil Nadu / तमिल नाडु  2. Assam/असम  3. Gujarat/गुजरात  4. Madhya Pradesh /मध्य प्रदेश  Ans. 2. Assam/असम  Question Number: 2 Question Id: 3354725032 Correct: 1 Wrong: 0  Where is the Institute of wood Science and Technology located? |  काष्ठ विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान कहाँ स्थित है? Options: 1. Bangalore/बैंगलोर  2 Jabalpur/जबलपुर  3 Bhopal /भोपाल  4 Satna /सतना  Ans.1. बैंगलोर Question Number: 3 Question Id: ... Read more - [Dental Surgeon -2022- GS-PAPER-SET-A](https://namastesir.co.in/dental-surgeon-2022-gs-paper-set-a/): Loading… - [List of CMs of Madhya Pradesh](https://namastesir.co.in/list-of-cms-of-madhya-pradesh/): मध्‍यप्रदेश के माननीय मुख्‍यमंत्रियों / सदन का नेता की सूची क्र. नाम कार्यकाल विधान सभा 1. पं. रविशंकर शुक्‍ल 01/11/1956 से 31/12/1956 प्रथम (1956-1957) 2. श्री भगवंतराव मण्‍डलोई 09/01/1957 से 30/01/195712/03/1962 से 29/09/1963 प्रथम (1956-1957)तृतीय (1962-1967) 3. श्री कैलाशनाथ काटजू 31/01/1957 से 14/04/195715/04/1957 से 11/03/1962 प्रथम (1956-1957)द्वितीय (1957-1962) 4. पं. द्वारिका प्रसाद मिश्र 30/09/1963 से 08/03/196708/03/1967 से 29/07/1967 तृतीय (1962-1967)चतुर्थ (1967-1972) 5. श्रीमती विजयाराजे सिंधिया* 30/07/1967 से 25/03/1969 चतुर्थ (1967-1972) 6. श्री गोविन्‍द नारायण सिंह 30/07/1967 से 12/03/1969 चतुर्थ (1967-1972) 7. श्री राजा नरेशचंद्र सिंह 13/03/1969 से 25/03/1969 चतुर्थ (1967-1972) 8. श्री श्‍यामाचरण शुक्‍ल 26/03/1969 से 28/01/197223/12/1975 से 30/04/1977 चतुर्थ (1967-1972)पंचम् ... Read more - [श्री नरेशचन्‍द्र सिंह (राजा)](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%9a%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9-%e0%a4%b0%e0%a4%be/): भूतपूर्व मुख्‍यमंत्री, मध्यप्रदेश श्री नरेशचन्‍द्र सिंह (राजा) चतुर्थ विधान सभा (1967-1972) (दिनांक 13.03.1969 से 25.03.1969 तक) श्री नरेशचन्‍द्र सिंह (राजा)     सार्वजनिक एवं राजनैतिक जीवन का संक्षिप्त विकास क्रम :                       जन्‍म 21 नवम्‍बर, 1908. शिक्षा-1918 से 1929 तक राजकुमार कॉलेज, रायपुर में, जहां तीन वर्ष तक अध्‍ययन तथा खेलकूद में सर्वश्रेष्‍ठ छात्र होने का कप, तीन खेलों में विशेष कॉलेज कलर तथा किंग स्‍काउट. 1929 से 1932 तक रायपुर में अवैतनिक सहायक आयुक्‍त के रूप में दंडाधिकारी के कार्य का प्रशिक्षण. अपने पिता स्‍वर्गीय राजाबहादुर जवाहर सिंह, सी.आई.ई. के ... Read more - [श्री कैलाश जोशी](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b6-%e0%a4%9c%e0%a5%8b%e0%a4%b6%e0%a5%80/): (भूतपूर्व मुख्‍यमंत्री, मध्‍यप्रदेश)                                             श्री कैलाश जोशी षष्‍टम् विधान सभा (1977-1980)  (दिनांक 24.06.1977 से 17.01.1978 तक)     पिता–श्री उमाशंकर जोशी     जन्‍मतिथि–14.जुलाई, 1929     जन्‍म स्‍थान–हाटपीपल्‍या, देवास     वैवाहिक स्थिति–विवाहित (सन् 1951)     शैक्षणिक योग्‍यता–मैट्रिक  व्‍यवसाय–कृषि  अभिरूचि–अध्‍यात्‍म, भारतीय विधाओं का अध्‍ययन तथा समाज सेवा.     स्‍थायी पता–81, महाकाल मार्ग, पोस्‍ट-हाटपीपल्‍या, जिला देवास (म.प्र.)     सार्वजनिक एवं राजनैतिक जीवन का संक्षिप्त विकास क्रम :                    सन् ... Read more - [श्री प्रकाश चन्‍द्र सेठी](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b6-%e0%a4%9a%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%a0%e0%a5%80/): भूतपूर्व मुख्‍यमंत्री, मध्यप्रदेश श्री प्रकाश चन्‍द्र सेठी   चतुर्थ विधान सभा (1967-1972) एवं पंचम् विधान सभा (1972-1977)                                                     (दिनांक 29.01.1972 से 22.03.1972 एवं दिनांक 23.03.1972 से 23.12.1975 तक)     जन्म तिथि — 19. अक्‍टूबर, 1920     वैवाहिक स्थिति — विवाहित (1939)     शैक्षणिक योग्यता — बी.ए., एल.एल.बी.     सार्वजनिक एवं राजनैतिक जीवन का संक्षिप्त विकास क्रम :                       सन् 1939 में उज्‍जैन ... Read more - [डॉ. मोहन यादव](https://namastesir.co.in/%e0%a4%a1%e0%a5%89-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%a8-%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%b5/): डॉ. मोहन यादव माननीय मुख्‍यमंत्री, मध्यप्रदेश (दिनांक 13.12.2023 से निरंतर)     पिता का नाम—श्री पूनमचंद यादव     जन्म तिथि—25 मार्च, 1965     जन्म स्थान—उज्‍जैन     वैवाहिक स्थिति—विवाहित     पत्नी का नाम—श्रीमती सीमा यादव     संतान—2 पुत्र, 1 पुत्री     शैक्षणिक योग्यता—बी.एस.सी., एल-एल.बी., एम.बी.ए., एम.ए. (राज.विज्ञान), पी.एच.डी.     व्‍यवसाय—अभिभाषक, व्‍यापार, कृषि     अभिरुचि—पर्यटन, संस्‍कृति, इतिहास, विज्ञान, खेलकूद     स्थायी पता—(1)180, रविन्‍द्रनाथ टैगोर मार्ग, अब्‍दालपुरा, जिला-उज्‍जैन (म.प्र.) पिन-456006 (2) कार्यालय – अपना चैनल भवन 1/1, मुंज मार्ग, फ्रीगंज, जिला-उज्‍जैन (म.प्र.), मोबाइल-9425092255, 9300915151 ई-मेल-mohan.yadav[at]mpvidhansabha[dot]nic[dot]in      स्थानीय पता—विंध्‍य कोठी, विधायक विश्राम गृह परिसर, भोपाल ... Read more - [श्री वीरेन्‍द्र कुमार सखलेचा](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%96/): (भूतपूर्व मुख्‍यमंत्री, मध्‍यप्रदेश)   श्री वीरेन्‍द्र कुमार सखलेचा षष्‍टम् विधान सभा (1977-1980) (दिनांक 18.01.1978 से 19.01.1980)      जन्‍मतिथि — 04.मार्च, 1930      शैक्षणिक योग्‍यता — बी.ए., एल.एल.बी.      वैवाहिक स्थिति — विवाहित      सार्वजनिक एवं राजनैतिक जीवन का संक्षिप्त विकास क्रम :                     छात्र जीवन काल में ही शैक्षणिक तथा सार्वजनिक कार्यों में अत्‍यधिक रूचि. कॉलेज पत्रिका के अंग्रेजी विभाग के संपादक चुने गये और विभिन्‍न स्‍थानों के लिए चुनाव लड़ने वाले सफल छात्र उम्‍मीदवारों में सर्वाधिक मत मिले. सन् 1953 में महु नगर में साढ़े तीन वर्ष तक वकालत ... Read more - [श्री सुन्‍दरलाल पटवा](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a4%9f%e0%a4%b5%e0%a4%be/): (भूतपूर्व मुख्‍यमंत्री, मध्‍यप्रदेश)   श्री सुन्‍दरलाल पटवा षष्‍टम् विधानसभा (1977-1980) एवं नवम् विधानसभा (1990-1992) (दिनांक 20.01.1980 से 17.02.1980 एवं दिनांक 05.03.1990 से 15.12.1992 तक)      पिता–श्री मन्‍नालाल पटवा     जन्‍मतिथि–11 नवम्‍बर, 1924     जन्‍म स्‍थान–कुकड़ेश्‍वर     वैवाहिक स्थिति–विवाहित     शैक्षणिक योग्‍यता–इन्‍टरमीडिएट       व्‍यवसाय– कृषि     अभिरूचि–खेलकूद, संगीत, सहकारिता, उद्योग     भाषाओं का ज्ञान–हिन्‍दी, अंग्रेजी     स्‍थायी पता–कुकड़ेश्‍वर, जिला – मंदसौर (म.प्र.)     सार्वजनिक एवं राजनैतिक जीवन का संक्षिप्त विकास क्रम :                 1941 से इन्‍दौर राज्‍य प्रजा मण्‍डल एवं 1942 से राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ से सम्‍बद्ध. 1947 से 1951 तक संघ प्रचारक एवं 1948 से संघ आंदोलन में सात माह ... Read more - [श्री अर्जुन सिंह](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a5%81%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9/): (भूतपूर्व मुख्‍यमंत्री, मध्‍यप्रदेश)   श्री अर्जुन सिंह सप्‍तम् विधान सभा (1980-1985) एवं अष्‍टम् विधानसभा (1985-1990)  (दिनांक 9.6.1980 से 10.3.1985, दिनांक 11.3.1985 से 12.3.1985 एवं दिनांक 14.2.1988 से 23.1.1989 तक)      पिता — श्री राव शिव बहादुर सिंह      जन्‍मतिथि — 05.नवम्‍बर, 1930      जन्‍म स्‍थान — चुरहट      वैवाहिक स्थिति — विवाहित      शैक्षणिक योग्‍यता — बी.ए., एल.एल.बी.       व्‍यवसाय — कृषि      अभिरूचि — वाचन, शिकार और यात्रा.      स्‍थायी पता — ग्राम व पोस्‍ट – चुरहट, जिला – सीधी (म.प्र.)      सार्वजनिक एवं राजनैतिक जीवन का संक्षिप्त विकास क्रम :     ... Read more - [श्री मोतीलाल वोरा](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b5%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a4%be/): भूतपूर्व मुख्‍यमंत्री, मध्यप्रदेश श्री मोतीलाल वोरा अष्‍टम् विधान सभा (1985-1990) (दिनांक 13.03.1985 से 13.02.1988 एवं दिनांक 25.01.1989 से 09.12.1989 तक)      पिता का नाम — श्री मोहनलाल वोरा      जन्म तिथि — 20. दिसम्‍बर, 1928      जन्म स्थान — नागौर (राजस्‍थान)      वैवाहिक स्थिति — विवाहित      शैक्षनिक एवं व्‍यावसायिक योग्यता — प्रारम्भिक शिक्षा के पश्‍चात् टेक्निकल एवं मेन्‍टेन्‍स कोर्स तथा पत्रकारिता में प्रशिक्षण.      व्‍यवसाय — पत्रकारिता, लेखन.      स्थायी पता — 33, मोहननगर वार्ड दुर्ग, जिला-दुर्ग (म.प्र.)      सार्वजनिक एवं राजनैतिक जीवन का संक्षिप्त विकास क्रम :                         सन् 1957 में गांधी स्‍मारक समिति के गठनकर्ता और ... Read more - [श्री दिग्विजय सिंह](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9-2/): भूतपूर्व मुख्‍यमंत्री, मध्यप्रदेश श्री दिग्विजय सिंह दशम् विधान सभा (1993-1998) एवं एकादश विधान सभा (1998-2003) (दिनांक 07.12.1993 से 01.12.1998 एवं 01.12.1998 से 07.12.2003 तक)      पिता का नाम — स्व. श्री बलभद्र सिंह      जन्म तिथि — 28. फरवरी, 1947      जन्म स्थान — इन्‍दौर      वैवाहिक स्थिति — विवाहित      पत्नी का नाम — श्रीमती अमृता राय      संतान — 1 पुत्र, 4 पुत्रियां.      शैक्षनिक योग्यता — बी.ई. (मैकेनिकल)      व्‍यवसाय — कृषि      अभिरुचि — क्रिकेट, स्‍क्‍वाश, संगीत, फोटोग्राफी.      स्थायी पता — पो. राघोगढ़, जिला-गुना (म.प्र.)      दूरभाष — (07544) 262300      स्थानीय पता — 1, श्‍यामला हिल्‍स, भोपाल.      दूरभाष — 2440517                   ... Read more - [श्री दिग्विजय सिंह](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9/): भूतपूर्व मुख्‍यमंत्री, मध्यप्रदेश श्री दिग्विजय सिंह दशम् विधान सभा (1993-1998) एवं एकादश विधान सभा (1998-2003) (दिनांक 07.12.1993 से 01.12.1998 एवं 01.12.1998 से 07.12.2003 तक)      पिता का नाम — स्व. श्री बलभद्र सिंह      जन्म तिथि — 28. फरवरी, 1947      जन्म स्थान — इन्‍दौर      वैवाहिक स्थिति — विवाहित      पत्नी का नाम — श्रीमती अमृता राय      संतान — 1 पुत्र, 4 पुत्रियां.      शैक्षनिक योग्यता — बी.ई. (मैकेनिकल)      व्‍यवसाय — कृषि      अभिरुचि — क्रिकेट, स्‍क्‍वाश, संगीत, फोटोग्राफी.      स्थायी पता — पो. राघोगढ़, जिला-गुना (म.प्र.)      दूरभाष — (07544) 262300      स्थानीय पता — 1, श्‍यामला हिल्‍स, भोपाल.      दूरभाष — 2440517                   ... Read more - [सुश्री उमा भारती](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%89%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80/): भूतपूर्व मुख्‍यमंत्री, मध्यप्रदेश सुश्री उमा भारती द्वादश विधान सभा (2003-2008) (दिनांक 08.12.2003 से 23.08.2004 तक)      पिता का नाम — स्‍व. श्री गुलाब सिंह लोधी      जन्म तिथि — 03. मई, 1959      जन्म स्थान — ग्राम-डूंडा, जिला-टीकमगढ़.      वैवाहिक स्थिति — अविवाहित      शैक्षणिक योग्यता — प्राथमिक शिक्षा.      अभिरुचि — अध्‍ययन, ड्रायविंग, पर्यटन, फोटोग्राफी.      स्थायी पता — 28, सिविल लाइन्‍स, जिला-टीकमगढ़ (म.प्र.)      दूरभाष — (07683) 244264, मो.- 09425018228.      स्थानीय पता — 2, सिविल लाइन, प्रोफेसर कॉलोनी, भोपाल, (म.प्र.)      दूरभाष — 2440793, 2441397.      सार्वजनिक एवं राजनैतिक जीवन का संक्षिप्त विकास क्रम :                          ... Read more - [श्री बाबूलाल गौर](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%ac%e0%a5%82%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%97%e0%a5%8c%e0%a4%b0/): (भूतपूर्व मुख्‍यमंत्री, मध्‍यप्रदेश) श्री बाबूलाल गौर द्वादश विधान सभा (2003-2008) (दिनांक 23.08.2004 से 29.11.2005 तक)        पिता — स्‍व. श्री राम प्रसाद      जन्‍मतिथि — 02.जून, 1929      जन्‍म स्‍थान — ग्राम – नौगीर, जिला-प्रतापगढ़ (उ.प्र.)      वैवाहिक स्थिति — विवाहित      शैक्षणिक योग्‍यता — बी.ए., एल.एल.बी.      पत्‍नी का नाम — स्‍व. श्रीमती प्रेमदेवी गौर      संतान — 1 पुत्र (दिवंगत), 2 पुत्री.      व्‍यवसाय — वकालत      अभिरूचि — ट्रेड यूनियन गतिविधियां      स्‍थायी पता — बी-6, स्‍वामी दयानंद नगर, भोपाल.      दूरभाष — 2441578      सार्वजनिक एवं राजनैतिक जीवन ... Read more - [पेसा एक्ट से होगा जनजातीय समुदाय का आर्थिक-सामाजिक सशक्तिकरण-PESA ACT](https://namastesir.co.in/%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%b8%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af/): भोपाल : 30/12/2022 14:36 राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति में मध्यप्रदेश 15 नवंबर 2022 को उस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बना जब मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में जनजातीय समुदाय को जल, जंगल और जमीन के अधिकार देने के लिए पेसा एक्ट लागू किया गया। मध्यप्रदेश पेसा एक्ट लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। प्रदेश के 20 जिलों के 89 जनजातीय बहुल विकास खंड में पेसा एक्ट लागू किया गया है। पेसा एक्ट जनजातीय भाई-बहनों की आर्थिक, सामाजिक उन्नति और उन्हें सशक्त एवं अधिकार सम्पन्न बनाने का जरिया बन रहा है। यह एक्ट ... Read more - [अर्थाभावग्रस्त विद्वानों/साहित्यकारों/ कलाकारों और उनके आश्रितों को वित्तीय सहायता योजना 2023](https://namastesir.co.in/%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%8b/): मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग मंत्रालय, भोपाल : अधिसूचना :- भोपाल, दिनांक : 22/06/2023 क्रमांक एफ 2/1/18/0008/2023/तीस :: मध्यप्रदेश शासन एतद् द्वारा, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ-4-70/संवि/30/93 दिनांक 18 जून 2005 को अतिष्ठित करते हुये, अर्थाभावग्रस्त साहित्यकारों /कलाकारों और उनके आश्रितों को वित्तीय सहायता देने के लिये निम्नलिखित नियम बनाता है, अर्थात ; नियम 1. शीर्षक एवं उद्देश्य :- (क) यह योजना “अर्थाभावग्रस्त विद्वानों/साहित्यकारों/कलाकारों और उनके आश्रितों को वित्तीय सहायता योजना, 2023” कहलायेगी। (ख) इस योजना का उद्देश्य ऐसे व्यक्तियों, जिन्होंने कला और साहित्य के विकास में योगदान दिया है, किन्तु अर्थाभावग्रस्त है, और ऐसे लेखकों तथा कलाकारों के आश्रितों को, ... Read more - [श्रीमती विजयाराजे सिंधिया](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%af/): सदन की भूतपूर्व नेता, मध्‍यप्रदेश श्रीमती विजयाराजे सिंधिया चतुर्थ विधान सभा (1967-1972) (दिनांक 30.07.1967 से 25.03.1969 तक)                   सार्वजनिक एवं राजनैतिक जीवन का संक्षिप्त विकास क्रम :               जन्‍म -12 अक्‍टूबर, 1919. जन्‍म स्‍थान-सागर. शिक्षा-बी.ए. तक का अध्‍ययन आंशिक रूप से घर पर तथा उसके पश्‍चात् वसन्‍त कालेज, वाराणसी व आई.टी. कालेज लखनऊ में किया. सन् 1964 में विक्रम विश्‍वविद्यालय उज्‍जैन ने मेघावान व्‍यक्ति का सम्‍मान करते हुए डी.लिट्. की उपाधि से विभूषित किया. आपका शुभ पाणिग्रहण संस्‍कार स्‍वर्गीय हिज हाइनेस महाराजा जीवाजी राव सिंधिया के साथ 21 फरवरी, सन् 1941 को ग्‍वालियर में सम्‍पन्‍न हुआ. शिक्षा के विभिन्‍न क्षेत्रों और स्‍तरों ... Read more - [ज्ञान और शांति की पुंज साँची नगरी से अब अक्षय ऊर्जा का प्रकाश](https://namastesir.co.in/%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%9c-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%81/): भोपाल : 31/08/2023 20:17 जलवायु परिवर्तन विश्व की प्रमुख समस्याओं में से एक है जिससे पर्यावरण एवं सामाजिक आर्थिक विकास पर दुष्प्रभाव हो रहा है। जलवायु परिवर्तन का मुख्य कारण विभिन्न क्षेत्रों यथा ऊर्जा, उद्योग, कृषि, परिवहन, अपशिष्ट के अनुचित निष्पादन आदि से कार्बन उत्सर्जन के कारण, ग्लोबल वार्मिंग होना है। कार्बन उत्सर्जन को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अनेक प्रयास किये जा रहे है। इस दिशा में जलवायु परिवर्तन के पेरिस सम्मेलन में निश्चित किया गया कि पृथ्वी की सतह का तापमान 2 डिग्री से अधिक न बढ़े के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सघन प्रयास और पृथ्वी की सतह ... Read more - [भूतो न भविष्यति जनजातीय जननायक भगवान बिरसा मुण्डा](https://namastesir.co.in/%e0%a4%ad%e0%a5%82%e0%a4%a4%e0%a5%8b-%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%9c/): भोपाल : 14/11/2022 11:12 भगवान बिरसा मुण्डा ने अपने 25 वर्ष के जीवन काल में ही जमींदारी प्रथा, राजस्व व्यवस्था इंडियन फारेस्ट एक्ट-1882 और धर्मातरण के खिलाफ अंग्रेजों एवं ईसाई पादरियों से संघर्ष किया। भगवान बिरसा मुण्डा जनजातियों की धार्मिक व्यवस्था, संस्कृति, परम्परा, अस्तित्व एवं अस्मिता रक्षक के प्रतीक हैं। वे संपूर्ण जनजातीय समाज का गौरव है। भारत सरकार ने बिरसा मुण्डा जयंती – 15 नवम्बर को “जनजातीय गौरव दिवस” के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। “जनजातीय गौरव दिवस” मनाना जनजातीय समाज का ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण सनातन समाज का एकात्म भाव है। भारत के विभिन्न प्रान्तों में बसी लगभग 705 ... Read more - [मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग के राष्ट्रीय सम्मानों की घोषणा](https://namastesir.co.in/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%a4/): मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग के राष्ट्रीय सम्मानों की घोषणा राष्ट्रीय तानसेन सम्मान पं. गणपति भट्ट, राष्ट्रीय कवि प्रदीप सम्मान श्री गुरू सक्सेना एवं राष्ट्रीय राजा मानसिंह तोमर सम्मान मालव लोक कला केन्द्र , उज्जैन को प्रदान किया जावेगा मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग द्वारा वर्ष 2022 के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय तानसेन सम्मान पं. गणपति भट्ट, कर्नाटक, राष्ट्रीय कवि प्रदीप सम्मान श्री गुरू सक्सेना, नरसिंहपुर एवं राष्ट्रीय राजा मानसिंह तोमर सम्मान मालव लोक कला केन्द्र , उज्जैन को दिए जाने की घोषणा की गई है। भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में देश का सर्वाधिक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय तानसेन सम्मान है। प्रख्यात पं. गणपति भट्ट, कर्नाटक ... Read more - [अभूतपूर्व घटनाओं का वर्ष 2023](https://namastesir.co.in/%e0%a4%85%e0%a4%ad%e0%a5%82%e0%a4%a4%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%98%e0%a4%9f%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%93%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-2023/): भोपाल : 28/12/2023 15:18 मध्यप्रदेश को अभूतपूर्व जनादेश के साथ नए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का नेतृत्व मिलना, राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक प्रदेश यात्राओं, अनूठी विकास योजनाओं, जी-20 की ऐतिहासिक बैठकों, इंदौर में 17वें प्रवासी भारतीय सम्मेलन, सातवें ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसे प्रतिष्ठित आयोजनों के कारण वर्ष 2023 मध्यप्रदेश के लिए अभूतपूर्व घटनाओं का वर्ष बन गया। विकास के कई क्षेत्रों में मध्यप्रदेश देश में आगे रहा। वर्ष 2023 की शुरुआत से ही प्रदेश के समकालीन सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक इतिहास में उल्लेखनीय घटनाएं दर्ज होना शुरू हो गई थीं। वर्ष के आखिरी महीने ... Read more - [जनजातीय नायक](https://namastesir.co.in/%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95/): भोपाल : 14/11/2022 16:45 credit : mpinfo.org जनजातीय गौरव दिवस – 15 नवंबर 2022 वह विशेष अवसर है जब ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन की दमनकारी नीतियों के विरुद्ध संघर्ष करने वाले जनजातीय नायकों का कृतज्ञ स्मरण प्रासंगिक है। यह स्मरण हमें हमारी स्वतंत्रता के पीछे के त्याग, बलिदान और शौर्य-गाथाओं से तो परिचित करवायेगा ही बल्कि स्वतंत्रता को अक्षुण्ण्रखने के लिए हर कीमत पर भी प्रेरित करेगा। यहाँ प्रस्तुत है देश के और मध्यप्रदेश के कुछ चुनिंदा जनजातीय नायकों के संघर्ष और बलिदानों की संक्षिप्त गाथाएँ :- भगवान बिरसा मुण्डा मुण्डा क्रांति के नेतृत्वकर्ता और जन-समुदाय द्वारा बिरसा भगवान के रूप में ... Read more - [मध्यप्रदेश की स्टार्ट अप नी‍ति](https://namastesir.co.in/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%85%e0%a4%aa/): मध्यप्रदेश का स्टार्ट-अप ईकोसिस्टम विभिन्न क्षेत्र के स्टार्ट-अप के वर्गीकरण के साथ विकसित हुआ है। राज्य सरकार ने इसके लिये एक स्वतंत्र निकाय का गठन किया है। नई नीति में स्टार्ट-अप के लिए कई प्रक्रियाओं को सरल और आसान बनाया गया है। सार्वजनिक खरीद को आसान बनाने से लेकर नई स्टार्ट अप नीति में इनक्यूबेटरों को ज्यादा समर्थन की पेशकश की गई है। नई नीति एक मजबूत वित्त पोषण तंत्र का विकास भी करती है। साथ ही ग्रामीण नवाचार को संगठित करने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में भी स्टार्ट अप के प्रति अधिकतम जागरूकता और पहुँच पैदा करती है। प्रदेश ... Read more - [म.प्र. की जनजातीय भाषाएँ](https://namastesir.co.in/%e0%a4%ae-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%81/): मानव सभ्यता की विकास यात्रा की सहभागिता रही हैं म.प्र. की जनजातीय भाषाएँ भोपाल : 14/11/2022 11:00 किसी भी मानव-समुदाय की पृथक पहचान उसकी जीवन-शैली, सांस्कृतिक परंपराओं और भाषा-बोली से होती है। आज स्थिति यह है कि वैश्वीकरण की प्रक्रिया में दुनिया की सैकड़ों बोलियाँ विलुप्त होने की कगार पर हैं। किसी भी सभ्यता के विकास में भाषा की प्रमुख भूमिका होती है। मनुष्य अपने भाव अथवा विचार भाषा के माध्यम से ही अन्य व्यक्ति तक सम्प्रेषित करता है। इस प्रकार भाषा मनुष्य को सामाजिक प्राणी बनाने में केन्द्रीय तत्व के रूप में कार्य करती है। जनजाति समुदायों की भाषाओं पर ... Read more - [जनजातीय जीवन शैली का अभिन्न अंग है नृत्य-संगीत](https://namastesir.co.in/%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%a8-%e0%a4%b6%e0%a5%88%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%a8/): भोपाल : 13/11/2022 19:23 मध्यप्रदेश के इन्द्रधनुषी जनजातीय संसार में जीवन अपनी सहज निश्छलता के साथ आदिम मुस्कान बिखेरता हुआ पहाड़ी झरने की तरह गतिमान है। मध्यप्रदेश सघन वनों से आच्छादित एक ऐसा प्रदेश है, जहाँ विन्ध्याचल, सतपुड़ा और अन्य पर्वत-श्रेणियों के उन्नत मस्तकों का  गौरव-गान करती हवाएँ और उनकी उपत्यकाओं में अपने कल-कल निनाद से आनंदित करती नर्मदा, ताप्ती, तवा, पुनासा, बेतवा, चंबल, दूधी आदि नदियों की वेगवाही रजत-धवल धाराएँ मानो,वसुंधरा के हरे  पृष्ठों पर अंकित पारंपरिक गीतों की मधुर पंक्तियाँ।    ढोल, माँदर, गुदुम, टिमकी, डहकी, माटी माँदर, थाली, घंटी, कुंडी, ठिसकी, चुटकुलों की ताल पर जब बाँसुरी, फेफरिया ... Read more - [रानी दुर्गावती का समर्पण और गोंडवाना साम्राज्य का गौरवशाली इतिहास](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%a3/): रानी दुर्गावती का समर्पण और गोंडवाना साम्राज्य का गौरवशाली इतिहास रचना : डॉ मोहन यादव, मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश। सांभार – mpinfo.org भोपाल : 02/01/2024 17:15  जबलपुर : जबलपुर मध्यप्रदेश की संस्कारधानी है। इतिहास में इसका गौरवशाली स्थान है। जबलपुर का उल्लेख हर युग में मिलता है। यह वैदिक काल में जाबालि ऋषि की तपोस्थली रही है। हम मध्यकाल में देखें तो जबलपुर का संघर्ष अद्वितीय रहा है।प्रत्येक हमलावर का उत्तर इस क्षेत्र के निवासियों ने वीरतापूर्वक दिया है और यही वीरता वीरांगना रानी दुर्गावती के संघर्ष और बलिदान की गाथा में है।जबलपुर उनके बलिदान की पवित्र भूमि है। अकबर की विशाल सेना ... Read more - [श्री कमल नाथ](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%ae%e0%a4%b2-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a5/):   पूर्व मुख्‍यमंत्री, मध्यप्रदेश   श्री कमल नाथ मुख्‍यमंत्री (17.12.2018 – 20.03.2020)        पिता का नाम — स्‍व. श्री महेन्‍द्र नाथ      जन्म तिथि — 18 नवम्‍बर, 1946      जन्म स्थान — कानपुर (उत्‍तर प्रदेश)      वैवाहिक स्थिति — विवाहित      पत्नी का नाम — श्रीमती अलका नाथ      संतान — 2 पुत्र      शैक्षणिक योग्यता — बी.कॉम.      व्‍यवसाय — राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यकर्त्‍ता      अभिरुचि — जनजातीय और दलित वर्गों का विकास, वन्‍य जीव, बागवानी और सामाजिक-आर्थिक मुद्दों में रूचि      स्थायी पता — मकान नं. 1, शिकारपुर, ब्लॉक एवं तहसील मोहखेड़, थाना देहात परतला, जिला- छिंदवाड़ा-480001 (म.प्र.)      स्थानीय पता —        दूरभाष — ... Read more - [श्री शिवराज सिंह चौहान](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9-%e0%a4%9a%e0%a5%8c%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8/): पूर्व मुख्‍यमंत्री, मध्यप्रदेश   श्री शिवराज सिंह चौहान मुख्‍यमंत्री (29.11.2005 से 10.12.2008, 12.12.2008 से 09.12.2013, 14.12.2013 से 12.12.2018 एवं 23.03.2020 से 11.12.2023)        पिता का नाम — श्री प्रेम सिंह चौहान      जन्म तिथि — 05. मार्च, 1959      जन्म स्थान — ग्राम-जैत, जिला-सीहोर      वैवाहिक स्थिति — विवाहित      पत्नी का नाम — श्रीमती साधना सिंह चौहान      संतान — 2 पुत्र      शैक्षणिक योग्यता — एम.ए.      व्‍यवसाय — कृषि      अभिरुचि — संगीत, आध्‍यात्मिक साहित्‍य, भ्रमण      स्थायी पता — (1) ग्राम-जैत, पो.-सरदार नगर, तह.-बुधनी, जिला-सीहोर (म.प्र.)      स्थानीय पता —        दूरभाष —        सार्वजनिक एवं राजनैतिक जीवन का संक्षिप्त विकास क्रम :           ... Read more - [जनजातीय संरक्षण संस्थान](https://namastesir.co.in/%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%a8/): भोपाल : 14/11/2021 19:02 मध्यप्रदेश में जनजातीय विरासत, संस्कृति, कला, इतिहास, जीवन-शैली, रीति-रिवाजों के संरक्षण एवं संवर्धन तथा प्रमुख जनजातीय नायकों टंट्या भील, भीमा नायक,  खज्या नायक, संग्राम सिंह, शंकर शाह, रघुनाथ शाह, रानी दुर्गावती, बादल भोई, राजा भभूत सिंह, रघुनाथ मंडलोई भिलाला,राजा ढिल्लन शाह गोंड, राजा गंगाधर गोंड, सरदार विष्णु सिंह उईके आदि के जीवन चरित्र को आमजन तक पहुँचाने के लिए लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। राज्य शासन द्वारा जनजाति गौरव दिवस आयोजन, जनजातीय प्रतिभाओं का सम्मान, स्मारक निर्माण, चित्र दीर्घाएँ, जनजातीय संग्रहालय, राम कथा पर आधारित वनवासी लीलाओं का मंचन, शहीद मेलों जैसे कार्य किए जा रहे हैं।जनजातीय संग्रहालय मध्यप्रदेश में जनजातीय कला, संस्कृति, जीवन-शैली, मिथकों, मान्यताओं, रीति-रिवाज आदि पर केंद्रित कई संग्रहालय स्थापित किए गए ... Read more - [उज्जैन : भारत का एक अत्यन्त प्राचीन गौरवशाली नगर](https://namastesir.co.in/%e0%a4%89%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a5%88%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%85%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a4/): भोपाल : 05/10/2022 12:26 अभी-अभी मध्यप्रदेश शासन ने श्री महाकाल महाराज विकास योजना में एक विशाल और भव्य‘महाकाल लोक का निर्माण कराया है। यह महाकाल लोक न केवल अत्यन्त भव्य और दिव्य है अपितु समूचे महाकाल परिसर को एक नूतन आभा प्रदान करता है। इसके निर्माण में उज्जयिनी की पूरी सांस्कृतिक विरासत की झलक हमें मिलती है। इसके कारण उज्जैन में और मध्यप्रदेश में पर्यटन की बहुत संभावनाएँ अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ जायेंगी। यों एक सांस्कृतिक धरोहर के रूप में उज्जैन नगर की पहचान पहले से सारे विश्व में है किन्तु इस महाकाल लोक के निर्माण से वह और भी विश्व के आकर्षण ... Read more - [सतेंद्र सिंह लोहिया](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b8%e0%a4%a4%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be/): Image Credit : Google सतेंद्र सिंह लोहिया  (जन्म 6 जुलाई 1987) 70% विकलांगता वाले एक भारतीय तैराक हैं। 24 जून 2018 को उन्होंने एक तैराकी रिले टीम के हिस्से के रूप में इंग्लिश चैनल को पार किया , जिसने पहली बार भारत के चार पैरा तैराकों को इंग्लिश चैनल पार करते देखा। उन्होंने चैनल को 12 घंटे और 26 मिनट में पूरा कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। उन्हें पहले भारतीय पैरा तैराक के लिए तेनजिंग नोर्गे एडवेंचर अवार्ड 2019 के लिए चुना गया है, जो भारत के माननीय राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द और भारत के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ... Read more - [जननायक टंट्या भील](https://namastesir.co.in/%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%9f%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a5%80%e0%a4%b2/): भोपाल : 01/12/2021 19:11 सन् 1857 में भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारी वीरों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों में मध्यप्रदेश के जनजातीय समाज के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी टंट्या भील का नाम बड़े सम्मान एवं आदर के साथ लिया जाता है। जनजातीय समाज के इस महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को भारत का रॉबिनहुड भी कहा जाता है। दिलचस्प पहलू यह है कि टंट्या भील की वीरता, साहस और अप्रतिम स्वतंत्रता भाव से संकट में आये अंग्रेजी शासन के नुमाइंदों ने ही जननायक टंट्या भील को “भारतीय रॉबिनहुड” की उपाधि दी थी। टंट्या भील का जन्म सन् 1840 में तत्कालीन मध्य प्रांत के पूर्वी निमाड़ (खंडवा जिले) की पंधाना तहसील ... Read more - [ऐतिहासिक पर्यटक स्थल माण्डू](https://namastesir.co.in/%e0%a4%90%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%9f%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a3/): भोपाल : 12/02/2021 18:57 माण्डू का पुराना नाम मांडव है, जो मध्यप्रदेश के धार जिले मे स्थित एक प्राचीन गाँव है। माण्डू मालवा के पठार पर स्थित है जिसकी समुद्रतल से ऊँचाई करीब 2 हजार फीट है। मान्डव के दक्षिण दिशा मे निमाड क्षेत्र का विस्तार है। बुंदेलखंड के वीर योद्धा आल्हा ऊदल ने इसी जगह आकर युद्ध किया था, जिसे इतिहास मे माड़ौगढ की लड़ाई के नाम से जाना जाता है| 10वीं सदी मे परमार वंश के शासकों ने सर्वप्रथम मांण्डू को अपनी राजधानी बनाया था। परमार वंश के प्रतापी राजा जयवर्मन और भोजराज हुए, नीलकंठ महादेव मंदिर उसी काल ... Read more - [Padma Awards 2024](https://namastesir.co.in/padma-awards-2024/): पद्म पुरस्कार 2024 की घोषणा पोस्ट किया गया: 25 जनवरी 2024 11:01 अपराह्न पीआईबी दिल्ली द्वारापद्म पुरस्कार – देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक, तीन श्रेणियों, अर्थात् पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री में प्रदान किया जाता है। पुरस्कार विभिन्न विषयों/गतिविधियों के क्षेत्रों में दिए जाते हैं, जैसे- कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक मामले, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य और शिक्षा, खेल, सिविल सेवा, आदि। ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया जाता है असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए; उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए ‘पद्म भूषण’ और किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए ... Read more - [प्रशासनिक पद कानून नेता और प्रजातंत्र ](https://namastesir.co.in/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%82%e0%a4%a8-%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%94/): Source X : https://twitter.com/OpIndia_com/status/1752646656741560515?t=qJS8UT0xvmVd08lLzOgD-g&s=19 ट्विटर पर इस खबर को देखते ही पढ़ने के बाद न तो कुछ बोला जाता है। न हीं चुप रहा जाता है। मैं सोच रहा था की हमारे देश में लोग IAS और आईपीएस बनने के लिए अपना सभी प्रकार का प्रयास लगा देते हैं। दिन-रात मेहनत करते हैं। और अपनी पूरी ऊर्जा से उसकी तैयारी करते हैं। ताकि वह एक समर्थ अधिकारी बनकर देश की सेवा कर सकें और उनका प्रभाव एवं यश भी हो उन्हें कोई डरा धमका न सके। किंतु जैसे कि  लोकतांत्रिक व्यवस्था में निहित है। कि चुनाव जीत कर आने वाला व्यक्ति ... Read more - ["गगनयान" मिशन से पहले महिला रोबोट अंतरिक्ष यात्री "व्योममित्र" अंतरिक्ष में](https://namastesir.co.in/%e0%a4%97%e0%a4%97%e0%a4%a8%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be/): अंतरिक्ष विभाग इसरो के महत्वाकांक्षी “गगनयान” मिशन से पहले महिला रोबोट अंतरिक्ष यात्री “व्योममित्र” अंतरिक्ष में उड़ान भरेगी, जो भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में ले जाने वाली भारत की पहली मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान होगी वहीं मानव रहित रोबोट उड़ान “व्योममित्र” इस वर्ष होगी, “गगनयान” अगले वर्ष अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया जाएगा प्रविष्टि तिथि: 04 FEB 2024 5:51PM by PIB Delhi महिला रोबोट अंतरिक्ष यात्री “व्योममित्र” भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के महत्वाकांक्षी “गगनयान” मिशन से पहले अंतरिक्ष में उड़ान भरेगी जो भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में ले जाने वाली भारत की पहली मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान होगी। नई दिल्ली में ... Read more - [Aroma Mission-Ministry of Science & Technology](https://namastesir.co.in/aroma-mission-ministry-of-science-technology/): परिचय  अरोमा मिशन (Aroma Mission) लैवेंडर की खेती को बढ़ावा देने के लिए जम्मू कश्मीर के रामबन जिले से शुरु किये गए मिशन का नाम है । यह प्रसिद्ध मिशन 2016 में शुरू किया गया था, जिसे लैवेंडर या बैंगनी क्रांति (Lavender or Purple Revolution) के नाम से भी जानते हैं ।विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा शुरू की गई पर्पल क्रांति या लैवेंडर क्रांति का उद्देश्य वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के ‘सुगंध मिशन’ के माध्यम से स्वदेशी सुगंधित फसल-आधारित कृषि अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। भारत औषधीय रूप से महत्वपूर्ण पौधों की प्रजातियों की विस्तृत श्रृंखला के लिए लोकप्रिय ... Read more - [Kaluram Bamaniya](https://namastesir.co.in/kaluram-bamaniya/): Image Source Google  मालवा में कबीर मध्य प्रदेश की मालवा बेल्ट राज्य के पश्चिमी भाग में स्थित है, इसका प्राचीन केंद्र उज्जैन है और वर्तमान में सबसे बड़ा मेगासिटी इंदौर है। क्षेत्र की लोक संगीत परंपराओं के सबसे दिलचस्प पहलुओं में से एक भजन मंडली है जो लोकसंगीत, विशेष रूप से कबीर, मीरा, सूरदास और अन्य लोगों के गीतों  को गाती है। वहाँ वास्तव में कबीर पंथ (एक पंथ जो कबीर के सुसमाचार का पालन करता है) की एक मजबूत शाखा है और लगभग हर गाँव में संगीतकारों की एक मंडली है जो नियमित रूप से रात भर गाते हैं। वास्तव ... Read more - [राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM-National Quantum Mission)](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a4%a8-nqm-national-qua/): राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (एनक्यूएम) के लिए पूर्व-प्रस्ताव कॉल पर विचार-मंथन सत्र शोधकर्ताओं को क्वांटम अनुसंधान में समन्वयन करने के लिए एक साथ लेकर आया विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय प्रविष्टि तिथि: 20 FEB 2024 7:01PM by PIB Delhi Credit Press Information Bureau थीमैटिक हब – टी-हब राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (एनक्यूएम) के अंतर्गत विषयात्मक केंद्र (थीमैटिक हब – टी-हब) की स्थापना के लिए पूर्व-प्रस्तावों के आह्वान पर आहूत विचार-मंथन सत्र  पूरे भारत से ऐसे क्वांटम विज्ञान शोधकर्ताओं और क्वांटम प्रौद्योगिकीविदों को एक  मंच पर ले कर लाया, जो भारत के इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भाग लेने के इच्छुक थे। क्वांटम ... Read more - [इसरो ने युवा विज्ञानी कार्यक्रम 2024 (युविका) की घोषणा की](https://namastesir.co.in/%e0%a4%87%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a5%8b-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0/): विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय इसरो ने युवा विज्ञानी कार्यक्रम 2024 (युविका) की घोषणा की प्रविष्टि तिथि: 17 FEB 2024 12:20PM by PIB Delhi बच्चों और युवाओं में अंतरिक्ष और ब्रह्मांड के प्रति आकर्षण होता है। वे बहुत जिज्ञासु होते हैं और सभी खगोलीय प्रक्रियाओं के बारे में सब कुछ जानना चाहते हैं। युवा मन की इस प्रबल जिज्ञासा के संबोधन के लिए, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) स्कूली बच्चों के लिए “यंग साइंटिस्‍ट प्रोग्राम” “युवा विज्ञानी कार्यक्रम” (युविका) नामक एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी में नवीन रुझानों में युवा ... Read more - [संत गुरु रविदास की 647वीं जयंती पर प्रधानमंत्री](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%a4-%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%81-%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%80-647%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a4%af%e0%a4%82/): संत गुरु रविदास की 647वीं जयंती पर प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ Credit PIB as it is प्रविष्टि तिथि: 23 FEB 2024 2:02PM by PIB Delhi जय गुरु रविदास। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, पूरे भारत से यहां पधारे सम्मानित संत जन, भक्त गण और मेरे भाइयों एवं बहनों, आप सभी का मैं गुरु रविदास जी जन्म जयंती के पावन अवसर पर उनकी जन्मभूमि में स्वागत करता हूँ। आप सब रविदास जी की जयंती के पर्व पर इतनी-इतनी दूर से यहां आते हैं। खासकर, मेरे पंजाब से इतने भाई-बहन आते हैं कि बनारस खुद भी ‘मिनी पंजाब’ जैसा ... Read more - [सीएम मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के पद्म पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%a8-%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%b5-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0/): पीटीआईअपडेट किया गया: 26 जनवरी, 2024 15:49 IST  भोपाल, 26 जनवरी (भाषा) मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को चार प्रसिद्ध हस्तियों को बधाई दी, जिन्हें कला, शिक्षा और साहित्य और खेल के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए प्रतिष्ठित पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।  यादव ने कहा, “भगवती लाल राजपुरोहित, ओम प्रकाश शर्मा, सत्येन्द्र सिंह लोहिया और कालूराम बामनिया ने अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और राज्य का गौरव बढ़ाया है।”  75वें गणतंत्र दिवस समारोह की पूर्व संध्या पर गुरुवार को गृह मंत्रालय द्वारा देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों की घोषणा की गई।  ... Read more - [फ्रांस ने यूपीआई पेमेंट सिस्टम की शुरुआत की ](https://namastesir.co.in/%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b8-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%86%e0%a4%88-%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%b8/): प्रधानमंत्री ने यूपीआई की औपचारिक शुरुआत के लिए फ्रांस को बधाई दी Posted Date:- Feb 02, 2024 स्रोत – पी आई बी  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज पेरिस के एफिल टॉवर में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) के औपचारिक शुरुआत के लिए फ्रांस को बधाई दी। उन्होंने इस कदम को डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने और संबंधों को मजबूत करने का एक अद्भुत उदाहरण बताया। प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया: “यह देखकर बहुत ही अच्छा लगा- यह यूपीआई को वैश्विक स्तर पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने और मजबूत संबंधों ... Read more - [एक जिला एक उत्‍पाद और जीआई टैग (One District One Product AND GI Tag)](https://namastesir.co.in/%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%86%e0%a4%88/): APEDA (Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority )नए गंतव्यों पर एक जिला एक उत्‍पाद और जीआई टैग उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देता है; वित्‍त वर्ष 23-24 में 27 से अधिक खेप रवाना की गई  प्रत्यक्ष निर्यात पर ध्यान देने के साथ, एपीडा ने पांच साल की अवधि में 119 एफपीओ/एफपीसी को निर्यातकों में बदल दिया एपीडा ने ताजा उपज के निर्यात को बढ़ावा देने, रसद लागत को कम करने के लिए समुद्री प्रोटोकॉल विकसित किया प्रविष्टि तिथि: 20 FEB 2024 2:52PM by PIB Delhi कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने अधिक से अधिक अनुसूचित उत्पादों को ... Read more - [अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस 21 फरवरी](https://namastesir.co.in/%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%83%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a4%be/): Image source : UN बहुभाषी शिक्षा – सीखने और अंतर-पीढ़ीगत शिक्षा का एक स्तंभ बहुभाषी और बहुसांस्कृतिक समाज अपनी भाषाओं के संरक्षण के माध्यम से आगे बढ़ते हैं, जो पारंपरिक ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत के लिए वाहक के रूप में काम करते हैं। हालाँकि, जैसे-जैसे अधिक भाषाएँ लुप्त हो रही हैं, भाषाई विविधता पर ख़तरा बढ़ता जा रहा है। वर्तमान में, वैश्विक आबादी के 40% के पास अपनी मूल भाषा में शिक्षा तक पहुंच नहीं है, यह आंकड़ा कुछ क्षेत्रों में 90% से अधिक है। अनुसंधान शिक्षा में शिक्षार्थियों की मूल भाषाओं का उपयोग करने, बेहतर सीखने के परिणामों, आत्म-सम्मान और ... Read more - [Padma Shri Nadi Vaidya Hemraj Manjhi](https://namastesir.co.in/padma-shri-nadi-vaidya-hemraj-manjhi/): image source Google पद्मश्री नाड़ी वैद्य श्री हेमराज माँझी  नाड़ी वैद्य : नाड़ी वैद्य होने से क्या तात्पर्य है? नाड़ी  वैद्य वे वैद्य होते हैं जो शरीर में उपस्थित नाड़ियों  की स्थिति को देखकर रोग एवं स्वास्थ्य का पता लगा लेते हैं। योग एवं आयुर्वेद के अनुसार भारतीय शास्त्रों में 72000 नाड़ियों  की संख्या कहीं गई है। अति सूक्ष्म नाड़ियों  की संख्या तो इससे भी अधिक कही गई है। जो प्राणों का वहन करती है रक्त का वहन करती है संवेदनाओं का बहन करती है। इस प्रकार नाड़ियां अनेकों प्रकार की होती हैं और इसलिए यह एक सूक्ष्म और संवेदनशील विज्ञान ... Read more - [पंथनिरपेक्षता पद एवं राजनीति](https://namastesir.co.in/%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%a6-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%82-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c/): Secularism Power and Politics पंथनिरपेक्षता पद एवं राजनीति जवाब। (यह ऊपर कि लिंक के जवाब में लिखा गया है।) ऊपर दी हुई लिंक पर जिन भी महोदय ने यह लिखा है कि जो बड़े पदों पर बैठे हुए व्यक्ति हैं उन्हें अपने सार्वजनिक जीवन और आस्था को अलग-अलग रखना चाहिए। उसका प्रदर्शन नहीं करना चाहिए। उन्होंने एक जज की तरह इस बात का फैसला भी कर दिया है कि कोई व्यक्ति क्यों गलत है। और क्यों सही है। उनके कहने का अंतिम अर्थ यह है कि कोई व्यक्ति अगर बड़े पदों पर होता है तो उसे नास्तिक होना चाहिए और उनके ... Read more - [खजुराहो के प्राचीन मंदिरों की वैभव की छाया में बुना जा रहा नृत्य परम्पराओं का ताना—बाना](https://namastesir.co.in/%e0%a4%96%e0%a4%9c%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a5%8b-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0/): Khajuraho Temples and Its Cultural values (credit mpifo as it is ) “50वां खजुराहो नृत्य समारोह” का तीसरा दिन, नृत्य प्रस्तुति, कला विमर्श और गुरु—शिष्य संगम के नाम रहा भोपाल : गुरूवार, फरवरी 22, 2024, 20:37 IST खजुराहो के प्राचीन मंदिरों के वैभव की छाया में यह नृत्य समागम दिन—प्रतिदिन कलाओं के प्रति लोगों का प्रेम बढ़ाने का कार्य कर रहा है। प्रतिदिन उन्हें भारत की बहुरंगी सांस्कृतिक विरासत से साक्षात्कार करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। पिछले पांच दशकों से नृत्य एवं समकालीन कलाओं के रंगों को बिखेरता आ रहा खजुराहो नृत्य समारोह अपनी स्वर्ण जयंती पर कलारसिकों के ... Read more - [संयुक्त राष्ट्र संघ और भारत ](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%98-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a4%be/): United Nations In India Image Source : Google अभी-अभी समाचार मिल रहे हैं कि भारत सरकार ने संयुक्त राष्ट्र संघ को दी जाने वाली फंडिंग में 54% तक की कटौती की है। मुझे लगता है कि यह कदम अच्छा तो है किंतु यह पर्याप्त नहीं है, क्योंकि भारत हर तरह से UN को जब से वह बना है सपोर्ट करता है। वह  शांति सेना के लिए हमारे देश से बड़ी संख्या में सैनिक भेजता है जो अपनी जान की बाजी लगाकर भी सारी दुनिया में शांति के लिए कार्य करते हैं। आर्थिक रूप से भी भारत अच्छी खासी सहायता संयुक्त राष्ट्र ... Read more - [What is UPI ?](https://namastesir.co.in/what-is-upi/): Unified Payments Interface (UPI) यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) एक ऐसी प्रणाली है जो कई बैंक खातों को एक ही मोबाइल एप्लिकेशन (किसी भी भाग लेने वाले बैंक के) में शक्ति प्रदान करती है, कई बैंकिंग सुविधाओं, निर्बाध फंड रूटिंग और मर्चेंट भुगतान को एक हुड में विलय कर देती है। यह “पीयर टू पीयर” संग्रह अनुरोध को भी पूरा करता है जिसे आवश्यकता और सुविधा के अनुसार शेड्यूल और भुगतान किया जा सकता है। उपरोक्त संदर्भ को ध्यान में रखते हुए, एनपीसीआई ने 21 सदस्य बैंकों के साथ एक पायलट लॉन्च किया। पायलट लॉन्च 11 अप्रैल 2016 को मुंबई में आरबीआई ... Read more - [नई शिक्षा नीति - 2020 में भाषा नीति क्यों महत्वपूर्ण है?](https://namastesir.co.in/%e0%a4%a8%e0%a4%88-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%bf-2020-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%a8/): Why language policy matters in New Education Policy 2020 ।। मनोज कुमार धुर्वे।। परिचय  भाषा विज्ञान के अनुसार भाषा केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं होती बल्कि संस्कृति भाषा में समाहित होती है। वह पूरी तरह उसमें संश्लेषित होती, संश्लिष्ट होती है। इसलिए भाषा को केवल संप्रेषण के माध्यम के रूप में त्यागा बदला या परिवर्तित नहीं किया जा सकता। क्योंकि यदि हम  अपनी भाषा का परिवर्तन करते हैं तो हम अपनी समग्र संस्कृति और संस्कृति से जुड़े हुए अपने अस्तित्व को भी बदल डालते हैं। यदि आप ब्रेड कहते हैं तो उसका अर्थ भारत की रोटी नहीं होता बल्कि उसका अर्थ ... Read more - [The Essence of Virginity: Dispelling Myths and Embracing Individuality](https://namastesir.co.in/the-essence-of-virginity-dispelling-myths-and-embracing-individuality/): Introduction The concept of virginity has been a prominent and complex topic in societies across the globe for centuries. It carries deep cultural, religious, and social significance, often shaping attitudes towards sexuality and gender roles. However, as the world evolves and embraces progressive values, it is essential to examine the notion of virginity through a modern lens that respects individual choices and autonomy. This article seeks to explore the historical context of virginity, debunk common myths, and advocate for a more inclusive and understanding perspective. Understanding Virginity Virginity traditionally refers to a person who has not engaged in sexual intercourse. The ... Read more - [MPPSC Various  Exam Syllabus Download Link Page](https://namastesir.co.in/mppsc-various-exam-syllabus-download-link-page/): Click on the links of the syllabus column : Note – If link is not responding the click on this Original Source  link : https://mppsc.mp.gov.in/Syllabus  S.NO Title Subject Syllabus 1 State Service Examination 2023 Exam Plan and Syllabus Exam Plan and Syllabus Dated 03/10/2023 2 State Engineering Service Exam 2022 Exam Plan and Syllabus Syllabus – Agriculture Engineering Dated 27.07.2023Exam Plan – (Civil/Mechanical/Electrical Engineering/Agriculture Engineering) Syllabus- Civil/Mechanical/Electrical Engineering) Dated 14.07.2023 3 State Forest Service Main Exam 2022 Exam Plan and Syllabus Exam Plan and Syllabus 4 Veterinary Assistant Surgeon /Veterinary Extension Officer Exam 2023 Exam Plan and Syllabus Exam Plan and Syllabus ... Read more - [कौमार्य का सार: मिथकों को दूर करना और व्यक्तित्व को अपनाना](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a5%8c%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%a5%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%a6/): The Essence of Virginity: Dispelling Myths and Embracing Individuality परिचय कौमार्य (virginity)की अवधारणा सदियों से दुनिया भर के समाजों में एक प्रमुख और जटिल विषय रही है। इसका गहरा सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक महत्व है, जो अक्सर कामुकता और लैंगिक भूमिकाओं के प्रति दृष्टिकोण को आकार देता है। हालाँकि, जैसे-जैसे दुनिया विकसित हो रही है और प्रगतिशील मूल्यों को अपना रही है, आधुनिक लेंस के माध्यम से कौमार्य (virginity)की धारणा की जांच करना आवश्यक है जो व्यक्तिगत विकल्पों और स्वायत्तता का सम्मान करता है। यह लेख कौमार्य (virginity)के ऐतिहासिक संदर्भ का पता लगाने, आम मिथकों को दूर करने और अधिक समावेशी ... 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Read more - [पाइथागोरस प्रमेय:  एक सरल व्याख्या](https://namastesir.co.in/%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a4%b8-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%af-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%b2-%e0%a4%b5/): पाइथागोरस थ्योरम क्या है? कल्पना कीजिए कि आप पतंग उड़ा रहे हैं। पतंग की डोर सीधी होती है और यह एक तिरछी रेखा बनाती है। अब, यदि आप खड़े होकर अपने और पतंग के बीच की दूरी मापें, तो आपको यह थोड़ा मुश्किल लग सकता है क्योंकि पतंग हवा में है, जमीन पर नहीं। लेकिन क्या होगा अगर मैं आपसे कहूं कि पतंग की डोर को सीधे मापे बिना ही उस दूरी का पता लगाने का एक तरीका है? यहीं पर पाइथागोरस प्रमेय लागू होता है! An Image created by right angle(900) triangles   पाइथागोरस प्रमेय क्या है? पाइथागोरस प्रमेय एक जादुई ... Read more - [पवित्र नमस्ते : भारतीय संस्कृति से एक गहरा संबंध](https://namastesir.co.in/%e0%a4%aa%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%87-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8/): Namaste In Hindi भारतीय संस्कृति की विशाल टेपेस्ट्री में, एक ऐसा शब्द मौजूद है जो गहरे अर्थ के साथ गूंजता है और श्रद्धा, गर्मजोशी और आध्यात्मिकता का एक सुंदर सार रखता है। यह एक ऐसा शब्द है जो भाषा की बाधाओं को पार करता है, आत्मा की गहराई तक पहुंचता है और एक ऐसा संबंध स्थापित करता है जो महज शब्दों से परे होता है। वह शब्द है “नमस्ते।” नमस्ते का अर्थ (meaning of namaste) शाब्दिक रूप से अनुवादित, नमस्ते का अर्थ है, “मेरे भीतर का ईश्वर आपके भीतर के उसी ईश्वर को नमन करता है।” और अपनी संक्षिप्तता के बावजूद, ... Read more - [Occupation In hindi (व्यवसाय )](https://namastesir.co.in/occupation-in-hindi-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%b5%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%af/): आधुनिक विश्व में व्यवसायों का महत्व और विकास (The Significance and Evolution of Occupations in the Modern World) परिचय(Introduction): व्यवसाय मानव अस्तित्व का एक मूलभूत पहलू है, जिसमें विभिन्न प्रकार की गतिविधियाँ शामिल हैं जिन्हें व्यक्ति जीविकोपार्जन, समाज में योगदान और व्यक्तिगत संतुष्टि पाने के लिए करते हैं। सदियों से, सामाजिक परिवर्तनों, तकनीकी प्रगति और बदलते आर्थिक परिदृश्य के अनुरूप व्यवसाय विकसित हुए हैं। यह लेख आधुनिक दुनिया में व्यवसायों के महत्व की पड़ताल करता है, व्यक्तिगत पहचान को आकार देने, आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और सामाजिक प्रगति को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका पर प्रकाश डालता है। व्यवसाय और ... Read more - [Vibes Meaning In Hindi](https://namastesir.co.in/vibes-meaning-in-hindi/): शब्द “वाइब्स” बोलचाल की अंग्रेजी भाषा है जो “वाइब्रेशन्स” से बना है। आकस्मिक बातचीत के संदर्भ में, “वाइब्स” अक्सर किसी स्थान, व्यक्ति या स्थिति की मनोदशा, भावना या माहौल को संदर्भित करता है। उदाहरण के लिए, “अच्छे वाइब्स” का तात्पर्य सकारात्मक ऊर्जा या भावनाओं से है, जबकि “बुरे वाइब्स” का अर्थ इसके विपरीत है। यदि आप “वाइब्स” की अवधारणा को हिंदी में व्यक्त करना चाहते हैं, तो आप इसका उपयोग कर सकते हैं: – अनुभूति: जिसका अर्थ है “महसूस करना” या “संवेदना।” हालाँकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि सीधे अनुवाद में सटीक सांस्कृतिक बारीकियाँ नहीं हो सकती हैं। “वाइब्स” शब्द ... Read more - [Toxic Meaning In Hindi](https://namastesir.co.in/toxic-meaning-in-hindi/): संदर्भ के आधार पर “विषाक्त” की कई परिभाषाएँ हैं: 1. रासायनिक/चिकित्सा: जहर या विषाक्त पदार्थों से संबंधित या उनके कारण। इस संदर्भ में, कोई चीज़ जो जहरीली है वह किसी जीवित जीव में प्रवेश करने पर नुकसान या मृत्यु का कारण बन सकती है।     उदाहरण: विषाक्त पदार्थों का सेवन घातक हो सकता है। 2. पर्यावरणीय: पर्यावरण के लिए हानिकारक।     उदाहरण: जहरीला कचरा नदियों को प्रदूषित कर सकता है और जलीय जीवन को नुकसान पहुंचा सकता है। 3. संबंधपरक/सामाजिक संदर्भ: हानिकारक या हानिकारक, अक्सर उन रिश्तों, व्यवहारों या वातावरण का वर्णन करने के लिए उपयोग किया जाता है जो भावनात्मक या मनोवैज्ञानिक ... Read more - [Introvert Meaning In Hindi](https://namastesir.co.in/introvert-meaning-in-hindi/): “अंतर्मुखी” एक व्यक्तित्व विशेषता को संदर्भित करता है जहां व्यक्ति एकान्त या कम उत्तेजना वाले वातावरण में अधिक आरामदायक या ऊर्जावान महसूस करते हैं। अंतर्मुखी अक्सर ऐसी गतिविधियाँ पसंद करते हैं जो उन्हें बड़े समूहों या अपरिचित सेटिंग्स के बजाय अकेले या परिचित लोगों के करीबी समूह के साथ काम करने की अनुमति देती हैं। यहां कुछ विशेषताएं दी गई हैं जो अक्सर अंतर्मुखी लोगों से जुड़ी होती हैं: 1. एकांत को प्राथमिकता: अंतर्मुखी लोग अक्सर अकेले समय बिताना पसंद करते हैं और बड़े सामाजिक समारोहों में लंबे समय तक रहने के बाद थका हुआ महसूस कर सकते हैं। 2. गहरे ... Read more - [Legend Meaning In Hindi](https://namastesir.co.in/legend-meaning-in-hindi/): “legend (किंवदंती)” शब्द के संदर्भ के आधार पर कई अर्थ हैं: 1. पारंपरिक कहानी या कहानी: एक पारंपरिक कहानी जिसे कभी-कभी लोकप्रिय रूप से ऐतिहासिक माना जाता है लेकिन प्रमाणित नहीं किया जाता है। किंवदंतियाँ अक्सर नायकों, अलौकिक घटनाओं या प्राचीन रहस्यों के इर्द-गिर्द घूमती हैं।     उदाहरण: राजा आर्थर और गोलमेज के शूरवीरों की कथा ब्रिटिश लोककथाओं में एक लोकप्रिय कहानी है। 2. प्रसिद्ध व्यक्ति: कोई व्यक्ति जो अपनी प्रतिभा, उपलब्धियों या विशेष गुणों के कारण, विशेष रूप से किसी विशेष क्षेत्र में, बहुत प्रसिद्ध है। इस व्यक्ति की अक्सर कई लोग प्रशंसा करते हैं या उसे अपना आदर्श मानते हैं। ... Read more - [Designation Meaning In Hindi](https://namastesir.co.in/designation-meaning-in-hindi/): “पदनाम(Designation )” शब्द का तात्पर्य है: 1. एक आधिकारिक शीर्षक या नाम: यह किसी संगठन या समाज के भीतर किसी विशेष पद या नौकरी की भूमिका की पहचान करने वाला नाम या शीर्षक है।     उदाहरण: कंपनी में उनका पदनाम “मुख्य वित्तीय अधिकारी” है। 2. नामित करने का कार्य: यह किसी विशेष श्रेणी, उद्देश्य या स्थान के लिए कुछ निर्दिष्ट करने या आवंटित करने की प्रक्रिया को संदर्भित करता है।     उदाहरण: क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान के रूप में नामित करने से इसके प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने में मदद मिलेगी। 3. रैंक या महत्व का एक निर्दिष्ट स्तर: यह किसी चीज़ को ... Read more - [Gratitude meaning in hindi](https://namastesir.co.in/gratitude-meaning-in-hindi/): “आभार” आभारी होने का गुण है और दयालुता के प्रति सराहना दिखाने और उसका प्रतिफल देने की तत्परता है। यह प्राप्त लाभ या दयालुता के लिए कृतज्ञता या सराहना की भावना है। उदाहरण के लिए, यदि कोई आपकी मुसीबत में आपकी मदद करता है, तो आप उसके प्रति कृतज्ञता महसूस कर सकते हैं, जो आपको धन्यवाद व्यक्त करने या बदले में कुछ दयालु करने के लिए प्रेरित कर सकता है। खुशी और कल्याण को बढ़ावा देने के तरीके के रूप में कुछ मनोवैज्ञानिकों द्वारा “आभार पत्रिका” रखने की सिफारिश की गई है, जहां व्यक्ति उन चीजों को सूचीबद्ध करता है जिनके ... Read more - [Manifest Meaning In Hindi](https://namastesir.co.in/manifest-meaning-in-hindi/): Manifest Meaning  “मेनिफ़ेस्ट” क्रिया और विशेषण दोनों के रूप में कार्य कर सकता है, और इसका अर्थ उस संदर्भ के आधार पर भिन्न हो सकता है जिसमें इसका उपयोग किया गया है: 1. क्रिया:     – स्पष्ट रूप से दिखाना या प्रदर्शित करना; स्पष्ट या स्पष्ट करना।       उदाहरण: उसके व्यवहार में चिंता के लक्षण प्रकट हुए।     -प्रकट होना या प्रकट होना।       उदाहरण: जहाज़ क्षितिज पर प्रकट हुआ। 2. विशेषण:     – मन या आंख के लिए स्पष्ट और स्पष्ट।       उदाहरण: पॉलिसी के लाभ कुछ महीनों के बाद सामने आने लगे। 3. संज्ञा:     – सीमा शुल्क और अन्य अधिकारियों के उपयोग के लिए जहाज, ... Read more - [How Are You Meaning In Hindi](https://namastesir.co.in/how-are-you-meaning-in-hindi/):  “आप कैसे हैं?”: एक सरल अभिवादन की खोज  सार्वभौमिक प्रश्न सभी संस्कृतियों और भाषाओं में, किसी का अभिवादन करना एक सर्वव्यापी और गहराई से रची-बसी मानवीय परंपरा है। अंग्रेजी भाषा में सबसे अधिक पूछे जाने वाले प्रश्नों में से एक है “आप कैसे हैं?” इसके व्यापक उपयोग के बावजूद, इस सरल प्रश्न के उत्तर में गहन निहितार्थ और विविधताएँ तलाशने लायक हैं।  शाब्दिक पूछताछ इसके मूल में, “आप कैसे हैं?” यह किसी की भलाई का प्रश्न है। जब हम यह प्रश्न पूछते हैं, तो हम, सबसे शाब्दिक अर्थ में, व्यक्ति के स्वास्थ्य, मनोदशा और भावनात्मक स्थिति के बारे में पूछ रहे ... Read more - [Crush Meaning In Hindi](https://namastesir.co.in/crush-meaning-in-hindi/): संदर्भ के आधार पर, “क्रश” शब्द के संज्ञा और क्रिया दोनों के रूप में कई अर्थ हैं: 1. क्रिया (क्रिया):     – शारीरिक दबाव: किसी चीज़ को इतनी ज़ोर से दबाना या निचोड़ना कि वह क्षतिग्रस्त या विकृत हो जाए। उदाहरण: “उसने अपने हाथ से कैन को कुचल दिया।”( “She crushed the can with her hand.”)     – हार: अक्सर प्रतिस्पर्धी सेटिंग में, बड़ी ताकत से पराजित करना या पराजित करना। उदाहरण: “हमारी टीम ने कल रात के खेल में विरोधियों को कुचल दिया।”(“Our team crushed the opponents in last night’s game.”) 2. संज्ञा:     – तीव्र आकर्षण: किसी के लिए एक संक्षिप्त लेकिन ... Read more - [भारत में संविधान दिवस](https://namastesir.co.in/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b8/):  संविधान दिवस (Constitution Day) भारत में संविधान दिवस, जिसे राष्ट्रीय कानून दिवस भी कहा जाता है, प्रतिवर्ष 26 नवंबर को मनाया जाता है। इस दिन को संघीय सभा द्वारा 1949 में भारतीय संविधान को अपनाने की स्मृति में मनाया जाता है। असली भारतीय संविधान 26 जनवरी 1950 को प्रभावी हुआ था, जिसे भारत में गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। हालांकि, 26 नवंबर को संघीय सभा की प्रयासों की सम्मान और भारतीय संविधान की मूल्यों और सिद्धांतों को मान्यता देने के लिए मनाया जाता है। भारत सरकार ने 19 नवंबर 2015 को 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप ... Read more - [संविधान क्या है?(What is Constitution ?)](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88what-is-constitution/): संविधान : संविधान मौलिक सिद्धांतों की एक प्रणाली है जिसके अनुसार एक राज्य या अन्य संगठन शासित होता है। ये नियम मिलकर बनाये जाते हैं, यानी गठित करते हैं कि इकाई क्या है। वे आम तौर पर सरकारी शक्ति और नागरिकों के अधिकारों की सीमाओं को परिभाषित और निर्धारित करते हैं। संविधान लिखित या अलिखित हो सकता है। यहां संविधान की कुछ प्रमुख विशेषताएं और उद्देश्य दिए गए हैं: 1. सरकार की संरचना स्थापित करनां: संविधान अक्सर सरकार की संरचना की रूपरेखा तैयार करते हैं, जिसमें इसकी शाखाएं (जैसे कार्यकारी, विधायी और न्यायिक) और वे कैसे कार्य करती हैं। 2. शक्तियों ... Read more - [The Preamble of the Indian Constitution](https://namastesir.co.in/the-preamble-of-the-indian-constitution/): भारतीय संविधान की प्रस्तावना भारत का संविधान  उद्देशिका हम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथ निरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों कोः  सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय,  विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता,  प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र एकता और अखंडता  सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवंबर, 1949 ई. (मिति मार्गशीर्ष शुक्ला सप्तमी, संवत् दो हज़ार छह विक्रमी ) को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित ... Read more - [कंप्यूटर को समझना:  एक सरल मार्गदर्शिका!](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%9f%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%9d%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%b2/): अरे, भविष्य के तकनीकी मास्टर! क्या आपने कभी सोचा है कि कंप्यूटर वास्तव में क्या है? ठीक है, कमर कस लें, क्योंकि हम कंप्यूटर की दुनिया में गहराई से उतर रहे हैं – लेकिन चिंता न करें, हम इसे मज़ेदार और आसान बनाए रखेंगे!   कम्प्यूटर क्या है? image source : pinterest.com कल्पना कीजिए यदि आपका मस्तिष्क बिजली की तेजी से चलने वाले सूक्ष्म प्राणियों (lightning-fast lightning bugs) से बना हो। ये bug गणित की समस्याएं हल कर सकते हैं, चीजों को याद रख सकते हैं, colorful art बना सकते हैं और यहां तक कि प्रकाश की गति से कहानियां भी सुना ... Read more - [भारतीय कैलेंडरों में महीनों के नाम (Months Name in Hindi)](https://namastesir.co.in/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a5%80/): पारंपरिक भारतीय चंद्र-सौर कैलेंडर में वास्तव में अलग-अलग महीनों के नाम होते हैं जो ग्रेगोरियन कैलेंडर के महीने के नामों से भिन्न होते हैं जिनका हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपयोग करते हैं। यहां कुछ प्रमुख पारंपरिक भारतीय कैलेंडरों में महीनों के नामों का संक्षिप्त विवरण दिया गया है: हिंदू चंद्र-सौर कैलेंडर (संस्कृत-आधारित नाम): 1. Chaitra (चैत्र) 2. Vaishakha (वैशाख) 3. Jyeshtha (ज्येष्ठ) 4. Ashadha (आषाढ़) 5. Shravana (श्रावण) 6. Bhadrapada (भाद्रपद) or Bhadon 7. Ashwin (आश्विन) or Ashwayuja 8. Kartika (कार्तिक) 9. Margashirsha (मार्गशीर्ष) or Agrahayana 10. Pausha (पुष्य) 11. Magha (माघ) 12. Phalguna (फाल्गुन)  Punjabi (based on the Bikrami calendar): ... Read more - [MPPSC सहा.प्राध्यापक परीक्षा-2022 हिंदी SET-B Q.41-45](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-9/): 41. “मरे हुए मुहूतों की गूंगी आवाजें मुखर होना चाहती हैं।” उक्त पंक्ति किस कहानी से उधृत है ? (A) टोकरी भर मिट्टी (B) नशा (C) परिन्दे (D) तीसरी कसम MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (D) तीसरी कसम मारे गये ग़ुलफाम उर्फ तीसरी कसम फणीश्वरनाथ रेणु (Tisri kasam kahani ka ek chhota ansh.) हिरामन गाड़ीवान की पीठ में गुदगुदी लगती है… पिछले बीस साल से गाड़ी हाँकता है हिरामन। BBB को! एक बार चार खेप सीमेंट और कपड़े की गाँठों से भरी गाड़ी, जोगबानी में विराटनगर पहुँचने के बाद हिरामन का कलेजा पोख्ता हो ... Read more - [MPPSC सहा.प्राध्यापक परीक्षा-2022 हिंदी-SET-B Q.36-40](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-8/): 36. मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी की स्थापना कब हुई ? (A) 1953 ई. (B) 1954 ई. (C) 1955 ई. (D) 1956 ई. MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर –  (B) 1954 ई. इस अकादमी की स्थापना सन् 1954 में हुई। उस समय इसका मुख्यालय नागपुर था। बाद में मध्यप्रदेश की स्थापना के बाद इसका मुख्यालय भोपाल बना। साहित्य अकादमी अपने प्रारंभिक काल से मध्यप्रदेश के ही नहीं तो देश के ख्यातिलब्ध साहित्यकारों के कृतित्व एवं व्यक्तित्व का परिचय समाज के सामने लाने को प्रयत्नरत है। प्रारंभिक काल में अकादमी जहाँ कुछ ख्यातिलब्ध साहित्यकारों जैसे- मैथिलीशरण गुप्त, सूर्यकान्त ... Read more - [MPPSC सहा.प्राध्यापक परीक्षा-2022 हिंदी SET-B Q.31-35](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-7/): MPPSC-AP-HINDI-EXAM-2022 31. ‘कहानी नयी कहानी’ पुस्तक में नामवर सिंह ने नयी कहानी की पहली कृति किसे माना है ? (A) तीसरी कसम (B) परिन्दे (C) वापसी (D) खोई हुई दिशाएँ MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (B) परिन्दे नामवर सिंह ने नयी कहानी की पहली कृति परिंदे को माना है। प्रकाशन वर्ष-1960ई. 32. निम्नलिखित में से किसके बचपन का नाम  आनंदीलाल था ? (A) अज्ञेय (B) रेणु (C) यशपाल (D) जैनेन्द्र MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (D) जैनेन्द्र इनका बचपन का नाम आनंदीलाल था। साहित्य-रचना उन्होंने जैनेन्द्र कुमार ... Read more - [MPPSC सहा.प्राध्यापक परीक्षा-2022-हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B-Q.26-30](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-6/): सहा.प्राध्यापक परीक्षा-2022-हिंदी 26. निम्नलिखित में से किसकी प्रेरणा से स्वामी दयानंद  ने हिन्दी में व्याख्यान देना शुरू किया ? (A) महर्षि देवेन्द्रनाथ (B) केशवचन्द्र सेन (C) ईश्वरचंद्र विद्यासागर (D) नवीनचंद्र राय MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (B) केशवचन्द्र सेन स्वामी दयानंद सरस्वती जी दिसम्बर 1872 में कलकत्ता आये। उस समय कलकत्ता के ब्रह्म-समाज के धुरन्धर विद्वान्- महर्षि देवेन्द्रनाथ ठाकुर, केशवचन्द्र सेन, राज नारायण बसु, पंडित हेमचन्द्र चक्रवर्ती आदि स्वामीजी से मिलने आये। कहा जाता है कि उस समय के चोटी के विद्वान् श्री केशवचन्द्र सेन ने स्वामीजी से पूछा-‘‘क्या आप कभी केशवचन्द्र से मिले ... Read more - [MPPSC-सहा. प्राध्यापक परीक्षा 2022-हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B Q.21-22-23-24-25](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-5/): 21. ‘दोहा अपभ्रंश का लाडला छन्द है।’ यह किस  विद्वान का कथन है ? (A) आ. रामचन्द्र शुक्ल (B) राहुल सांकृत्यायन (C) पं. हजारी प्रसाद द्विवेदी (D) डॉ. नगेन्द्र MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (C) पं. हजारी प्रसाद द्विवेदी HND : िहंदी P2: म यकालीन किवता – 1 M4: अपभ्रंश, अवहट्ट और Apbhransh bharti 22. ‘रणमल्ल छन्द’ नामक काव्य के रचनाकार का नाम बताइए । (A) राजशेखर (B) श्रीघर (C) मधुकर (D) पुहकर MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (B) श्रीघर श्रीधर व्यास 14वीं-15वीं सदी के पश्चिमी भारत ... Read more - [MPPSC-सहायक प्राध्यापक परीक्षा द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी-SET-B-Q.N.16-20](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-4/): 16. लोकगीत को ‘आर्येतर सभ्यता की वेदश्रुति’ किसने माना है ? (A) हजारी प्रसाद द्विवेदी (B) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल (C) महावीर प्रसाद द्विवेदी (D) डॉ. नगेन्द्र MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (B) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल लोकगीत लोकगीत ‘आर्येतर सभ्यता की वेदश्रुति’ (पं. हजारी प्रसाद द्विवेदी), ‘समूची संस्कृति के पहरेदार’ (महात्मा गांधी), ‘किसी भी राष्ट्र की संस्कृति को प्रदीप्त करने वाली सुरीली बानगी’ (डॉ. नन्दलाल कल्ला) है। राष्ट्र जीवन की सत्यकथा जानने का सबसे प्रामाणिक मार्ग लोकगीत ही है। मध्य प्रदेश के करमा जाति के गीतों में उल्लेख है कि ‘यदि तुम मेरे जीवन की ... Read more - [MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा हिंदी-SET-B Q.N.11-15](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-3/): 11. “महान रचनाकार निर्वैक्तिक होता है। कविता भाव की उन्मुक्त अभिव्यक्ति नहीं है, वह भाव से मुक्ति है। वह व्यक्तित्व की अभिव्यक्ति नहीं, व्यक्तित्व से मुक्ति है किंतु निश्चय ही जिनमें व्यक्तित्व और भाव हैं, वे ही यह जान सकते हैं कि उनसे मुक्ति की आकांक्षा का अर्थ क्या होता है।” उक्त कथन किसका है ? (A) अरस्तू (B) लोंजाइनस (C) टी.एस. इलियट (D) कॉलरिज MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (C) टी.एस. इलियट Uses of impersonality of TS Eliots poetry ▸ Eliot (1976) says “Poetry is not a turning loose of emotion, but an ... Read more - [MPPSC-सहा.-प्राध्यापक परीक्षा-2022-हिंदी-SET-B Q.N.06-10](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-2/): 6. पंत की काव्य-कृतियों का प्रकाशन की दृष्टि से सही क्रम कौन-सा है ? (A) पल्लव, गुंजन, युगांत, ग्राम्या, लोकायतन (B) पल्लव, गुंजन, ग्राम्या, युगांत, लोकायतन (C) पल्लव, ग्राम्या, गुंजन, युगांत, लोकायतन (D) पल्लव, लोकायतन, गुंजन, ग्राम्या, युगांत MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर –  (A) पल्लव, गुंजन, युगांत, ग्राम्या, लोकायतन  ‘पल्लव’ (1928 ई०), ‘गुंजन’ (1932 ई०), ‘युगान्त’ (1936 ई०),  ‘ग्राम्या’ 1940 ई0),’लोकायतन’ (महाकाव्य, 1964 ई०)। पंत : एक परिचय सुमित्रानंदन पंत ‘छायावाद’ के एक प्रमुख स्तंभ है। जयशंकर प्रसाद, सूर्यकांत त्रिपाठी निराला और महादेवी वर्मा इस काव्य-धारा के प्रमुख कवियों में से हैं। ये ‘छायावाद’ ... Read more - [MPPSC-Asst.-Professor-प्रथम प्रश्नपत्र-परीक्षातिथि-09/06/2024-SET-B-Q.N.01-05](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7/): 1. “सेज हैं सुराही हैं, सुरा हैं और प्याला हैं।” रीतिकाल का चित्रण करती उपरोक्त पंक्ति किस कवि की है ? (A) बिहारी (B) मतिराम (C) पद्माकर् (D) भिखारीदास MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (C) पद्माकर गुलगुली गिल मैं ग़लीचा है गुनीजन हैं(पद्माकर)गुलगुली गिल मैं ग़लीचा है गुनीजन हैं, चाँदनी हैं चिक हैं चिराग़न की माला हैं। कहै ‘पद्माकर’ त्यों गजक ग़िज़ा हैं सजी, सेज हैं सुराही हैं सुरा हैं और प्याला हैं॥ सिसिर के पाला को न व्यापत कसाला तिन्हैं, जिन के अधीन एते उदित मसाला हैं। तान तुक ताला हैं विनोद के रसाला हैं, सुबाला हैं दुसाला हैं बिसाला ... Read more - [MPPSC-Asst.-Professor-प्रथम प्रश्नपत्र-परीक्षा-तिथि-09/06/2024-Q.N.47-50](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95assistant-professor-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80-16/): 47. Who was the speaker of the fourth Legislative Assembly of Madhya Pradesh? (A) Gulsher Ahmed (B) Mukund Sakharam Newalkar (C) Tejlal Tembhare (D) Kashi Prasad Pandey (MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024) 47. मध्यप्रदेश की चतुर्थ विधानसभा के अध्यक्ष कौन थे ?  (A) गुलशेर अहमद  (B) मुकुन्द सखाराम नेवालकर  (C) तेजलाल टेंभरे  (D) काशी प्रसाद पाण्डे  Ans – (D) काशी प्रसाद पाण्डे  मध्‍यप्रदेश विधान सभा के माननीय अध्‍यक्षों की सूची क्र. नाम कार्यकाल विधान सभा 1. पं. कुंजीलाल दुबे 01/11/1956 से 17/12/195618/12/1956 से 01/07/1957 प्रथम (1956-1957) 2. पं. कुंजीलाल दुबे 02/07/1957 से 26/03/1962 द्वितीय (1957-1962) 3. ... Read more - [MPPSC-Assistant Professor- प्रथम प्रश्नपत्र-परीक्षा तिथि-09/06/2024-Q.N.44-45-46](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95assistant-professor-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80-15/): 44. Out of the following in which district is Bila Dam situated? (A) Niwari (B) Tikamgarh (C) Sagar (D) Chhatarpur (MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024) 44. बीला बाँध निम्नलिखित में से किस जिले में स्थित हैं ?  (A) निवाड़ी  (B) टीकमगढ़  (C) सागर  (D) छतरपुर  Ans – (C) सागर  45. Which factor did not contribute to the high growth rate in agriculture in Madhya Pradesh over the past decade? (A) Expansion of urban Infrastructure (B) Creation of irrigation infrastructure (C) Ensuring power availability for farming (D) Expansion of rural road network and robust procurement mechanism (MPPSC ... Read more - [(MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024)-Que-41-42-43](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95assistant-professor-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80-14/): 41. What is the name of Speaker of Sixteenth Lok Sabha? (A) Meera Kumar (B) Sumitra Mahajan (C) Om Birla (D) Manohar Joshi (MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024) 41. सोलहवीं लोक सभा के अध्यक्ष का नाम क्या है ?  (A) मीरा कुमार  (B) सुमित्रा महाजन  (C) ओम बिरला  (D) मनोहर जोशी  Ans – (A) मीरा कुमार  कांग्रेस के बलराम जाखड़ सबसे लंबे समय तक सेवारत वक्ता, जो ९ साल १० महीने और २७ दिन है। 1 गणेश वासुदेव मावलंकर 15 मई 1952 – 27 फ़रवरी 1956 2 अनन्त शयनम् अयंगार 8 मार्च 1956 – 16 अप्रॅल ... Read more - [(MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024) Que-38-39-40](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95assistant-professor-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80-13/): 38. Which personality from Madhya Pradesh is honoured by Padmashree award for the year 2023? (A) Shri Ramesh Parmar (B) Dr. Munishwar Chandra Davar (C) Smt. Shanti Parmar (D) All of the above (MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024) 38. मध्यप्रदेश की किस विभूति को वर्ष 2023 के प‌द्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है ?  (A) श्री रमेश परमार  (B) डॉ. मुनीश्वर चन्द्र डावर  (C) श्रीमती शांति परमार  (D) उपरोक्त सभी  Ans – (D) उपरोक्त सभी  राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को मध्यप्रदेश की तीन विभूतियों को वर्ष 2023 के पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया। ... Read more - [(MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024) Que-35-36-37](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95assistant-professor-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80-12/): 35. Where was Rani Awanti Bai of the 1857 related to? (A) Rajgarh (B) Sohagpur (C) Ramgarh (D) Shahgarh (MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024) 35. 1857 ई. की “रानी अवन्ती बाई” का संबंध किस स्थान से था ?  (A) राजगढ  (B) सोहागपुर  (C) रामगढ  (D) शाहगढ  Ans – (C) रामगढ  यह मध्य प्रदेश में रामगढ़ राज परिवार की महिला नायिका थीं। विद्रोह करने के बाद अंग्रेजी सरकार ने इनके परिवार की जमींदारी को जप्त करके अन्य लोगों को जमींदार बना दिया था। 1857 के भारतीय विद्रोह के दौरान ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की एक कट्टर विरोधी ... Read more - [(MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024) Que 32-33-34](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95assistant-professor-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80-11/): 32. Which of the following statements regarding bauxite in Madhya Pradesh is not correct? (A) Bauxite is an ore of aluminium metal (B) The best grade bauxite is deposited in Maikal plateau (C) Baihar plateau is famous for Bauxite reserves (D) This state was first in the country in bauxite production in year 2021-22 (MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024) 32. मध्यप्रदेश में बाक्साइट के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं हैं ?  (A) बाक्साइट एल्युमीनियम धातु का अयस्क हैं  (B) उत्तम कोटि का बाक्साइट मैकल पठार में संचित हैं  (C) बैहर पठार बाक्साइट ... Read more - [(MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024)Que-29-30-31](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95assistant-professor-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80-10/): 29. The process of secret capture and analysis of network traffic is called (A) Spoofing (B) Eaves dropping (C) Snooping (D) Denial of service (MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024) 29. नेटवर्क ट्रॉफिक को गुप्त रूप से पकड़ने और उसका विश्लेषण करने की प्रक्रिया को कहा जाता है  (A) स्पूफिंग  (B) इब्ज ड्रॉपिंग  (C) स्नूपिंग  (D) डिनायल ऑफ सर्विस  Ans –  (C) स्नूपिंग  Packet sniffing is a method of detecting and assessing packet data sent over a network. It can be used by administrators for network monitoring and security. However, packet sniffing tools can also be used ... Read more - [(MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024) Que 26-27-28](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95assistant-professor-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80-9/): 26. In which of the following tourist place the statue of Varaha is found? (A) Bhojpur (B) Nevdi (C) Asapuri (D) Rajwada (MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024) 26. निम्न में से किस पर्यटन स्थल से वराह की प्रतिमा प्राप्त होती है ?  (A) भोजपुर  (B) नेवड़ी  (C)असापुरी  (D) रजवाड़ा  Ans –  Disputes Question सागर जिले के 4000 साल पुराने नगर एरण में दुनिया की सबसे ऊंची और पुरानी वराह प्रतिमा है। यह 1700 साल पहले लाल बलुआ चट्‌टान को काटकर बनाई थी। 27. Patthuvardhan who won the Gurjar region was the ruler of which dynasty? (A) ... Read more - [(MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024) Que. 23-24-25](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95assistant-professor-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80-8/): 23. One Byte is equal to (A) One Nibble (B) Two Nibble (C) Three Nibble (D) Four Nibble (MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024) 23. एक बाइट बराबर है  (A) एक निबल  (B) दो निबल  (C) तीन निबल  (D) चार निबल  Ans – (B) दो निबल  आधा बाइट एक निबल है। एक बाइट 8 बिट के बराबर होती है। इसलिए, 1/2 बाइट (एक निबल) = 4 बिट। Memory units Storage capacity is expressed in terms of Bytes. The data is represented as binary digist(0s and 1s) 1 4 bit Nibble 2 8 bit 1 byte 3 1024 ... Read more - [(MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024)Que 20-21-22](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95assistant-professor-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80-7/): 20. Sheetalpani, Gidhri, Dhorli and Jatta areas in Madhya Pradesh are related to which of the following minerals? (A) Bauxite (B) Manganese (C) Limestone (D) Copper (MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024) 20. मध्यप्रदेश के शीतलपानी, गिधरी, धोर्ली एवं जट्टा निम्नलिखित में से किस खनिज से संबंधित हैं ?  (A) बाक्साइट  (B) मैंगनीज़  (C) चूना पत्थर  (D) ताँबा  Ans – (D) ताँबा मलंजखंड कॉपर बेल्ट में ग्रेनाइट की चट्टानों में तांबे के अयस्क का एक बड़ा हिस्सा होता है, जो संरचना में डायराइट से ग्रेनाइट तक भिन्न होता है। प्रमुख निक्षेप मलंजखंड, शीतलपानी (बालाघाट), गिधरी धोरली, जट्टा ... Read more - [(MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024) Que 17-18-19](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95assistant-professor-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80-6/): 17. Who among the following has received the Arjun Award for shooting for the year 2023? (A) R. Vaishali (B) Esha Singh (C) Pinki (D) Divyakriti Singh (MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024) 17. निम्नलिखित में से किसे वर्ष 2023 का निशानेबाजी के लिये अर्जुन पुरस्कार प्राप्त हुआ है ?  (A) आर. वैशाली  (B) ईशा सिंह  (C) पिंकी  (D) दिव्यकृति सिंह  Ans –  Disputed Question hai DELETE hoga.  अर्जुन पुरस्कार विजेताओं की सूची 2023  अर्जुन पुरस्कार विजेताओं की सूची में कुश्ती चैंपियन अंतिम पंघाल, मुक्केबाज मोहम्मद हुसामुद्दीन और पैरा-तीरंदाज शीतल देवी शामिल हैं।  अर्जुन पुरस्कार विजेता खेल ... Read more - [(MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024)Que 14-15-16](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95assistant-professor-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80-5/): 14. Who is the Author of “Satpuda Ke Jangal”? (A) Subhadra Kumari Chouhan (B) Keshav Prasad Pathak (C) Narmada Prasad Khare (D) Bhawani Prasad Mishra (MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024) 14. “सतपुड़ा के जंगल” के लेखक कौन है ?  (A) सुभद्रा कुमारी चौहान  (B) केशव प्रसाद पाठक  (C) नर्मदा प्रसाद खरे  (D) भवानी प्रसाद मिश्र  Ans (D)  15. What is the age limit for “Mukhya Mantri Udyam Kranti Scheme of Madhya Pradesh government? (A) Between 18 to 40 years (B) Between 18 to 45 years (C) Between 18 to 50 years (D) No age limit (MPPSC ... Read more - [(MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024) Que 11-12-13](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95assistant-professor-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80-4/): 11. तोमर वंश का संस्थापक कौन था ?  (A), श्रीधर वर्मन  (B) विक्रम देव  (C) वीरसिंह देव  (D) गोपाल देव  Ans – Disputed hai सही उत्तर अनंगपाल तोमर है जो विकल्पों में नहीं है। https://www.drishtiias.com/hindi/printpdf/prelims-facts-20-march-2021  12. Who has written the play named “Anand Raghunandan” based on Ram Katha? (A) Vishwanath Singh (B) Rajshekhar (C) Umesh Kumar (D) Madan Bhatnagar (MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024) 12. किसने रामकथा पर आधारित “आनंद रघुनंदन” नामक नाटक का लेखन किया है ?  (A) विश्वनाथ सिंह  (B) राजशेखर  (C) उमेश कुमार  (D) मदन भटनागर  Ans – (A) आनंदरघुनंदन   आनंदरघुनंदन रीवा ... Read more - [(MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024)Que-08-09-10](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95assistant-professor-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80-3/): 8. What is the aim of ‘One District, One Product (ODOP)’ initiative in Madhya Pradesh? (A) To encourage agro-processing and market development (B) To create employment opportunities in rural areas (C) (A) and (B) both (D) None of these (MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024) 8. मध्यप्रदेश में ‘एक जिला, एक उत्पाद (ओडीओपी)’ पहल का उद्देश्य क्या है ?  (A) कृषि प्रसंस्करण और बाजार विकास को प्रोत्साहित करना  (B) ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का सृजन करना  (C) (A) व (B) दोनों  (D) इनमें से कोई नहीं  Ans – © एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) पहल ... Read more - [(MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024) Que 05-07](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95assistant-professor-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80-2/): 5. राष्ट्रीय ई-गवर्नेस योजना (NeGP) किसके द्वारा तैयार की गई है ?  (A) भारत सरकार की सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और वाणिज्य विभाग  (B) भारत सरकार के वाणिज्य विभाग और विदेश विभाग  (C) भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग और कानून एवं न्याय विभाग  (D) भारत सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग  Ans – (D) राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना (एनईजीपी) 2006 में प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी), इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईएंडआईटी), और कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय द्वारा तैयार की गई थी। https://xn--m1bdba5a7gresc7dsa.xn--11b7cb3a6a.xn--h2brj9c/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%88-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%A8-%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BE  6. Which of ... Read more - [(MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024)-Q3-4](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95assistant-professor-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80/): 3. What kind of change took place in the percentage of rural-urban population structure in Madhya Pradesh between year 2001 to 2011? (A) The percentage of rural population decreased and the percentage of urban population increased (B) The percentage of rural population increased and the percentage of urban population decreased (C) The percentage of rural and urban population decreased (D) There was no change in the percentage of rural and urban population (MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024) 3. वर्ष 2001 से 2011 के बीच मध्यप्रदेश में ग्रामीण- शहरी जनसंख्या संरचना के प्रतिशत में किस प्रकार का ... Read more - [MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा प्रथम प्रश्नपत्र (सामान्य अध्ययन) का व्याख्या सहित हल](https://namastesir.co.in/%e0%a4%8f%e0%a4%ae%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af/): 1. Which country collaborated with the Government of Madhya Pradesh for establishing the Sant Ravidas Global Skill Park? (A) Japan (B) Singapore (C) China (D) United States of America (MPPSC सहायक प्राध्यापक(Assistant Professor) परीक्षा, प्रथम प्रश्नपत्र, परीक्षा तिथि 09/06/2024) 1. संत रविदास ग्लोबल स्किल पार्क की स्थापना के लिए किस देश ने मध्यप्रदेश सरकार के साथ सहयोग किया ?  (A) जापान  (B) सिंगापुर  (C) चीन  (D) संयुक्त राज्य अमेरिका  Ans-B चर्चा में क्यों? 5 जुलाई, 2023 को मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार भोपाल के नरेला शंकरी में प्रदेश के सबसे बड़े ग्लोबल स्किल पार्क संत रविदास ... Read more - [Importance of Motivational Quotes](https://namastesir.co.in/importance-of-motivational-quotes/): Motivational quotes can play a significant role in personal development and goal achievement for several reasons: Overall, motivational quotes serve as powerful tools for personal growth, providing both emotional support and intellectual stimulation. They are not just words, but often distilled wisdom that can guide and inspire individuals on their journeys towards success and fulfillment. Importance of motivational quotes प्रेरक उद्धरणों का महत्व प्रेरक उद्धरण कई कारणों से व्यक्तिगत विकास और लक्ष्य प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं: कुल मिलाकर, प्रेरक उद्धरण व्यक्तिगत विकास के लिए शक्तिशाली उपकरण के रूप में काम करते हैं, जो भावनात्मक समर्थन और बौद्धिक उत्तेजना ... Read more - [Motivational Quotes in Hindi](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%88-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a4%be/): Motivational Quotes in Hindi प्रेरक उद्धरण कई कारणों से व्यक्तिगत विकास और लक्ष्य प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं: कुल मिलाकर, प्रेरक उद्धरण व्यक्तिगत विकास के लिए शक्तिशाली उपकरण के रूप में काम करते हैं, जो भावनात्मक समर्थन और बौद्धिक उत्तेजना दोनों प्रदान करते हैं। वे केवल शब्द नहीं हैं, बल्कि अक्सर आसुत ज्ञान हैं जो व्यक्तियों को सफलता और पूर्ति की ओर उनकी यात्रा पर मार्गदर्शन और प्रेरणा दे सकते हैं। - [Chintamani Bhaag-02 pdf download](https://namastesir.co.in/chintamani-bhaag-02-pdf-download/): Acharya Ramchandra Shukla - [Raskhan Granthavali pdf download](https://namastesir.co.in/raskhan-granthavali-pdf-download/) - [Hajari Prasad Granthavali BHaag 07 pdf download](https://namastesir.co.in/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80/): Hajari Prasad Granthavali BHaag 07 pdf - [Hajari Prasad Granthavali Bhag - 09](https://namastesir.co.in/hajari-prasad-granthavali-bhag-09/) - [YogShastra pdf download](https://namastesir.co.in/yogshastra-pdf-downlload/): Acharya Hemchandra - [Hajari Prasad Granthavali bhag -06](https://namastesir.co.in/hajari-prasad-granthavali-bhag-06/) - [Ananda Geeta -Shivananda Saraswati pdf download in hindi](https://namastesir.co.in/ananda-geeta-shivananda-saraswati-pdf-download-in-hindi/) - [हिंदी भाषा का संक्षिप्त इतिहास](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%87/): Dr. Bholanath Tiwari Dr. Bholanath Tiwari - [चीड़ों पर चाँदनी](https://namastesir.co.in/%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%81%e0%a4%a6%e0%a4%a8%e0%a5%80/): Cheedon Par Chandani Nirmal Verma - [Yama-Mahadevi Verma pdf download](https://namastesir.co.in/yama-mahadevi-verma-pdf-download/): यामा महादेवी वर्माYama Mahadevi Verma‘यामा’ में शामिल रचनायें नीहार, रश्मि, नीरजा और सांध्यगीत काव्य संग्रहों में से ली गई हैं । नीहार (प्रथम याम) निशा की, धो देता राकेश-विसर्जनमैं अनन्त पथ में लिखती जो-मिटने का खेलनिश्वासों का नीड़-संसारवे मुस्काते फूल, नहीं-अधिकारघायल मन लेकर सो जाती-निर्वाणजिन नयनों की विपुल नीलिमा-समाधि के दीप सेछाया की आँखमिचौनी-अभिमानघोर तम छाया चारों ओर-उस पारजो मुखरित कर जाती थी-आनाइस एक बूँद आँसू में-उत्तरस्वर्ग का था नीरव उच्छवास-मेरा जीवनगिरा जब हो जाती है मूक-नीरव भाषणमधुरिमा के, मधु के अवतार-फूलजो तुम आ जाते एक बार रश्मि (द्वितीय याम) चुभते ही तेरा अरुण बान-रश्मि (कविता)रजतरश्मियों की छाया में-दुःखकिन उपकरणों का ... 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This chapter is by no means closed. The Appendix to this book provides details of many temples destroyed by Muslims all over Bangladesh as recently as October-November 1989. Currently, temples, or whatever had remained of them, are meeting a similar fate in the Kashmir valley.This chapter, however, though significant, was only a part of the Muslim behaviour- pattern as recorded by Muslim historians ... Read more - [Hindu-Temples What-Happend-to-Them-by-Sita-Ram-Goel in hindi Part -01&02 pdf download](https://namastesir.co.in/hindu-temples-what-happend-to-them-by-sita-ram-goel-in-hindi-part-0102-pdf-download/): This is the machine translated version by google translate. You may study original one in english by this website or internet archives. - [स्वरोदय विज्ञानं](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a6%e0%a4%af-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%82/): swarodaya vigyan pdf download in hindi स्वर योगस्वर योग, सांसों के प्रति जागरूकता का एक प्राचीन विज्ञान है, जिसका अभ्यास भारत के योगियों, आध्यात्मिक गुरुओं और ऋषियों द्वारा हज़ारों सालों से समृद्धि और प्रचुरता से भरा जीवन बनाने के लिए किया जाता रहा है। स्वर सांस है और योग का मतलब है एकजुट होना। स्वर योग सांसों के प्रति जागरूकता का विज्ञान है, जहाँ हम अपनी सांसों का निरीक्षण और विश्लेषण करते हैं, ताकि हम खुद को, अपने जीवन और अपने आस-पास के माहौल को समझ सकें। स्वर योग विज्ञान नाड़ियों (वह विशेष नथुना जहाँ से सांस बहती है) और तत्त्व ... Read more - [SENGOL in Transfer of power in 1947](https://namastesir.co.in/sengol-in-transfer-of-power-in-1947/): Credit : Govt of india. - [Hitopadesha IN HINDI](https://namastesir.co.in/hitopadesha-in-hindi/): हितोपदेश hindi pdf download हितोपदेश भारतीय जन- मानस तथा परिवेश से प्रभावित उपदेशात्मक कथाएँ हैं। इसकी रचना का श्रेय पंडित नारायण जी को जाता है, जिन्होंने पंचतंत्र तथा अन्य नीति के ग्रंथों की मदद से हितोपदेश नामक इस ग्रंथ का सृजन किया। नीतिकथाओं में पंचतंत्र का पहला स्थान है। विभिन्न उपलब्ध अनुवादों के आधार पर इसकी रचना तीसरी शताब्दी के आस- पास निर्धारित की जाती है। हितोपदेश की रचना का आधार पंचतंत्र ही है। स्वयं पं. नारायण जी ने स्वीकार किया है– हितोपदेश की कथाएँ अत्यंत सरल व सुग्राह्य हैं। विभिन्न पशु- पक्षियों पर आधारित कहानियाँ इसकी खास- विशेषता हैं। रचयिता ... Read more - [Maldives LakshaDweep Bharat aur Vishwa](https://namastesir.co.in/maldives-lakshadweep-bharat-aur-vishwa/): मालदीव्स लक्षद्वीप भारत और विश्व अंततः मालदीव और पाकिस्तान जैसे देश ऐसा व्यवहार क्यों करते हैं इसके पीछे मूलभूत कारण क्या हैं? lakshadweep capital- capital of lakshadweep Kavaratti कवरत्ती भारत में केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप की राजधानी है। कवरत्ती द्वीप केरल राज्य के तट से 360 किमी दूर 10.57°N 72.64°E पर स्थित है। 404 किमी (218 एनएमआई) की दूरी पर भारतीय मुख्य भूमि पर निकटतम प्रमुख शहर है। lakshadweep airport- Agatti – lakshadweep island अगाती-अगत्ती लक्षद्वीप के सबसे खूबसूरत लैगूनों में से एक है। इस द्वीप पर हवाई अड्डा बना हुआ है। विमान से, जैसे ही कोई लैंडिंग के लिए पहुंचता ... Read more - [EMRS-Eklavya model residential school RECRUITMENT](https://namastesir.co.in/emrs-eklavya-model-residential-school-recruitment/): Teaching and non-teaching post What is EMRS ?  It stands for EMRS-Eklavya model residential school. एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय kya hain  ?  ईएमआरएस, यानी एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही है। ईएमआरएस शिक्षा विभाग के तहत भारत के आदिवासी छात्रों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है। ईएमआरएस विद्यालयों का उद्देश्य है आदिवासी छात्रों को अच्छी शिक्षा और आदर्श संस्कार प्रदान करना। ईएमआरएस में आदिवासी छात्रों को मुफ्त शिक्षा और आरामदायक आवास प्रदान किया जाता है। ये विद्यालय स्थानीय अधिकारियों द्वारा चलाए जाते हैं और एक सही वातावरण और सही सुविधाओं के साथ सही ... Read more - [New Masters Programme IN IGNOU](https://namastesir.co.in/new-masters-programme-in-ignou/): Three new masters courses are announced by the IGNOU on authorized website of the university  ignou.ac.in  Master of Science (Physics)  M.Sc. Geoinformatics  Master of Science in Geography  Master of Science (Physics) (MSCPH) Minimum Duration: 2 YearsMaximum Duration: 4 YearsCourse Fee: Rs. 28,000Minimum Age: No barMaximum Age: No bar  Eligibility: •Graduates with Major/Honours in Physics•Graduates with a B.Sc. Degree (including IGNOU B.Sc. Programme under CBCS) with Physics and Mathematics•Graduates with a B.Sc. Degree of IGNOU or any recognized Open University with a minimum of 32 Credits of Physics, and Mathematics as one of the subjects Medium of Instruction: English   Programme overview The ... Read more - [मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना](https://namastesir.co.in/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%b9%e0%a4%a8%e0%a4%be/): मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना योजना के बारे में  ::मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना:: CMHELPLINE website प्रदेश में महिलाओं एवं बच्‍चों के स्वास्थ्य एवं पोषण तथा उनके आर्थिक स्वावलम्बन हेतु विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उक्त के सन्दर्भ में प्रदेश में महिलाओं के सर्वागीण विकास हेतु निम्नानुसार संकेतांकों को दृष्टिगत रखना आवश्यक है । सहभागिता दर में ग्रामीण क्षेत्र अन्तर्गत जहां 57.7 प्रतिशत पुरूष भागीदारी है वही मात्र 23.3 प्रतिशत महिलाओं की श्रम बल में भागीदारी है। इसी प्रकार शहरी क्षेत्र में 55.9 प्रतिशत पुरूषों के विरूद्ध केवल 13.6 प्रतिशत महिलाओं की श्रम बल में भागीदारी रही है। इससे स्पष्ट ... Read more - [स्यमंतक मणि की कथा](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a4%a3%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%a5%e0%a4%be/): यदि आपने  गल्ती से भी गणेश चतुर्थी पर चंद्रदर्शन कर लिये हों, तो  यह कथा अवश्य पढ़ें Ganesh chaturthi story :  श्री गणेश चतुर्थी के दिन चतुर्थी तिथि शुरू होने से लेकर खत्म होने तक चंद्रमा का दर्शन नहीं करना चाहिए। यदि भूल से गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा के दर्शन हो जाएं तो मिथ्या दोष से बचाव के लिए नीचे दी गई कथा अवश्य ही पढ़ना चाहिए…  स्यमंतक मणि की प्रामाणिक कथा के अनुसार एक बार नंदकिशोर ने सनतकुमारों से कहा कि चौथ की चंद्रमा के दर्शन करने से श्री कृष्ण पर जो लांछन  लगा था, वह सिद्धिविनायक व्रत करने ... Read more - [Lawrence Bishnoi/lawrence bishnoi biography](https://namastesir.co.in/lawrence-bishnoi-lawrence-bishnoi-biography/): प्रारंभिक जीवन लॉरेंस बिश्नोई एक मध्यम वर्गीय परिवार से हैं। उनकी आसान शिक्षा अबोहर के कॉन्वेंट स्कूल में हुई और फिर उन्होंने चंडीगढ़ कॉलेज में दाखिला लिया, जहाँ उन्होंने अपनी माध्यमिक स्कूल की पढ़ाई पूरी की। लॉरेंस बिश्नोई ने चंडीगढ़ कॉलेज में अपनी पढ़ाई के दौरान सोपू नामक एक क्लब की स्थापना की और बाद में उदय साह और डौग के समूह के साथ छात्र कंपनी के अध्यक्ष पद के लिए दौड़े। लॉरेंस बिश्नोई चुनाव हार गए. उसके बाद, लॉरेंस और उदय साह के बीच लड़ाई हो गई, जिसके दौरान लॉरेंस बिश्नोई ने गोली चला दी। 11 फरवरी 2011 को, लॉरेंस ... Read more - [Former President of India](https://namastesir.co.in/former-president-of-india/): श्री रामनाथ कोविंद की प्रोफाइल (ramnath kovind) Official Website : ramnathkovind.nic.in भारत के पूर्व राष्ट्रपति Download Profile Photo (Ram Nath Kovind) श्री राम नाथ कोविन्द ने 25 जुलाई, 2017 को भारत के 14वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण की। श्री कोविन्द उच्चतम न्यायालय में अधिवक्‍ता रहे हैं और देश का सर्वोच्‍च संवैधानिक पद ग्रहण करने से पूर्व वे बिहार राज्य के राज्यपाल थे। श्री कोविन्द को जनता के बीच जमीनी स्तर पर कार्य करने से लेकर उच्‍चतम न्यायालय और संसद तक के विविध क्षेत्रों में कार्य करने का अनुभव है। वे समाज में समता और सार्वजनिक जीवन में सत्‍यनिष्‍ठा व ... Read more - [RIP - REST IN PEACE (आरआईपी - शांति में विश्राम करें।)](https://namastesir.co.in/rip-rest-in-peace-%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%86%e0%a4%88%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0/): RIP – RIP stands for Rest in Peace.(rip full form): यह विचारधारा पश्चिम के पैगंबरवादी एकेश्वरवाद से ली गई है। इसका अर्थ होता है की आप शांति में विश्राम करें।  पूर्व व पश्चिम कीविचारधाराओं का आधार (East and West themes) प्रश्न यह उठता है कि ऐसा क्यों कहा जाता है तो इसका उत्तर यह है की जो प्राचीन परंपराएं हैं संसार भर में उसमें से भारतीय परंपरा अपने जीवन तो स्वरूप में आज भी विद्यमान है इस प्रकार यूरोप में पगेनिज्म जो अब तेजी से बढ़ रहा है इस तरह की जो विचारधाराए है जो यह मानती है कि मनुष्य का ... Read more - [Raja Ram Mohan Roy: The Father of Modern India](https://namastesir.co.in/raja-ram-mohan-roy-the-father-of-modern-india/): Raja Ram Mohan Roy (1772–1833) is often referred to as the “Father of Modern India” due to his monumental contributions to the cultural, social, and religious reforms in the country during the early 19th century. Born in Bengal, his influence bridged the gap between traditional India and the new ideas that were emerging in Europe during the Enlightenment. His endeavors laid the foundation for India’s future reform movements and the shaping of a modern Indian identity. Early Life and Education Raja Ram Mohan Roy was born into a Brahmin family in the village of Radhanagar in Bengal. He was exposed to ... Read more - [राजा राम मोहन राय: आधुनिक भारत के जनक](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%a8-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af-%e0%a4%86%e0%a4%a7%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%ad/): राजा राम मोहन राय (1772-1833) को 19वीं सदी की शुरुआत में देश में सांस्कृतिक, सामाजिक और धार्मिक सुधारों में उनके उल्लेखनीय योगदान के कारण अक्सर “आधुनिक भारत का जनक” कहा जाता है। बंगाल में जन्मे, उनके प्रभाव ने पारंपरिक भारत और ज्ञानोदय के दौरान यूरोप में उभर रहे नए विचारों के बीच की दूरी को पाट दिया। उनके प्रयासों ने भारत के भविष्य के सुधार आंदोलनों और आधुनिक भारतीय पहचान को आकार देने की नींव रखी। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा राजा राम मोहन राय का जन्म बंगाल के राधानगर गाँव में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। अपने प्रारंभिक जीवन में ... Read more - [Jokes in Hindi](https://namastesir.co.in/jokes-in-hindi/): 1. टीचर: तुम्हारे पिताजी क्या काम करते हैं?    छात्र: जी, वो सपने बेचते हैं।    टीचर: सपने? कैसे?    छात्र: जी, वो अलार्म क्लॉक बेचते हैं। 2. रामू: तुम्हारे घर में सबसे ज्यादा चतुर कौन है?    श्यामु: जो मुझे पैसे देने का वादा करके गायब हो गया! 3. पत्नी: इस बार हम दिवाली पर फुलझड़ी और पटाखे नहीं जलाएंगे।    पति: क्यों?    पत्नी: आज से ही मेरी माँ आ रही है, वो ही चुप चाप सभी पटाखे जला देंगी। 4. बच्चा: मम्मी, मेरा दोस्त मुझसे कह रहा था कि हमारे पैरों में जैविक बैटरी होती है।    माँ: अरे बापू! इसलिए तू पूरी रात मोबाइल ... Read more - [Quotes Collection in hindi](https://namastesir.co.in/quotes-collection-in-hindi-life-quotes-in-hindi-sad-quotes-in-hindi/): life quotes in hindi/sad quotes in hindi 1. जीवन में सफलता पाने के लिए संकल्प और समर्पण दोनों ही जरूरी हैं। 2. मनुष्य का महत्व उसकी सम्पत्ति में नहीं, बल्कि उसकी सोच में है। 3. सपने वह नहीं जो हम सोते वक्त देखते हैं, सपने वह हैं जो हमें सोने नहीं देते। 4. प्रयास में कभी हार नहीं होती। 5. असफलता तब तक अंतिम नहीं होती, जब तक तुम हार मानते नहीं हो। 6. हर कोई तुम्हें गिरने से रोक सकता है, पर उठना तुम्हारे हाथ में है। 7. जो डरता है, वही बार-बार जीतता है। 8. अगर तुम अद्भुत बनना ... Read more - [ओम पुरी : भारतीय सिनेमा के महान नायक](https://namastesir.co.in/%e0%a4%93%e0%a4%ae-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ae/): ओम पुरी (1950-2017) भारतीय फिल्म उद्योग में सबसे प्रतिष्ठित और प्रसिद्ध अभिनेताओं में से एक थे। अपनी बहुमुखी प्रतिभा, गहन अभिनय कौशल और विशिष्ट आवाज़ के लिए जाने जाने वाले पुरी ने भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा दोनों पर एक अमिट छाप छोड़ी। चार दशकों से अधिक लंबे करियर के साथ, उन्होंने कला-घरेलू सिनेमा और मुख्यधारा की बॉलीवुड फिल्मों से लेकर ब्रिटिश और हॉलीवुड फिल्मों तक, विभिन्न शैलियों को सहजता से पार किया। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा हरियाणा के अंबाला में जन्मे ओम पुरी एक साधारण पृष्ठभूमि से आते थे। अभिनय के प्रति उनका जुनून उन्हें दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा ... Read more - [Guidelines for Internship/Research Internship for Under Graduate Students in NEP 2020](https://namastesir.co.in/guidelines-for-internship-research-internship-for-under-graduate-students-in-nep-2020/): CONTENTS1.0 Introduction2.0 Objectives3.0 Internship Categories3.1 Enhancing Employability3.2 Developing Research Aptitude4.0 Internship Structure5.0 Academic Credentials & Monitoring of Internship5.1 Competencies to be Developed During Research Internships5.2 Duration and Slots for Internship in Curriculum6.0 Role of Internship Providing Organisation, Nodal Officer, Internship Supervisor and Mentor6.1 Role of Internship Providing Organisation6.2 Role of Nodal Officer6.3 Role of Internship Supervisor6.4 Role of Mentor7.0 Internship Mechanism8.0 Evaluation9.0 Miscellaneous - [अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के प्रभाव](https://namastesir.co.in/%e0%a4%85%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%bf/): यह चर्चा मीडिया में चारों तरफ जोरों पर है कि अयोध्या में राम मंदिर बनने के क्या प्रभाव होंगे एक वर्ग राम मंदिर की चर्चा पर यह कहता है की राम मंदिर के स्थान पर यदि अस्पताल बनवा दिया गया होता तो उसे सभी का इलाज होता सभी का भला हो गया होता और उसी के विपरीत दूसरा पक्ष अब यह कहने लगा है कि बाबरी मस्जिद की जगह है जो दूसरी मस्जिद प्रस्तावित की गई है अब उसकी जगह है हम अस्पताल बना देते हैं क्योंकि राम मंदिर तो अब बन ही चुका है इस प्रकार की ट्विटर बड़ी और ... Read more - [How to Download YouTube Videos: A Comprehensive Guide](https://namastesir.co.in/how-to-download-youtube-videos-a-comprehensive-guide/): youtube video download YouTube, as the world’s largest video-sharing platform, has a vast array of content, from educational tutorials to music videos and beyond. There may be times when you wish to download a YouTube video for offline viewing, whether because of limited internet connectivity or other reasons. This article provides a step-by-step guide on how to download YouTube videos. Disclaimer: Before proceeding, it’s essential to note that downloading videos from YouTube without permission can infringe on copyrights. Always ensure you have the right to download and distribute the content. Additionally, YouTube’s terms of service explicitly prohibit the downloading of their ... Read more - [YouTube वीडियो कैसे डाउनलोड करें : एक व्यापक मार्गदर्शिका](https://namastesir.co.in/youtube-%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%a1%e0%a4%be%e0%a4%89%e0%a4%a8%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%a1-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82/): youtube video download image source : pinterest YouTube वीडियो कैसे डाउनलोड करें ? दुनिया के सबसे बड़े वीडियो-शेयरिंग प्लेटफ़ॉर्म के रूप में, YouTube के पास शैक्षिक ट्यूटोरियल से लेकर संगीत वीडियो और उससे भी आगे की सामग्री की एक विशाल श्रृंखला है। कई बार आप ऑफ़लाइन देखने के लिए YouTube वीडियो डाउनलोड करना चाहते हैं, चाहे सीमित इंटरनेट कनेक्टिविटी या अन्य कारणों से। यह आलेख YouTube वीडियो डाउनलोड करने के तरीके के बारे में चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका प्रदान करता है। अस्वीकरण: आगे बढ़ने से पहले, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि बिना अनुमति के YouTube से वीडियो डाउनलोड करना कॉपीराइट का उल्लंघन ... Read more - [MPPSC INDORE](https://namastesir.co.in/mppsc-indore/): मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग Official Website – https://mppsc.mp.gov.in/  mp psc, mppsc full form,  1.  MPPSC –  MPPSC का पूर्ण स्वरुप मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग है. (MPPSC stands for madhya pradesh public service commission.) मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से डिप्टी कलेक्टर, डेप्युटी सुपरीटेंडेंट आफ पुलिस और इसी प्रकार के अनेक उच्च स्तरीय राजपत्रित पदों के लिए परीक्षा प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से राज्य सरकार के लिए नियुक्तियां संबंधी कार्यवाही की जाती है. यह इंजीनियरिंग प्रशासन चिकित्सा शिक्षा आदि सरकार के सभी विभागों के उच्च पदों के लिए, पदों की विज्ञप्तियां निकालकर उनमें सरकार के लिए भर्ती करने ... Read more - [CHHINDWARA UNIVERSITY-Question Papers Download-for free](https://namastesir.co.in/chhindwara-university-question-papers-download/): Question Papers - Raja Shankar Shah University Chhindwara Previous Year Question Papers Please Search By Paper Code in find wit control + F key. From find Option in mobile with Paper Code. - [MPPSC PRELIMS 2024 QUESTION PAPER SET-B With Descriptive Answers](https://namastesir.co.in/mppsc-prelims-2024-question-paper-set-b/): एमपीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा 2024 के सभी परीक्षार्थियों के लिए! क्या आपने सेट बी में परीक्षा दी थी? अब जबकि परीक्षा समाप्त हो चुकी है, तो ऑनलाइन चर्चा में शामिल हों! साथी परीक्षाार्थियों के साथ सेट बी के पेचीदा सवालों का विश्लेषण करें, जवाबों की तुलना करें और परीक्षा की कठिनाई का आकलन करें. अपना अनुभव और जानकारी साझा करना आपके प्रदर्शन का विश्लेषण करने और अगले चरणों के लिए रणनीति बनाने का एक शानदार तरीका हो सकता है! Authentic Website Link MPPSC MPPSC PRELIMS 2024 QUESTION PAPER SET-B With Descriptive Answers MPPSC PRELIMS 2024 QUESTION PAPER SET-B With Descriptive Answers MPPSC ... Read more - [UGCNET-SHIFT-02-SET-Z-18062024-PAPER-I-(GENERAL PAPER)Q.46to50](https://namastesir.co.in/ugcnet-shift-02-set-z-question-number-46to50/): UGC NET JRF FELLOWSHIP UGCNET Read the following passage and answer the questions that follow (46-50): Micron’s $ 800 million semiconductor plant followed by recent approval to Tata Group and CG Power for fabrication and Assembly, Testing and Packaging (ATP) plants with an investment of 1,30,000 crore (and more in the pipeline) are the beginning of a transformational global supply chain shift centered around chip manufacturing in India. This will create a multiplier effect on talented and skilled workforce inside India.  It’s a matter of pride that almost one-third of the global semiconductor talent pool is Indian. However, the need for ... Read more - [UGCNET-EXAM-JUNE-2024-SHIFT-02-SET-Z-Q.41 to 45](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-june-2024-shift-02-set-z-que-41-to-45/): 41. Match List-I with List – II.  List-I (Communication form)A. Personal address B. Social drama C. Narratives D. SilenceList-II (Description) I. Sequential accounts told and retold from a particular viewpoint II. Subject to a community’s rules for appropriate conduct III. Points to self and others in interaction IV. Invokes local socio-cultural rules for behavior सूची – 1 के साथ सूची-II का मिलान कीजिए।  सूची-1 (संचार रूप)  सूची-II (विवरण)  A वैयक्तिक संबोधन  I. एक विशेष दृष्टिकोण से आनुक्रमिक वृत्तान्तों/कथाओं को कहना व बारबार कहना  B. सामाजिक नाटक  II. समुचित आचरण हेतु सामुदायिक नियमों के अध्यधीन  C आख्यान  अंतक्रिया में स्वयं व अन्यों ... Read more - [UGC NET Shift 02 Set Z Paper I (General Paper) Q.36 to 40 on Connotation](https://namastesir.co.in/incr-connotation-ugcnet-shift-02-set-z-paper-i/): CONNOTATION 36. Arrange the following in order of increasing connotation:  A. Domestic Animal  B. Animal  C Horse  D. Beast of burden  निम्नलिखित को बढ़ते गुणार्थ के क्रम में व्यवस्थित कीजिए :  A. घरेलू पशु  B. पशु  C घोड़ा  D. भार ढोने वाला पशु  Choose the correct answer from the options given below:  नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:  (1) C, D, B, A  (2) B,A,C,D  (3) B, A,D,C  (4) C, D, A, B  (UGCNET- EXAM-JUNE-2024-FIRST(GENERAL)PAPER,DATE-18-06-2024,SHIFT-II- SET-Z) 37. International Solar Alliance (ISA) is the alliance of countries most of which lie partially or completely –  (1) Above ... Read more - [UGCNET-SHIFT-02-SET-Z-PAPER-I-(GENERAL PAPER)Q.31to35](https://namastesir.co.in/ugcnet-shift-02-set-z-paper-i-q-31to35-solved/): UGCNET – SOLVED PAPER 2024 31. Match List-I with List – II.  Choose the correct answer from the options given below: नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:  (1) A-IV, В-III, С-II, D-I  (2)A-II, B-I, C-IV, D-III  (3) A-I, B-IV, C-III, D-II  (4) А-III, В-II, C-1, D-IV  Q32. Arrange the following fractions in increasing order:  A 14/17  B. 11/13  C. 7/9  D. 16/19  निम्न भिन्नों को बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिये।  A. 14/17  B. 11/13 C. 7/9  D. 16/19  Choose the correct answer from the options given below:  नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का ... Read more - [UGCNET-SHIFT-02-SET-Z-PAPER-I-(GENERAL PAPER)Q.26-30](https://namastesir.co.in/ugcnet-shift-02-set-z-paper-1-first-paper-q-26-30/): UGCNET-PICTURE DEPACTING PRIMARY ORALITY (प्राथमिक मौखिकता को दर्शाती तस्वीर) 26. A culture which is not touched by communication of alphabetic writing is known as a culture of:  (1) Literacy  (2) Typography  (3) Exclusivity  (4) Primary Orality  वर्णमाला लेखन के संचार से स्पर्श रहित संस्कृति निम्न में से किस संस्कृति के रूप में ज्ञात है?  (1) साक्षरता (2) मुद्रण कला  (3)अनन्यता  (4) प्राथमिक मौखिकता  (UGCNET- EXAM-JUNE-2024-FIRST(GENERAL)PAPER,DATE-18-06-2024,SHIFT-II- SET-Z) 27. A 500 m long train running at a speed of 100 m/s crosses a tunnel in 10 s. What is the length of the tunnel?  (1) 200 m  (2) 500 m  ( 3) 800-m  ... Read more - [UGCNET-SHIFT-02-SET-Z-PAPER-1-Q.21to25](https://namastesir.co.in/ugcnet-shift-02-set-z-paper-i-q-21to25-solved/): UGC NET SOLVED PREVIOUS QUESTIONS 21.Which of the following is an ancient Indian treatise on problems related to Mathematics?(1) Nyaya Sutras(2) Lilavati(3) Mimämsä Sutras(4) Pramanavärttikaगणित से संबंधित समस्याओं पर प्राचीन भारतीय ग्रंथ निम्नलिखित में से कौन सा है?(1) न्याय सूत्र(2) लीलावती(3) मीमांसा सूत्र(4) प्रमाणवार्त्तिका(UGCNET- EXAM-JUNE-2024-FIRST(GENERAL)PAPER,DATE-18-06-2024,SHIFT-II- SET-Z) (UGCNET- EXAM-JUNE-2024-FIRST(GENERAL)PAPER,DATE-18-06-2024,SHIFT-II- SET-Z) 23. Identify the scale/scales of measurement which would allow ranking of observations.A nominal scaleB. ordinal scaleC interval scaleD. ratio scaleChoose the correct answer from the options given below: below:केवल C, D. और Eकेवल A, B, C और E(1) A, B and C only(2) B, C and D only(3) B only(4) A and ... Read more - [UGCNET-SHIFT-02-SET-Z-Paper-First-Q.16-20-YEAR-2024](https://namastesir.co.in/ugcnet-shift-02-set-z-paper-first-q-16-20/): 16. if (L)m represents a number L in base – M number system, then identify the correct ascending order of the following numbers A-D, when converted to a base-10 number system.  A. (8B) 16  B. (212)8  C (260)7  D. (10001101)2  आधार – M संख्या पद्धति में यदि (L) M संख्या L को निरूपित करता है, जब इसे आधार 10 संख्या पद्धति में रूपांतरित किया जाता है, तो निम्नलिखित संख्याओं A-D के सही आरोही क्रम को चिन्हित कीजिए :  A. (8B) 16  B. (212)8  C (260)7  D. (10001101)2  Choose the correct answer from the options given below:  नीचे दिए गए विकल्पों में ... Read more - [UGCNET-SHIFT-02-SET-Z-18062024-PAPER-I-Q.11to15](https://namastesir.co.in/ugcnet-shift-02-set-z-18062024-paper-i-q-11to15/): 11. Match List-I with List – II.  Choose the correct answer from the options given below:  नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:  (1) A-IV, B-III, C-I, D-II  (2) A-III, B-IV, C-II, D-I  (3) A-1, В-II, C-III, D-IV  (4) А-II, В-1, C-IV, D-III  (UGCNET- EXAM-JUNE-2024-FIRST(GENERAL)PAPER,DATE-18-06-2024,SHIFT-II- SET-Z) 12. Which of the following statements are correct as per Classical Indian School of logic (Nyaya)?  A. Nyaya syllogism has three propositions. B. Nyaya syllogism has five propositions. C. Nyaya syllogism has three terms. D. Nyaya syllogism has five terms. Choose the correct answer from the options given below:  (1) B ... Read more - [UGCNET-SHIFT-02-SET-Z-PAPER-01-Q.06to10](https://namastesir.co.in/ugcnet-shift-02-set-z-2024-paper-01-q06-10/): UGCNET SOLVED PAPER 2024 6 Match List-I with List – II.  List-I (College) –  List-II (Founder)  A. Poona College for Hindu Learning II. M. Elphinstone  B. Hindu College, Kolkata (Presidency College) -III. Rajaram Mohan Roy  C. Bishop College, Sibpur – IV. Church of England  D. Scottish Missionary College, Kolkata I.  Alexander Duff  सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए।  सूची-1 (महाविद्यालय)   सूची-II (संस्थापक)  A पूना कॉलेज फॉर हिन्दू लर्निंग – II.  एम. एल्फिन्स्टन  B. हिन्दू कॉलेज, कोलकाता (प्रेसीडेन्सी कॉलेज) – III. राजा राम मोहन राय  C विशप कॉलेज, सिवपुर   – IV. इंग्लैण्ड का चर्च  D. स्कॉटिश मिशनरी कॉलेज, कोलकाता ... Read more - [UGCNET-SHIFT-02-SET-Z-18.06.2024-PAPER-I Q.01-05](https://namastesir.co.in/ugcnet-shift-02-set-z-18-06-2024-paper-i-q-01-05/): UGCNET EXAM 18 JUNE 2024 Solved Paper With Deatailed Description UGCNET First Paper Solution Read the following passage and answer the questions that follow (1-5): The following table – 1 shows the percentage (%) distribution of patients of various diseases in the world and table – II shows the percentage (%) distribution of all the patients and Kidney patients in various continents, namely, Europe, Australia, South America, Africa, North America and Asia in the year 2023. Total population of the world in the year 2023 is 800 crore and 10% of them are patients. Based on the data in the tables, ... Read more - [How to Prepare a Good Post for a Competitive Exam Preparation Website](https://namastesir.co.in/how-to-prepare-a-good-post-for-competitive-exam/): Competitive Exam Preparation Understanding Your Audience Knowing your target audience is critical when preparing a blog post for a competitive exam preparation website. Competitive exam aspirants are typically in search of specialized information that can enhance their preparation. This includes exam strategies, effective study schedules, and subject-specific tips. Understanding what these readers need can significantly increase the relevance and value of your content. Identifying the needs, pain points, and goals of your audience is the first step in creating impactful content. Aspirants often grapple with time management, the vast syllabus, and the pressure to perform well. By addressing these issues directly, ... Read more - [MPPSC PRELIMS 2024 QUESTION PAPER SET-C IN ENGLISH pdf Download](https://namastesir.co.in/mppsc-prelims-2024-que-ppr-set-c-in-english-pdf/): EXAM DATE 23/06/2024 Heads Up, MPPSC Aspirants! MPPSC Prelims 2024 Question Paper Set-C (English) Available Now! Gear up for your review as you can now download the MPPSC Prelims 2024 Question Paper Set-C (English). Analyze the questions and assess your strengths and weaknesses to prepare even better for upcoming exams. Download PDF Here: MPPSC PRELIMS 2024 QUESTION PAPER SET-C IN ENGLISH pdf Download Exam Date: June 23, 2024 (Important! Remember this date for future reference) Stay Focused & Keep Practicing! #MPPSC #Prelims #ExamPrep #QuestionPaper #Download MPPSC PRELIMS 2024 QUESTION PAPER SET-C IN ENGLISH pdf Download MPPSC PRELIMS 2024 QUESTION PAPER IN ... Read more - [MPPSC PRELIMS 2024 QUESTION PAPER IN HINDI pdf Download](https://namastesir.co.in/mppsc-prelims-2024-que-papr-download-in-hindi-pdf/): EXAM DATE 23/06/2024 MPPSC PRELIMS 2024 QUESTION PAPER SET-B IN HINDI pdf Download MPPSC PRELIMS 2024 QUESTION PAPER IN HINDI pdf Download PDF DOWNLOAD Solved Paper Link AUTHENTIC WEBSITE LINK MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022-हिंदी - [MPPSC-PRELIMS EXAM PAPER-01-2024-SOLVED PAPER Q.N.91-100](https://namastesir.co.in/mppsc-prelims-exam-paper-01general-studies-2024-solved-paper-with-detailed-solutions-exam-date-23-06-2024-que-no-91-100/): 91. जीआई टैग प्राप्त चिन्नौर चावल का उत्पादन मुख्य रूप से मध्यप्रदेश के किस जिले में किया जाता है ?  (A) उज्जैन  (B) जबलपुर  (C) सीहोर  (D) बालाघाट  (MPPSC-PRE-2024-EXAM DATE-23-06-2024) 92. मध्यप्रदेश के निम्नलिखित जिलों को उनके अनूठे उत्पाद के साथ मिलाएँ :  सही विकल्प चुनिए :       (1)  (2) (3) (4)  (A) (i) (ii) (iii) (iv)  (B) (iii) (ii) (i) (iv)  (C) (iv) (iii) (ii) (i)  (D) (ii) (iii) (iv) (i)  (MPPSC-PRE-2024-EXAM DATE-23-06-2024) 93. नीति आयोग की SDG इंडिया इंडेक्स 2020 के अनुसार, सूचकांक स्कोर रेंज के आधार पर सतत विकास लक्ष्यों में राज्यों के प्रदर्शन की विभिन्न श्रेणियों को कैसे ... Read more - [MPPSC-PRELIMS EXA-2024-PAPER-1(GS)-SOLVED PAPER-Q.N.81-90](https://namastesir.co.in/mppsc-prelims-exam-paper-01general-studies-2024/): 81. वर्ष 2021 में निम्नलिखित में से कौन-सा चक्रवात भारत के पश्चिमी तट पर आया था ?  (A) अम्फान  (B) तौक्ते  (C) मिचौंग  (D) फानी  (MPPSC-PRE-2024-EXAM DATE-23-06-2024) 82. जनगणना वर्ष 2011 के अनुसार, भारत के निम्नलिखित राज्यों में से कौन-से राज्य में जनसंख्या घनत्व सबसे कम रहा था ?  (A) त्रिपुरा  (B) अरुणाचल प्रदेश  (C) मिज़ोरम  (D) मेघालय  (MPPSC-PRE-2024-EXAM DATE-23-06-2024) 83. निम्नलिखित पर्वत चोटियों को, उनकी ऊँचाई के आधार पर, अवरोही क्रम में क्रमबद्ध कीजिए:  (i) गुरु शिखर  (ii) महेन्द्रगिरि  (iii) अनाईमुड़ी  (iv) पंचमढ़ी  (A) (iii), (i), (ii), (iv)  (B) (i), (iii), (iv), (ii)  (C) (ii), (i), (iii), (iv)  (D) (iv), ... Read more - [MPPSC-PRELIMS EXAM PAPER-01-2024-Q.N.71-80](https://namastesir.co.in/mppsc-prelims-exam-paper-01-2024-q-n-71-80/): MPPSE PRE 2024 71. भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड, भोपाल की स्थापना किस देश की एक कम्पनी के सहयोग से हुई थी ? (A) जर्मनी  (B) फ्रांस  (C) रूस  (D) ब्रिटेन  72. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, किस जिले में नगरीय जनसंख्या का प्रतिशत सर्वाधिक है ?  (A) इंदौर  (B) ग्वालियर  (C) भोपाल  (D) जबलपुर  (MPPSC-PRE-2024-EXAM DATE-23-06-2024) 73. निम्नलिखित में से कौन-सी सिंचाई परियोजना में चार राज्यों की भागीदारी है ?  (A) बाणसागर परियोजना  (B) भांडेर परियोजना  (C) राजघाट परियोजना  (D) सरदार सरोवर परियोजना  (MPPSC-PRE-2024-EXAM DATE-23-06-2024) 74. 2021 – 22 के अनुसार, मध्यप्रदेश में क्षेत्रफल एवं उत्पादन की दृष्टि से अनाजों ... Read more - [MPPSC-PRELIMS EXAM PAPER-01-2024-Q.N.61-70](https://namastesir.co.in/mppsc-prelims-exam-paper-01general-studies-2024-2/): 61. निम्नलिखित में से किस मामले में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने दोनों में संघर्ष की स्थिति में राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों पर मौलिक अधिकारों की व्यापकता की घोषणा की ?  (A) गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य (1967)  (B) मद्रास राज्य बनाम चंपकम दोराईराजन (1951)  (C) केशवानन्द भारती बनाम केरल राज्य (1973)  (D) मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ (1980)  (MPPSC-PRE-2024-EXAM DATE-23-06-2024) 62. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?  (A) मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद की स्थिति में, मामले का निर्णय विधि आयोग द्वारा किया जाता है।  (B) चुनाव आयुक्त को मुख्य चुनाव आयुक्त की ... Read more - [MPPSC-PRELIMS EXAM PAPER-01-2024-Q.N.51-60](https://namastesir.co.in/mppsc-prelims-exam-paper-01-2024-q-n-51-60/): 51. मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आदिवासी, लोक व पारंपरिक कलाओं के लिए महिलाओं को कौन-सा सम्मान दिया जाता है? (A) राष्ट्रीय कबीर सम्मान  (B) राज्य स्तरीय शिखर सम्मान  (C) राष्ट्रीय देवी अहिल्या सम्मान  (D) राष्ट्रीय तुलसी सम्मान  (MPPSC-PRE-2024-EXAM DATE-23-06-2024) 52. बिरहा किस आदिवासी जनजाति की महिलाओं का लोकप्रिय लोकगीत है?  (A) गोंड  (B) कोल  (C) भील  (D) सहरिया  (MPPSC-PRE-2024-EXAM DATE-23-06-2024) 53. मध्यप्रदेश में आदिवासियों के लिए स्वरोजगार योजना किनके नाम से चल रही है?  (A) दलपति शाह  (B) टंट्या भील  (C) बिरसा मुंडा  (D) रघुनाथ शाह  (MPPSC-PRE-2024-EXAM DATE-23-06-2024) 54. भारतीय साहित्य में जनजातीय जीवन की सांस्कृतिक परंपरा और विशिष्टताओं पर लेखन के ... Read more - [MPPSC-PRELIMS EXAM PAPER-01-GS-2024-Q.N.41-50](https://namastesir.co.in/mppsc-prelims-exam-paper-01-gs-2024-q-n-41-50/): 41. रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?  1.यह मध्यप्रदेश में मिलेट (मोटा अनाज) को प्रोत्साहित करती है।  2.यह पूरे मध्यप्रदेश में लागू है।  3. यह योजना 2023 24 से 2025 26 तक की अवधि की है।  (A) केवल 1 और 2 सही हैं।  (B) केवल 1 और 3 सही हैं।  (C) केवल 2 और 3 सही हैं।  (D) 1, 2 तथा 3 सही हैं।  (MPPSC-PRE-2024-EXAM DATE-23-06-2024) 42. वर्ष 2024 में भारत के राष्ट्रपति द्वारा निम्नलिखित में से किसको राज्यसभा के 12वें सदस्य के रूप में नामित (मनोनीत) किया गया ? (A) ... Read more - [MPPSC-PRELIMS EXAM PAPER-01-2024 Q.N.31-40](https://namastesir.co.in/mppsc-prelims-exam-paper-01-2024-q-n-31-40/): 31. एक जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के तालाब में, निम्नलिखित में से किस घटक का प्रतिनिधित्व कवकों, जीवाणुओं एवं फ्लैजेलेट्स के द्वारा किया जाता है?  (A) स्वपोषी घटक  (B) उपभोक्ता  (C) अपघटक  (D) अजैविक घटक  (MPPSC-PRE-2024-EXAM DATE-23-06-2024) 32. भारत सरकार ने जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम कब पारित किया था ?  (A) 1972  (B) 1986  (C) 1990  (D) 1974  (MPPSC-PRE-2024-EXAM DATE-23-06-2024) 33. SDG इंडिया इंडेक्स 2018 के अनुसार, SDG 1, SDG 2 और SDG 9 क्रमशः दर्शाते हैं :  (A) कोई ग़रीबी नहीं; कोई भुखमरी नहीं; उद्योग, नवाचार और बुनियादी ढाँचा  (B) कोई ग़रीबी नहीं; गुणवत्तापूर्ण शिक्षा; भूमि पर जीवन  (C) ... Read more - [MPPSC-PRELIMS EXAM PAPER-01-GS-2024 Que.No.21-30](https://namastesir.co.in/mppsc-prelims-exam-paper-01general-studies-2024-solved-paper-with-detailed-solutions-exam-date-23-06-2024-que-no-21-30/): 21. – नर्मदा नदी का साहित्यिक सन्दर्भ सर्वप्रथम कहाँ मिलता है? (A) शतपथ ब्राह्मण (B) मनुस्मृति (C) वराहमिहिर संहिता (D) अग्नि पुराण (MPPSC-PRE-2024-EXAM DATE-23-06-2024) 22. किस ताम्रपाषाणयुगीन स्थल को वराहमिहिर का जन्म स्थल भी कहा जाता है?  (A) दंगवाड़ा  (B) कायथा  (C) नावदाटोली  (D) इन्द्रगढ़  (MPPSC-PRE-2024-EXAM DATE-23-06-2024) 23. निम्नलिखित स्वतन्त्रता सेनानियों को उनके क्रान्ति क्षेत्र से सुमेलित कीजिए।  (1) राजा मर्दन सिंह  (i) नेमावर  (2) राजा दौलत सिंह (ii) भानपुर  (3) राजा बख्तवली (iii) शाहगढ़  (4) मुराद अली (iv) महू  कूट : (1) (2) (3) (4)  (A) (ii) (i) (iii) (iv)  (B) (i) (ii) (iii) (iv)  (C) (iii) (iv) (i) (ii)  ... Read more - [MPPSC-PRELIMS EXAM PAPER-GS-2024 Q.N.11-20](https://namastesir.co.in/mppsc-prelims-exam-paper-01general-studies-2024-solved-paper-with-detailed-solutions-exam-date-23-06-2024-que-no-11-20/): 11. केशव चन्द्र सेन को ब्रहा समाज का प्रधान आचार्य किसने नियुक्त किया था ? (A) राजा राम मोहन राय (B) एन.जी. चन्दावरकर (C) देवेन्द्रनाथ ठाकुर (D) महादेव गोविन्द रानाडे (MPPSC-PRE-2024-EXAM DATE-23-06-2024) 12. गाँधीजी ने किस आन्दोलन के समय वेल्स के राजकुमार का बहिष्कार करने का आह्वान किया ? (A) खिलाफत आन्दोलन (B) असहयोग आन्दोलन (C) सविनय अवज्ञा आन्दोलन (D) भारत छोड़ो आन्दोलन (MPPSC-PRE-2024-EXAM DATE-23-06-2024) 13. मौर्य कालीन प्रशासनिक व्यवस्था में प्रदेष्टा किस विभाग से सम्बन्धित है? (A) राजस्व विभाग (B) न्याय विभाग (C) सैन्य विभाग (D) आर्थिक विभाग (MPPSC-PRE-2024-EXAM DATE-23-06-2024) उत्तर –  (B) न्याय विभाग प्रदेष्टा प्राचीन भारत में मौर्य ... Read more - [MPPSC-PRELIMS EXAM PAPER-GS-2024 Que.No.01-10](https://namastesir.co.in/mppsc-prelims-exam-paper-01general-studies-2024-solved-paper-with-detailed-solutions-exam-date-23-06-2024/): 1. ‘इमिटेशन गेम’ किसका मूल नाम था ? (A) एल आई एस पी (B) द ट्यूरिंग टेस्ट (C) द हाल्टिंग प्रॉब्लम (D) उपर्युक्त सभी (MPPSC-PRE-2024-EXAM DATE-23-06-2024) 2. ट्विटर के संस्थापक हैं: (A) जैक डोसी (B) मार्क जुकरबर्ग (C) फ्रेड कैवाजा (D) जॉन मैकार्थी (MPPSC-PRE-2024-EXAM DATE-23-06-2024) 3. ई-गवर्नेस के चार स्तंभ क्या हैं? (A) लोग, प्रक्रिया, प्रौद्योगिकी, संसाधन (B) लोग, प्रक्रिया, प्रौद्योगिकी, सरकार (C) चुनाव, लोग, प्रौद्योगिकी, संसाधन (D) चुनाव, लोग, प्रौद्योगिकी, सरकार (MPPSC-PRE-2024-EXAM DATE-23-06-2024) Q.4. UNIX ऑपरेटिंग सिस्टम का केन्द्रीय भाग कौन-सा है? (A) कमांड शैल (B) कर्नल (C) डायरेक्टरीज़ एण्ड प्रोग्राम (D) फाइल्स (MPPSC-PRE-2024-EXAM DATE-23-06-2024) Q.5. कुरेंटली है: (A) सर्च ... Read more - [UGCNET-SHIFT-02-SET-Z-18/06/2024-PAPER-I-(GENERAL PAPER)](https://namastesir.co.in/ugcnet-shift-02-set-z-18-06-2024-paper-i-general-paper/): Download pdf Good Quality here UGCNET-SHIFT-02-SET-Z-18/06/2024-PAPER-I-(GENERAL PAPER) UGCNET-SHIFT-02-SET-Z-18/06/2024-PAPER-I-(GENERAL PAPER) UGCNET-SHIFT-02-SET-Z-18/06/2024-PAPER-I-(GENERAL PAPER) download pdf medium quality from above - [Ken Upnishada pdf Download](https://namastesir.co.in/ken-upnishada-pdf-download/): Sanskrit Hindi Gitapress Gorakhpur - [Hazari Prasad Dwivedi Granthavali [ Prat - 01-11 ]](https://namastesir.co.in/hazari-prasad-dwivedi-granthavali-prat-3/): by Hazari Prasad Kuch Ansh .. आचार्यजो की इन्ही अद्वितीय प्रवृत्तियों को स्थायी रूप देने के लिए इस ग्रन्थावली की योजना बनायी गयी है। विपय और विधा दोनों दृष्टि- कोणों को साथ रयकर विभिन्न खण्डो का विभाजन किया गया है। कुल मिलाकर के ग्यारह khand हैं- 3 तीसरा खण्ड : हिन्दी साहित्य का इतिहास me – साहित्य का इतिहास हिन्दी साहित्य की भूमिका हिन्दी साहित्य : उद्भव और विकास हिन्दी साहित्य का आदिकाल DOWNLOAD OPTIONS download 1 fileCHOCR downloadEPUBdownload 1 fileFULL TEXT downloaddownload 1 fileHOCR downloaddownload 1 fileITEM TILE downloaddownload 1 fileOCR PAGE INDEX downloaddownload 1 fileOCR SEARCH TEXT downloaddownload 1 filePAGE ... Read more - [UGCNET EXAM JUNE-2024-FIRSTPAPER-DATE-18-06-2024 Q.46-50](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-june-2024-firstpaper-date-18-06-2024-q-46-50/): Read the following passage and answer the questions: (46-50)  According to a World Health Organization report, about 80 percent of the world population uses traditional medicine systems in some or the other way. India has a distinctive and unique traditional medicine base, with each system having its own ancient philosophy, medicinal knowledge, perception and practices that align with the regional cultures, traditions and beliefs. The traditional medicine systems in India include Ayurveda, Yoga, Naturopathy, Unani, Siddha, Sowa Rigpa and Homeopathy which is known as Ayush. All these systems were formulated, practised and perfected in a continuum much before the advent of ... Read more - [UGCNET EXAM JUNE-2024-FIRSTPAPER-DATE-18-06-2024 Q.41-45](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-june-2024-firstpaper-date-18-06-2024-q-41-45/): 41. Which of the following statements A-D about computer memory size is/are true?  A. 25 KB is larger than 100 MB.  B. 999 MB is larger than 50 GB.  C. 3500 KB is smaller than 2 GB.  D. 2350 bytes is smaller than 2 KB.  Choose the correct answer from the options given below:  (1) A only  (2) C only  (3) B and Donly  (4) B and C only  कंप्यूटर मेमोरी आकार के बारे में A-D के निम्नलिखित कथनों में से कौन सा / से सही है/हैं?  A. 25 KB, 100 MB से बड़ा होता है।  B. 999 MB, 50 GB ... Read more - [UGCNET EXAM JUNE-2024-FIRSTPAPER-DATE-18-06-2024 Q.37-40](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-june-2024-firstpaper-date-18-06-2024-q-37-40/): 37. Knowing that you find algebra more difficult than your sister does, but that you could improve with practice, is an example of :  (1) Self-Regulation  (2) Metacognition  (3) Self-discipline  (4) Automation  यह जानना कि आपको, आपकी बहन की तुलना में बीजगणित अधिक कठिन लगती है किंतु इसमें आप अभ्यास से सुधार कर सकते हैं, यह निम्नलिखित में से किसका उदाहरण है?  (1) आत्म-नियमन  (2) अधि-संज्ञान  (3) आत्म-अनुशासन  (4) स्वचलीकरण  UGCNET EXAM JUNE-2024-FIRSTPAPER-DATE-18-06-2024 SET-Y उत्तर- (1) आत्म-नियमन  (Self-Regulation ) 38. A device used to convert a computer’s digital signal to an analogue signal for communication is called a :  (1) bridge  ... Read more - [UGCNET EXAM JUNE-2024-FIRSTPAPER-DATE-18-06-2024 Q.31-36](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-june-2024-firstpaper-date-18-06-2024-q-31-36/): 31. Which of the following is the National Coordinator of SWAYAM courses for non-technical post- graduation education ?  (1) All India Council for Technical Education (AICTE)  (2) National Institute of Technical Teachers Training and Research (NITTTR)  (3) National Council of Educational Research and Training (NCERT)  (4) University Grants Commission (UGC)  निम्नलिखित में से कौन गैर-तकनीकी परा-स्नातक शिक्षा हेतु स्वयं पाठ्यक्रम का राष्ट्रीय समन्वयक (कोआर्डिनेटर) है?  (1) अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (ए आई सी टी ई)  (2) राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक-प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (एन आई टी टी टी आर)  (3) राष्ट्रीय शैक्षिक शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (एन सी ई आर टी)  ... Read more - [UGCNET EXAM JUNE-2024-FIRSTPAPER-DATE-18-06-2024 Q.26-30](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-june-2024-firstpaper-date-18-06-2024-q-26-30/): 26. Match List – I with List – II.  (1) A-I, B-II, C-III, D-IV (3) A-III, B-IV, C-I, D-II (2) A-II. В-III, С-IV, D-I (4) A-IV, B-I, C-II, D-III UGCNET EXAM JUNE-2024-FIRSTPAPER-DATE-18-06-2024 SET-Y Answer : (2) A-II. В-III, С-IV, D-I 27. Which of the following statement is correct?  (1) Nyaya syllogism has three propositions.  (2) Nyaya syllogism has five terms.  (3) Nyaya syllogism has five propositions.  (4) Nyaya syllogism has three propositions and three terms.  निम्नलिखित कथनों में से कौन सा कथन सही है?  (1) न्याय-न्यायवाक्य में तीन प्रतिज्ञप्तियाँ होती हैं।  (2) न्याय-न्यायवाक्य में पाँच पद होते हैं।  (3) न्याय-न्यायवाक्य में ... Read more - [UGCNET EXAM JUNE-2024-FIRSTPAPER-DATE-18-06-2024 Q.21-25](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-june-2024-firstpaper-date-18-06-2024-q-21-25/): 21. Amange the following fractions in increasing order.  निम्न भिन्नों को बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिये:   A. 6/7  B. 11/13  C. 16 /19  D. 19/ 22  Choose the correct answer from the options given below:  नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:  (1)A,B,C,D  (2) D,C,B,A  (3) C,B,A,D  (4) D, A, B, C  UGCNET EXAM JUNE-2024-FIRSTPAPER-DATE-18-06-2024 SET-Y उत्तर-  (3) C,B,A,D  Solution :  6/7=0.857 =A 11/13 = 0.846 = B 16/19=0.842 = C 19/22=0.864 = D 22. The media accountability system to improve media quality focuses on: A. Evaluation  E. Feedback  R. Audience control  C. Monitoring  D. Education  Choose ... Read more - [UGCNET EXAM JUNE-2024-FIRSTPAPER-DATE-18-06-2024 Q.16-20](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-june-2024-firstpaper-date-18-06-2024-q-16-20/): 16. Which of the following digital initiatives provides database of profiles of scientists/researchers and other faculty members working at leading academic institutions and R & D organizations?  ( 1) SWAYAM prabha  (2) E-Vidwan )  (4) E-Shodhsindhu  (3) National Academic Depository (NAD  निम्नलिखित में कौन-सी डिजिटल पहल अग्रणी अकदेमिक संस्थानों एवं आर एण्ड डी संगठनों में कार्यरत वैज्ञानिकों/ शोधकर्ताओं और अन्य फैकल्टी सदस्यों के प्रोफाइल संबंधी डाटाबेस को उपलब्ध कराती है?  (1) स्वयं प्रभा  (2) ई-विद्वान  (3) राष्ट्रीय अकादेमी निक्षेपागार (एन ए डी)  (4) ई-शोधसिन्धु  UGCNET EXAM JUNE-2024-FIRSTPAPER-DATE-18-06-2024 SET-Y उत्तर- (2) ई-विद्वान  विद्वान भारत में शिक्षण और अनुसंधान में शामिल अग्रणी शैक्षणिक ... Read more - [UGCNET EXAM JUNE-2024-FIRSTPAPER-DATE-18-06-2024 Q.11-15](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-june-2024-firstpaper-date-18-06-2024-q-11-15/): UGCNET EXAM JUNE-2024-FIRSTPAPER-DATE-18-06-2024 Q.11-15 11. Match List – I with List – II. List – I (Concept)  11. Match List I with List – II. di kebabri m List – I List – II (Concept) (Source) A. Free commerce and communication – IV-Adam Smith 1. Alfred Marshall B. Communication in economics 1. Alfred Marshall II. John Locke C. Language as a conduit of communication -John Locke Karl Marx D. Lines of communication -Karl Marx (1) A-I, B-III, C-IV, D-II (2) А-ІІ, В-III, C-IV, D-I (3) A-III, B-IV, C-I, D-II (4), A-IV, B-I, C-II, D-III UGCNET EXAM JUNE-2024-FIRSTPAPER-DATE-18-06-2024 SET-Y उत्तर- (4), A-IV, B-I, ... Read more - [UGCNET EXAM JUNE-2024-FIRSTPAPER-DATE-18-06-2024 Q.06-10](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-june-2024-firstpaper-date-18-06-2024-q-06-10/): 6.What is the base-10 equivalent of the base-4 number 3013?   आधार-4 संख्या 3013 के समतुल्य आधार 10 संख्या कौन सी है?   (1) 53.7  (2) 196  (3) 199  (4) 182  UGCNET EXAM JUNE-2024-FIRSTPAPER-DATE-18-06-2024 SET-Y उत्तर – (3) 199  3013(4)=3*4^3+0*4^2+1*4^1+3*4^0  =64*3+0+4+3 = 192+4+3=199(10) 3013(4)=199(10) Answer 7.Which of the following are the subdivisions of Implicit (Unconscious) memory? A. Priming  B. Episodic Memory  C. Classical conditioning effects  D. Semantic Memory  E. Procedural Memory  Choose the most appropriate answer from the options given below:  (1) B and D only  (2) A, B, D and E only  (3) A, C and E only  (4) A, B, C, ... Read more - [UGCNET-EXAM JUNE-2024-FIRSTPAPER-Simple and Concise](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-june-2024-firstpaper-question-01-05/): Exam Date -18-06-2024 Q.01-05 Solved & Well Described in simple Manner PAPER – I (GENERAL PAPER)  UGCNET Solved Questions are here for you! Question 1 to 5: The following table shows the percentage (%) distribution of the number of readers of an IT magazine in the years 2019 and 2023, among the six different cities A-F. Based on the data in the table, answer the questions that follow.  निम्न तालिका में छह भिन्न भिन्न शहरों A-F में वर्ष 2019 व 2023 में एक आईटी पत्रिका के पाठकों की संख्या का प्रतिशत (%) वितरण दर्शाया गया है। तालिका में प्रदत्त डेटा के आधार ... Read more - [UGCNET HINDI QUESTION PAPERS PDF DOWNLOAD](https://namastesir.co.in/ugcnet-hindi-question-papers-pdf-download/): UGCNET हिंदी पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र पीडीएफ डाउनलोड करें 2024  UGCNET-HINDI-EXAM-SHIFT-I-18-06-2024.pdf 2022  UGC-NET-Hindi-2022-Shift-2.pdf UGC-NET-Hindi-2022-Shift-1.pdf 2021  UGC-NET-Hindi-26-Dec-2021-Shift-1 (1).pdf UGC-NET-Hindi-26-Dec-2021-Shift-1.pdf UGC-NET-Hindi-26-Dec-2021-Shift-2.pdf 2020 NTA-UGC-NET-2020-13-November-Shift-2-Hindi.pdf, NTA-UGC-NET-2020-13-November-Shift-1-Hindi.pdf 2019 NTA-UGC-NET-2019-25-June-Shift-1-Hindi.pdf NTA-UGC-NET-2019-5-December-Shift-1-Hindi.pdf - [UGCNET-HINDI-EXAM-SHIFT-I-18-06-2024 Question Paper PDF Download](https://namastesir.co.in/ugcnet-hindi-exam-shift-i-18-06-2024-question-paper-pdf-download/): Click on below link download question paper UGCNET-HINDI-EXAM-SHIFT-I-18-06-2024 Question Paper PDF Download यूजीसी नेट (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा) उन लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा है जो भारतीय विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर बनने या जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) की तलाश करने की इच्छा रखते हैं। यहाँ यूजीसी नेट हिंदी प्रश्नपत्रों के महत्व को उजागर करने वाले कुछ मुख्य बिंदु दिए गए हैं: 1. परीक्षा पैटर्न और पाठ्यक्रम को समझना: 2. तैयारी और अभ्यास: 3. आत्मविश्वास बढ़ाना: 4. रणनीतिक योजना: 5. संशोधन के लिए संसाधन: निष्कर्ष: UGC NET हिंदी प्रश्न पत्र परीक्षा की तैयारी के लिए अमूल्य संसाधन ... Read more - [UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 Q.146-150](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-second-paper-hindi-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a5%e0%a4%bf-18-06-2024-q-146-150/): 146. उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार रा.श. शर्मा ने ब्राह्मणों को सीधे-सीधे जमीन देने वाले किस राजा का उल्लेख किया है?  (1) प्रवरसेन द्वितीय  (2) हर्षवर्द्धन  (3) मातृगुप्त  (4) ब्रह्मगुप्त तृतीय  UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 उत्तर – (1) प्रवरसेन द्वितीय  147. उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार भारतीय सामंतवाद की विशेषता नहीं है :  (1) भूमि का सामूहिक स्वामित्व  (2) मंदिरों को भूमि-दान 8  (3) ब्राह्मणों को भूमि-दान  (4) भूमि पर किसान अथवा रैयत का संपूर्ण अधिकार  UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 उत्तर – 148. उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार भारतीय सामंतवाद के बारे में असत्य कथन है:  (1) भारत में सामंतवाद के मूल लक्षण अन्य ... Read more - [UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 Q.141-145](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-second-paper-hindi-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a5%e0%a4%bf-18-06-2024-q-141-145/): 141. उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार भारत कैसा देश है?  (1) एकजातीय  (2) द्विजातीय  (3) त्रिजातीय (4) बहुजातीय  UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 उत्तर -(4) बहुजातीय  142. उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार पाणिनि का संबंध है :  (1) नालंदा से  (2) तक्षशिला से  (3) पाटिलीपुत्र से  (4) काशी से  UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 उत्तर -(2) तक्षशिला से  143. उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार, 1857 के स्वाधीनता संग्राम का केन्द्र था :  (1) बंगाल  (2) हैदराबाद  (3) कर्णाटक  (4) हिन्दी प्रदेश  UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 उत्तर – (4) हिन्दी प्रदेश  144. उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार हिन्दी प्रदेश में नवजागरण की शुरूआत होती है :  (1) वेद ... Read more - [UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 Q.136-140](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-second-paper-hindi-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a5%e0%a4%bf-18-06-2024-q-136-140/): 136. रामविलास शर्मा की निम्नलिखित रचनाओं को, प्रथम प्रकाशन वर्ष के अनुसार, पहले से बाद के क्रम में लगाइए।  A. भारतेंदु हरिश्चंद्र  B. भारतेंदु युग और हिंदी भाषा की विकास परम्परा  C. भाषा और समाज  D. महावीर प्रसाद द्विवेदी और हिंदी नवजागरण  E. निराला की साहित्य साधना-भाग दो  नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :  (1) E, C, B, D, A  (2) A, B, C, D, E  (3) B, A, C, E, D  (4) B, D, A, C, E  UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 उत्तर – (3) B, A, C, E, D  A. भारतेंदु हरिश्चंद्र -भारतेंदु हरिश्चन्द्र ... Read more - [UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 Q.131-135](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-second-paper-hindi-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a5%e0%a4%bf-18-06-2024-q-131-135/): 131. सूची-1 के साथ सूची-II का मिलान कीजिए :  नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :  (1) A-II, B-IV, C-1, D-III  (3) A-II, В-1, C-IV, D-III  (2) A-III, B-IV, C-I, D-II  (4) A-IV, B-III, C-II, D-I  UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 उत्तर –  (1) A-II, B-IV, C-1, D-III 131. सूची-1 के साथ सूची-II का मिलान कीजिए : सूची-1(संवाद)         सूची-II(पात्र / चरित्र) A. धनवानों के हाथ में एक ही माप है। वे-विद्या, सौंदर्य, बल, पवित्रता, और तो क्या-हृदय को भी उसी से मापते हैं। वह ‌माष है उनका-ऐश्वर्य।-II. देवसेना B. जिस राष्ट्र और समाज ... Read more - [UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 Q.126-130](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-second-paper-hindi-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a5%e0%a4%bf-18-06-2024-q-126-130/): 126. सूची-1 के साथ सूची-II का मिलान कीजिए:  नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :  (1) A-IV, B-III, C-1, D-II  (2) A-III, B-IV, C-II, D-I  (3) А-II, В-1, C-IV, D-III  (4)  A-III, B-I, C-IV, D-II  UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 उत्तर –  (3) А-II, В-1, C-IV, D-III  Book Reference Authentic Source Link  Bharmar Geet Saar – By Ramchandra Shukla (‘भ्रमरगीत सार’ के पद की प्रथम पंक्ति)(पद के ऊपर उल्लेखित राग का नाम) Book Page NO A. आयो घोष बड़ो व्यापारी – II. राग काफी → Page 69 B. आए जोग सिखावन पाँड़े – I. राग नट → ... Read more - [UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 Q.121-125](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-second-paper-hindi-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a5%e0%a4%bf-18-06-2024-q-121-125/): 121.जयशंकर प्रसाद के नाटक ‘चन्द्रगुप्त’ में चाणक्य के संवाद हैं।  A. शत्रु की उचित प्रशंसा करना मनुष्य के धर्म है।  B. भाषा ठीक करने से पहले मैं मनुष्यों को ठीक करना चाहता हूँ।  C. अन्य देश मनुष्यों की जन्मभूमि हैं, यह भारत मानवता की जन्म भूमि है।  D. महत्वाकांक्षा का मोती निश्वरता की सीपी में रहता है।  E. ईश्वर ने सब मनुष्यों को स्वतंत्र उत्पन्न किया है।  UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 उत्तर – B. भाषा ठीक करने से पहले मैं मनुष्यों को ठीक करना चाहता हूँ।  A. शत्रु की उचित प्रशंसा करना मनुष्य के धर्म है।  B. भाषा ठीक करने से ... Read more - [UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 Q.111-115](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-second-paper-hindi-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a5%e0%a4%bf-18-06-2024-q-111-115/): 111. सूची-1 के साथ सूची-II का मिलान कोहिए  नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:  (1) A-IV, B-I, C-III, D-II  (2) A-III, B-IV, C-IL, D-1  (3) A-IV, B-III, C-1, D-II  (4) A-IL, B-III, C-IV, D-I  UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 उत्तर – (1) A-IV, B-I, C-III, D-II  112. ‘भारत भारती’ के ‘वर्तमान खण्ड’ के उपखण्डों के शीर्षक हैं:  A. भारतवर्ष की श्रेष्ठता  B. कृषि और कृषक  C. रईसों के सपूत  D. शुभकामना  E. धर्म की दशा  नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:  (1) केवल A, B और C  (2) केवल B, C और ... Read more - [UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 Q.116-120](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-second-paper-hindi-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a5%e0%a4%bf-18-06-2024-q-116-120/): 116. ‘मेरी तिब्बत यात्रा’ के खंडों को पहले से बाद के क्रम में लगाइए।  A. स-क्य की ओर  B. जैनम् की ओर  C. चाङ् की ओर  D. नेपाल की ओर  E. ल्हासा से उत्तर की ओर  नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:  (1) B, A, C, D, E  (2) E, A, C, D, B  (3) B, E, A, C, D 00  (4) E, C, A, B, D  UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 उत्तर –   (4) E, C, A, B, D  A. स-क्य की ओर 3 B. जैनम् की ओर 4 C. चाङ् की ओर 2 D. ... Read more - [UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 Q.106-110](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-second-paper-hindi-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a5%e0%a4%bf-18-06-2024-q-106-110/): 106. ‘काव्य में रहस्यवाद’ निबंध के लेखक कौन हैं?  (1) महावीर प्रसाद द्विवेदी  (2) आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी  (3) नलिन विलोचन शर्मा  (4) आचार्य रामचंद्र शुक्ल  UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 उत्तर – (1) महावीर प्रसाद द्विवेदी  काव्य में रहस्यवाद आचार्य रामचंद्र शुक्ल द्वारा लिखित एक गंभीर आलोचनात्मक पुस्तक है। 107. ‘इतिहास तिमिरनाशक’ पुस्तक के लेखक कौन हैं?   (1) बालकृष्ण भट्ट  (2) बदरी नारायण चौधरी ‘प्रेमधन’  (3) राजा शिव प्रसाद  (4) मिश्र बंधु  UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 उत्तर – (3) राजा शिव प्रसाद  इतिहास तिमिरनाशक(1876) 108. सूची-1 के साथ सूची-II का मिलान कीजिए:  नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का ... Read more - [UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 Q.101-105](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-second-paper-hindi-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a5%e0%a4%bf-18-06-2024-q-101-105/): 101. निम्नलिखित पंक्तियों में से कौन-सी पंक्तियाँ आचार्य रामचंद्र शुक्ल के निबंध ‘कविता क्या है’ से उद्धृत हैं:  A. “मैं अशेष मंगलकामनाओं की पीछे से झांकती हुई दुर्निवार शंकाकुल आँखों में झाँकता हूँ।”  B. “जिनके रूप या कर्म-कलाप जगत और जीवन के बीच में उसे सुंदर लगते हैं, उन्हीं के वर्णन में वह ‘स्वान्तः सुखाय’ प्रवृत्त होता है।”  C. “वर्ण्य वस्तु और वर्णन प्रणाली बहुत दिनों से एक-दू -दूसरे से अलग कर दी गई हैं।”  D. “उत्कर्ष की ओर उन्मुख समष्टि का चैतन्य अपने ही घर से बाहर कर दिया गया।”  E. “सुंदर अर्थ की शोभा बढ़ाने में जो अलंकार प्रयुक्त ... Read more - [UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 Q.96-100](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-second-paper-hindi-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a5%e0%a4%bf-18-06-2024-q-96-100/): 96. ‘हरिऔध’ जी द्वारा लिखित ‘भूमिका’ के अनुसार हरिऔध जी ‘प्रियप्रवास’ का नाम पहले क्या रखना चाहते थे ?  (1), गोपी वियोग  (2) गोकूल क्लेश  (3) राधा-कृष्ण लीला  (4) ब्रजांगना-विलाप  UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 उत्तर – (4) ब्रजांगना-विलाप  भूमिका विचार-सूत्र सहृदय वाचकवृन्द! मैं बहुत दिनों से हिन्दी भाषा में एक काव्य-ग्रन्थ लिखने के लिए लालायित था। आप कहेंगे कि जिस भाषा में ‘रामचरित-मानस’, ‘सूरसागर’, ‘रामचन्द्रिका’, ‘पृथ्वीराज रासो’, ‘पद्मावत’ इत्यादि जैसे बड़े अनूठे काव्य प्रस्तुत हैं, उसमें तुम्हारे जैसे अल्पज्ञ का काव्य लिखने के लिए समुत्सुक होना वातुलता नहीं तो क्या है? यह सत्य है, किन्तु मातृभाषा की सेवा करने का अधिकार ... Read more - [UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 Q.91-95](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-second-paper-hindi-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a5%e0%a4%bf-18-06-2024-q-91-95/): 91. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए :  (1) А-І, В-III, C-IV, D-II  (2). А-IV, В-III, С-II, D-I (3) A-II, B-IV, C-III, D-I  (4) А-ІІІ, В-ІІ, C-I, D-IV  UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 उत्तर –  (2) A-IV, B-III, C-II, D-I सूची-I में दिए गए कहानीकारों और उनकी कहानियों का मिलान सूची-II में इस प्रकार होता है: A. राजेंद्र यादव – IV. अपने पार B. अज्ञेय – II. चित्र लिखे पत्थर C. जयशंकर प्रसाद – III. जिज्ञासा D. माधवराव सप्रे – I. एक पथिक का स्वप्न इसका मिलान विकल्पों में दिया गया है: (2) A-IV, B-III, C-II, D-I 92. “चकित चकत्ता चौंकि ... Read more - [UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 Q.86-90](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-second-paper-hindi-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a5%e0%a4%bf-18-06-2024-q-86-90/): 86. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए  नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :  (1) А-І, В-III, C-IV, D-II  (3) A-III, B-IV, C-II, D-I  (2) А-II, В-1, C-IV, D-III  (4) A-IV, B-II, C-I, D-III  UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 उत्तर – (3) A-III, B-IV, C-II, D-I  87. ‘क्या भूलूं क्या याद करूं’ में आए चरित्र हैं :  A. योगेंद्रनाथ  B. प्रतापनाराह्मण  C. उमाप्रसाद  D. सुरसती  E. राधा  नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :  (1) केवल A, B, D  (2), केवल B, D, E  (3) केवल B, C, E  (4) केवल ... Read more - [UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 Q.81-85](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-second-paper-hindi-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a5%e0%a4%bf-18-06-2024-q-81-85/): 81. ‘तमस’ उपन्यास के अनुसार फेरीवाले इत्रफरोश पर हमला कुस्-उसे घायल करने वाले पात्र का नाम है :  (1) रणवीर  (2) शम्भू  (3) तेजासिंह  (4) इन्द्र  UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 उत्तर – (4) इन्द्र  तमस भीष्म साहनी का सबसे प्रसिद्ध उपन्यास है। इसका प्रकाशन 1973 में हुआ था। वे इस उपन्यास से साहित्य जगत में बहुत लोकप्रिय हुए थे। तमस को १९७५ में साहित्य अकादमी पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। इस पर १९८६ में गोविंद निहलानी ने दूरदर्शन धारावाहिक तथा एक फ़िल्म भी बनाई थी। …… इत्रफरोश की बातों के ही कारण इन्द्र सँभल गया था और पैर मज़बूती ... Read more - [UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 Q.76-80](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-second-paper-hindi-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a5%e0%a4%bf-18-06-2024-q-76-80/): 76. ‘शेखर एक जीवनी’ के अनुसार शेखर द्वारा बनायी गयी समिति ‘एंटिगोनम क्लब’ के प्रमुख सदस्य थे :  A. कुमार  B. सदाशिव  C. ईश्वरदत्त  D. राघवन्  E. देवदास  नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:  (1), केवल A, B और E  (2) केवल B, C और D  (3) केवल A, C और D  (4) D और E  UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 उत्तर –  (4) D और E  A. कुमार ❌ B. सदाशिव ✅ C. ईश्वरदत्त ❌ D. राघवन् ✅ E. देवदास ✅ उन ‘अछूतों’ में से शेखर ने मित्र बनाने आरम्भ किये हैं। और अपने भीतर की ... Read more - [UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 Q.71-75](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-second-paper-hindi-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a5%e0%a4%bf-18-06-2024-q-71-75/): 71. “जब तक भाषा बोलचाल में थी तब तक वह भाषा या देशभाषा ही कहलाती रही, जब वह भी साहित्य की भाषा हो गई तब उसके लिए ‘अपभ्रंश’ शब्द का व्यवहार होने लगा।” यह कथत् किसका है?  (1) शिव प्रसाद सिंह  (2) नामवर सिंह  (3) रामचंद्र शुक्ल  (4), हजारी प्रसाद द्विवेदी  UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 उत्तर – (3) रामचंद्र शुक्ल  प्रकरण २  अपभ्रंश काव्य जब से प्राकृत बोलचाल की भाषा न रह गई तभी से अपभ्रंश साहित्य का आविर्भाव समझना चाहिए। पहले जैसे ‘गाथा’ या ‘गाहा’ कहने से प्राकृत का बोध होता था वैसे ही पीछे ‘दोहा’ या ‘दूहा’ कहने से ... Read more - [UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 Q.66-70](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-second-paper-hindi-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a5%e0%a4%bf-18-06-2024/): 66. डॉ. तुलसीराम को छोटी उम्र में अंतर्राष्ट्रीय राजनीति की तरफ अनजाने में ही खींचनेवाले तीन लोग कौन थे ? (1) मुन्नर, सोनई, जेदी  (2) चिखुरी, परशुराम, पौहारी बाबा  (3), फक्कड़ बाबा, नग्गर, मुरली सिंह  (4) जलंधर, बंकिया डोम, बदलू  UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 उत्तर – (1) मुन्नर, सोनई, जेदी  “आज जब मैं अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बड़े सेंटर का प्रोफ़ेसर व अध्यक्ष बन चुका हूं तो यह स्वीकारने में गर्व होता है कि इसके पीछे मेरी प्रेरणा के असली जनक वो तीन गरीब मजदूर थे, जिन्होंने मुझे छोटी उम्र में अंतरराष्ट्रीय राजनीति की तरफ अनजाने ही खींचा था। इनमें एक ... Read more - [UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 Q.61-65](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-second-paper-hindi-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a5%e0%a4%bf-18-06-2024-q-61-65/): 61. ‘असाध्यवीणा’ कविता में वर्णित प्रियंवद के नीरव एकालाप में आए संबोधनों को, पहले से बाद के क्रम में लगाइए।  A. ओ दीर्घकाय !  B. ओ स्वर-संभार!  C. ओ शरण्य।  D. ओ विशाल सही  E. ओ रस-प्लावन !  नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:  (1). C, B, E, A, D  (2) B, E, C, A, D  (3) E, C, A, D, C  (4) D, A, B, E, C  UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 उत्तर – (4) D, A, B, E, C  D, A, B, E, C, A. ओ दीर्घकाय !  ओ दीर्घकाय! Page-05 B. ओ स्वर-संभार! ओ ... Read more - [UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 Q.56-60](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-second-paper-hindi-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a5%e0%a4%bf-18-06-2024-q-56-60/): 56. सूची-1 के साथ सूची-II का मिलान कीजिए :  नीचे दिए गए विकल्पों में से सही जर का चयन कीजिए :  (1) А-І, В-III, C-IV, D-II  (3) A-IV, B-II, C-I, D-III  (2) A-II, B-IV, C-I, D-III  (4) A-III, В-1, C-IV, D-II  UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 उत्तर – (4) A-III, В-1, C-IV, D-II  57. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए :  नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :  (1) A-III, B-II, C-IV, D-I  (3) A-III, B-IV, C-II, D-I  (2) A-IV, B-III C-1, D-II  (4) A-1, B-III, C-1, D-IV  UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 उत्तर – (1) A-III, ... Read more - [UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 Q.51](https://namastesir.co.in/ugcnet-exam-second-paper-hindi-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a5%e0%a4%bf-18-06-2024-q-51/): 51. “परबत समुद, अगम बिच, बीहड़ घन बनढाँख । किमि कै भेंटों कंत तुम्ह?, ना मोहि पाँव न पाँख।”  यह कवितांश जायसी कृत ‘प‌द्मावत’ के ‘नागमती वियोग खंड’ में किस मास के वर्णन के अंत में आया है?  (1) सावन  (2) अगहन  (3) भादों  (4) असाढ़  UGCNET-EXAM-SECOND-PAPER-HINDI- परीक्षा तिथि -18/06/2024 उत्तर – (1) सावन  सावन बरिस मेह अति पानी। सरनि भरइ हौं बिरह झुरानी॥  लागु पुनर्बसु पीउ न देखा। भै बाउरि कहँ कंत सरेखा॥  रकत क आँसु परे भुइँ टूटी। रेंगि चली जनु बीर बहूटी॥  सखिन्ह रचा पिउ संग हिँडोला। हरियर भुइँ कुसुंभि तन चोला॥  हिय हिँडोल जस डोले मोरा। बिरह ... Read more - [श्रृंखला की कड़ियाँ  pdf download](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%83%e0%a4%82%e0%a4%96%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%81-pdf-download/): अपनी बातविचार के क्षणों में मुझे गद्य लिखना ही अच्छा लगता रहा है,, क्योंकि उसमें अपनी अनभूति ही नहीं बाह्य परिस्थितियों के विश्लेषण के’ लिए भी पर्याप्त अवकाश रहता है। मेरा सबसे पहला सामाजिक निबन्ध तब लिखा गया था जब मैं सातवीं कक्षा की विद्यार्थिनी थी अतः जीवन की वास्तविकता से मेरा परिचय कुछ नवीन नहीं है।प्रस्तुत संग्रह में कुछ ऐसे निबन्ध जा रहे हैं जिनमें मैंने भारतीय नारी की विषम परिस्थितियों को अनेक दृष्टिविन्दु से देखने का प्रयास किया है। अन्याय के प्रति मैं स्वभाव से असहिष्णु हूँ अतः इन निबन्धों में उग्रता की गन्ध स्वाभाविक है, परन्तु ध्वंस के ... Read more - [संस्कृति के चार अध्याय पीडीएफ डाउनलोड](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a5%80/): संस्कृति के चार अध्याय संस्कृति के चार अध्याय रामधारी सिंह दिनकर संस्कृति के चार अध्याय पीडीएफ डाउनलोड - [Ramayana (Ramcharita Manas) by tulsidasji PDF DOWNLOAD](https://namastesir.co.in/ramayana-ramcharita-manas-by-tulsidasji-pdf-download/): गोस्वामी तुलसीदास भक्तिकालीन रामभक्ति शाखा के महत्त्वपूर्ण कवि हैं। बिल्कुल सही कहा। गोस्वामी तुलसीदास भारतीय साहित्य के वे महान कवि हैं, जिन्होंने रामचरितमानस के माध्यम से रामभक्ति की अद्वितीय और गहरी भावना को साझा किया। उन्होंने अपनी कृति में राम के लीलाओं, भक्ति के रस, और मानवता के मूल्यों को अद्वितीय रूप से व्यक्त किया। तुलसीदास की रचनाओं में न केवल धार्मिक और आध्यात्मिक मूल्य हैं, बल्कि उनकी साहित्यिक गुणवत्ता भी अत्यंत उच्च है। रामचरितमानस, तुलसीदास की सबसे प्रसिद्ध रचना है, जो अवधी भाषा में लिखी गई है और रामायण की कथा को सरल भाषा में प्रस्तुत करती है। इसमें भक्ति, ... Read more - [धरती धन न अपना -जगदीश चंद्र (1972) pdf download](https://namastesir.co.in/%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%a7%e0%a4%a8-%e0%a4%a8-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a4%97%e0%a4%a6%e0%a5%80%e0%a4%b6-%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-197/): धरती धन न अपना -जगदीश चंद्र (1972) pdf download - [परीक्षागुरु pdf download](https://namastesir.co.in/%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%81-pdf-download/): परीक्षागुरुद्वारा लाला श्रीनिवासदास प्रकरण १ → परीक्षागुरुद्वारा लाला श्रीनिवासदासप्रकरण १→ परीक्षागुरु pdf download - [कविता क्या है -आचार्य रामचन्द्र शुक्ल](https://namastesir.co.in/%e0%a4%95%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%86%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%9a/): मनुष्य अपने भावों, विचारों और व्यापारों को लिए दिए दूसरों के भावों, विचारों और व्यापारों के साथ कहीं मिलाता और कहीं लड़ाता हुआ अंत तक चला चलता है और इसी को जीना कहता है। जिस अनंत-रूपात्मक क्षेत्र में यह व्यवसाय चलता रहता है उसका नाम है जगत्। जब तक कोई अपनी पृथक् सत्ता की भावना को ऊपर किए इस क्षेत्र के नाना रूपों और व्यापारों को अपने योगक्षेम, हानि-लाभ, सुख-दु:ख आदि से संबद्ध करके देखता रहता है तब तक उसका हृदय एक प्रकार से बद्ध रहता है। इन रूपों और व्यापारों के सामने जब कभी वह अपनी पृथक् सत्ता की धारणा ... 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Read more - [अलका  उपन्यास(1933)-निराला pdf download](https://namastesir.co.in/%e0%a4%85%e0%a4%b2%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%89%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b81933-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%be-pdf-download/): इस उपन्यास में निराला ने अवध क्षेत्र के किसानों और जनसाधारण के अभावग्रस्त और दयनीय जीवन का चित्रण किया है। पृष्णभूमि में स्वाधीनता आंदोलन का वह चरण है जब पहले विश्वयुद्ध के बाद गांधीजी ने आंदोलन की बागडोर अपने हाथों में ली थी। यही समय था जब शिक्षित और संपन्न समाज के अनेक लोग आंदोलन में कूदे जिनमें वकील-बैरिस्टर और पूंजीपति तबके के नेता मुख्य रूप से शामिल थे। इन लोगों की प्रतिबद्धता स्वतंत्रता आंदोलन से बेशक गहरी रही, लेकिन किसानों और मजदूरों की तकलीफों से इनका ज्यादा वास्ता नहीं था। कहा जा सकता है कि इनका मुख्य उद्देश्य अपने लिए ... Read more - [Vismriti Ke Garbh Mein](https://namastesir.co.in/vismriti-ke-garbh-mein/): by Sankrityayan Rahul विस्मृति के गर्भ में pdf download - [वृन्दावनलाल वर्मा-विराटा की प‌द्मिनी pdf download](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b5%e0%a5%83%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a4%be/): वृन्दावनलाल वर्मा की रचना “विराटा की पद्मिनी” एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक उपन्यास है। वृन्दावनलाल वर्मा हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध लेखक हैं, जिन्होंने ऐतिहासिक और पौराणिक विषयों पर अनेक कृतियों की रचना की है। “विराटा की पद्मिनी” में उन्होंने महाभारत के एक प्रकरण को लेकर कथा की रचना की है। यह उपन्यास महाराज विराट की पुत्री उत्तरा और अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु के प्रेम और विवाह की कहानी को केंद्र में रखकर लिखा गया है। मुख्य बिंदु: महत्त्व: वृन्दावनलाल वर्मा की लेखनी का कौशल और उनके ऐतिहासिक दृष्टिकोण ने “विराटा की पद्मिनी” को एक उत्कृष्ट कृति बना दिया है, जो आज भी पाठकों ... Read more - [लिटरेरिया बायोग्राफिया(Literaria Biographia)](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ab%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%beliteraria/): “लिटरेरिया बायोग्राफिया” (Literaria Biographia) अंग्रेजी कवि और समीक्षक सैमुअल टेलर कोलरिज (Samuel Taylor Coleridge) की एक प्रमुख साहित्यिक कृति है। यह पुस्तक 1817 में प्रकाशित हुई थी और इसमें कोलरिज के साहित्यिक सिद्धांतों, आलोचनात्मक विचारों और उनकी कविता की समझ का विस्तृत विश्लेषण है। प्रमुख बिंदु: महत्त्व: इस प्रकार, “लिटरेरिया बायोग्राफिया” सैमुअल टेलर कोलरिज की एक महत्वपूर्ण कृति है जो साहित्यिक सिद्धांत, कविता की प्रकृति, और साहित्यिक आलोचना पर उनके गहरे और विचारशील दृष्टिकोण को प्रस्तुत करती है। - [संस्कृति के चार अध्याय pdf download](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%af-pdf-download/): रामधारी सिंह दिनकर द्वारा रचित ‘संस्कृति के चार अध्याय’ भारतीय संस्कृति के विस्तृत और गहन विश्लेषण का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस पुस्तक को दिनकर जी ने 1956 में लिखा था और इसके लिए उन्हें 1959 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह पुस्तक न केवल उनके साहित्यिक कौशल का प्रमाण है, बल्कि भारतीय संस्कृति के विभिन्न पहलुओं पर उनकी गहरी समझ और सोच का प्रतिबिंब भी है। प्रस्तावना ‘संस्कृति के चार अध्याय’ भारतीय संस्कृति के ऐतिहासिक विकास को चार मुख्य भागों में विभाजित करके प्रस्तुत करती है। दिनकर जी का मानना था कि भारतीय संस्कृति में चार प्रमुख ... Read more - [अकाल और उसके बाद / नागार्जुन](https://namastesir.co.in/%e0%a4%85%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%89%e0%a4%b8%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a5%81/): कई दिनों तक चूल्हा रोया, चक्की रही उदासकई दिनों तक कानी कुतिया सोई उनके पासकई दिनों तक लगी भीत पर छिपकलियों की गश्तकई दिनों तक चूहों की भी हालत रही शिकस्त।दाने आए घर के अंदर कई दिनों के बादधुआँ उठा आँगन से ऊपर कई दिनों के बादचमक उठी घर भर की आँखें कई दिनों के बादकौए ने खुजलाई पाँखें कई दिनों के बाद। - [Manas Ka Hans (मानस का हंस) pdf download](https://namastesir.co.in/manas-ka-hans-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a4%82%e0%a4%b8-pdf-download/): “मानस का हंस” लेखक अमृतलाल नागर का प्रतिष्ठित बृहद उपन्यास है। इसमें पहली बार व्यापक कैनवास पर “रामचरितमानस” के लोकप्रिय लेखक गोस्वामी तुलसीदास के जीवन को आधार बनाकर कथा रची गई है, जो विलक्षण के रूप से प्रेरक, ज्ञानवर्धक और पठनीय है। इस उपन्यास में तुलसीदास का जो स्वरूप चित्रित किया गया है, वह एक सहज मानव का रूप है। Manas Ka Hans (मानस का हंस) pdf download - [सतपुड़ा के जंगल](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b8%e0%a4%a4%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%b2/): सतपुड़ा के जंगलभवानीप्रसाद मिश्र सतपुड़ा के घने जंगल नींद में डूबे हुए-से, ऊँघते अनमने जंगल। झाड़ ऊँचे और नीचे चुप खड़े हैं आँख भींचे; घास चुप है, काश चुप है मूक शाल, पलाश चुप है; बन सके तो धँसो इनमें, धँस न पाती हवा जिनमें, सतपुड़ा के घने जंगल नींद में डूबे हुए-से ऊँघते अनमने जंगल। सड़े पत्ते, गले पत्ते, हरे पत्ते, जले पत्ते, वन्य पथ को ढँक रहे-से पंक दल में पले पत्ते, चलो इन पर चल सको तो, दलो इनको दल सको तो, ये घिनौने-घने जंगल, नींद में डूबे हुए-से ऊँघते अनमने जंगल। अटपटी उलझी लताएँ, डालियों को खींच ... Read more - [गजानन माधव मुक्तिबोध-भूल-गलती कविता](https://namastesir.co.in/%e0%a4%97%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a4%b5-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%a7-%e0%a4%ad%e0%a5%82%e0%a4%b2/): भूल-गलती आज बैठी है जिरहबख्तर पहनकर तख्त पर दिल के; चमकते हैं खड़े हथियार उसके दूर तक, आँखें चिलकती हैं नुकीले तेज पत्थर सी, खड़ी हैं सिर झुकाए           सब कतारें                    बेजुबाँ बेबस सलाम में, अनगिनत खंभों व मेहराबों-थमे                            दरबारे आम में। सामने बेचैन घावों की अजब तिरछी लकीरों से कटा चेहरा कि जिस पर काँप दिल की भाप उठती है… पहने हथकड़ी वह एक ऊँचा कद समूचे जिस्म पर लत्तर झलकते लाल लंबे दाग बहते खून के। वह कैद कर लाया गया ईमान… सुलतानी निगाहों में निगाहें डालता, बेखौफ नीली बिजलियों को फेंकता खामोश !!                         सब खामोश मनसबदार, शाइर और सूफी, ... Read more - [भारतेंदु हरिश्चंद्र-भारतदुर्दशा नाटक](https://namastesir.co.in/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%81-%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4/):  प्रहसनभारतदुर्दशा नाट्यरासक वा लास्य रूपक , संवत 1933 ।। मंगलाचरण ।। जय सतजुग-थापन-करन, नासन म्लेच्छ-आचार।कठिन धार तरवार कर, कृष्ण कल्कि अवतार ।। पहिला अंक स्थान – बीथी(एक योगी गाता है)(लावनी)रोअहू सब मिलिकै आवहु भारत भाई।हा हा! भारतदुर्दशा न देखी जाई ।। धु्रव ।।सबके पहिले जेहि ईश्वर धन बल दीनो।सबके पहिले जेहि सभ्य विधाता कीनो ।।सबके पहिले जो रूप रंग रस भीनो।सबके पहिले विद्याफल जिन गहि लीनो ।।अब सबके पीछे सोई परत लखाई।हा हा! भारतदुर्दशा न देखी जाई ।।जहँ भए शाक्य हरिचंदरु नहुष ययाती।जहँ राम युधिष्ठिर बासुदेव सर्याती ।।जहँ भीम करन अर्जुन की छटा दिखाती।तहँ रही मूढ़ता कलह अविद्या राती ।।अब जहँ ... Read more - [सरोज-स्मृति](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%9c-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a4%bf/): सरोज-स्मृति(सूर्यकांत त्रिपाठी निराला)ऊनविंश पर जो प्रथम चरण तेरा वह जीवन-सिंधु-तरण; तनय, ली कर दृक्-पात तरुण जनक से जन्म की विदा अरुण! गीते मेरी, तज रूप-नाम वर लिया अमर शाश्वत विराम पूरे कर शुचितर सपर्याय जीवन के अष्टादशाध्याय, चढ़ मृत्यु-तरणि पर तूर्ण-चरण कह—“पितः, पूर्ण आलोक वरण करती हूँ मैं, यह नहीं मरण, 'सरोज' का ज्योतिःशरण—तरण— अशब्द अधरों का, सुना, भाष, मैं कवि हूँ, पाया है प्रकाश मैंने कुछ अहरह रह निर्भर ज्योतिस्तरणा के चरणों पर। जीवित-कविते, शत-शर-जर्जर छोड़कर पिता को पृथ्वी पर तू गई स्वर्ग, क्या यह विचार— “जब पिता करेंगे मार्ग पार यह, अक्षम अति, तब मैं सक्षम, तारूँगी कर गह ... Read more - [Asadhya Veena-असाध्य वीणा](https://namastesir.co.in/asadhya-veena-%e0%a4%85%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%a3%e0%a4%be/): पूरी कविता पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें। लिंक गूगल डॉक्स में खुल जाएगी इसलिए गूगल डॉक्स ऐप आपके मोबाइल में हो यह निश्चित करें। https://docs.google.com/document/d/e/2PACX-1vQMh2OOnehWIX7Mmdm19-nh-GA9DB97UmNd8owoFf81JoPeG-_X4yEESTIQrcI3m1E1mEnfEQWbC4Qp/pub - [MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B Q.146-150](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-30/): 146. कबीर के ‘बोजक’ की टीका महाराज विश्वनाथ सिंह जू देव ने किस नाम से की ? (A) बोजक वाणी (B) त्रिज्या टीका (C) पाखंडखंडनरी (D) सधुक्कड़ी संग्रह उत्तर -(A) बोजक वाणी 147. रचनाओं को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए । MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (A) रसरतन के रचयिता कौन है? पुहकर कवि, कहते हैं कि जहाँगीर ने किसी बात पर इन्हें आगरा में कैद कर लिया था। वहीं कारागार में इन्होंने ‘रसरतन’ नामक ग्रंथ संवत् १६७३ में लिखा जिस पर प्रसन्न ... Read more - [MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022-हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B Q.141-145](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-29/): MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (A) 142. हिन्दी कम्प्यूटिंग के सन्दर्भ में ‘मंगल’ क्या है ? (A) यूनीकोड कन्वर्टर (B) यूनीकोड फॉण्ट (C) हिन्दी अनुवाद टूल (D) उपर्युक्त सभी MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (B) यूनीकोड फॉण्ट 143.  वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग की स्थापना कब हुई ? 1960 (A) 1962 (B) 1961 (C) 1975 D) 1976 MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (B) 1961 वैज्ञानिक और तकनीकी शब्‍दावली आयोग का गठन संविधान के अनुच्‍छेद 344 के खण्‍ड (4) के परंतुक ... Read more - [MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022-हिंदी SET-B Q. 136-140](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-28/): 136. कवि बोधा ने ‘बोधा’ के अतिरिक्त किस नाम से रचना की ? (A) चतुरसेन (B) बुद्धसेन (C) बुद्धिसेन (D) बुधसेन MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (C) बुद्धिसेन वर्तमान उत्तर प्रदेश में बाँदा जिले के राजापुर ग्राम में जन्मे कवि बोधा का पूरा नाम बुद्धिसेन था। वर्तमान मध्य प्रदेश स्थित तत्कालीन पन्ना रियासत में बुद्धिसेन के कुछ सम्बंधी उच्च पदों पर आसीन थे। 137. भूषण को किस राजा ने ‘कविभूषण’ की उपाधि  दी थी ? (A) मुहम्मदसाह रंगिले ने (B) राजा रुद्र ने (C) अकबर ने (D) औरंगजेब ने MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय ... Read more - [MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022-हिंदी SET-B Q.131-135](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-27/): 131. “दुःख दग्ध जगत् और आनंद पूर्ण स्वर्ग, दोनों के एकीकरण का यत्न ही साहित्य है।” यह कथन किस कृति का है ? (A) एक साहित्यिक की डायरी (B) अकेला मेला (C) अरे यायावर रहेगा याद ! (D) पथ के साथी MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (B) अकेला मेला 132. बालकृष्णशर्मा ‘नवीन’ का पहला कविता संग्रह कौन-सा है ? (A) उर्मिला (B) अपलक (C) कुमकुम (D) रश्मिरेखा MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर -(C) कुमकुम सन 1930 ई. तक वे यद्यपि कवि रूप में यशस्वी हो चुके थे, परन्तु ... Read more - [MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022-हिंदी SET-B Q.126-130](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-26/): 126. निम्नलिखित में से निवढी बोली में किसकी प्रधानता है ? (A) छत्तीसगढ़ी (B) बुंदेली (C) बिहारी (D) कन्नौजी MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (B) बुंदेली ((As per mppsc provisional key)) 127. खड़ी बोली में लिखित रचना ‘प्रेमसागर’ के लेखक हैं (A) लल्लूलाल (B) सदल मिश्र (C) सदासुखलाल (D) राजा लक्ष्मण सिंह MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर -(A)लल्लू लाल की यह कृति खड़ी बोली गद्य की आरंभिक कृतियों में से एक है। 128, निम्नलिखित में से नारी चेतना विषयक भारत की पहली पत्रिका होने का श्रेय किस पत्रिका ... Read more - [MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 -SET-B Q.121-125](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-25/): द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024 121. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है ? (A) संतलाल दास की समाधि नगला (भरतपुर) में है। (B) दादू पंथ में सत्संग स्थल अलख दरीबा नाम से प्रसिद्ध हुआ । (C) पुरोहित हरिनारायण शर्मा द्वारा संपादित सुंदर ग्रंथावली के चार भाग हैं। (D) ज्ञानबोध रचना संत मलूकदास की है। MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B Ans –  (A) संतलाल दास की समाधि नगला (भरतपुर) में है। संत लालदास का देवलोकगमन संवत 1705 (सन् 1648) में 108 वर्ष की आयु में अलवर रियासत के मेढ़े पर स्थित भरतपुर रियासत के गांव ... Read more - [MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022-हिंदी](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-24/): द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B Q.116-117-118-119-120 116-आचार्य रामचन्द्र शुक्ल परिमार्जित गद्य की प्रथम पुस्तक किसे मानते हैं ? (A) नासिकेतोपाख्यान (B) सुखसागर (C) प्रेमसागर (D) भाषायोग वशिष्ठ MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (D) भाषायोग वशिष्ठ विक्रम संवत 1798 में रामप्रसाद ‘निरंजनी’ ने ‘भाषायोगवासिष्ठ’ नाम का ग्रंथ साफ सुथरी खड़ी बोली में लिखा। ये पटियाला दरबार में थे और महारानी को कथा बाँचकर सुनाया करते थे। इनके ग्रंथ देखकर यह स्पष्ट हो जाता है कि मुंशी सदासुख और लल्लूलाल से बासठ वर्ष पहले खड़ी बोली का गद्य अच्छे परिमार्जित रूप में पुस्तकें आदि लिखने ... Read more - [MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022-हिंदी](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-23/): द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B Q.111-112-113-114-115 111. ‘लिपि’ नामक त्रैभाषिक कम्प्यूटर का विकास किस संस्था ने किया है ? (A) आई.आई.टी. मद्रास (B) सी.एम. हैदराबाद (C) आई.आई.टी. कानपुर (D) आई.एम. अहमदाबाद MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (B) सी.एम. हैदराबाद ((As per the mppsc provisional key)) https://mkp.gem.gov.in/information-technology-broadcasting-telecommunications/shree-lipi-premium/p-5116877-28513765255-cat.html IIT mumbai 112. मानक हिन्दी के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है ? (A) सम्बन्धवाचक के रूप में ‘का’ का प्रयोग । (B) ‘स’ तथा ‘श’ ध्वनियों का शुद्ध उच्चारण । (C) संज्ञा, विशेषण और क्रियाओं में लिंग एवं वचर के अनुसार परिवर्तन न ... Read more - [MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-22/): द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B Q.106-107-108-109-110 106. “निराशावाद के भीतर आशावाद का संदेश देना-  संसार की क्षणिकता में उसके वैचित्य का इन्द्रधनुषी चित्र खींचना इन सिद्धों की कविता का गुण था।” यह कथन किस विद्वान का है ? (A) पं. हजारी प्रसाद द्विवेदी (B) डॉ. रामकुमार वर्मा (C) डॉ. गणपति चन्द्र गुप्त (D) डॉ. नगेन्द्र MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (B) डॉ. रामकुमार वर्मा सिद्ध साहित्य-परम्परा और प्रवृत्तियां डॉ. शिवदत्त शर्मा भारत में अनेक धर्म, सम्प्रदाय समय समय पर अपने गौरव को प्राप्त हुए तथा किन्हीं विकृतियों के कारण उनका हास भी हुआ, ... Read more - [MPPSC सहा.प्राध्यापक परीक्षा-2022 हिंदी SET-B Q.101-105](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-21/): 101. “सरनागत कहुँ जे तजहिं निज अनहित अनुमानि । ते नर पाँवर पापमय तिन्हहि बिलोकत हानि ।।” ‘रामचरितमानस’ में यह कथन किसने कहा था ? (A) राम (B) सुग्रीव (C) लक्ष्मण (D) सीता MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (A) राम सरनागत कहुँ जे तजहिं निज अनहित अनुमानि। ते नर पावँर पापमय तिन्हहि बिलोकत हानि॥43॥ भावार्थ:-(श्री रामजी फिर बोले-) जो मनुष्य अपने अहित का अनुमान करके शरण में आए हुए का त्याग कर देते हैं, वे पामर (क्षुद्र) हैं, पापमय हैं, उन्हें देखने में भी हानि है (पाप लगता है)॥43॥ 102. ‘रामचरितमानस’ के ‘अरण्यकांड’ में ... Read more - [MPPSC सहा.प्राध्यापक परीक्षा-2022 हिंदी SET-B Q.96-100](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-20/): 96. निम्नलिखित में से वस्तुवादी सिद्धांत कौन-सा है ? (A) अलंकार सिद्धांत (B) रीति सिद्धांत (C) ध्वनि सिद्धांत (D) औचित्य सिद्धांत MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – ??? Unknown  97. “शब्दाथों सहितौ वक्रकविव्यापारशालिनि ।  बन्धे व्यवस्थितौ काव्यं तद्विदाह्लादकारिणि ।।”  उक्त उद्भावना किस आचार्य की है ? (A) दण्डी (B) कुंतक (C) भामह (D) भोजराज MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (B) कुंतक शब्दार्थौ सहितौ वक्रकविव्यापारशालिनि । बन्धे व्यवस्थित काव्यं तद्विदाह्लादकारिणि । अर्थात् भंगिमामय कवि कर्म से युक्त काव्यमर्मज्ञों को आह्लादित करने वाले गठन में व्यवस्थित शब्द एवं अर्थ के ... Read more - [MPPSC सहा.प्राध्यापक परीक्षा-2022 हिंदी SET-B Q.91-95](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-19/): 91. ‘भारतेन्दु युगीन साहित्य केवल राजनीतिक स्वाधीनता का साहित्य न होकर मनुष्य की एकता, समानता और भाईचारे का भी साहित्य है।’ यह कथन किस आलोचक का है ? (A) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल (B) आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी (C) डॉ. राम विलास शर्मा (D) डॉ. नामवर सिंह MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (C) डॉ. राम विलास शर्मा डॉ. रामविलास शर्मा के अनुसार भारतेन्दु युग की जनवादी भावना उसके समाज सुधार में निहित हैं। आगे वे कहते हैं की, वह केवल राजनीतिक स्वाधीनता का साहित्य न होकर मनुष्य की एकता, समता और भाईचारे का भी साहित्य ... Read more - [MPPSC सहा.प्राध्यापक परीक्षा-2022 हिंदी SET-B Q.89-90](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-18/): 86. संविधान के किस अनुच्छेद में उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों की भाषा का वर्णन है ? (A) 345 (B) 346 (C) 347 (D) 348 MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर –  D) 348 भारत के संविधान के अनुच्छेद 348(1) में प्रावधान है कि उच्चतम न्यायालय और प्रत्येक उच्च न्यायालय में सभी कार्यवाही अंग्रेजी भाषा में होगी जब तक कि संसद विधि द्वारा अन्यथा उपबंध न करे । Source Link  87. “मैं हिन्दी के प्रचार, राष्ट्रभाषा के प्रचार को राष्ट्रीयता का मुख्य अंग मानता हूँ।” यह कथन किसका है ? (A) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद (B) पुरुषोत्तमदास ... Read more - [MPPSC सहा.प्राध्यापक परीक्षा-2022 हिंदी SET-B Q.81-85](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-17/): 81. ‘पृथ्वीराज रासो’ को हिन्दी का पहला महाकाव्य मानने वाले विद्वान कौन हैं ? (A) आचार्य हजारी प्रसाद (B) मिश्रबन्धु (C) श्यामसुन्दर दास (D) आ. रामचन्द्र शुक्ल MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (D) आ. रामचन्द्र शुक्ल https://www.drishtiias.com/hindi/mains-practice-question/question-2539 82. ‘रम्भा मंजरी’ नाटिका किस जैन कवि की रचना है ? (A) शालिभद्र सूरि (B) जिनदत्त सूरि (C) नयचन्द्र सूरि (D) श्री. अभयदेव सूरि MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (C) नयचन्द्र सूरि रम्भामञ्जरी नायकन्द्रसूरी द्वारा रचित एक ग्रंथ का नाम है, जो वसंतविलास (कविता और पहेलियों से संबंधित) के भी ... Read more - [MPPSC सहा.प्राध्यापक परीक्षा-2022 हिंदी SET-B Q.76-80](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-16/): 76. “पद्माकर की भाषा में बुंदेलखंडी रंग और मैदानी  नदी का प्रवाह है।” ?उपरोक्त कथन इनमें से किसका है ? (A) नगेन्द्र (B) रामचन्द्र शुक्ल (C) रामविलास शर्मा (D) बच्चन सिंह MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर-(D) बच्चन सिंह Hindi Sahitya Ka Dusra Itihas Printed page no 210 77. मिश्रबन्धुओं के अनुसार ‘बिहारी सतसई’ में दोहों की कुल संख्या कितनी हैं ? (A) 715 (B) 700 (C) 725 (D) 710 MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – Not Given  इक्कीसवाँ अध्याय । विहारीकाल (१७०७ से १७२० तक) (३५१) महाकवि बिहारीलाल जी ... Read more - [MPPSC सहा.प्राध्यापक परीक्षा-2022 हिंदी SET-B Q-72-75](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-15/): 71 ‘मालवा की लोक कथाएँ पुस्तक के लेखक कौन हैं ? (A) डॉ. कृष्णलाल हंस (B) डॉ. श्याम परमार (C) डॉ. अमृतलाल बेगड़ चित्रकार (D) डॉ. कृष्णदेव उपाध्याय MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर -(B) डॉ. श्याम परमार 72. निम्न में से कौन-सी बुंदेली साहित्य की कहावत है ? (A) गोल खाय ने गुलगुला से परेज (B) चोर की माँ छाने रोवै (C) पराई थाली में घी घणा (D) उड़ौ चुन पुरखन की नावं MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – © पराई थाली में घी घणा 73. ‘रामा जी रईग्या ... Read more - [MPPSC सहा.प्राध्यापक परीक्षा-2022 हिंदी SET-B Q.66-70](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-14/): 66. महाकवि निराला की कविताओं में ‘बादल’ किसका प्रतीक बनकर आया है ?  (A) नूतन भावोल्लास (B) ध्वंस-सृजन और क्रांति (C) नवीन चेतना (D) उत्सर्ग का भाव MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (B) ध्वंस-सृजन और क्रांति बादल राग कविता ‘अनामिका’ काव्य से ली गई है। निराला को वर्षा ऋतु अधिक आकृष्ट करती है, क्योंकि बादल के भीतर सृजन और ध्वंस की ताकत एक साथ समाहित है। बादल किसान के लिए उल्लास और निर्माण का अग्रदूत है तो मजदूर के संदर्भ में क्रांति और बदलाव। ‘बादल राग’ निराला जी की प्रसिद्ध कविता है। 67. किस ... Read more - [MPPSC सहा.प्राध्यापक परीक्षा-2022 हिंदी SET-B Q.31-65](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-13/): 61. बुंदेली की स्वतंत्र काव्य-परम्परा की वृहत् त्रयी किसे कहते हैं ? (A) ख्यालीराम, ईसुरी, गंगाधर व्यास (B) ईसुरी, बैजू, मूलचंद (C) माधव शुक्ल, मुन्नीलाल, हरीश निगम (D) संतोष सिंह बुदेला, सैफू, चन्द्रसखी MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (A) ख्यालीराम, ईसुरी, गंगाधर व्यास महाकवि ईसुरी, गंगाधर व्यास के साथ बुन्देली काव्य परम्परा की वृहत्त्रयी में सम्मिलित है। Source Link 62. भगवती प्रसाद शुक्ल ने ‘बघेली जनपद का प्रतिनिधि कवि’ किसे कहा है? (A) जगदीन (B) बैजनाथ पाण्डेय ‘बैजू (C) रामचन्द्र सोनी (D) भगवती प्रसाद MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B ... Read more - [MPPSC सहा.प्राध्यापक परीक्षा-2022 हिंदी SET-B Q.56-60](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-12/): 56. “विस्तृत पथ है मेरे आगे  उस पर ही मुझको चलना है।  चिर शोषित असहायों के संग,  अत्याचारों को दलना है ।।”  यह पंक्तियाँ किस कवि की हैं ? (A) शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ (B) भवानी प्रसाद मिश्र (C) मुक्तिबोध (D) शरद जोशी MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (A) शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ Madhya Pradesh Sampurna Adhyayan (With Latest Facts and Data) Printed page No 204   Google Books. Madhya Pradesh ke prachin madhyakaleen aur adhunik sahityakaro ka accha varnan is granth me milta hai.  57. रमेशचंद्र शाह को ‘पद्मश्री’ से कब सम्मानित किया * गया ? ... Read more - [MPPSC सहा.प्राध्यापक परीक्षा-2022 हिंदी SET-B Q.51-55](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-11/): 51. ‘कवियों की उर्मिला विषयक उदासीनता’ शीर्षक से सरस्वती में प्रकाशित लेख महावीर प्रसाद द्विवेदी ने किस नाम से लिखा था ? (A) भुजंगभूषण भट्टाचार्य (B) भारतभूषण भट्टाचार्य (C) मधुसूदन भट्टाचार्य (D) भानुभूषण भट्टाचार्य MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (A) भुजंगभूषण भट्टाचार्य भुजंगभूषण भट्टाचार्य’ नाम से प्रकाशित लेख – ‘कवियों की उर्मिला विषयक उदासीनता. कवियों की उर्मिला-विषयक उदासीनता महावीर प्रसाद द्विवेदी कवि स्वभाव ही से उच्छृंखल होते हैं। वे जिस तरफ़ झुक गए। जी में आया तो राई का पर्वत कर दिया; जी में न आया तो हिमालय की तरफ़ भी आँख उठाकर न ... Read more - [MPPSC सहा.प्राध्यापक परीक्षा-2022 हिंदी SET-B Q.46-50](https://namastesir.co.in/mppsc-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-10/): 46. निम्न में से ‘रिसालो’ लोकप्रिय काव्य किसका है ? (A) शाह लतीफ (B) अमीर खुसरो  (C) बाबा फरीद (D) काशीराम दास MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (A) शाह लतीफ https://www.rekhta.org/ebooks/detail/risalo-of-shah-abdul-latif-ebooks?lang=hi 47. भाषा के क्षेत्र में ‘ट’ वर्ग का विकास किसके प्रभाव की देन है ? (A) नेग्रिटो (B) ऑस्ट्रिक (C) किरात (D) द्रविड़ MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी परीक्षा तिथि-09/06/2024-SET-B उत्तर – (B) ऑस्ट्रिक भाषाविज्ञान में भाषाओं के वर्गीकरण के दो प्रकार हैं: आनुवंशिक (या वंशावली) और टाइपोलॉजिकल। आनुवंशिक वर्गीकरण का उद्देश्य भाषाओं को उनके ऐतिहासिक संबंधों की डिग्री के ... Read more - [आदि शंकराचार्य : जीवन-दर्शन](https://namastesir.co.in/%e0%a4%86%e0%a4%a6%e0%a4%bf-%e0%a4%b6%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%a8-%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b6/): Click Below On The Link to Download AND View the pdf of the PPT. - [MPSET EXAM 01 MARCH 2026 BY MPPSC (SOLVED)](https://namastesir.co.in/mpset-exam-01-march-2026-by-mppsc-solved-compet/): MPSET EXAM 01 MARCH 2026 BY MPPSC (SOLVED) Paper I – General Paper Subject: General PaperLanguage Mode: Bilingual (Hindi & English) EduGen Interactive Assessment Questions 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 32 33 34 35 36 37 38 39 40 41 42 43 44 45 46 47 48 49 50 0/50 Current Marks Restart Quiz Interactive Assessment Complete all questions to see your final performance. Good luck! Paper I – General Paper Question 1 Answer the ... Read more - [11 - भाद्रपद मासकी 'अजा' और 'पद्मा' एकादशीका माहात्य ](https://namastesir.co.in/aja-and-padma-ekadashi-of-the-bhadrapada/): लोमशजी बोले- प्रजाजनो ! श्रावण मासके शुक्लपक्षमें जो एकादशी होती है, वह ‘पुत्रदा’ के नामसे विख्यात है। वह मनोवाञ्छित फल प्रदान करनेवाली है। तुमलोग उसीका व्रत करो। यह सुनकर प्रजाओंने मुनिको नमस्कार किया और नगरमें आकर विधिपूर्वक पुत्रदा एकादशीके व्रतका अनुष्ठान किया। उन्होंने विधिपूर्वक जागरण भी किया और उसका निर्मल पुण्य राजाको दे दिया । तत्पश्चात् रानीने गर्भ धारण किया और प्रसवका समय आनेपर बलवान् पुत्रको जन्म दिया। इसका माहात्म्य सुनकर मनुष्य पापसे मुक्त हो जाता है तथा इहलोकमें सुख पाकर परलोकमें स्वर्गीय गतिको प्राप्त होता है। भाद्रपद मासकी ‘अजा’ और ‘पद्मा’ एकादशीका माहात्म्य युधिष्ठिरने पूछा- जनार्दन ! अब मैं यह ... Read more - [14 - पुरुषोत्तम मासकी 'कमला' और 'कामदा'](https://namastesir.co.in/14-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%b7%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%94/): एकादशीका माहात्म्य युधिष्ठिरने पूछा – भगवन् ! अब मैं श्रीविष्णुके व्रतोंमें उत्तम व्रतका, जो सब पापोंको हर लेनेवाला तथा व्रती मनुष्योंको मनोवाञ्छित फल देनेवाला हो, श्रवण करना चाहता हूँ। जनार्दन ! पुरुषोत्तम मासकी एकादशीकी कथा कहिये, उसका क्या फल है ? और उसमें किस देवताका पूजन किया जाता है ? प्रभो ! किस दानका क्या पुण्य है ? मनुष्योंको क्या करना चाहिये ? उस समय कैसे स्नान किया जाता है ? किस मन्त्रका जप होता है ? कैसी पूजन-विधि बतायी गयी है ? पुरुषोत्तम ! पुरुषोत्तम मासमें किस अन्नका भोजन उत्तम है ? भगवान् श्रीकृष्ण बोले- राजेन्द्र ! अधिक मास आनेपर ... Read more - [13 - कार्तिक मासकी 'रमा' और 'प्रबोधिनी'एकादशीका माहात्म्य](https://namastesir.co.in/13-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0/): युधिष्ठिरने पूछा- जनार्दन ! मुझपर आपका स्नेह है; अतः कृपा करके बताइये। कार्तिकके कृष्णपक्षमें कौन-सी एकादशी होती है ? भगवान् श्रीकृष्ण बोले- राजन् ! कार्तिकके कृष्णपक्षमें जो परम कल्याणमयी एकादशी होती है, वह ‘रमा’ के नामसे विख्यात है। ‘रमा’ परम उत्तम है और बड़े-बड़े पापोंको हरनेवाली है। पूर्वकालमें मुचुकुन्द नामसे विख्यात एक राजा हो चुके हैं, जो भगवान् श्रीविष्णुके भक्त और सत्यप्रतिज्ञ थे। निष्कण्टक राज्यका शासन करते हुए उस राजाके यहाँ नदियोंमें श्रेष्ठ चन्द्रभागा कन्याके रूपमें उत्पन्न हुई। राजाने चन्द्रसेनकुमार शोभनके साथ उसका विवाह कर दिया। एक समयकी बात है, शोभन अपने ससुरके घर आये। उनके यहाँ दशमीका दिन आनेपर समूचे ... Read more - [12 - आश्विन मासकी 'इन्दिरा' और 'पापाङ्कुशा' एकादशीका माहात्य ](https://namastesir.co.in/%e0%a4%86%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%87%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%aa/): युधिष्ठिरने पूछा- मधुसूदन ! अब कृपा करके यह बताइये कि आश्विनके शुक्लपक्षमें किस नामकी एकादशी होती है ? भगवान् श्रीकृष्ण बोले- राजन् ! आश्विनके शुक्लपक्षमें जो एकादशी होती है, वह ‘पापाङ्कुशा’ के नामसे विख्यात है। वह सब पापोंको हरनेवाली: तथा उत्तम है। उस दिन सम्पूर्ण मनोरथकी प्राप्तिके लिये मनुष्योंको स्वर्ग और मोक्ष प्रदान करनेवाले पद्मनाभसंज्ञक मुझ वासुदेवका पूजन करना चाहिये । जितेन्द्रिय मुनि चिरकालतक कठोर तपस्या करके जिस फलको प्राप्त करता है, वह उस दिन भगवान् गरुड़ध्वजको प्रणाम करनेसे ही मिल जाता है। पृथ्वीपर जितने तीर्थ और पवित्र देवालय हैं, उन सबके सेवनका फल भगवान् विष्णुके नामकीर्तनमात्रसे मनुष्य प्राप्त कर लेता ... Read more - [10 - श्रावण मासकी 'कामिका' और 'पुत्रदा' एकादशीका माहात्म्य ](https://namastesir.co.in/ekadashi-ka-mahatmya-padhen-kamika-putrada/): युधिष्ठिरने पूछा- गोविन्द ! वासुदेव ! आपको नमस्कार है ! श्रावणके कृष्णपक्षमें कौन-सी एकादशी होती है ? उसका वर्णन कीजिये । भगवान् श्रीकृष्ण बोले- राजन् ! सुनो, मैं तुम्हें एक पापनाशक उपाख्यान सुनाता हूँ, जिसे पूर्वकालमें ब्रह्माजीने नारदजीके पूछनेपर कहा था। नारदजीने प्रश्न किया – भगवन् ! कमलासन ! मैं आपसे यह सुनना चाहता हूँ कि श्रावणके कृष्णपक्षमें जो एकादशी होती है, उसका क्या नाम है, उसके कौन-से देवता हैं तथा उससे कौन-सा पुण्य होता है ? प्रभो ! यह सब बताइये । ब्रह्माजीने कहा – नारद ! सुनो – मैं सम्पूर्ण लोकोंके हितकी इच्छासे * श्रावणे वर्जयेच्छाकं दधि भाद्रपदे तथा ... Read more - [09 - आषाढ़ मासकी 'योगिनी' और 'शयनी एकादशीका माहात्म्य](https://namastesir.co.in/ekadashi-ka-mahatmya-padhen-yogini-ekadashi/): युधिष्ठिरने पूछा- वासुदेव ! आषाढ़के कृष्णपक्षमें जो एकादशी होती है, उसका क्या नाम है ? कृपया उसका वर्णन कीजिये । भगवान् श्रीकृष्ण बोले- नृपश्रेष्ठ ! आषाढ़के कृष्णपक्षकी एकादशीका नाम ‘योगिनी’ है। यह बड़े-बड़े पातकोंका नाश करनेवाली है। संसारसागरमें डूबे हुए प्राणियोंके लिये यह सनातन नौकाके समान है। तीनों लोकोंमें यह सारभूत व्रत है। अलकापुरीमें राजाधिराज कुबेर रहते हैं। वे सदा भगवान् शिवकी भक्तिमें तत्पर रहनेवाले हैं। उनके हेममाली नामवाला एक यक्ष सेवक था, जो पूजाके लिये फूल लाया करता था। हेममालीकी पत्नी बड़ी सुन्दरी थी। उसका नाम विशालाक्षी था। वह यक्ष कामपाशमें आबद्ध होकर सदा अपनी पत्नीमें आसक्त रहता है। एक ... Read more - [08 - ज्येष्ठ मासकी 'अपरा' तथा 'निर्जला' एकादशीका माहात्म्य ](https://namastesir.co.in/namastesir-co-in-ekadashi-ka-mahatmya-padhen-2/): युधिष्ठिरने पूछा- जनार्दन ! ज्येष्ठके कृष्णपक्षमें किस नामकी एकादशी होती है ? मैं उसका माहात्म्य सुनना चाहता हूँ। उसे बतानेकी कृपा कीजिये । भगवान् श्रीकृष्ण बोले- राजन् ! तुमने सम्पूर्ण लोकोंके हितके लिये बहुत उत्तम बात पूछी है। राजेन्द्र ! इस एकादशीका नाम ‘अपरा’ है। यह बहुत पुण्य प्रदान करनेवाली और बड़े-बड़े पातकोंका नाश करनेवाली है। ब्रह्महत्यासे दबा हुआ, गोत्रकी हत्या करनेवाला, गर्भस्थ बालकको मारनेवाला, परनिन्दक तथा परस्त्रीलम्पट पुरुष भी अपरा एकादशीके सेवनसे निश्चय ही पापरहित हो जाता है। जो झूठी गवाही देता, माप-तोलमें धोखा देता, बिना जाने ही नक्षत्रोंकी गणना करता और कूटनीतिसे आयुर्वेदका ज्ञाता बनकर वैद्यका काम करता है- ... Read more - [07 - वैशाख मासकी 'वरूथिनी' और 'मोहिनी' एकादशीका माहात्म्य ](https://namastesir.co.in/07-%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%96-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%a5%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ae/): युधिष्ठिरने पूछा- वासुदेव ! आपको नमस्कार है। वैशाख मासके कृष्णपक्षमें किस नामकी एकादशी होती है ? उसकी महिमा बताइये। भगवान् श्रीकृष्ण बोले- राजन् ! वैशाख कृष्णपक्षकी एकादशी ‘वरूथिनी’ के नामसे प्रसिद्ध है। यह इस लोक और परलोकमें भी सौभाग्य प्रदान करनेवाली है। ‘वरूथिनी’ के व्रतसे ही सदा सौख्यका लाभ और पापकी हानि होती है। यह समस्त लोकोंको भोग और मोक्ष प्रदान करनेवाली है। ‘वरूथिनी’ के ही व्रतसे मान्धाता तथा धुन्धुमार आदि अन्य अनेक राजा स्वर्गलोकको प्राप्त हुए हैं। जो दस हजार वर्षोंतक तपस्या करता है, उसके समान ही फल ‘वरूथिनी’ के व्रतसे भी मनुष्य प्राप्त कर लेता है। नृपश्रेष्ठ ! घोड़ेके ... Read more - [06 - चैत्र मासकी 'पापमोचनी' तथा 'कामदा' एकादशीका माहात्म्य](https://namastesir.co.in/namastesir-co-in-ekadashi-ka-mahatmya-padhen/): युधिष्ठिरने पूछा – भगवन् ! फाल्गुन शुक्लपक्षकी आमलकी एकादशीका माहात्म्य मैंने सुना। अब चैत्र कृष्णपक्षकी एकादशीका क्या नाम है, यह बतानेकी कृपा कीजिये । भगवान् श्रीकृष्ण बोले- राजेन्द्र ! सुनो – मैं इस विषयमें एक पापनाशक उपाख्यान सुनाऊँगा, जिसे चक्रवर्ती नरेश मान्धाताके पूछनेपर महर्षि लोमशने कहा था। मान्धाता बोले- भगवन् ! मैं लोगोंके हितकी इच्छासे यह सुनना चाहता हूँ कि चैत्रमासके कृष्णपक्षमें किस नामकी एकादशी होती है ? उसकी क्या विधि है तथा उससे किस फलकी प्राप्ति होती है ? कृपया ये सब बातें बताइये । लोमशजीने कहा- नृपश्रेष्ठ ! पूर्वकालकी बात है, अप्सराओंसे सेवित चैत्ररथ नामक वनमें, जहाँ गन्धर्वोंकी कन्याएँ ... Read more - [05 - फाल्गुन मासकी 'विजया' तथा 'आमलकी' एकादशीका माहात्म्य](https://namastesir.co.in/ekadashi-ka-mahatgmya-padhen/): 05 – फाल्गुन मासकी ‘विजया’ तथा ‘आमलकी’ एकादशीका माहात्म्य युधिष्ठिरने पूछा- वासुदेव ! फाल्गुनके कृष्णपक्षमें किस नामकी एकादशी होती है ? कृपा करके बताइये । भगवान् श्रीकृष्ण बोले- युधिष्ठिर ! एक बार नारदजीने कमलके आसनपर विराजमान होनेवाले ब्रह्माजीसे प्रश्न किया – ‘सुरश्रेष्ठ ! फाल्गुनके कृष्णपक्षमें जो ‘विजया’ नामकी एकादशी होती है, कृपया उसके पुण्यका वर्णन कीजिये ।’ ब्रह्माजीने कहा – नारद ! सुनो – ‘मैं एक उत्तम कथा सुनाता हूँ, जो पापोंका अपहरण करनेवाली है। यह व्रत बहुत ही प्राचीन, पवित्र और पापनाशक है। यह ‘विजया’ नामकी एकादशी राजाओंको विजय प्रदान करती है, इसमें तनिक भी संदेह नहीं है। पूर्वकालकी बात ... Read more - [04 - माघ मासकी 'षट्तिला' और 'जया' एकादशीका माहात्म्य ](https://namastesir.co.in/04-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%98-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b7%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a4%af%e0%a4%be/): 04 – माघ मासकी ‘षट्तिला’ और ‘जया’ एकादशीका माहात्म्य  युधिष्ठिरने पूछा- जगन्नाथ ! श्रीकृष्ण ! आदिदेव ! जगत्पते ! माघ मासके कृष्ण पक्षमें कौन-सी एकादशी होती है ? उसके लिये कैसी विधि है ? तथा उसका फल क्या है ? महाप्राज्ञ ! कृपा करके ये सब बातें बताइये । श्रीभगवान् बोले- नृपश्रेष्ठ ! सुनो, माघ मासके कृष्ण पक्षकी जो एकादशी है, वह ‘षट्तिला’के नामसे विख्यात है, जो सब पापोंका नाश करनेवाली है। अब तुम ‘षट्तिला’की पापहारिणी कथा सुनो, जिसे मुनिश्रेष्ठ पुलस्त्यने दाल्भ्यसे कहा था। दाल्भ्यने पूछा- ब्रह्मन् ! मृत्युलोकमें आये हुए प्राणी प्रायः पापकर्म करते हैं। उन्हें नरकमें न जाना पड़े, ... Read more - [03 - पौष मासकी 'सफला' और 'पुत्रदा' नामक एकादशीका माहात्म्य](https://namastesir.co.in/putrada-ekadashi-ka-mahatmya-padhe/): 03 – पौष मासकी ‘सफला’ और ‘पुत्रदा’ नामक एकादशीका माहात्म्य युधिष्ठिरने पूछा- स्वामिन् ! पौष मासके कृष्णपक्षमें जो एकादशी होती है, उसका क्या नाम है ? उसकी क्या विधि है तथा उसमें किस देवताकी पूजा की जाती है ? यह बताइये । भगवान् श्रीकृष्णने कहा- राजेन्द्र ! बतलाता हूँ, सुनो; बड़ी-बड़ी दक्षिणावाले यज्ञोंसे भी मुझे उतना संतोष नहीं होता, जितना एकादशी- व्रतके अनुष्ठानसे होता है। इसलिये सर्वथा प्रयत्न करके एकादशीका व्रत करना चाहिये। पौष मासके कृष्णपक्षमें ‘सफला’ नामकी एकादशी होती है। उस दिन पूर्वोक्त विधानसे ही विधिपूर्वक भगवान् नारायणकी पूजा करनी चाहिये । एकादशी कल्याण करनेवाली है। अतः इसका व्रत अवश्य ... Read more - [02 - मार्गशीर्ष शुक्लपक्षकी 'मोक्षा' एकादशीका माहात्म्य](https://namastesir.co.in/02-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%97%e0%a4%b6%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%95%e0%a5%80/): 02 – मार्गशीर्ष शुक्लपक्षकी ‘मोक्षा’ एकादशीका माहात्म्य युधिष्ठिर बोले- देवदेवेश्वर ! मैं पूछता हूँ- मार्गशीर्ष मासके शुक्लपक्षमें जो एकादशी होती है, उसका क्या नाम है ? कौन-सी विधि है तथा उसमें किस देवताका पूजन किया जाता है ? स्वामिन् ! यह सब यथार्थरूपसे बताइये । श्रीकृष्णने कहा- नृपश्रेष्ठ ! मार्गशीर्ष मासके कृष्णपक्षमें ‘उत्पत्ति’ नामकी एकादशी होती है, जिसका वर्णन मैंने तुम्हारे समक्ष कर दिया है। अब शुक्लपक्षकी एकादशीका वर्णन करूँगा, जिसके श्रवणमात्रसे वाजपेय यज्ञका फल मिलता है। उसका नाम है- ‘मोक्षा’ एकादशी, जो सब पापोंका अपहरण करनेवाली है। राजन् ! उस दिन यत्नपूर्वक तुलसीकी मञ्जरी तथा धूप-दीपादिसे भगवान् दामोदरका पूजन करना ... Read more - [01 - एकादशीके जया आदि भेद, नक्तव्रतका स्वरूप, एकादशीकी विधि, उत्पत्ति - कथा और महिमाका वर्णन](https://namastesir.co.in/ekadashi-mahatmya-ekadashi-mahatmya/): 01 – एकादशीके जया आदि भेद, नक्तव्रतका स्वरूप, एकादशीकी विधि, उत्पत्ति – कथा और महिमाका वर्णन नारदजीने पूछा- महादेव ! महाद्वादशी (एकादशी) का उत्तम व्रत कैसा होता है। सर्वेश्वर प्रभो ! उसके व्रतसे जो कुछ भी फल प्राप्त होता है, उसे बतानेकी कृपा कीजिये । महादेवजीने कहा- ब्रह्मन् ! यह एकादशी महान् पुण्यफलको देनेवाली है। श्रेष्ठ मुनियोंको भी इसका अनुष्ठान करना चाहिये। विशेष-विशेष नक्षत्रोंका योग होनेपर यह तिथि जया, विजया, जयन्ती तथा पापनाशिनी- इन चार नामोंसे विख्यात होती है। ये सभी पापोंका नाश करनेवाली हैं। इनका व्रत अवश्य करना चाहिये। जब शुक्लपक्षकी एकादशीको ‘पुनर्वसु’ नक्षत्र हो तो वह उत्तम तिथि ‘जया’ ... 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Read more - [EARTH ATMOSPHERIC OCEAN AND PLANETARY SCIENCES - 702-Solved Paper-02-Mar-2025 Batch : 09:00-12:00](https://namastesir.co.in/earth-atmospheric-ocean-and-planetary-sciences-702-solved-paper-02-mar-2025-batch-0900-1200/): EARTH ATMOSPHERIC OCEAN AND PLANETARY SCIENCES – 702-Solved Paper-02-Mar-2025 Batch : 09:00-12:00 Interactive Paper Solution Full Paper Score: 0 / 20 Exam Date: 09 Jan 2026 1 एक बंदर, प्रत्येक कूद में भूमि पर ठीक 10 मीटर की दूरी तय करता है। जहां से बंदर ने पहली कूद मारी वहां से एक मीटर की दूरी तक पहुंचने में कूदों की न्यूनतम संख्या क्या होगी? A monkey covers exactly 10 m on ground in each jump. What is the least number of jumps required to reach a distance 1 m away from where the monkey jumps first? 1. 1 2. 2 3. ... 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Read more - [परावर्त्य योजयेत्](https://namastesir.co.in/%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a4%af%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a5%8d-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d/): वैदिक गणित में बहुपद विभाजन की सरल विधि परावर्त्य योजयेत् – वैदिक गणित विभाजन परावर्त्य योजयेत् वैदिक गणित में बहुपद विभाजन की सरल विधि परिचय प्रक्रिया उदाहरण लाभ सुझाव कैलकुलेटर परावर्त्य योजयेत् क्या है? परावर्त्य योजयेत् का शाब्दिक अर्थ है ‘पक्षांतरण करें और समायोजित करें’ अर्थात् ‘Transpose and Apply’। यह वैदिक गणित का एक अत्यंत महत्वपूर्ण सूत्र है जो बहुपद विभाजन (Polynomial Division) को बेहद सरल और तीव्र बना देता है। मूल सिद्धांत भाजक (Divisor) के पदों का चिन्ह बदल दिया जाता है (Signs are changed) घटाने की जटिल प्रक्रिया को जोड़ने की सरल प्रक्रिया में रूपांतरित कर दिया जाता है ... Read more - [By-parāvartya yojayet-Divide- (2x4−5x3+2x2+5x−10)(x2+4x−2)](https://namastesir.co.in/paravartya-divide-2x4%e2%88%925x32x25x%e2%88%9210x24x%e2%88%922/): Vedic Math Analysis Vedic Math Analysis Core Principle / Theory इस प्रश्न के लिए ‘परावर्त्य योजयेत्’ (Paravartya Yojayet) सूत्र का उपयोग किया गया है, जिसका अर्थ है ‘पक्षांतरण करें और लागू करें’ (Transpose and Apply)। बीजगणित में, यह विधि तब अत्यंत उपयोगी होती है जब भाजक (Divisor) एक बहुपद हो। इसका मूल सिद्धांत यह है कि हम भाजक के गुणांकों के चिह्न बदल देते हैं (जैसे + को – और – को +), जिससे विभाजन की कठिन प्रक्रिया, गुणा और जोड़ की सरल प्रक्रिया में बदल जाती है। यह विधि लंबी विभाजन विधि (Long Division) की तुलना में बहुत तेज़ और ... Read more - [Divide: (x4+x3+7x2−6x+8)(x2−x+1)](https://namastesir.co.in/divide-x4x37x2%e2%88%926x8x2%e2%88%92x1/): Vedic Math Analysis Vedic Math Analysis Core Principle / Theory ‘परावर्त्य योजयेत्’ (Paravartya Yojayet) वैदिक गणित का एक शक्तिशाली सूत्र है, जिसका अर्थ है ‘पक्षांतरण करें और लागू करें’ (Transpose and Apply)। बहुपद विभाजन (Polynomial Division) में, यह विधि भाजक (Divisor) के गुणांकों के चिह्न बदलकर (Sign Change) विभाजन को सरल जोड़ और गुणा की प्रक्रिया में बदल देती है। यह विधि विशेष रूप से तब उपयोगी होती है जब भाजक x-1 या x+1 के रूप में न होकर द्विघात (Quadratic) या उच्चतर घात का हो। वैदिक विधि: परावर्त्य योजयेत् Steps: चरण 1: भाजक (Divisor) x² – x + 1 है। ... Read more - [parāvartya yojayet-Divide: (2x3+3x2−4x+15)(x+3)](https://namastesir.co.in/paravartya-yojayet-divide-2x33x2%e2%88%924x15x3/): Vedic Math Analysis Vedic Math Analysis Core Principle / Theory परावर्त्य योजयेत् (Paravartya Yojayet) वैदिक गणित का एक शक्तिशाली सूत्र है, जिसका अर्थ है ‘पक्षांतरण करें और लागू करें’ (Transpose and Apply)। बीजगणित में, जब हम किसी बहुपद को (x + a) या (x – a) जैसे भाजक से विभाजित करते हैं, तो हम स्थिरांक का चिन्ह बदल देते हैं (जैसे +3 को -3 में) और फिर लंबी विभाजन प्रक्रिया के बजाय केवल गुणा और जोड़ का उपयोग करते हैं। यह विधि सिंथेटिक डिवीजन (Synthetic Division) के समान है लेकिन अधिक व्यापक है। परावर्त्य विधि द्वारा हल Steps: चरण 1: भाज्य ... Read more - [Divide by Vedic Method-(3x5−7x4+5x3−2x2+8x−12)/(x2+2x−3)](https://namastesir.co.in/divide-by-vedic-3x5%e2%88%927x45x3%e2%88%922x28x%e2%88%9212x22x%e2%88%923/): Vedic Math Analysis Vedic Math Analysis Core Principle / Theory वैदिक गणित का ‘परावर्त्य योजयेत्’ (Paravartya Yojayet) सूत्र बीजगणितीय विभाजन के लिए अत्यंत शक्तिशाली है। इसका शाब्दिक अर्थ है ‘पक्षांतरण करें और लागू करें’ (Transpose and Apply)। इस विधि में, हम भाजक (Divisor) के पदों के चिह्नों को बदल देते हैं (परावर्त्य) और फिर भाग की जटिल प्रक्रिया को सरल गुणा और जोड़ (योजयेत्) में बदल देते हैं। यह विधि लंबी विभाजन प्रक्रिया (Long Division) की तुलना में बहुत तेज और त्रुटि-मुक्त है। परावर्त्य योजयेत् विधि द्वारा हल Steps: चरण 1: भाजक (Divisor) $x^2 + 2x – 3$ है। पहले पद ... Read more - [Parāvartya-Yojayet-Divide-782623/11](https://namastesir.co.in/vaidikvidhi-paravartya-yojayet-division-782623-11/): Vedic Math Analysis Vedic Math Analysis Core Principle / Theory ‘परावर्त्य योजयेत्’ इति वैदिकगणितस्य एकं महत्त्वपूर्णं सूत्रमस्ति। अस्य शाब्दिकः अर्थः ‘परिवर्तनं कृत्वा योजयेत्’ (Transpose and Apply) इति। यदा भाजकः (Divisor) आधारसंख्यायाः (यथा १०, १००, १०००) किञ्चित् अधिकः भवति, तदा अस्य सूत्रस्य प्रयोगः क्रियते। अस्मिन् विधौ भाजकस्य विचलनं (Deviation) ज्ञात्वा तस्य चिह्नं परिवर्त्य (धनं ऋणं वा कृत्वा) भाज्यस्य अङ्कैः सह योगः क्रियते। एषा पद्धतिः बहुपदीयविभाजने (Polynomial Division) अपि अतीव उपयोगिनी अस्ति। वैदिकविधिः (परावर्त्य योजयेत्) – उदाहरणार्थं भाजकः ११ Steps: अस्मिन् प्रश्ने भाजकः न निर्दिष्टः, अतः विधिं स्पष्टयितुं वयं ‘११’ इति भाजकत्वेन स्वीकुर्मः। १. भाजकः = ११, आधारः = १०। विचलनम् = +१। ... Read more - [Parāvartya-yojayet-Divide-572648/156](https://namastesir.co.in/paravartya-yojayet-divide-572648-156/): Vedic Math Analysis Vedic Math Analysis Core Principle / Theory ‘परावर्त्य योजयेत्’ इति वैदिकगणितस्य प्रमुखं सूत्रमस्ति। अस्य अर्थः ‘परिवर्तनं कृत्वा योजयेत्’ (Transpose and Apply) इति। यदा भाजकः (Divisor) आधारसंख्यायाः (Base – १०, १००, १०००…) समीपे भवति, तदा अस्य सूत्रस्य प्रयोगः अतीव सरलः भवति। अस्मिन उदाहरणे भाजकः १५६ अस्ति, यः १०० (आधारः) तः अधिकः अस्ति। अतः अत्र विचलनस्य चिह्नानि परिवर्त्य भागक्रिया क्रियते। परावर्त्य-योजयेत्-विधिना विभाजनम् Steps: १. भाजकः १५६ अस्ति। आधारः १०० स्वीक्रियते। २. विचलनं +५६ अस्ति। ‘परावर्त्य’ नियमानुसारं ५ तथा ६ अङ्कयोः चिह्नानि परिवर्तयन्तु। अतः परिवर्तकाः (Adjusted digits) -५, -६ ($ar{5}, ar{6}$) भवन्ति। ३. भाज्यं ५७२६४८ अस्ति। आधारस्य (१००) शून्यद्वयकारणात् अन्तिमौ द्वौ ... Read more - [परावर्त्य योजयेत् विधि द्वारा हल-Divide: 14,527/34](https://namastesir.co.in/%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a4%af%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a5%8d-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%bf-%e0%a4%a6/): Vedic Math Analysis Vedic Math Analysis Core Principle / Theory ‘परावर्त्य योजयेत्’ (Paravartya Yojayet) वैदिक गणित का एक महत्वपूर्ण सूत्र है, जिसका अर्थ है ‘पक्षांतरण करें और संयोजित करें’ (Transpose and Apply)। विभाजन के संदर्भ में, इसका उपयोग तब किया जाता है जब भाजक (Divisor) आधार संख्या (जैसे 10, 100) से थोड़ा बड़ा हो, या सामान्य विभाजन में भाजक के इकाई अंकों के चिन्ह को बदलकर गणना को सरल बनाने के लिए किया जाता है। इस विधि में, हम भाजक के मुख्य अंक को छोड़कर शेष अंकों का चिन्ह बदल देते हैं (जैसे +4 को -4) और फिर गुणा और जोड़ ... Read more - [वैदिक-विधिः (परावर्त्य योजयेत्)-Divide: 7,826/23](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%83-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%af%e0%a5%8b/): Vedic Math Analysis Vedic Math Analysis Core Principle / Theory ‘परावर्त्य योजयेत्’ इति वैदिकसूत्रस्य आधारेण इदं विभाजनं क्रियते। अस्य सूत्रस्य अर्थः अस्ति – ‘परिवर्तनं कृत्वा योजयतु’ (Transpose and Apply)। अस्मिन् विधौ भाजकस्य मुख्याङ्कं विहाय अन्येषां अङ्कानां चिह्नानि परिवर्त्य (धनात्मकं ऋणात्मकं कृत्वा) भाज्येन सह योज्यते। एषा पद्धतिः दीर्घविभाजनप्रक्रियां सरलीकरोति, विशेषतः यदा भाजकः आधारसंख्यायाः (Base) समीपे न भवति तदा अपि ‘ध्वजाङ्क’ विधिना सह मिश्रितं कृत्वा अस्य प्रयोगः सङ्ख्यानां शीघ्रगणनायै भवति। वैदिक-विधिः (परावर्त्य योजयेत्) Steps: प्रथमं भाजकः २३ अस्ति। अत्र ‘२’ मुख्याङ्कः (Operator) तथा ‘३’ ध्वजाङ्कः (Flag) इति मन्यताम्। परावर्त्य नियमानुसारं ध्वजाङ्कस्य ‘३’ इत्यस्य चिह्नं परिवर्त्य ‘-३’ (Modified Flag) इति स्वीक्रियते। भाज्यम् ७८२६ अस्ति। ... 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Read more - [PDF OCR Text Extractor](https://namastesir.co.in/pdf-ocr-text-extractor/): PDF OCR Text Extractor 📄 PDF OCR Text Extractor Extract text from scanned PDFs and images using advanced OCR technology 📁 Drop PDF files here or click to browse your computer Select PDF Files Supports multiple PDF files ⚙️ OCR Settings Recognition Language EnglishHindi (हिन्दी)SpanishFrenchGermanArabicChinese SimplifiedJapaneseRussianPortuguese Rendering Quality Standard (Fast)High (Recommended)Very High (Slow) Max Pages per File 🚀 Start OCR Processing ❌ Cancel & Reset Processing PDFs… 0% 0% Initializing… Total Pages 0 Words Extracted 0 Characters 0 📋 Copy All Text 💾 Download as TXT 🔄 New Process - [IMAGE RESIZER WEB APP](https://namastesir.co.in/image-resizer-web-app/): Advanced Image Resizer Image Resizer Pro Click or Drag & Drop Image Here to Begin 1. Crop & Resize Width (px) Height (px) Lock Crop Aspect Ratio You can enter values larger than the original to upscale the image. 2. 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Roman Input Clear Translate Devanagari Output Grammar Guide The engine now automatically converts n or m before a consonant into an anusvara (ं). sanskrit → संस्कृत | hindi → हिंदी | sanyog → संयोग For explicit anusvara, use uppercase M. - [भारत -वंदना - सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'](https://namastesir.co.in/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4-%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0/): जीवन परिचय सूर्यकांत त्रिपाठी निराला का जन्म बंगाल के महिषादल राज्य के अंतर्गत मेदनीपुर जनपद में 1896 ई० में हुआ था। इनके पूर्वज उत्तर-प्रदेश के उन्नाव जनपद के गढ़कोला गाँव के निवासी थे, जो खेती-बाड़ी का काम करते थे। इनके पिता पं० रामसहाय त्रिपाठी महिषादल राज्य में नौकरी प्राप्त कर स्थाई रूप से वहीं बस गए।’निराला’ जी का माता-पिता द्वारा दिया गया नाम सूर्यकुमार था, जिसे काव्य-क्षेत्र में पदार्पण के बाद इन्होंने सूर्यकांत के रूप में बदल दिया। अपने निरालेपन को दिखाने के लिए इन्होंने’ निराला’ उपनाम को भी अपने नाम के साथ जोड़ लिया। तीन वर्ष की अल्प आयु में ... Read more - [टाटा मोटर्स जीएसटी कटौती का पूरा लाभ ग्राहकों को देगी](https://namastesir.co.in/%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%9f%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%9f%e0%a5%8c%e0%a4%a4%e0%a5%80/): भारत की अग्रणी ऑटोमोटिव निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स ने आज घोषणा की कि वह अपनी कारों और एसयूवी पर हाल ही में की गई जीएसटी कटौती का पूरा लाभ ग्राहकों को देगी। यह कटौती 22 सितंबर 2025 से प्रभावी होगी, जिस दिन संशोधित जीएसटी दरें लागू होंगी। यह घोषणा करते हुए, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शैलेश चंद्रा ने कहा,कहा, “22 सितंबर 2025 से प्रभावी, यात्री वाहनों पर जीएसटी में कमी एक प्रगतिशील और समयोचित निर्णय है जो पूरे भारत में लाखों लोगों के लिए व्यक्तिगत परिवहन को और अधिक सुलभ बनाएगा। ... Read more - [HIGHER EDUCATION DEPARTMENT MP SYLLABUS FROM ONWARDS 2025-26](https://namastesir.co.in/higher-education-department-mp-syllabus-from-onwards-2025-26/): FROM SESSION 2025-26 SYLLABUS PAGE MP HIGHER EDUCATION https://www.highereducation.mp.gov.in/?page=JUL9t1LHqftaDqryEIQFtg%3D%3D SYLLABUS PAGE FOR FIRST YEAR from 2025-26 https://highereducation.mp.gov.in/?page=E6xLRH%2F5NqUr1GVNP3%2BI4A%3D%3D&leftid=JUL9t1LHqftaDqryEIQFtg%3D%3D FOR PG COURSES from 2025-26 https://highereducation.mp.gov.in/?page=gdmYTNSfBKXJ9ObkEdq7%2BA%3D%3D&leftid=JUL9t1LHqftaDqryEIQFtg%3D%3D राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति 2020 अध्‍यादेश क्रमांक 14 (1) अनुसार स्‍नातक प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम सत्र 2025-26 से लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति के परिप्रेक्ष्य में सत्र 2025-26 से स्नातक प्रथम वर्ष के लिए जारी पाठ्यक्रम कार्यालय आयुक्त उच्च शिक्षा द्वारा जारी निर्देश  नोट:- राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति 2020 अध्‍यादेश क्रमांक 14 (1) अनुसार स्‍नातक प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम सत्र 2025-26 से लागू 1. मुख्य एवं गौण विषय  2. मल्टीडिसिप्लिनरी विषय 3. अन्‍य वैकल्पिक विषय 4. व्‍यावसायिक पाठ्यक्रम     5. आधार पाठ्यक्रम ... Read more - [MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 II प्रश्नपत्र व्याख्या सहित हल](https://namastesir.co.in/mppsc-ap-hindi-exam-date-09-06-2024-paper-solve/): द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी  Series: SET-B  परीक्षा तिथि 09/06/2024 MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 II प्रश्नपत्र व्याख्या सहित हल द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी Series: SET-B परीक्षा तिथि 09/06/2024 MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 II प्रश्नपत्र व्याख्या सहित हल द्वितीय प्रश्न पत्र हिंदी Series: SET-B परीक्षा तिथि 09/06/2024 Loading… - [MPPSC- State Engineering Service  2022 - MPPSC](https://namastesir.co.in/mppsc-state-engineering-service-2022-mppsc/): MPPSC- State Engineering Service  2022 – MPPSC MOCK TEST SERIES-MPPSC GS PAPER MPPSC- State Engineering Service 2022 – MPPSC MPPSC- State Engineering Service 2022 – MPPSC Loading… - [MPPSC-UNANI MEDICAL-2021- GS-PAPER](https://namastesir.co.in/mppsc-unani-medical-2021-gs-paper/): MPPSC-UNANI MEDICAL-2021- GS-PAPER MPPSC-UNANI MEDICAL-2021- GS-PAPER MPPSC-UNANI MEDICAL-2021- GS-PAPER Loading… - 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[MOCK TEST उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग परीक्षा 2016 सहायक प्रोफेसर हिंदी](https://namastesir.co.in/mock-test-up-%e0%a4%89%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a4%a4%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97/): MOCK TEST उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग परीक्षा 2016 सहायक प्रोफेसर हिंदी MOCK TEST उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग परीक्षा 2016 सहायक प्रोफेसर हिंदी MOCK TEST उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग परीक्षा 2016 सहायक प्रोफेसर हिंदी Loading… - [मॉक टेस्ट-यूजीसी नेट हिंदी पेपर 02- EXAM DATE-27-08-2024](https://namastesir.co.in/ugc-net-hindi-%e0%a4%ae%e0%a5%89%e0%a4%95-%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f-exam-date-27-08-2024/): UGC NET HINDI MOCK TEST मॉक टेस्ट-यूजीसी नेट हिंदी पेपर 02-Test Date- 27/08/2024 मॉक टेस्ट-यूजीसी नेट हिंदी पेपर 02-Test Date- 27/08/2024 Loading… - [UGC NET MOCK TEST ONLINE & FREE](https://namastesir.co.in/ugc-net-mock-test-online-free-practice-more/): UGC NET MOCK TEST SERIES BY NAMASTESIR.CO.IN - [UGC NET HINDI MOCK TEST SERIES FREE](https://namastesir.co.in/ugc-net-hindi-mock-test-series-free-fine/): UGC NET HINDI यूजीसी नेट हिंदी मॉक टेस्ट-प्रश्न पत्र द्वितीय-पिछले प्रश्नपत्रों पर आधारित यूजीसी नेट हिंदी मॉक टेस्ट-प्रश्न पत्र द्वितीय-पिछले प्रश्नपत्रों पर आधारित - [UGC NET-MOCK TEST- FIRST GENERAL PAPER](https://namastesir.co.in/mock-test-ugc-net-first-general-paper-practice-it/): UGC NET MOCK TEST मॉक टेस्ट-यूजीसी नेट प्रथम सामान्य प्रश्न पत्र मॉक टेस्ट-यूजीसी नेट प्रथम सामान्य प्रश्न पत्र - [प्रेमचंद का परिचय और उनके उपन्यास](https://namastesir.co.in/munshi-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%ae%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%a6-ka-parichay-aur-unke-upanyas/): प्रेमचंद का परिचय और उनके उपन्यास (Credit – IGNOU) प्रस्तावना प्रेमचंद हिंदी साहित्य के महत्वपूर्ण रचनाकार हैं। उन्होंने उर्दू और हिंदी दोनों भाषाओं में साहित्य सर्जन किया है। वे मुख्यतः कथाकार हैं। उन्होंने सेवासदन, रंगभूमि, गोदान आदि महत्वपूर्ण उपन्यासों की रचना की। पंचपरमेश्वर, दो बैलों की कथा, सवासेर गेहूँ, शतरंज के खिलाड़ी, पूस की रात, कफन आदि उनकी चर्चित कहानियाँ हैं। उन्होंने हिंदी में तीन नाटकों की भी रचना की। ‘हंस’ और ‘जागरण’ पत्रिकाओं का संपादन किया। हिंदी उपन्यास के क्षेत्र में प्रेमचंद का आगमन युगांतकारी महत्त्व रखता है। उनके लेखन से हिंदी उपन्यास को एक नई दिशा मिली। उन्होंने हिंदी ... Read more - [UGC REGULATIONS ON Two Degrees, Double Advantage!](https://namastesir.co.in/ugc-regulations-on-two-degrees-double-advantage/): Dual Degree Regulation By UGC अब तक एक साथ दो डिग्रियां करना गैरकानूनी माना जाता था। किंतु नहीं शिक्षा नीति 2020 के पश्चात यूजीसी ने इसमें बहुत सारे बदलाव किए हैं और उसके साथ ही अब नयै रेगुलेशंस के अनुसार एक साथ एक ही संस्थान से दो डिग्रियां रेगुलर मोड में की जा सकती हैं। बशर्ते कि समय का प्रबंधन और उसके परीक्षा की दिनांक की जिम्मेदारी डिग्री में अध्ययन करने वाले की होगी कि वे एक ही समय न आ जायें।इसके पश्चात एक नियमित और दूसरी ओपन और डिस्टेंस मोड में भी की जा सकती है। अथवा तो दोनों डिग्रियां ... Read more - [योग में मुद्रा और बंध की अवधरणा प्रकार एवं प्रयोग](https://namastesir.co.in/yoga-me-mudra-aur-bandh-%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a7-ki-avdharna-prakar/): Credit : nios  मुद्रा और बंध (MUDRA AUR BANDHA IN YOGA) मुद्रा और बंध के अभ्यास को आसन और प्राणायाम के अभ्यास से अधिक प्रभावशाली माना गया है। अतः वे लोग जो आसन और प्राणायाम करने में असमर्थ हैं वे अपने स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए मुद्रा और बंध से लाभ उठा सकते हैं। योग में, इन्हें प्राण ऊर्जा अर्थात् प्राणाधार ऊर्जा को नियंत्रित करने के लिए उपयोग किया जाता है  मुद्रा और बंध मन में स्थिरता लाते हैं। वे आसनों की तुलना में बहुत गहरे और सूक्ष्म स्तर पर काम करते हैं। वे तत्वों को संतुलित करते हैं और ... Read more - [सूर्यनमस्कार-SURYANAMASKAR](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b8%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-suryanamaskar/): व्यायाम की आवश्यकता तथा उसके मूलतत्व योगिक अभ्यास (व्यायाम ) की आवश्यकता : श्री योग वशिष्ठ मा रामायण नामक महान ग्रंथ में भगवान श्री राम के गुरु महर्षि वशिष्ठ जी उन्हें समझाते हुए कहते हैं की है राम जी व्यायाम के बिना या इसे और शुद्ध करके कहें तो योग-अभ्यास के बिना शरीर स्वस्थ और बलवान नहीं रह सकता। मनुष्य को स्वास्थ्य, सामर्थ्य तथा दीर्घायु की प्राप्ति के लिए शारीरिक व्यायाम की सदैव आवश्यकता रहती है और अब भी है। आजकल  तो यह अनिवार्य ही है, क्योंकि इसके द्वारा वे इस वर्तमान समय के कठिन जीवन-संग्राम मे अपनी, अपने सम्प्रदाय तथा ... Read more - [WESTERN LOGIC-Q&A-2023-2024 Questions](https://namastesir.co.in/indian-logic-question-and-answers-2023-2024/): UGCNET-SHIFT-02-SET-Z-18062024-PAPER-I-(GENERAL PAPER) Q.35. Which fallacy is committed in the following statement?  “Tarun cannot be guilty of murder since there is no way, Tarun could kill someone.”  (1) Hasty Generalisation  (2) Slippery Slope (3) Begging the Question  (4) Inappropriate Authority  निम्नलिखित कथन में कौन सा तर्क दोष निहित है?  “तरुण हत्या का दोषी नहीं हो सकता है क्योंकि ऐसा हो ही नहीं सकता कि तरुण किसी को मार सके।”  (1) अविचारित सामान्यीकरण  (2) फिसलन युक्त ढलान  (3) आत्माश्रय दोष  (4) अनुपयुक्त प्राधिकार  (UGCNET- EXAM-JUNE-2024-FIRST(GENERAL)PAPER,DATE-18-06-2024,SHIFT-II- SET-Z) उत्तर  –   (3) आत्माश्रय दोष (Begging the Question ) The fallacy committed in the statement “Tarun ... Read more - [INDIAN LOGIC-Logical Reasoning- Q&A 2023-24](https://namastesir.co.in/indian-logic-qa-2023-2024/): 13-JUNE-2023-Shift-02 18. ‘Fire is cold because it is substance’ represents which of the following Hetvabhase?  ‘आग ठंडी है क्योंकि यह एक द्रव्य है’ यह निम्नलिखित में से कौन-सा हेत्वाभास दर्शाता है?  (a) Viruddha/विरुद्ध  (b) Badhita/बाधित  (c) Asiddha/असिद्ध  (d) Savyabhichara/सव्यभिचार  Ans. (b) : “आग ठंडी है, क्योंकि यह एक द्रव्य है- एक  उदाहरण है जिसमें से एक हेत्वाभास (अनुमान की गिरावट) है।  अतः यह बाधित (गैर-अनुमानिक अंत विरोधी मध्य) हेत्वाभास है। बाधित हेत्वाभास में गिरावट में एक मजबूत स्त्रोत द्वारा विरोधाभास होना शामिल है जो सीधे बचाव को रोकता है।  19. When inference is based not on Causation but on Uniformity of ... Read more - [भारतीय तर्कशास्त्र-PART-06-अनुपलब्धि-शब्द ](https://namastesir.co.in/indian-logic-part-06-anuplabdhi-shabda/): अनुपलब्धि प्रमाण (Non-Apprehension) :  अनुपलब्धि प्रमाण का अर्थ एवं स्वरूप अनुपलब्धि का शाब्दिक अर्थ है जो उपलब्ध न हो अर्थात् जिसकी उपलब्धि (ज्ञान) का अभाव हो उसे ही अनुपलब्धि कहते हैं। प्रमाण के रूप में अनुपलब्धि का प्रमुख कार्य अभाव को ग्रहण करना है। प्रमुख मीमांसक आचार्य ‘पार्थसारथी मिश्र ने ‘शास्त्रदीपिका’ में उल्लिखित किया है कि “भट्टमीमांसा में सर्वप्रथम अनुपलब्धि नामक स्वतंत्र प्रमाण को स्वीकार किया गया जिससे अनुपलब्धि प्रमा का ज्ञान होता है। कालान्तर में अद्वैत वेदान्त में भी इसे स्वतंत्र प्रमाण माना गया। ज्ञातव्य है कि मीमांसा और अद्वैत वेदान्त में अनुपलब्धि के अतिरिक्त प्रत्यक्ष, अनुमान, शब्द, उपमान और ... Read more - [भारतीय तर्कशास्त्र-PART-05-उपमान -अर्थापत्ति](https://namastesir.co.in/indian-logic-part-05-upmaan-arthapatti/): 02. उपमान प्रमाण  (COMPARISION) :  उपमान प्रमाण (उपमितिकरणम् से उत्पद्यते पर्यन्त) उपमितिकरणमुपमानम्। संज्ञासंज्ञिसम्बन्धज्ञानमुपमितिः ।  तत्करणं सादृश्यज्ञानम् । अतिदेशवाक्यार्थस्मरणमवान्तरव्यापारः ।  तथा हि- कश्चिद् गवयशब्दार्थमजानन् कुतश्चिदारण्यकपुरुषात् ‘गोसदृशो गवयः’ इति श्रुत्वा, वनं गतो वाक्यार्थं स्मरन् गोसदृशं पिण्डं पश्यति।  तदनन्तरम् ‘असौ गवयशब्दवाच्यः’ इत्युपमितिरुत्पद्यते । व्याख्या : तर्कसंग्रहकार आचार्य अन्नम्भट्ट प्रत्यक्ष एवं अनुमान प्रमाण का निरूपण करने के उपरान्त तृतीय प्रमाण ‘उपमान’ का विवेचन प्रारम्भ करते हैं। उपमान का लक्षण करते हुए उनका कथन है ‘उपमितिकरणम् उपमानम्’ अर्थात् उपमिति का करण उपमान कहलाता है। यहाँ करण का अर्थ असाधारण कारण है। उपमिति ज्ञान की उत्पत्ति में उपमान ही वह असाधारण कारण होता है जिसका प्रयोग करने पर उपमिति ... Read more - [भारतीय तर्कशास्त्र-PART-04-हेत्वाभास](https://namastesir.co.in/indian-logic-part-04-hetwabhasa/): हेत्वाभास : हेत्वाभास के 5 प्रकार सव्यभिचारविरुद्धसत्प्रतिपक्षासिद्धबाधिताः पञ्च हेत्वाभासाः । व्याख्या : अनुमान प्रमाण का स्वरूप निरुपित करने के उपरान्त आचार्य अन्नम्भट्ट अनुमान के ही अंगभूत ‘हेत्वाभास’ का विवेचन प्रारम्भ करते हैं। न्याय-वैशेषिक दर्शन में हेत्वाभास यद्यपि असद् हेतु हैं तथापि ये हेतु या सद्हेतु के ही अंग हैं, अतः हेतुज्ञान की पूर्णता तथा अनुचित हेतु के प्रयोग से बचने एवं वाद की प्रकिया में विपक्षी द्वारा ऐसा हेतु का प्रयोग करने पर उसके सिद्धान्त का खण्डन करके उसे परास्त करने के हेत्वाभास के स्वरूप एवं उसके प्रकारों का ज्ञान आवश्यक है। ‘हेतुवद् आभासन्ते ते हेत्वाभासः’ अर्थात् वह हेतु जो सद् ... Read more - [भारतीय तर्कशास्त्र-PART-03-अनुमान की व्याप्ति](https://namastesir.co.in/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-indian-logic-part-03/): अनुमान की व्याप्ति :  अनुमान प्रमाण (अनुमितिकरणम् से इति बाधित्वम् पर्यन्त) अनुमितिकरणमनुमानम्। परामर्शजन्यं ज्ञानमनुमितिः । व्याप्तिविशिष्टपक्षधर्मताज्ञानं परामर्शः। यथा ‘वह्निव्याप्यधूमवानयं पर्वत इति ज्ञानं परामर्शः। तज्जन्यं पर्वतो वह्निमानिति ज्ञानमनुमितिः। यत्र यत्र धूमस्तत्र तत्राग्निरिति साहचर्यनियमो व्याप्तिः । व्याप्यस्य पर्वतादिवृत्तित्वं पक्षधर्मता। प्रसंग : प्रस्तुत अनुच्छेद में तर्कसंग्रहकार आचार्य अन्नम्भट्ट न्याय-वैशेषिक परम्परा में स्वीकृत अनुमान प्रमाण के स्वरूप का विवेचन करते हैं। इसी प्रसंग में वे अनुमान प्रमाण की सिद्धि में सहायक अनेक शब्दों यथा अनुमिति, व्याप्ति, परामर्श, पक्षधर्मता आदि का लक्षण एवं स्वरूप भी स्पष्ट करते हैं।  व्याख्या : सर्वप्रथम अनुमान का लक्षण करते हुए आचार्य कहते हैं कि अनुमिति ज्ञान का करण ही अनुमान ... Read more - [भारतीय तर्कशास्त्र-INDIAN LOGIC-PART-02](https://namastesir.co.in/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-indian-logic-part-02/): 02. अनुमान (Anumana ,Inference ) :  अनुमान शब्द का अर्थ संस्कृत शब्द अनुमान दो शब्दों, अनु अर्थात उत्तरवर्ती और मान अर्थात मापन से मिलकर बना है। इस प्रकार सम्पूर्ण शब्द से तात्पर्य है किसी घटना का उत्तरवर्ती आकलन। यह वह ज्ञान है जो प्रमाण के पश्चात् आता है। स्पष्ट है कि इस प्रकार का ज्ञान इसलिए अपरोक्ष/प्रत्यक्ष ज्ञान नहीं होता; “क्योंकि यह भूतकाल में ज्ञान के अन्य साधनों जैसे कि प्रत्यक्ष, शब्द आदि से प्राप्त ज्ञान का उपयोग करता है” और व्यक्ति को “अग्रिम ज्ञान ज्ञाप्त करने में सक्षम बनाता है”। सभी भारतीय दार्शनिक अनुमान को ज्ञान का वैध साधन नहीं ... Read more - [भारतीय तर्कशास्त्र-INDIAN LOGIC PART-01](https://namastesir.co.in/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-indian-logic-part-01/): भारतीय तर्कशास्त्र: ज्ञान के साधन।(Indian Logic: Means of knowledge.) प्रस्तावना भारतीय दार्शनिक चिन्तन परम्परा स्वाभिमत सैद्धान्तिक चिन्तन को जिज्ञासुओं के समक्ष  प्रस्तुत करने के लिए तीन पद्धतियों का प्रयोग करती है तत्त्वमीमांसा, ज्ञानमीमांसा तथा आचारमीमांसा। तत्त्वचिन्तन की इस प्रक्रिया में प्रमाणमीमांसा का अत्यन्त महत्त्वपूर्ण स्थान है क्योंकि प्रमाणों की सहायता से ही प्रमेयों (तत्त्वों) का ज्ञान सम्भव होता है। दर्शनसरणियों में यह प्रसिद्ध उक्ति भी है ‘मानाधीना मेयसिद्धिः अर्थात् मेय  (प्रमेय) की सिद्धि मान (प्रमाण) के अधीन होती है। प्रमा या यथार्थज्ञान की उपलब्धि किसी साधन की सहायता से ही होती है इसलिए सामान्य रूप से प्रमा की उपलब्धि के साधन ... Read more - [MEANING IN HINDI - KUCH ANGREJI SHABDON KE ARTH](https://namastesir.co.in/meaning-in-hindi-angreji-shabdon-ke-arth/): It’s very important to know some meaning in Hindi. Here are the meanings of the requested words: Here are the meanings of the requested words: Here are the meanings of the requested words: Here are the meanings of the requested words: Here are the meanings of the requested words: Here are the meanings of the requested words: Here are the meanings of the requested words: Here are the meanings of the requested words in Hindi: Here are the meanings of the requested words in Hindi: Here are the meanings of the requested words: Here are the meanings of the words you ... Read more - [Word Meaning](https://namastesir.co.in/word-meaning/): word meaning (A Google Question) A word is a group of letters or sounds that has meaning. It is used to name things, describe actions, or express feelings. For example: Words help us talk, read, and write! word meaning In Hindi शब्द अक्षरों या ध्वनियों का समूह होता है जिसका कोई अर्थ होता है। इसका उपयोग चीज़ों को नाम देने, क्रियाओं का वर्णन करने या भावनाओं को व्यक्त करने के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए: “बिल्ली” एक जानवर के लिए एक शब्द है। “भागना” तेज़ चलने के लिए एक शब्द है। “खुश” अच्छा महसूस करने के लिए एक शब्द ... 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Read more - [रहीम (1556-1626)](https://namastesir.co.in/%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%ae-rahim-ke-dohe-class-9-ncert/): (rahim ke dohe class 9, NCERT) रहीम का जन्म लाहौर (अब पाकिस्तान) में सन् 1556 में हुआ। इनका पूरा नाम अब्दुर्रहीम खानखाना था। रहीम अरबी, फ़ारसी, संस्कृत और हिंदी के अच्छे जानकार थे। इनकी नौतिपरक उक्तियों पर संस्कृत कवियों की स्पष्ट छाप परिलक्षित होती है। रहीम मध्ययुगीन दरबारी संस्कृति के प्रतिनिधि कवि माने जाते हैं। अकबर के दरबार में हिंदी कवियों में इनका महत्त्वपूर्ण स्थान था। रहीम अकबर के नवरत्नों में से एक थे। रहीम के काव्य का मुख्य य विषय विषय श्रृंगार, श्रृंगार, नौति नौत्ति और और भक्ति भक्ति है। है। रहीम रहीम क बहुत लोकप्रिय कवि थे। इनके दोहे ... Read more - [Sant-Raidas-रैदास (1388-1518)](https://namastesir.co.in/sant-raidas-%e0%a4%b0%e0%a5%88%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b8-1388-1518-class-9-ncert-q-ans/): रैदास रैदास (Raidas)नाम से विख्यात संत रविदास का जन्म सन् 1388 और देहावसान सन् 1518 में बनारस में ही हुआ, ऐसा माना जाता है। इनकी ख्याति से प्रभावित होकर सिकंदर लोदी ने इन्हें दिल्ली आने का निमंत्रण भेजा था। मध्ययुगीन साधकों में रैदास का विशिष्ट स्थान है। कबीर की तरह रैदास भी संत कोटि के कवियों में गिने जाते हैं। मूर्तिपूजा, तीर्थयात्रा जैसे दिखावों में रैदास का जरा भी विश्वास न था। वह व्यक्ति की आंतरिक भावनाओं और आपसी भाईचारे को ही सच्चा धर्म मानते थे। रैदास ने अपनी काव्य-रचनाओं में सरल, व्यावहारिक ब्रजभाषा का प्रयोग किया है, जिसमें अवधी, राजस्थानी, ... 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Read more - [Online & Free-Full Test Series-UGC NET FIRST PAPER](https://namastesir.co.in/online-free-full-test-series-ugc-net-first-ppr/): Fully Based On Previous Year Exam Question Papers with Precise But Simplified Description in Hindi/English. UGC NET Online & Free Full Test Series – UGC NET FIRST PAPER टेस्ट में भाग लेने के लिए लिंक पर क्लिक करें, गूगल फॉर्म सबमिट करें और अपना स्कोर और विस्तृत विवरण देखें। 01. FULL-TEST-01-UGC NET-PAPER-01-Date of exam 24/09/2020 02 FULL-TEST-02-UGCNET-PAPER-01-(परीक्षा तिथि : 25 सितम्बर, 2020 ) 03   FULL-TEST-03-UGC NET-PAPER-01-(परीक्षा तिथि : 29 सितम्बर, 2020 ) 04 FULL-TEST-04-UGCNET-PAPER-01- 05 FULL-TEST-05-UGC NET-PAPER-01-(परीक्षा तिथि 30 सितम्बर, 2020 ) 06 FULL-TEST-06-UGCNET-PAPER-01-Shift-I परीक्षा तिथि 30 सितम्बर, 2020  07 FULL-TEST-07-UGC NET-PAPER-01(परीक्षा तिथि : 29 सितम्बर, 2020 ) 08 FULL-TEST-08-UGCNET-PAPER-01 ... 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Read more - [Multilingual Text Extractor](https://namastesir.co.in/multilingual-text-extractor/): click here to extract your text Multilingual Text Extractor - [माध्यमिक शिक्षक - शिक्षक चयन परीक्षा 2024 MP](https://namastesir.co.in/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%95-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%95-%e0%a4%9a/): विषय-हिन्दी  माध्यमिक शिक्षक शिक्षक चयन परीक्षा  विषय-हिन्दी  https://mptbc.mp.gov.in/web04/BookDetails.aspx इकाई 1  हिन्दी की ऐतिहासिक पृष्ठभूमिः प्राचीन भारतीय आर्य भाषाएँ, मध्यकालीन भारतीय आर्य भाषाएँ पालि, प्राकृत, शौरसेनी, अर्द्धमागधी, मागधी, अपभ्रंश और उनकी विशेषताएँ,  हिंदी भाषा और साहित्य का इतिहास  iski unit -02 padhen.  LINK  हिन्दी का भौगोलिक विस्तार: हिन्दी की उपभाषाएँ, पश्चिमी हिन्दी, पूर्वी हिन्दी, राजस्थानी, बिहारी तथा पहाड़ी वर्ग और उनकी बोलियाँ, खड़ीबोली, ब्रज और अवधी की विशेषताएँ  “`1 ki unit 02 dekhen : https://ddceutkal.ac.in/Syllabus/MA_HINDI/Paper-20.pdf  POINT 1.6 : https://egyankosh.ac.in/bitstream/123456789/56417/1/B-1U-1.pdf  इकाई 2  हिन्दी भाषा के विविध रूप :  बोली, मानक भाषा, राजभाषा, राष्ट्रभाषा, सम्पर्क भाषा संचार माध्यम और हिन्दी, कम्प्यूटर और हिन्दी, हिन्दी ... 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Read more - [About Us](https://namastesir.co.in/about-us-ugc-net-first-paper/): हमारे विषय में बहुत समय तक पढ़ाते पढ़ाते यह ध्यान में आया कि एक ही टॉपिक, एक ही फाइल, एक ही विषय,  विद्यार्थियों को बार-बार, गहराई से, अलग-अलग ढंग से, समझाना पड़ता है । और फिर, उसे फिर से शेयर करना पड़ता है। इस शेयर करने के लिए किसी टॉपिक को फिर से ढूंढना पड़ता है। और फिर वह मिलता नहीं।  एक तो यह आवश्यकता की एक सही जगह पर सारे टॉपिक अपनी जगह से मिल जाएं या ढूंढने पर तुरंत मिल जाए।  और दूसरी बात यह है कि जो भी उन टॉपिक्स को पढ़ना चाहता है उनके लिए उत्तम गुणवत्ता ... Read more - [Contact Us](https://namastesir.co.in/contact-us/): Contact Us With this google form link. If you want to contact us please click and fill the simple form form : Click Here Or Email Us: sahyogg1979@sahyogg1979 Join Us on :  Twitter : Click here Facebook : Click Here Telegram Group : Click Here WhatsApp Group : Click Here  - [Syllabus](https://namastesir.co.in/syllabus-ugc-net-first-paper-in-hindi/): UGC-NET FIRST PAPER IN HINDI विषय : सामान्य प्रश्न पत्र :  शिक्षण और शोध अभिवृत्ति (Teaching And Research Aptitude) Code No : 00                              पाठ्यक्रम – प्रश्न पत्र – प्रथम  इस प्रश्न पत्र का मुख्य उद्देश्य परीक्षार्थी के शिक्षण और शोध क्षमता का मूल्यांकन करना है। अतः इस परीक्षा का उद्देश्य शिक्षण और शोध अभिवृत्ति का मूल्यांकन करना है। यह  अपेक्षित है कि परीक्षार्थी के पास संज्ञानात्मक क्षमता हो और वे इसको प्रदर्शित कर सकें। संज्ञानात्मक क्षमता में विस्तृत बोध, विश्लेषण, मूल्यांकन, तर्क संरचना की समझ, निगमनात्मक तथा आगमनात्मक तर्क शामिल हैं। परीक्षार्थियों से यह भी अपेक्षा की जाती है कि उन्हें ... Read more ## Optional - [Agent (MCP protocol)](websites-agents.hostinger.com/namastesir.co.in/mcp) [comment]: # (Generated by Hostinger Tools Plugin)